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नहाने गया किशोर डूबा, 20 घंटे बाद नहर में मिला शव

The Duniyadari: धमतरी- जिले के रुद्री बैराज के पास महानदी मुख्य नहर में नहाने के दौरान डूबे एक नाबालिग का शव करीब 20 घंटे बाद बरामद किया गया।

गोताखोरों की मदद से शव को नवनिर्मित पुल के नीचे से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

घटना शुक्रवार दोपहर की बताई जा रही है। उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी 16 वर्षीय समीर हसन अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ नहर में नहाने गया था।

इसी दौरान नहर पार करने की कोशिश में तीन युवक तेज बहाव में बहने लगे। इनमें से दो किसी तरह बाहर निकल आए, जबकि समीर पानी के तेज बहाव में लापता हो गया।

सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की गई, लेकिन देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिली। शनिवार को पानी का स्तर घटने और बहाव कम होने के बाद नवनिर्मित पुल के नीचे उसका शव फंसा हुआ दिखाई दिया। इसके बाद शव को बाहर निकालकर वरदान एम्बुलेंस से जिला अस्पताल की मरचुरी भेजा गया।

अभिषेक चतुर्वेदी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि रुद्री बैराज के पास नहर में नहाने के दौरान किशोर बह गया था, जिसका शव बरामद कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि शव पुलिस लाइन के पीछे नहर के एक कनाल के नीचे फंसा मिला। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। वहीं स्थानीय लोगों ने नहर और बैराज क्षेत्र में सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने और चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के काफिले में बदलाव, फार्च्यूनर की जगह अब दिखेंगी बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो

The Duniyadari: रायपुर- प्रदेश भाजपा कार्यालय में उस समय हलचल बढ़ गई जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला वहां पहुंचा। काफिले में शामिल गाड़ियों को देखकर पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता चौंक गए, क्योंकि पहले इस्तेमाल की जा रही टोयोटा फार्च्यूनर की जगह नई स्कॉर्पियो गाड़ियां नजर आईं। लंबे समय बाद मुख्यमंत्री को नई गाड़ियों में देखकर कई लोग उत्सुकता से जानकारी लेने लगे।

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री अब तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में खरीदी गई फार्च्यूनर गाड़ियों का उपयोग कर रहे थे। करीब ढाई साल बाद अब इन गाड़ियों को बदलते हुए काफिले में छह नई स्कॉर्पियो शामिल की गई हैं। मुख्यमंत्री इन बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो वाहनों में सफर करेंगे।

इस बदलाव को लेकर बढ़ी चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि पुरानी गाड़ियां काफी समय से उपयोग में थीं और तकनीकी दिक्कतें भी आने लगी थीं। कई बार वाहन रास्ते में बंद हो जाते थे, इसलिए सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई गाड़ियों को शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के काफिले में बदलाव, फार्च्यूनर की जगह अब दिखेंगी बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो

The Duniyadari: रायपुर- प्रदेश भाजपा कार्यालय में उस समय हलचल बढ़ गई जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला वहां पहुंचा। काफिले में शामिल गाड़ियों को देखकर पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता चौंक गए, क्योंकि पहले इस्तेमाल की जा रही टोयोटा फार्च्यूनर की जगह नई स्कॉर्पियो गाड़ियां नजर आईं। लंबे समय बाद मुख्यमंत्री को नई गाड़ियों में देखकर कई लोग उत्सुकता से जानकारी लेने लगे।

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री अब तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में खरीदी गई फार्च्यूनर गाड़ियों का उपयोग कर रहे थे। करीब ढाई साल बाद अब इन गाड़ियों को बदलते हुए काफिले में छह नई स्कॉर्पियो शामिल की गई हैं। मुख्यमंत्री इन बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो वाहनों में सफर करेंगे।

इस बदलाव को लेकर बढ़ी चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि पुरानी गाड़ियां काफी समय से उपयोग में थीं और तकनीकी दिक्कतें भी आने लगी थीं। कई बार वाहन रास्ते में बंद हो जाते थे, इसलिए सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई गाड़ियों को शामिल किया गया है।

प्रेम प्रसंग में दर्दनाक मोड़: युवक ने फांसी लगाई, खबर सुन प्रेमिका ने जहर खाया, हालत नाजुक

The Duniyadari: बैतूल जिले में प्रेम संबंध से जुड़ी एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जबकि उसकी मौत की खबर सुनकर उसकी प्रेमिका ने भी जहर खा लिया। युवती को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान महावीर वार्ड निवासी 25 वर्षीय शिवांश सोनी के रूप में हुई है। शिवांश रायपुर के एक कॉफी हाउस में मैनेजर के पद पर कार्यरत था और अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसके पिता छिंदवाड़ा में शिक्षक के रूप में पदस्थ हैं। बताया जा रहा है कि शिवांश दो-तीन दिन पहले ही बैतूल अपने घर आया था।

शुक्रवार शाम उसने घर की छत पर बने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

उधर, शिवांश की मौत की खबर मिलते ही उसकी महिला मित्र गहरे सदमे में आ गई। शनिवार सुबह उसने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। युवती मूल रूप से साईंखेड़ा क्षेत्र की रहने वाली है और बैतूल में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत है। बताया जा रहा है कि वह शिवांश से करीब दो साल बड़ी है।

पुलिस के मुताबिक, दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन परिजनों की असहमति के चलते दोनों मानसिक तनाव में थे। इसी वजह से युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से एक दिन पहले युवती डैम क्षेत्र में संदिग्ध हालत में मिली थी। उस समय वह आत्महत्या का प्रयास करने वाली थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे बचा लिया और थाने लाकर काउंसलिंग की थी। उस दौरान युवती ने बताया था कि शिवांश मानसिक रूप से परेशान है और आत्महत्या की बात कर रहा है।

फिलहाल पुलिस दोनों घटनाओं की अलग-अलग जांच कर रही है। युवती की हालत गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस संवेदनशील मामले में अफवाहों से बचें और संयम बनाए रखें।

कटघोरा-कोरबा वनमंडल में अवैध कटाई पर सवाल, लकड़ी जब्ती के बाद विभाग की निगरानी पर उठे प्रश्न

The Duniyadari: KORBA- जिले के कोरबा और कटघोरा वनमंडल में अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

जंगलों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले मैदानी अमले की उदासीनता और निगरानी में कमी का फायदा उठाकर तस्कर खुलेआम पेड़ों की कटाई कर रहे हैं।

विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति ग्रामीणों के बीच विश्वास की कमी भी सूचना तंत्र को कमजोर बना रही है, जिससे कई मामलों की जानकारी समय पर सामने नहीं आ पाती।

जानकारी के अनुसार, कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई होने के बाद ही विभाग हरकत में आया। कटे हुए पेड़ों को गांवों तक पहुंचाने और आगे की प्रक्रिया में कई दिन लगने के बावजूद जिम्मेदार अमले को इसकी भनक तक नहीं लगी। बाद में सूचना मिलने पर कटे हुए लकड़ी के सिलपटों को जब्त कर कार्रवाई का दावा किया गया, जबकि कटाई के दौरान ही सख्ती बरती जाती तो स्थिति अलग हो सकती थी।

कटघोरा वनमंडल में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कीमती इमारती लकड़ियों को काटकर लंबे समय तक जंगल में छोड़ दिया गया और बाद में रात के समय उन्हें ले जाते हुए ग्रामीणों की सतर्कता से मामला पकड़ा गया। इससे विभागीय निगरानी और सूचना तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इसी बीच कोरबा वनमंडल के बालको परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम सतरेंगा और आसपास के इलाकों में विभाग ने व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब 55 अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने छह अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में अवैध लकड़ी जब्त की। कार्रवाई के दौरान तेजराम के घर से 254 नग, मेहतार सिंह से 73 नग, घासीराम से 18 नग, देवलाल से 10 नग और भारतराम के यहां से 4 नग साल, बीजा सहित अन्य प्रजातियों की लकड़ी बरामद की गई।

वन विभाग के अनुसार कुल 359 नग लकड़ी जब्त की गई, जिसका आयतन करीब 5.405 घनमीटर और अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 4.25 लाख रुपये आंका गया है। इस कार्रवाई में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, संयुक्त वन प्रबंधन समिति के सदस्यों और ग्रामीणों का सहयोग भी मिला, जिसकी विभाग ने सराहना की है।

हालांकि इस कार्रवाई के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि जिस सक्रियता से लकड़ी जब्ती संभव हुई, वही सतर्कता अवैध कटाई के दौरान क्यों नहीं दिखाई दी। अब देखना होगा कि विभाग जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करता है या फिर कार्रवाई के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

सामूहिक दुष्कर्म मामले में चार दोषियों को 20-20 साल की सजा, त्वरित कार्रवाई से बढ़ा भरोसा

The Duniyadari: जांजगीर-चांपा/कोरबा- सामूहिक दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

इस फैसले से पीड़िता और उसके परिजनों को न्याय मिला है, वहीं पुलिस की त्वरित कार्रवाई की भी सराहना हो रही है।

जानकारी के अनुसार, 18 मई 2025 को थाना चांपा क्षेत्र में यह घटना सामने आई थी। पीड़िता अपने पिता के साथ घर पर मौजूद थी, तभी पूर्व परिचित चार युवक वहां पहुंचे और घर पर भोजन भी किया। देर रात पिता के सो जाने के बाद आरोपियों ने युवती को जबरन दूसरे कमरे में ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया और मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी पीड़िता की मां ने पुलिस को दी, जिसके बाद थाना चांपा में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का फोरेंसिक निरीक्षण कराया और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में आरोपियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई। साथ ही साइबर सेल के माध्यम से मोबाइल टावर लोकेशन भी ली गई, जिससे घटना के समय आरोपियों की उपस्थिति स्पष्ट हुई।

घटना के बाद फरार आरोपियों की तलाश के लिए थाना प्रभारी जयप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी रायगढ़-कोरबा मार्ग से नेपाल भागने की फिराक में थे। पुलिस टीम ने करतला क्षेत्र के घने जंगलों से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में मनोज कुमार पटेल, नरेंद्र कुमार पटेल, रामकुमार पटेल निवासी कोरबा तथा धरम चौहान निवासी नागरदा जिला सक्ती शामिल हैं। विवेचना पूर्ण होने के बाद पुलिस ने चारों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सभी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

इस पूरे मामले में जिला पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में तत्कालीन थाना प्रभारी जयप्रकाश गुप्ता, सहायक उप निरीक्षक अरुण कुमार सिंह, मुकेश कुमार पांडेय, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र कुमार टंडन सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रायपुर कांग्रेस में बड़ा उलटफेर: वार्ड अध्यक्षों की सूची रद्द, संगठन में बढ़ी हलचल

The Duniyadari: Raipur- शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी वार्ड अध्यक्षों की नियुक्ति सूची को लेकर रायपुर कांग्रेस में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मंजूरी के बिना जारी इस सूची को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है, जिससे संगठन के भीतर हलचल तेज हो गई है।

जानकारी के मुताबिक, 10 अप्रैल 2026 को शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से वार्ड कांग्रेस अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति संबंधी आदेश जारी किया गया था। हालांकि यह सूची प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशंसा और अनुमोदन के बिना जारी होने की बात सामने आई, जिसके बाद उच्च स्तर पर हस्तक्षेप करते हुए आदेश को रद्द कर दिया गया।

निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि जारी सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से निरस्त मानी जाएंगी। इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं में असंतोष भी देखा जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, सूची जारी होते ही चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे थे। कई पदाधिकारियों ने पारदर्शिता की मांग करते हुए आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद मामला तेजी से गरमा गया। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर करीब दो घंटे तक संगठन के भीतर लगातार बहस और तर्क-वितर्क चलता रहा।

अब सभी की नजरें संगठन के अगले कदम पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि नई सूची जारी की जाएगी या पूरी चयन प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जाएगा। फिलहाल इस फैसले ने रायपुर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

गेवरा कॉलोनियों की बदहाल हालत पर मजदूर संगठन नाराज़, सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

The Duniyadari: कोरबा- गेवरा क्षेत्र की कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं की लगातार बिगड़ती स्थिति को लेकर भारतीय कोयला खदान मजदूर संगठन, बिलासपुर ने प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई है। संगठन के पदाधिकारियों ने महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपते हुए कॉलोनियों की जर्जर व्यवस्था में जल्द सुधार की मांग की है और चेतावनी दी है कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।

संगठन का कहना है कि शक्ति नगर, दीपका सहित कई कॉलोनियों में नालियां टूट-फूट की स्थिति में हैं, सड़कों पर गड्ढे बने हुए हैं और नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी फैल रही है। धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव भी केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

ज्ञापन में कॉलोनियों के प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने और जर्जर बुनियादी ढांचे की मरम्मत की मांग की गई है। इसके अलावा पाइपलाइन की लंबे समय से सफाई नहीं होने, सीलिंग फैन की कमी और ट्रांसफार्मर के आसपास फैली अव्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई गई है।

मजदूर संगठन ने यह भी आरोप लगाया है कि उद्यानों के सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था और सामुदायिक सुविधाओं के विकास के लिए टेंडर जारी होने के बावजूद काम शुरू नहीं किया गया है। वहीं कॉलोनियों में डिस्पेंसरी बंद होने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।

संगठन के प्रतिनिधि हमराज राव ने कहा कि कॉलोनियों में बढ़ती अव्यवस्थाओं से कर्मचारियों और उनके परिवारों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खराब सड़कों, गंदगी और धूल के कारण दुर्घटनाओं और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो मजदूर संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।

फसल क्षति मुआवजा प्रकरण में लापरवाही, राजस्व निरीक्षक और पटवारी निलंबित

The Duniyadari: सरगुजा- कलेक्टर अजीत वसंत ने शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में एक राजस्व निरीक्षक और एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मैनपाट तहसील के ग्राम उरंगा-बरिमा में फसल क्षति मुआवजा निर्धारण से जुड़े मामले में की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा अधिग्रहित भूमि के लिए फसल क्षति मुआवजा निर्धारित करने की जिम्मेदारी राजस्व निरीक्षक संगीता भगत और पटवारी चन्द्रदेव मिर्रे को सौंपी गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि दोनों अधिकारियों ने मूल सेटलमेंट रकबे से अधिक भूमि दर्ज कर दी थी, जिससे मुआवजा निर्धारण में गंभीर अनियमितता पाई गई।

जांच में यह भी उजागर हुआ कि मुआवजा अवधि के दौरान संबंधित भूमि का क्रय-विक्रय किया गया और ऑनलाइन राजस्व अभिलेखों में बदलाव कर दिए गए। इसके बाद पुनः मूल भूमि स्वामी के नाम से त्रुटिपूर्ण गणना पत्रक तैयार कर प्रस्तुत किया गया, जिसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने दोनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है। साथ ही प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।

11 से 18 अप्रैल तक कई ट्रेनें रद्द, यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था

The Duniyadari: बिलासपुर- हावड़ा–मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में चौथी लाइन निर्माण का कार्य जारी है। इसी क्रम में बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन के अंतर्गत अकलतरा स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी के लिए प्री-नॉन/नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। पहले इस कार्य को स्थगित किया गया था, जिसे अब पुनर्निर्धारित करते हुए 11 अप्रैल से 18 अप्रैल 2026 तक करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान कई यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा।

ये ट्रेनें रहेंगी रद्द

11 से 18 अप्रैल तक 68738/68737 बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर मेमू

12 से 19 अप्रैल तक 68735 रायगढ़–बिलासपुर मेमू

11 से 18 अप्रैल तक 68736 बिलासपुर–रायगढ़ मेमू

11 से 18 अप्रैल तक 68746 रायपुर–गेवरा रोड मेमू

12 से 19 अप्रैल तक 68745 गेवरा रोड–रायपुर मेमू

11 से 18 अप्रैल तक 58204 रायपुर–कोरबा पैसेंजर

12 से 19 अप्रैल तक 58203 कोरबा–रायपुर पैसेंजर

11 से 18 अप्रैल तक 68734/68733 बिलासपुर–गेवरा रोड–बिलासपुर मेमू

11 से 18 अप्रैल तक 68732/68731 बिलासपुर–कोरबा–बिलासपुर मेमू

11 से 18 अप्रैल तक 58210 बिलासपुर–गेवरा रोड पैसेंजर

आंशिक रूप से प्रभावित ट्रेनें

68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा पैसेंजर 11 से 18 अप्रैल तक बिलासपुर में समाप्त होगी, आगे का सफर रद्द रहेगा

68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया पैसेंजर 11 से 18 अप्रैल तक बिलासपुर से संचालित होगी, झारसुगुड़ा–बिलासपुर खंड रद्द रहेगा

यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 18250/18249 एवं 18252/18251 कोरबा–रायपुर–कोरबा हसदेव एक्सप्रेस को 11 से 18 अप्रैल तक कोरबा–बिलासपुर–कोरबा के बीच पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलाया जाएगा।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।