The Duniyadari: दुर्ग जिले में अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 कबाड़ी संचालकों पर शिकंजा कसा। संयुक्त टीम की छापेमारी में करीब 60 टन लोहे का स्क्रैप, कई वाहन, गैस कटर सेट और सिलेंडर जब्त किए गए।
जानकारी के मुताबिक एसीसीयू क्राइम ब्रांच, जामुल, सुपेला और कुम्हारी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जिले के अलग-अलग स्थानों पर एक साथ दबिश दी। पुलिस को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि कुछ कबाड़ी संचालक अवैध रूप से स्क्रैप का भंडारण, कटिंग और बिक्री कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर जामुल थाना क्षेत्र के एक बड़े परिसर सहित कई जगहों पर छापेमारी की गई।
जांच के दौरान पुलिस को गोदामों में भारी मात्रा में लोहे का कबाड़ मिला, जिसमें पाइप, चैनल, लोहे के दरवाजे, रॉड और मशीनों के कल-पुर्जे शामिल थे। इसके अलावा लगभग 200 किलो तांबा, गैस कटर सेट और गैस सिलेंडर भी बरामद किए गए। पुलिस ने जब संचालकों से स्क्रैप से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे तो वे कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर पाए। इसके बाद पूरे माल को जब्त कर लिया गया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने स्क्रैप ढोने में इस्तेमाल होने वाले ट्रक और छोटे मालवाहक वाहनों को भी अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस का कहना है कि जिले में चोरी के वाहनों और स्क्रैप को अवैध रूप से खपाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिसे देखते हुए यह अभियान चलाया गया।
एएसपी दुर्ग-भिलाई मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि जिले में अवैध गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि चोरी के स्क्रैप और अवैध कबाड़ कारोबार को खत्म करने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई करेगी। सभी 9 संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में स्क्रैप और वाहनों की जब्ती जिले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इस अभियान से अवैध कारोबार करने वालों को सख्त संदेश गया है कि कानून से बचना अब आसान नहीं होगा।
The Duniyadari: कोरबा। जिले के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत पताड़ी गांव में एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। युवक ने मौत से पहले एक वीडियो बनाकर अपने दोस्तों को भेजा, जिसमें उसने पुलिस द्वारा की जा रही कथित प्रताड़ना से परेशान होने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार युवक ने वीडियो में स्पष्ट कहा कि उसे अपने परिवार से किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं थी, लेकिन कुछ पुलिसकर्मियों की गालियों और दबाव के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान था। वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद उसने घर के एक कमरे में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
घटना की खबर फैलते ही गांव में सनसनी फैल गई। परिजनों और स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना उरगा थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद जांच शुरू कर दी।
इस संबंध में उरगा थाना प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि युवक की आत्महत्या की सूचना मिली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
The Duniyadari: मुंगेली- जिले में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए होटलों में विशेष जांच अभियान चलाया। कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश पर खाद्य और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया, जहां नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कई घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए।
जांच अभियान के तहत सबसे पहले ग्राम सारधा स्थित प्रिंस होटल में निरीक्षण किया गया। यहां होटल के किचन में 14 किलो क्षमता वाले दो भरे हुए और चार खाली घरेलू लाल गैस सिलेंडर मिले। जांच में पाया गया कि इन सिलेंडरों का उपयोग होटल में नाश्ता और मिठाई बनाने के लिए किया जा रहा था, जो एलपीजी प्रदाय, वितरण एवं विनिमय आदेश 2000 के नियमों का उल्लंघन है। इसके बाद टीम ने दाऊपारा स्थित श्रीराम होटल में भी जांच की, जहां 14.2 किलो क्षमता के चार घरेलू गैस सिलेंडर अवैध रूप से उपयोग में पाए गए।
अधिकारियों ने बताया कि घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल केवल घरों के लिए निर्धारित है, जबकि होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कमर्शियल सिलेंडरों का उपयोग अनिवार्य है। नियमों के विपरीत घरेलू सिलेंडरों का उपयोग करना न केवल अवैध है बल्कि इससे सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ जाते हैं।
जांच के दौरान जब्त किए गए सभी सिलेंडरों को संबंधित गैस एजेंसियों के सुपुर्द कर दिया गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि एलपीजी के अवैध उपयोग और जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके।
कलेक्टर कुंदन कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में नियमित निगरानी रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही होटल संचालकों और अन्य व्यवसायियों को भी चेतावनी दी गई है कि वे घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग करने से बचें, अन्यथा उनके खिलाफ जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध उपयोग होता दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके और एलपीजी की आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
The Duniyadari: रायपुर- अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रायपुर ग्रामीण पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। थाना गोबरा नवापारा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम जौंदा धरसा रोड स्थित पंप हाउस के पास दबिश देकर आरोपियों के कब्जे से 1 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग 55 हजार रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार 12 मार्च 2026 को सूचना मिली थी कि दो युवक पंप हाउस के पास गांजा रखकर उसे बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया और उनके निर्देश पर थाना गोबरा नवापारा प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर मौके पर भेजा गया।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश शुरू की। इसी दौरान दो युवक संदिग्ध हालत में दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम सागर साहू और कुंदन विश्वकर्मा बताए, जो ग्राम जौंदी के निवासी हैं।
तलाशी के दौरान उनके पास रखी बोरी से पॉलिथीन में रखा गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए कुल 1 किलो 100 ग्राम गांजा जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 55 हजार रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना गोबरा नवापारा में अपराध क्रमांक 84/2026 के तहत नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक सोमन सिन्हा, सहायक उप निरीक्षक राजेन्द्र साहू, प्रधान आरक्षक रणजीत साहू, आरक्षक हुलास साहू, आरक्षक टीकम साहू और आरक्षक तिवारी प्रसाद खूंटे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध मादक पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
The Duniyadari: कोरिया- जिले के बैकुण्ठपुर स्थित जिला जेल का शुक्रवार को प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों ने तिमाही निरीक्षण किया। यह निरीक्षण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष योगेश पारीक के नेतृत्व में किया गया, जिसमें कलेक्टर चंदन त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे भी शामिल रहे।
निरीक्षण राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों तथा उच्चतम न्यायालय में सुकन्या संस्था बनाम यूनियन ऑफ इंडिया प्रकरण में दिए गए आदेशों के पालन में किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने जेल परिसर का विस्तृत अवलोकन करते हुए बंदियों को दी जा रही सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया।
अधिकारियों ने बंदियों के बैरकों, शौचालयों और परिसर की साफ-सफाई की व्यवस्था का निरीक्षण किया। साथ ही बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की गई। निरीक्षण दल ने जेल में संचालित लीगल एड क्लिनिक का भी अवलोकन कर वहां मिलने वाली कानूनी सहायता और सुविधाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और यह सुनिश्चित किया कि उन्हें समय पर विधिक सेवाएं मिल रही हैं तथा उनके साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं हो रहा है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत डिस्ट्रिक्ट विजिटर्स बोर्ड और प्राधिकरण द्वारा प्रत्येक तिमाही में जेल का निरीक्षण किया जाता है, ताकि बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिक्षा अग्रवाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अमृता दिनेश मिश्रा सहित विजिटर बोर्ड के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
कोरबा ब्लॉक का सुदूर वनांचल और पूर्व में सुविधाविहीन रहा क्षेत्र लेमरू, जो जिला मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, आज स्वास्थ्य जागरूकता और सामूहिक प्रयासों की बदौलत मलेरिया मुक्त होने की दिशा में अग्रसर है.
यह क्षेत्र पहले घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण भारी मलेरिया प्रभावित माना जाता था, जहाँ हर वर्ष बरसात के मौसम में जागरूकता की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं तक सीमित पहुँच के कारण बड़ी संख्या में लोग गंभीर रूप से बीमार हो जाते थे.
इस क्षेत्र में मलेरिया का भय इतना गहरा था कि बाहरी व्यक्ति यहाँ आने से कतराते थे और आने से पहले अनिवार्य रूप से मच्छरदानी या बचाव की दवाओं की व्यवस्था करते थे. यहाँ तक कि समाज में यह भ्रांति व्याप्त थी कि लेमरू के पानी में ही मलेरिया है, जिसके डर से लोग इस क्षेत्र में अपनी बेटियों का विवाह तक करने से डरते थे.
इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों के अभाव के बावजूद महामारी के समय शिविर लगाकर और लोगों को जागरूक कर इस बीमारी के आतंक को कम करने का प्रयास शुरू किया. स्वास्थ्य विभाग, मितानिनों और स्थानीय समुदाय के संयुक्त प्रयासों से लेमरू ने मलेरिया नियंत्रण में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. विभाग द्वारा एक प्रभावी रणनीति के तहत घर-घर सर्वे कर बुखार के संदिग्ध मरीजों की आरडी किट से तुरंत जाँच की गई और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से लोगों को मलेरिया के लक्षणों व बचाव के प्रति जागरूक किया गया. ग्रामीणों को घरों के आसपास जल-जमाव रोकने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया ताकि मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट किया जा सके।
अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र में डीडीटी का छिड़काव सुनिश्चित किया गया और सभी घरों, हॉस्टलों तथा आश्रमों में मच्छरदानी वितरित कर उनके नियमित उपयोग की निगरानी की गई. स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और मितानिनों ने शिविरों के माध्यम से स्थल पर ही क्लोरोक्वीन, पैरासिटामॉल और एसीटी किट का सेवन कराया. स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा क्षेत्र का निरंतर भ्रमण, कर्मचारियों का मुख्यालय में निवास और अस्पताल का 24ग7 संचालन इस सफलता के मुख्य आधार रहे.
इन संयुक्त प्रयासों और ग्रामीणों द्वारा इस लड़ाई को एक जन-अभियान बनाने का परिणाम यह रहा कि आज लेमरू में मलेरिया के मामलों में भारी कमी आई है. लेमरू की यह सफलता सिद्ध करती है कि सामूहिक प्रयास से कठिन से कठिन चुनौती को भी जीता जा सकता है और यह अन्य वनांचल क्षेत्रों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन गया है।
उद्योग विभाग द्वारा संचालित रैम्प योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति 2025-30 के विषय में आज मॉर्डन कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को छत्तीसगढ़ शासन की स्टार्टअप नीति 2025-30 के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न प्रकार की सब्सिडी, वित्तीय सहायता एवं प्रोत्साहनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्टार्टअप इकाइयों को वित्तीय सहायता, प्रोटोटाइप विकास सहायता, विपणन सहायता, मार्गदर्शन (मेंटोरशिप) तथा अन्य अनेक प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
यह पहल युवाओं को अपने नवीन विचारों को व्यवसाय के रूप में विकसित करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर देती है।
छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति के अंतर्गत योग्य स्टार्टअप इकाइयों को प्रारंभिक चरण में आर्थिक सहयोग, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन तथा बाजार से जोड़ने की सुविधा प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने नवाचार को सफल उद्यम में परिवर्तित कर सकें।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्टार्टअप से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछकर महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।
विद्यार्थियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं को स्वरोजगार, नवाचार तथा उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में उद्यमिता की भावना को विकसित करना तथा उन्हें राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना था।
The Duniyadari: *नगरीय क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति में नहीं होनी चाहिए लापरवाही, सभी निकाय रखें पूरी तैयारीः-कलेक्टर
*सभी प्रगतिरत कार्य समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने व पूर्ण कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश*
*निर्धारित लक्ष्यानुसार राजस्व कर संग्रह सुनिश्चित करने हेतु किया निर्देशित*
*कलेक्टर कुणाल दुदावत ने नगरीय निकायों की ली समीक्षा बैठक*
*आदिवासी विकास विभाग, जलसंसाधन, हसदेव बैराज और गृह निर्माण मंडल के कार्यों की भी की समीक्षा*
कोरबा 13 मार्च 2026/
कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने विभागीय योजनाओं के तहत संचालित कार्यो के क्रियान्वयन स्थिति, डीएमएफ के स्वीकृत कार्यो तथा महत्वपूर्ण विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही आगामी वित्तीय वर्ष के लिए निकायों में प्रस्तावित विकास कार्यों पर भी चर्चा की। इस दौरान निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, अपर आयुक्त श्री विनय मिश्रा सभी नगरीय निकायों के सीएमओ सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में नगरीय निकायों में पेयजल आपूर्ति, स्वच्छ भारत मिशन, मोर मकान मोर चिन्हारी, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), राजस्व वसूली, सामाजिक पेंशन के ई-केवाईसी सहित डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत कार्यों तथा अधोसंरचना मद के लंबित कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने डीएमएफ के अंतर्गत नगरीय निकायों में वर्ष 2016-17 से अब तक स्वीकृत, पूर्ण और प्रगतिरत निर्माण कार्यों की क्रमवार जानकारी ली। उन्होंने निकायों में पूर्ण हो चुके कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र शीघ्र प्रस्तुत करने के लिए कहा। साथ ही प्रगतिरत निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ तेजी से पूर्ण कराने तथा अप्रारंभ कार्यों को जल्द से जल्द प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निकायों में स्वीकृत नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कार्य को शीघ्रता से पूरा करने को कहा। स्कूल-कॉलेज में स्वीकृत
सायकल स्टैंड, विभिन्न शेड, डोम तथा बालक-बालिका शौचालय निर्माण, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत ब्लड बैंक, रेडक्रॉस सोसायटी जैसे आवश्यक सुविधाओं के कार्य भी शीघ्र पूर्ण कराने हेतु निर्देशित दिए।
उन्होंने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए सभी शहरी क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सभी सीएमओ को निर्देशित किया। कलेक्टर ने कहा कि कहीं भी पानी की समस्या नहीं आनी चाहिए। विशेष रूप से स्लम एरिया एवं खदान प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की बात कही। आवश्यक स्थानों में टैंकर से पानी सप्लाई कराने के लिए कहा। उन्होंने सभी सीएमओ को समय रहते अपने क्षेत्र के जलस्रोतों बोर का परीक्षण, टैंकर की उपलब्धता, मोटर की स्तिथि की जांच पूर्ण करने एवं सबमर्सिबल पंप का अतिरिक्त बैकअप तैयार रखने एवं आवश्यक स्थानों पर बोर कराने के निर्देश दिए। बैठक में शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण बढ़ाने, नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा शौचालय निर्माण कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों में प्रगति लाने तथा मोर मकान मोर चिन्हारी के तहत पूर्ण हो चुके मकानों को पात्र हितग्राहियों को शीघ्र आबंटित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी नगरीय निकायों को राजस्व वसूली बढ़ाने, निर्धारित लक्ष्य के अनुसार संपत्ति कर की वसूली करने तथा सामाजिक पेंशन योजना के छूटे हुए हितग्राहियों का ई-केवाईसी जल्द पूरा कराने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने निकायों में अधोसंरचना मद अंतर्गत लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी निर्माण कार्यों को समयावधि में गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में नगरीय निकायों द्वारा आगामी वित्तीय सत्र के लिए डीएमएफ से प्रस्तावित कार्यों का भी प्रस्तुतिकरण किया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्राप्त प्रस्तावों का जिला स्तर पर परीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्यों को स्वीकृति दी जाएगी।
*लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करेंः कलेक्टर*
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने आज आदिवासी विकास विभाग, जल संसाधन विभाग, हसदेव बैराज तथा गृह निर्माण मंडल अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) और विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी लंबित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूरा किया जाए।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक पूर्ण कार्य के साथ फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय कार्यों की प्रगति से संबंधित समस्त जानकारी को पोर्टल में दर्ज करने तथा आगामी दिनों में सभी कार्यों के फोटोग्राफ पोर्टल पर अपलोड करने हेतु आवश्यक तैयारी करने के निर्देश भी विभागों को प्रदान किए।
कलेक्टर ने कहा कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य प्रगति प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता है तथा सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण हों।
The Duniyadari: *राशि से स्वरोजगार की राह, कृष्णा कुर्रे ने शुरू किया ब्यूटी पार्लर*
कोरबा 13 मार्च 2026/
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मातृशक्ति के सशक्तीकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लागू यह योजना महिलाओं को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है। योजना के अंतर्गत प्रतिमाह प्राप्त होने वाली एक हजार रुपये की राशि महिलाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है और वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज में भी सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर रही हैं।
कोरबा जिले में भी महिलाएं इस योजना से लाभान्वित होकर अपने जीवन को नई दिशा दे रही हैं। इन्हीं लाभार्थियों में से एक हैं कोरबा जिले के सीतामढ़ी क्षेत्र में रहने वाली श्रीमती कृष्णा कुर्रे। वो बताती हैं कि पहले परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए घर से बाहर काम करने जाती थीं, लेकिन उनका मन हमेशा स्वयं का कोई काम शुरू करने का था। बाहर जाकर काम करना उन्हें सहज नहीं लगता था, ऐसे में अपने घर के पास ही कोई स्वरोजगार शुरू करने की इच्छा रखती थीं।
इसी दौरान राज्य शासन द्वारा महतारी वंदन योजना की शुरुआत की गई। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने तुरंत आवेदन किया और कुछ ही समय में उन्हें इसका लाभ मिलने लगा। योजना के तहत मिलने वाली राशि हर माह समय पर उनके बैंक खाते में जमा होने लगी। उन्होंने इस राशि को धीरे-धीरे बचाकर जमा करना शुरू किया। कुछ समय में जब उनके पास लगभग 12 से 15 हजार रुपये की राशि एकत्रित हो गई, तो उन्होंने उसी धनराशि से अपने घर पर ही ब्यूटी पार्लर शुरू करने का निर्णय लिया। आज वे अपने घर से ही यह कार्य संचालित कर रही हैं, जिससे उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आय का स्रोत भी मिल गया है।
श्रीमती कुर्रे बताती हैं कि उनकी तीन बेटियां हैं और अब वे उनकी छोटी-छोटी जरूरतों को भी आसानी से पूरा कर पा रही हैं। पहले जहां कई आवश्यकताओं के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब वे स्वयं कमाकर अपने परिवार का सहयोग कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है और घर में खुशहाली आई है।
उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की इस योजना ने हम जैसी महिलाओं को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। आज हम अपने परिवार के साथ सम्मानपूर्वक और आत्मविश्वास के साथ जीवन जी पा रहे हैं।
The Duniyadari: *सुशासन तिहार 2026-विश्वास, विकास और समाधान का उत्सव*
*लखनलाल को मिला नया सहारा*
कोरबा, 05 मई 2026/
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़...