The Duniyadari: लखनऊ- उत्तर प्रदेश में रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सख्त रुख अपनाया है।
गुरुवार को उन्होंने तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर गैस आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है और लोगों से रसोई गैस की कमी से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उपभोक्ताओं के बीच घबराहट का माहौल न बनने दें और गैस सिलेंडरों का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश को 80 लाख लीटर केरोसिन आवंटित हुआ है। साथ ही खाद्य एवं रसद विभाग को कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि गैस आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा सके। इसके अलावा LPG वितरक केंद्रों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की डिलीवरी पर फिलहाल अघोषित रोक लगा दी गई है। गैस एजेंसियों को घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति पर ज्यादा ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके चलते होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं कई शहरों में गैस सिलेंडर की डिलीवरी में देरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। Lucknow, Kanpur, Prayagraj, Varanasi और Gorakhpur समेत कई शहरों में उपभोक्ताओं को 4–5 दिन तक सिलेंडर का इंतजार करना पड़ रहा है।
गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं और संकट की आशंका के चलते कई लोग लकड़ी का स्टॉक भी करने लगे हैं।
The Duniyadari: पखांजूर- छोटे बेठिया क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक प्रेमी जोड़े ने जहर पीकर आत्महत्या कर ली।
बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पिछले कई वर्षों से प्रेम संबंध था, लेकिन परिवार और गांव वाले उनकी शादी के लिए तैयार नहीं थे। इसी बात से आहत होकर दोनों ने यह कदम उठा लिया।
मिली जानकारी के अनुसार बुधवार रात दोनों ने लारी में जहर पी लिया।
युवक की पहचान ग्राम निडदे निवासी राकेश आंचला (25 वर्ष) और युवती की पहचान ग्राम टेकामेटा निवासी जगन्नती बड्डे (21 वर्ष) के रूप में हुई है।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
बताया जा रहा है कि दोनों आपस में करीबी रिश्तेदार थे, जिसके चलते परिवार और ग्रामीण इस रिश्ते और शादी के खिलाफ थे।
लंबे समय से चल रहे इस विवाद और मानसिक तनाव के कारण दोनों ने जहर पीकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
The Duniyadari: बलौदाबाजार- जिले में घरेलू गैस सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है।
कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने शहर के होटल, ढाबों और खानपान प्रतिष्ठानों में आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया।
जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर 5 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए।
खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा के नेतृत्व में गठित टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में होटल, ढाबा, बिरयानी सेंटर, कैंटीन और चाय दुकानों की जांच की।
निरीक्षण का उद्देश्य यह पता लगाना था कि कहीं घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों में तो नहीं किया जा रहा है।
इन प्रतिष्ठानों से सिलेंडर जब्त
निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर घरेलू गैस सिलेंडर से खाद्य पदार्थ तैयार कर बिक्री करते हुए पाया गया। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करते हुए कुल 5 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। जिन प्रतिष्ठानों से सिलेंडर जब्त किए गए उनमें—
बिरयानी सेंटर – 1 सिलेंडर
आकाश भोजनालय – 1 सिलेंडर
गढ़ कलेवा – 1 सिलेंडर
मुस्कान टी स्टाल – 1 सिलेंडर
देवांगन बिरयानी – 1 सिलेंडर
नियमों के विरुद्ध है घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग
खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडर केवल घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित होते हैं। होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इनका उपयोग करना द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियमन) आदेश 2000 का स्पष्ट उल्लंघन है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई
खाद्य विभाग के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
अभियान आगे भी जारी रहेगा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में इस तरह का निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा।
अधिकारियों ने होटल और ढाबा संचालकों से अपील की है कि वे केवल व्यावसायिक गैस सिलेंडर का ही उपयोग करें और नियमों का पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
The Duniyadari: Raipur। राजधानी रायपुर के CM House Raipur के पास लूट और हमले की सनसनीखेज घटना सामने आई है।
बदमाशों ने एक युवक को घेरकर उससे नकदी लूट ली और विरोध करने पर चाकू से हमला कर दिया।
इस हमले में युवक के चेहरे और नाक पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित डेनियल मसीही राजा तालाब स्थित शिव मंदिर के पास रहते हैं और कांकेर रोड पर वेज बस में सुपरवाइजर के रूप में काम करते हैं। बताया जा रहा है कि घटना के समय वह काम से लौट रहे थे। इसी दौरान सीएम हाउस के पास अचानक पांच युवक उनके पास पहुंचे और उन्हें घेर लिया।
आरोप है कि बदमाशों ने पहले डेनियल मसीही के साथ मारपीट की और फिर उनसे नकदी छीनने लगे। जब पीड़ित ने विरोध किया तो आरोपियों में से एक युवक ने जेब से चाकू निकालकर उनके चेहरे पर वार कर दिया। चाकू के हमले से उनकी नाक और चेहरे पर गंभीर चोट लग गई।
हमले के बाद आरोपी युवक पीड़ित के पास रखे करीब 15 हजार रुपए लूटकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल युवक की मदद की और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
पीड़ित ने मामले की जानकारी Civil Lines Police Station Raipur में दी, जिसके बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय इस क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
The Duniyadari: *विगत दो वर्षों में 6183 स्वास्थ्य शिविर, 2 लाख 77 हजार 300 मरीजों का निःशुल्क उपचार*
कोरबा, 12 मार्च 2026/
श्रमिकों, निर्धन एवं स्लम बस्तियों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए राज्य सरकार की महत्त्वपूर्ण मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना एक बड़ी राहत के रूप में उभर रही है। कोरबा शहरी क्षेत्र में बीते 02 वर्षो के भीतर मोबाइल मेडिकल यूनिट्स द्वारा 6183 चलित स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 2 लाख 77 हजार 300 से अधिक मरीजों को निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया। इसी अवधि में 67 हजार 412 व्यक्तियों की निःशुल्क लैब जांच तथा 2 लाख 51 हजार 197 मरीजों को निःशुल्क दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं। इस पहल से श्रमिक एवं गरीब परिवारों को इलाज में होने वाले भारी खर्च से राहत मिली है तथा करोड़ों रुपये की बचत संभव हो सकी है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में राज्य सरकार द्वारा यह योजना सतत रूप से संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत चिकित्सकीय सेवाओं को सीधे नागरिकों के घर-द्वार तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के माध्यम से स्लम बस्तियों में रह रहे लोगों को उच्च गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य जांच, लैब परीक्षण और आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
वर्तमान में कोरबा शहरी क्षेत्र में इस योजना के अंतर्गत 10 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स सक्रिय रूप से कार्यरत हैं, जो निर्धारित रोस्टर के अनुसार 150 से अधिक स्लम बस्तियों का भ्रमण कर नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रही हैं। यूनिट्स के माध्यम से विभिन्न बीमारियों की पहचान, उपचार और दवा वितरण का लाभ गरीब, निर्धन और श्रमिक परिवारों तक निरंतर पहुँच रहा है।
मोबाइल मेडिकल यूनिट्स में 41 प्रकार की लैब जांच सुविधा
योजना के तहत संचालित प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में 41 प्रकार की बीमारियों की लैब जांच सुविधा उपलब्ध है। यूनिट में स्थापित मिनी लैब में मरीजों के रक्त एवं अन्य आवश्यक नमूनों की तुरंत जाँच कर रिपोर्ट प्रदान कर दी जाती है, जिससे बीमारी की पहचान शीघ्र हो जाती है और चिकित्सक मौके पर ही आवश्यक दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध करा देते हैं। मोबाइल यूनिट्स में विभिन्न बीमारियों के उपचार हेतु लगभग 95 प्रकार की दवाइयाँ हमेशा उपलब्ध रहती हैं, जिससे मरीजों को तत्काल चिकित्सा लाभ प्राप्त होता है।
मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना निश्चित रूप से कोरबा के गरीब, श्रमिक एवं स्लम क्षेत्र के नागरिकों के लिए एक प्रभावी स्वास्थ्य सुरक्षा कवच सिद्ध हो रही है। राज्य सरकार द्वारा योजनाओं के निरंतर और प्रभावी क्रियान्वयन से शहरी गरीबों के स्वास्थ्य में सुधार के साथ आर्थिक बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
The Duniyadari: *अब नहीं रहना पड़ता निर्भर – आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहीं श्रीमती हेमलता साहू*
*योजना की राशि से शिक्षा और भविष्य को मिल रही दिशा*
कोरबा, 12 मार्च 2026/
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की लाखों माताओं-बहनों के जीवन में परिवर्तन का माध्यम बन रही है। योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिलने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। इससे न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, बल्कि महिलाओं के जीवन में विश्वास, सुरक्षा और सम्मान की नई भावना भी विकसित कर रही है। योजना के तहत मिलने वाली यह राशि भले ही छोटी प्रतीत होती हो, लेकिन वास्तव में यह महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह खोल रही है। इससे महिलाएं अपनी छोटी-छोटी जरूरतों को स्वयं पूरा कर पा रही हैं और परिवार पर आर्थिक निर्भरता भी कम हो रही है।
इसी कड़ी में कोरबा जिले के शहरी क्षेत्र बुधवारी में निवासरत श्रीमती हेमलता साहू की कहानी भी इस योजना की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है। श्रीमती साहू बताती हैं कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है और कई बार आवश्यक जरूरतों के लिए अतिरिक्त पैसों की आवश्यकता पड़ जाती थी। ऐसे समय में महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली राशि ने उन्हें बड़ी राहत प्रदान की है। अब उन्हें अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं या बच्चों की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
श्रीमती साहू ने बताया कि वे वर्तमान में अपनी पढ़ाई भी जारी रखे हुए हैं। पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन और इंटरनेट की आवश्यकता पड़ती है, जिसके लिए वे योजना से प्राप्त राशि से अपने मोबाइल का रिचार्ज कर पढ़ाई जारी रख रही हैं। इससे उन्हें आत्मविश्वास मिला है और वे अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि ने उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की भावना को मजबूत किया है। अब वे अपनी कई आवश्यकताओं को बिना किसी से मांग किए स्वयं पूरा कर पा रही हैं, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
उन्होंने जनकल्याणकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने उनके जैसी अनेक महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है।
The Duniyadari: *उपभोक्ताओ की जागरूकता से ही उपभोक्ता संरक्षण की सार्थकता सिद्ध होगी*
*केन्द्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौघोगिकी संस्थान (सिपेट) में उपभोक्ता जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन*
कोरबा 12 मार्च 2026/
कोरबा जिला उपभोक्ता आयोग ने सिपेट में उपभोक्ता जागरूकता शिविर का आयोजन जहां छात्र – छात्राओ को उपभोक्ता जागरूकता कानून के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए उनके जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। छग राज्य उपभोक्ता आयोग के निर्देशानुसार कोरबा जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रो में उपभोक्ता जागरूकता शिविर के माध्यम से ग्रामीणो को उपभोक्ता कानून की जानकारी देते हुए उन्हे उनके अधिकारो से अवगत कराया जा रहा है। इसी क्रम में दस मार्च को कटघोरा विकासखंड अंतर्गत केन्द्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौघोगिकी संस्थान (सिपेट) में कोरबा जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्षा श्रीमती रंजना दत्ता, सदस्यगण- सुश्री ममता दास एवं पंकज कुमार देवड़ा ने छात्र-छात्राओ को उनके अधिकारों व हितों की विस्तृत जानकारी दी।
सिपेट के सभागृह में छात्र कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम के प्रारंभ मे अतिथियो के औपचारिक परिचय उपरांत सिपेट के प्रबंधक राजीव कुमार लिल्हारे, ने उपस्थित अतिथियो का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
इसके पश्चात छात्र -छात्राओ ने नाटक के माध्यम से उपभोक्ता जागरूकता का संदेश दिया गया। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए जिला उपभोक्ता आयोग कोरबा की अध्यक्ष श्रीमती रंजना दत्ता, सदस्यगण- सुश्री ममता दास एवं पंकज कुमार देवड़ा ने संयुक्त रूप से बताया कि शिविर का उद्देश्य ग्रामीण उपभोक्ताओं, छात्र – छात्राओ को उनके अधिकारों, कर्तव्यों तथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों से अवगत कराना है। उपभोक्ता जागरूकता ही शोषण से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
शिविर का उद्देश्य त्रुटिपूर्ण वस्तुओं, सेवाओं में कमी ,अनुचित व्यापार प्रचलनों जैसे विभिन्न प्रकार के शोषण के विरुद्ध उपभोक्ताओं को प्रभावी सुरक्षा उपलब्ध कराना है। जो लोग धोखाधड़ी, कालाबाजारी आदि के शिकार होते हैं वे इसके माध्यम से जागरूक होते हैं। उपभोक्ताओ की जागरूकता से ही उपभोक्ता संरक्षण की सार्थकता सिद्ध होगी।
को ई-जागृति पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया तथा ई-हियरिंग प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। ई जागृति एवं ई हियरिंग से अब उपभोक्ता घर बैठे ही डिजिटल माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं तथा सुनवाई में भी ऑनलाइन शामिल हो सकते हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है।
शिविर में छात्रो को दैनिक जीवन में सतर्कता बरतने की अपील करते हुए यह भी बताया गया कि किसी भी वस्तु को क्रय करते समय उसकी अवसान तिथि/एक्सपायरी डेट, एमआरपी, गुणवत्ता चिन्ह (आईएसआई, एगमार्क आदि) का अवलोकन अवश्य करें। क्रय की गई प्रत्येक वस्तु का पक्का बिल लेना अनिवार्य बताया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उपभोक्ता अपने अधिकारों का संरक्षण कर सके।
जिला आयोग में शिकायत दायर करने के लिए वाद मूल्य के आधार पर पंजीयन शुल्क 5 लाख तक शून्य, 5 लाख से अधिक और 10 लाख से कम पर 200 रूपये फीस, 10 लाख से अधिक 20 लाख से कम की फीस 400 रूपये, 20 लाख से अधिक और 50 लाख से कम की फीस 1000 रूपये होगी।
उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों एवं हितों के लिए सतर्क रहना होगा एवं स्वयं जागरूक होना होगा, तभी जागो ग्राहक जागो की सार्थकता सिद्ध होगी। इस दौरान उपस्थित शिक्षिकाओ एवं अन्य छात्र – छात्राओ के प्रश्रों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री श्वेता जांगड़े ने किया।
उपभोक्ता जागरूकता शिविर के दौरान आयोग के कर्मचारीगण रामायण पटेल, मनीराम श्रीवास, राजेश्वर इंग्ले, श्री राजीव कुमार लिल्हारे, प्रबंधक (तकनीकी) वरूण कुमार गुप्ता, श्री सतीश कुमार गुप्ता श्री अनिल साहू, श्रीमती बुध्देश्वरी पटेल एवं अन्य सिपेट के अधिकारी एवं कर्मचारीगण, छात्र-छात्राऐं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
*नाटक के जरिए छात्र-छात्राओ ने उपभोक्ता जागरूकता का दिया संदेश*
सिपेट के छात्र-छात्रओ ने नाटक और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से उपभोक्त जागरूकता का संदेश देते हुए अत्यंत सराहनी कार्यक्रम प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से सोशल मिडिया एवं बैंक उपभोक्ताओ को झांसे में लेकर हो रही ठगी से जागरूक किया गया।
उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, जैसे- रसीद मांगना, एमआरपी की जांच करना, मिलावटी सामान के खिलाफ आवाज़ उठाना और शोषण से बचने के लिए जागरूक किया गया है।
इन नाटकों के द्वारा ’जागो ग्राहक जागो’ का संदेश दिया गया हैं। हम कोई सामान दुकानदार से खरीदें तो दुकानदार से खरीदी गई वस्तु की रसीद अवश्य लें, अन्यथा दुकानदार आपके साथ धोखा भी कर सकता है। इस नाटक के माध्यम से बच्चों ने उपभोक्ता को जागरूक करने का संदेश दिया।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली तथा छ०ग० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मंशानुरूप आगामी नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च 2026 दिन शनिवार को जिला एवं समस्त तालुका स्थित न्यायालयों में किया जा रहा है।
नेशनल लोक अदालत में जिला एवं तहसील स्तर पर न्यायालय में लंबित राजीनामा, दीवानी, फौजदारी, क्लेम (मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण) परिवार न्यायालय में मामले, श्रम विवाद, भू-अर्जन से संबंधित प्रकरण राजस्व मामलें, पराक्राम्य लिखित अधिनियम की धारा 138 के मामले, बैंक वसूली, विद्युत चोरी के मामले व अन्य उपयुक्त मामलों का निराकरण सुलह-समझौता व राजीनामा के माध्यम से किया जायेगा।
आम नागरिकों से अपील है कि वे नेशनल लोक अदालत में सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने प्रकरणों का आपसी समझौते के माध्यम से निराकरण कराएं और इस व्यवस्था का लाभ उठाए ।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के स्पष्ट निर्देशों के तहत जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलिंडरों के दुरुपयोग पर प्रभावी रोकथाम हेतु सघन अभियान चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में आज राजस्व विभाग एवं खाद्य विभाग के संयुक्त दल द्वारा कोरबा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 38, बालकों रोड, चेक पोस्ट स्थित पवन जनरल स्टोर्स के प्रतिष्ठान एवं उससे संबंधित भंडारण स्थलों/गोदामों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त दल को प्रतिष्ठान द्वारा घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग एवं अनधिकृत भंडारण किए जाने के महत्वपूर्ण प्रमाण प्राप्त हुए। जांच में कुल 15 नग घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर अवैध रूप से संधारित अवस्था में पाए गए, जिन्हें नियमानुसार तत्काल प्रभाव से जप्त कर लिया गया है। जिला खाद्य अधिकारी श्री घनश्याम कँवर द्वारा बताया गया है कि यहाँ एक सिलेंडर से दूसरे सिलेंडरों में रिफलिंग कर ब्लैक में अधिक कीमत पर बेचा भी जाता था।
कलेक्टर श्री दुदावत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घरेलू उपयोग के लिए जारी किए गए एलपीजी सिलेंडरों का किसी भी प्रकार से व्यावसायिक उपयोग कानूनन दंडनीय है। जिले में ऐसे प्रकरणों पर जीरो टॉलरेंस की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने राजस्व एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ऐसे प्रतिष्ठानों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकता होने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संयुक्त जांच दल द्वारा प्रतिष्ठान संचालक के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि एलपीजी गैस वितरण एजेंसियों के साथ समन्वयन स्थापित कर ऐसे अनाधिकृत भंडारण एवं दुरुपयोग की घटनाओं पर पूर्ण नियंत्रण रखा जाए।
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग न करें तथा यदि कहीं ऐसी गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत संबंधित विभाग या जिला प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन द्वारा प्राप्त हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के निरंतर निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कुणाल दुदावत आज लेमरू से श्यांग की ओर जा रहे थे।
विमलता से आगे मोड़ पर पहुँचते ही उनकी नजर मार्ग पर बने बड़े गड्ढों और क्षतिग्रस्त सड़क पर पड़ी। स्थिति को गंभीर देखते हुए कलेक्टर ने तुरंत अपने वाहन चालक को रुकने का निर्देश दिया और स्वयं नीचे उतरकर सड़क की स्थिति का मुआयना किया।
पहाड़ी और दूरस्थ ग्रामों को जोड़ने वाला यह मार्ग ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सड़क पर बने गड्ढों से संभावित दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता श्री जी. आर. जांगड़े को स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्ग का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों की आवाजाही सुरक्षित एवं सुगम बनी रहे।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि बारिश और पहाड़ी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त होती हैं, ऐसे में नियमित निगरानी और त्वरित सुधार कार्य अनिवार्य हैं। किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को देखते हुए इस मार्ग की मरम्मत में देरी न की जाए।
The Duniyadari: *सुशासन तिहार 2026-विश्वास, विकास और समाधान का उत्सव*
*लखनलाल को मिला नया सहारा*
कोरबा, 05 मई 2026/
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़...