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डांस टीचर हत्याकांड में अब तक सुराग नहीं, पुलिस ने जानकारी देने वाले के लिए 10 हजार का इनाम घोषित किया

The Duniyadari: कवर्धा। जिले में हुए डांस टीचर हत्याकांड को करीब दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने अब सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए नकद इनाम घोषित किया है।

यह मामला 19 जनवरी 2026 का है, जब लालपुर नर्सरी के पास सड़क किनारे एक युवक का खून से सना शव मिला था। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में युवक के गले और पेट पर चाकू से किए गए कई गंभीर घाव पाए गए, जिससे हत्या की पुष्टि हुई।

पुलिस जांच के दौरान मृतक की पहचान 27 वर्षीय सत्यमदास मानिकपुरी के रूप में हुई, जो कवर्धा के घोठिया रोड स्थित वार्ड नंबर 26 का निवासी था और पेशे से डांस टीचर था। बताया गया कि घटना से एक दिन पहले यानी शनिवार रात से वह लापता था।

इस मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी किसी आरोपी का ठोस सुराग नहीं मिल सका है। इसी बीच पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने आरोपियों के बारे में जानकारी देने या उनकी गिरफ्तारी में सहयोग करने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और मामले की जांच जारी है।

कथावाचक ने विधानसभा के बाहर दी आत्मदाह की चेतावनी, मंत्री पर 15 लाख रुपये नहीं देने का आरोप

The Duniyadari: रायपुर, 14 मार्च। छत्तीसगढ़ के कथावाचक डॉ. रामानुरागी महाराज ने राज्य सरकार के एक मंत्री पर पारिश्रमिक नहीं देने का आरोप लगाते हुए विधानसभा के बाहर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। उन्होंने करीब डेढ़ मिनट का एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती बताई और न्याय की मांग की।

वीडियो में डॉ. रामानुरागी महाराज ने कहा कि 2 जनवरी से 9 जनवरी 2026 के बीच अंबिकापुर के लखनपुर में मंत्री राजेश अग्रवाल के यहां श्रीमद भागवत कथा का आयोजन हुआ था, जिसमें उन्होंने कथावाचन किया। उनका आरोप है कि कथा समाप्त होने के बाद भी उन्हें तय पारिश्रमिक नहीं दिया गया।

कथावाचक का कहना है कि भुगतान के लिए कई बार संपर्क करने के बावजूद उन्हें पैसा नहीं मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब वे अपना हक मांगने पहुंचे तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें वहां से भगा दिया गया।

डॉ. रामानुरागी महाराज ने वीडियो में कहा कि एक संत के साथ इस तरह का व्यवहार सनातन धर्म की मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से न्याय की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उन्हें उनका बकाया भुगतान नहीं मिला तो वे विधानसभा के गेट नंबर 3 के बाहर आत्मदाह कर लेंगे।

मकान निर्माण के नाम पर 20 लाख की ठगी, पैसे मांगने पर अंडरवर्ल्ड से गोली मरवाने की धमकी

The Duniyadari: रायपुर। राजधानी के डीडी नगर थाना क्षेत्र में मकान निर्माण के नाम पर लाखों रुपये की ठगी और अंडरवर्ल्ड के नाम पर धमकी देने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पीड़ित सिक्योरिटी अफसर ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार ने एडवांस में करीब 20 लाख रुपये लेने के बाद निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया और जब पैसे वापस मांगे गए तो उसे जान से मारने की धमकी दिलवाई गई।
मिली जानकारी के अनुसार एनआईटी कैंपस में पदस्थ सिक्योरिटी अफसर बलराम नायक ने अवंति विहार निवासी ठेकेदार दिनेश देवांगन के खिलाफ डीडी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने महादेव घाट रोड स्थित सुदर्शन विहार में अपने मकान के पुनर्निर्माण का काम ठेकेदार को सौंपा था। वर्ष 2024 से 2025 के बीच अलग-अलग किश्तों में करीब 20 लाख रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया।
बलराम नायक का आरोप है कि जब उन्होंने ठेकेदार से काम पूरा करने या रकम लौटाने की मांग की, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। बाद में एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फोन कर खुद को अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील और दाऊद इब्राहिम का करीबी बताते हुए धमकी दी कि यदि दोबारा पैसे मांगे गए तो गोली मार दी जाएगी।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि ठेकेदार ने कुछ बदमाशों की मदद से उनसे जबरन एक फर्जी इकरारनामे पर हस्ताक्षर कराने की कोशिश की और ब्लैकमेल करने का प्रयास किया। लगातार धमकियों और परेशानियों से तंग आकर आखिरकार उन्होंने डीडी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी ठेकेदार दिनेश देवांगन के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और ब्लैकमेलिंग सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।

एपस्टिन फाइल विवाद में कांग्रेस नेता विनोद तिवारी गिरफ्तार, यूपी से दिल्ली लाई जा रही पुलिस टीम

The Duniyadari: नई दिल्ली, 14 मार्च। एपस्टिन फाइल से जुड़े कथित विवाद में दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता विनोद तिवारी को उत्तर प्रदेश से हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले की जांच पिछले कुछ दिनों से चल रही थी और प्रारंभिक स्तर पर मिले सबूतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम उत्तर प्रदेश पहुंची और वहीं से तिवारी को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल उन्हें आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है। जांच एजेंसियां पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने और इससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटी हुई हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार एपस्टिन फाइल से संबंधित कुछ संवेदनशील जानकारियां सामने आने के बाद जांच की रफ्तार तेज कर दी गई थी। इसी सिलसिले में कांग्रेस नेता से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

वहीं इस गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि कांग्रेस पार्टी की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।

बाजार में भटकी मासूम के मामले में पुलिस पर गिरी गाज, महिला थाना प्रभारी और आरक्षक निलंबित

The Duniyadari: राजनांदगांव- शहर के व्यस्त बाजार इलाके में अपने पिता से बिछड़ी डेढ़ साल की मासूम बच्ची के मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना में लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए महिला थाना प्रभारी और एक आरक्षक को निलंबित कर दिया है, जबकि कोतवाली थाना प्रभारी का तबादला कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, बाजार क्षेत्र में एक व्यक्ति अपनी छोटी बच्ची के साथ आया था। बताया जा रहा है कि वह नशे की हालत में था और इसी दौरान बच्ची उससे अलग होकर इधर-उधर भटक गई। कुछ समय बाद वह सड़क किनारे रोती हुई मिली। वहां से गुजर रहे दो युवकों ने जब बच्ची को अकेले और रोते देखा तो उन्होंने तुरंत मानवता दिखाते हुए उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का प्रयास किया।

दोनों युवक बच्ची को लेकर महिला थाना पहुंचे, लेकिन आरोप है कि वहां उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। बताया जाता है कि तत्काल मदद करने के बजाय उन्हें डायल 112 या चाइल्ड हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई। इसके बाद जब युवक बच्ची को लेकर कोतवाली थाना पहुंचे तो वहां भी उन्हें संतोषजनक सहायता नहीं मिल पाई।

अंततः युवकों ने चीखली पुलिस चौकी के एक आरक्षक की मदद से चाइल्ड हेल्पलाइन से संपर्क किया। हेल्पलाइन की टीम ने बच्ची को अस्थायी रूप से संपर्क गृह पहुंचाया। बाद में पुलिस ने जानकारी जुटाकर बच्ची के परिजनों का पता लगाया और उसे सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया।

मामले के सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए महिला थाना प्रभारी गीतांजलि सिंह और कोतवाली थाने के आरक्षक चंद्रेश सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन अटैच करने के आदेश जारी किए। साथ ही कोतवाली थाना प्रभारी नंदकिशोर गौतम का स्थानांतरण भी कर दिया गया है। निलंबित कर्मचारियों को बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने और नियमित उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मानवीय पहल के लिए युवकों की सराहना

इस पूरे घटनाक्रम में बच्ची को सुरक्षित रखने और उसे सही जगह तक पहुंचाने में सहयोग देने वाले दोनों युवकों की पहल की पुलिस अधिकारियों ने सराहना की। पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने उनके इस मानवीय कार्य के लिए उन्हें सम्मानित भी किया।

ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती, 70 दिनों में 626 चालकों पर कार्रवाई

The Duniyadari: भिलाई। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दुर्ग जिले में यातायात पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया हुआ है। पिछले करीब 70 दिनों में पुलिस ने ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में 626 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की है।

यातायात पुलिस के अधिकारियों के अनुसार जनवरी से शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और मुख्य मार्गों पर रोजाना शाम से देर रात तक विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान वाहन चालकों की ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच की जाती है। जांच में यदि कोई चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत मामला दर्ज किया जाता है।

पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान नशे में वाहन चलाने वाले चालकों के वाहन भी जब्त किए जा रहे हैं। इसके बाद संबंधित प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया जाता है, जहां ऐसे मामलों में 10 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया जा रहा है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी महीने में 198 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। फरवरी में यह संख्या बढ़कर 288 हो गई। वहीं मार्च माह में अब तक 140 चालकों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इस तरह बीते 70 दिनों के भीतर कुल 626 लोगों पर कानूनी कार्रवाई की गई है।

यातायात पुलिस का कहना है कि शहर में दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़ में ‘गौधाम योजना’ की शुरुआत, मुख्यमंत्री साय करेंगे शुभारंभ

The Duniyadari: रायपुर। राज्य में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार नई पहल करने जा रही है। इसके तहत “गौधाम योजना” शुरू की जा रही है, जिसका औपचारिक शुभारंभ आज मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai बिलासपुर जिले में आयोजित कार्यक्रम से करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन Guru Ghasidas Central University के प्रेक्षागार में रखा गया है, जहां से प्रदेश के कई जिलों में गौधामों की शुरुआत भी की जाएगी।

सरकार की योजना के अनुसार राज्य के प्रत्येक विकासखंड में चरणबद्ध तरीके से गौधाम स्थापित किए जाएंगे। इस लक्ष्य के तहत पूरे प्रदेश में कुल 1460 गौधाम विकसित करने की योजना बनाई गई है। इन केंद्रों में गौवंश के लिए शेड, पेयजल, फेंसिंग, बिजली सहित अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि निराश्रित पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिल सके।

पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल 36 गौधामों को प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनमें से 29 का पंजीयन Chhattisgarh State Gau Seva Commission में पूरा हो चुका है। इन गौधामों का शुभारंभ 14 मार्च 2026 को बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार से किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के 10 अन्य जिलों में स्थित 28 गौधामों की शुरुआत वर्चुअल माध्यम से की जाएगी।

योजना का उद्देश्य निराश्रित, घुमंतू और जब्त किए गए गौवंश के संरक्षण और उनके बेहतर प्रबंधन को सुनिश्चित करना है। इसके लिए ऐसे शासकीय स्थलों का चयन किया जाएगा जहां पहले से पशुधन संरक्षण के लिए आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं। इन स्थानों का पंजीयन गौसेवा आयोग के माध्यम से किया जाएगा।

गौधामों का संचालन पंजीकृत गौशाला समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, ट्रस्ट, एनजीओ, किसान उत्पादक कंपनियों और सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा। राज्य सरकार संचालन के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराएगी। योजना के तहत गौवंश के पोषण आहार के लिए पहले वर्ष प्रति पशु प्रतिदिन 10 रुपये, दूसरे वर्ष 20 रुपये, तीसरे वर्ष 30 रुपये और चौथे वर्ष से 35 रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

इसके अलावा अधोसंरचना के निर्माण और मरम्मत के लिए प्रति गौधाम सालाना 5 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। वहीं चरवाहों को 10,916 रुपये और गौसेवकों को 13,126 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। चारा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ 47 हजार रुपये वार्षिक सहायता भी दी जाएगी, जिसमें अधिकतम 5 एकड़ तक 2.35 लाख रुपये तक की मदद का प्रावधान है।

प्रत्येक गौधाम में करीब 200 गौवंश रखने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से सड़कों और गांवों में घूमने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या कम होगी और गौवंश संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

जंगल में भीषण आग, बुझाने में जुटा वन विभाग; हड़ताल के बीच बढ़ी चुनौती

The Duniyadari: कोंडागांव- जिले के नारंगी वन परिक्षेत्र में जंगल में लगी भीषण आग ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर आरएफ-843 क्षेत्र के जंगल में आग तेजी से फैल गई, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। आग की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसे काबू में करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि जंगल में रखे करीब 15 से 20 जलाऊ लकड़ी के चट्टे आग की चपेट में आ गए, जिससे लपटें और तेज हो गईं। आग की तीव्रता को देखते हुए वन विभाग ने पहली बार दमकल वाहन को जंगल के भीतर तक पहुंचाकर आग बुझाने की कोशिश की। इससे पहले इस इलाके में जंगल के अंदर तक दमकल ले जाने की जरूरत नहीं पड़ी थी।

घटना की जानकारी मिलते ही संयुक्त डीएफओ, एसडीओ और रेंजर सहित वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों के साथ मिलकर आग बुझाने की कार्रवाई में जुट गए। टीम लगातार आग को फैलने से रोकने की कोशिश कर रही है।

इधर वन विभाग के मैदानी कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डीएफओ के खिलाफ आंदोलन और हड़ताल पर बैठे हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि विभागीय स्तर पर मनमानी और समस्याओं के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, ऐसे समय में सभी कर्मचारियों का सहयोग बेहद जरूरी है। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो आसपास के वन क्षेत्रों के साथ-साथ वन्यजीवों को भी नुकसान पहुंच सकता है। फिलहाल वन विभाग की टीम मौके पर डटी हुई है और आग बुझाने की कोशिश जारी है।

CG BREAKING: चैत नवरात्र को देखते डोंगरगढ़ के लिए स्पेशल ट्रेन दौड़ेगी

The Duniyadari: रायपुर। चैत्र नवरात्रि के अवसर पर डोंगरगढ़ स्थित माँ बम्लेश्वरी मंदिर में लगने वाले मेले को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। 19 मार्च से 27 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले इस मेले के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों का अस्थायी ठहराव, कुछ गाड़ियों का विस्तार तथा एक मेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है।

रेलवे प्रशासन के अनुसार हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए डोंगरगढ़ पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किए जा रहे हैं।

इस व्यवस्था के तहत गोंदिया–दुर्ग–गोंदिया मेमू पैसेंजर (68742/68741) को अस्थायी रूप से रायपुर तक बढ़ाया जा रहा है। वहीं रायपुर–डोंगरगढ़–रायपुर मेमू पैसेंजर (68729/68730) को गोंदिया तक विस्तारित किया जाएगा। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए डोंगरगढ़–दुर्ग–डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेन (06886/06885) भी चलाई जाएगी।

रेलवे प्रशासन ने बताया कि मेले के दौरान कई दूरगामी एक्सप्रेस ट्रेनों को भी डोंगरगढ़ स्टेशन पर अस्थायी ठहराव दिया जाएगा, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में सुविधा मिल सके। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन संबंधी जानकारी की पुष्टि करने और भीड़ के मद्देनजर पर्याप्त समय लेकर स्टेशन पहुंचने की अपील की है।

ट्रैक पर रखा भारी पाइप, लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा रेल हादसा; चोर की अजीब योजना सुन हैरान रह गए अधिकारी

The Duniyadari: उत्तर प्रदेश के बरेली-पीलीभीत रेलखंड पर शुक्रवार सुबह एक बड़ी रेल दुर्घटना टल गई। टनकपुर से पीलीभीत की ओर जा रही पैसेंजर ट्रेन को लोको पायलट की सतर्कता ने समय रहते रोक दिया, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई। बाद में जांच में जो वजह सामने आई, उसने रेलवे अधिकारियों को भी चौंका दिया।

जानकारी के अनुसार सुबह करीब 7 बजे गाड़ी संख्या 55322 पैसेंजर ट्रेन टनकपुर स्टेशन से रवाना होकर पीलीभीत की ओर बढ़ रही थी। टनकपुर और बनबसा स्टेशन के बीच ट्रेन की रफ्तार तेज होने लगी थी, तभी लोको पायलट की नजर अचानक पटरी पर पड़े एक भारी लोहे के पाइप पर पड़ी। कम रोशनी और कोहरे के बावजूद उन्होंने तुरंत खतरे को भांपते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए।

तेज घर्षण और जोरदार झटके के साथ ट्रेन पाइप से कुछ दूरी पहले ही रुक गई। इसके बाद लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर नीचे उतरकर मौके पर पहुंचे तो देखा कि ट्रैक के बीचोंबीच एक बड़ा और भारी लोहे का पाइप रखा हुआ था। यदि ट्रेन उस पाइप से टकरा जाती, तो उसके पटरी से उतरने की आशंका थी और बड़ा हादसा हो सकता था।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और खुफिया विभाग की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। आसपास तलाशी के दौरान झाड़ियों में छिपे एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला था। उसने बताया कि वह यह लोहे का पाइप चोरी करके लाया था, लेकिन पाइप काफी लंबा और भारी होने के कारण उसे ले जाना मुश्किल हो रहा था। इसलिए उसने इसे रेलवे ट्रैक पर रख दिया, ताकि गुजरती ट्रेन के पहियों के दबाव से पाइप दो टुकड़ों में कट जाए और वह उसे आसानी से उठा सके।

आरोपी की यह बात सुनकर रेलवे अधिकारी भी हैरान रह गए। एक मामूली चोरी की योजना के लिए उसने सैकड़ों यात्रियों की जान को खतरे में डाल दिया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।