The Duniyadari: Surajpur– पुलिस विभाग में नई ऊर्जा जोड़ते हुए जिले को 15 नए सब-इंस्पेक्टर (एसआई) मिले हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन अधिकारियों को फील्ड स्तर पर अनुभव दिलाने के लिए जिले के अलग-अलग शहरी और ग्रामीण थानों में पदस्थ किया गया है। इस संबंध में डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने आदेश जारी किए हैं।
आदेश के मुताबिक, नव नियुक्त एसआई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की जांच और पुलिसिंग की व्यावहारिक बारीकियां सीखने के उद्देश्य से विभिन्न थानों में जिम्मेदारी सौंपी गई है। थाना सूरजपुर में सर्वाधिक चार एसआई तैनात किए गए हैं, जबकि विश्रामपुर, जयनगर, भटगांव और प्रतापपुर थानों में दो-दो अधिकारियों की पदस्थापना की गई है। इसके अलावा प्रेमनगर, झिलमिली और रामानुजनगर थानों को एक-एक नए एसआई मिले हैं।
पुलिस विभाग का मानना है कि अनुभवी अधिकारियों के साथ कार्य करते हुए ये युवा अधिकारी पुलिस व्यवस्था की कार्यशैली, जांच प्रक्रिया और जनसंपर्क से जुड़ी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। इससे भविष्य में उनकी कार्यकुशलता और पेशेवर क्षमता में भी वृद्धि होगी।
The Duniyadari: नई दिल्ली/Raipur– आम उपभोक्ताओं की जेब पर महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। घरेलू रसोई गैस (LPG) के दामों में एक बार फिर वृद्धि कर दी गई है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो 7 जून से प्रभावी हो गई है। इसके साथ ही राजधानी दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है।
पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब घरेलू गैस के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले मार्च में भी सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की वृद्धि की गई थी। ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर घरेलू ईंधन बाजार पर पड़ रहा है।
सरकारी तेल विपणन कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की लागत बढ़ने के बावजूद लंबे समय से घरेलू सिलेंडर अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा था। ऐसे में बढ़ती लागत की भरपाई के लिए कीमतों में संशोधन जरूरी हो गया था।
इससे पहले जून की शुरुआत में 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई थी। वहीं 5 किलोग्राम वाले छोटे LPG सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए हैं, जिसका असर छोटे व्यवसायों और निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में भी लगातार वृद्धि देखने को मिली है। ऐसे में घरेलू गैस की नई बढ़ी हुई दरें आम परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती हैं।
The Duniyadari: *ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं की से किया गया लाभान्वित*
*शिविर में 481 आवेदन प्राप्त हुए, 137 आवेंदनो का हुआ तत्काल निराकरण*
कोरबा-
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनपद पंचायत कोरबा के ग्राम पंचायत चिर्रा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। यह जनपद कोरबा क्षेत्र में आयोजित शिविरों की श्रृंखला का अंतिम शिविर रहा, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी मांगें का आवेदन प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती बिजमोती राठिया, विधायक प्रतिनिधि मानसिंह राठिया सहित क्लस्टर की सभी ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, अधिकारी – कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर पूजा-अर्चना और माल्यार्पण के साथ हुआ।
जनप्रतिनिधियों ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों की समस्याओं को उनके द्वार पर ही निराकरण करने हेतु शिविर का आयोजन किया गया है। आप सभी शासकीय योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाएं।
जनपद पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री खगेश निर्मलकर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सुशासन तिहार के उद्देश्य, शासन की ‘‘संवाद से समाधान‘‘ अवधारणा तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
सीईओ ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत जिले के जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गतशं 7 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। वहीं आवास प्लस 2.0 के तहत नए आवेदनों का जियो-टैगिंग कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब आवास की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। साथ ही वर्ष 2025-26 में स्वीकृत आवासों को तीन माह के भीतर पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को मनरेगा मजदूरी का लाभ भी समय पर मिलेगा। पेंशन योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र हितग्राहियों को आवेदन करने की अपील की गई। शिविर में 481आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 137 आवेंदनो का मौके पर ही निराकरण किया गया। एवं शेष आवेंदनो का परीक्षण कर शीघ्र ही निराकरण किया जाएगा।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी और लाभ प्रदान किया गया। वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर शिविर का लाभ उठाया। इस दौरान पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड, पेंशन स्वीकृति पत्र, आयुष्मान कार्ड, आवास की चाबी, प्रशस्ति पत्र, लखपति दीदी सम्मान पत्र, सिंचाई हेतु मोटर पंप इत्यादि वितरित किए गए। साथ ही टीबी मुक्त घोषित सभी ग्राम पंचायतों को महात्मा गांधी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों अधिकारी कर्मचारियों एवं ग्रामीणों द्वारा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया.
The Duniyadari: *पूर्ण पारदर्शिता के साथ मेरिट के आधार पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया संपन्न कराने अधिकारियों को किया निर्देशित*
*मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगा कोई विद्यालय, अधोसंरचना सुधार हेतु प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश*
*नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत के साथ शाला प्रवेश उत्सव मनाने व्यापक तैयारियों सुनिश्चित करने किया निर्देशित*
*सड़क सुरक्षा व नशामुक्ति के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने शालाओं में नियमित रूप से कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश*
*नए शैक्षणिक सत्र में विभागीय अधिकारी नई ऊर्जा के साथ करें कार्य – कलेक्टर*
कोरबा-
कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र में शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने, विद्यालयी अधोसंरचना विकास और शिक्षकों की उपलब्धता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सुनियोजित कार्ययोजना के साथ प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र में विभागीय अधिकारियों को नई ऊर्जा के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया।
कलेक्टर ने शाला प्रवेश उत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। पंचायतों के सहयोग से विद्यालय परिसरों की व्यापक साफ-सफाई कराने के लिए कहा। 16 जून को जिले के सभी विद्यालय में शाला प्रवेश उत्सव मनाया जाए एवं बच्चों एवं पालकों से सम्पर्क कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का उत्साहपूर्वक स्वागत करने की बात कही। कलेक्टर ने शिक्षकविहीन एवं एकल शिक्षकीय विद्यालयों में भी शाला प्रवेश की आवश्यक वैकल्पिक व शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाउंड्रीवॉल युक्त विद्यालयों में शाला प्रवेश के अवसर पर नए विद्यार्थियों से पौधरोपण कराने, एक सप्ताह के भीतर गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों का वितरण पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विद्यालयों में आमजन के सहयोग से समय समय पर न्योता भोज का आयोजन कर उसे उत्सव के रूप में मनाने के निर्देश भी दिए।
विद्यालयों में स्वीकृत एवं रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बताया कि शासन स्तर पर स्वीकृत रिक्त पदों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने जिले के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने हेतु विषयवार अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की प्रकिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इस हेतु योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित कर तथा पूर्ण पारदर्शिता के साथ मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
शैक्षणिक अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने हेतु कलेक्टर ने जिले के विद्यालय भवनों की स्थिति की समीक्षा कर जर्जर एवं अति जर्जर भवनों का अद्यतन विवरण शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था एवं रनिंग टैप वाटर की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए सभी स्कूलों में निर्बाध पेयजल सुविधा सुनिश्चित करने हेतु कमी वाले विद्यालयों की सूची जल्द से जल्द उपलब्ध वहां कराने के निर्देश दिए। जिससे आवश्यक कार्यवाही तेजी से पूर्ण किया जा सके।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों के अधोसंरचना विकास की दिशा में ऐसे ठोस एवं परिणाममूलक कार्य किए जाएं, जिससे आने वाले समय में जिले का कोई भी शैक्षणिक संस्थान – भवन, पेयजल, विद्युत एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे। इसके लिए उन्होंने अधोसंरचना संबंधी कमियों वाले संस्थानों में मिशन मोड पर कार्य करते हुए समयबद्ध रूप से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
वंचित बच्चों की अपार आईडी प्राथमिकता से बनाने के निर्देश, आधार अपडेट पर विशेष फोकस
कलेक्टर ने विद्यार्थियों के अपार आईडी निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए वंचित बच्चों की अपार आईडी प्राथमिकता के आधार पर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र में प्रत्येक बच्चे का शाला प्रवेश अपार आईडी के साथ सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिन बच्चों की अपार आईडी नाम अथवा जन्मतिथि संबंधी त्रुटियों के कारण नहीं बन पाई है, उनका आधार अद्यतन कार्य प्रवेश के समय ही प्राथमिकता से कराया जाए। इस हेतु विशेष शिविर आयोजित कर बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए । उन्होंने यू-डाइस पोर्टल में भी बच्चों की दर्ज त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों में सुधार करते हुए विद्यालय खुलने के प्रथम दिवस से ही डाटा नियमित रूप से अद्यतन करने के निर्देश दिए । साथ ही मेंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट कार्य को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से पूर्ण कराने की बात कही।
कलेक्टर ने ड्रॉपआउट एवं शाला त्यागी बच्चों की विद्यालयवार जानकारी संकलित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे बच्चों की पहचान कर उनकी एवं उनके पालकों की प्रभावी काउंसलिंग की जाए। विशेष रूप से कक्षा 5वीं से 6वीं, 8वीं से 9वीं तथा 10वीं से 11वीं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की सतत निगरानी रखने की बात कही। जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में ड्रॉपआउट एवं शाला त्यागी बच्चों की संख्या शून्य करने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाए।
कलेक्टर ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अभियान में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों को अपने आसपास के असाक्षरों की पहचान कर उन्हें साक्षरता अभियान से जोड़ने हेतु प्रेरित करने की बात कही, जिससे उन्हें बोर्ड परीक्षा में अतिरिक्त अंक प्राप्त होने के साथ-साथ परीक्षा परिणाम में भी निश्चित रूप से लाभ होगा। कलेक्टर ने असाक्षरों के समयबद्ध पंजीकरण को भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी विद्यालयों में सड़क सुरक्षा एवं नशामुक्ति अभियान नियमित रूप से जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेंटिंग, क्विज, निबंध एवं रंगोली जैसी विविध गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में यातायात सुरक्षा एवं नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बात कही। साथ ही इन गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु वार्षिक कैलेंडर तैयार करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग, जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर उपाध्याय सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहें।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश तथा उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में गौण खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध 6 जून को विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के तहत् गठित दो खनिज उड़नदस्ता दलों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण कर अवैध खनन गतिविधियों पर बड़ी कार्यवाही की।
जांच के दौरान सीतामढ़ी, कपाटमुडा, सुराकछार, नरईबोध, रैंकी, कुदुरमाल, बरमपुर, बांकीमोगरा, सुमेधा, कुमगरी, घनाकछार, कटघोरा, कछार, दर्री, धवईपुर क्षेत्रों में अवैध खनिज परिवहन एवं उत्खनन की जांच की गई। जिस दौरान कपाटमुडा, नरईबोध, रैंकी, कुदुरमाल, सुराकछार, दर्री, बांकी मोगरा तथा अन्य क्षेत्रों में अवैध उत्खनन तथा परिवहन करते पाए गए 1 चौन माउंटेन सहित 9 ट्रैक्टर, 2 हाइवा, 2 टीपर शामिल हैं। जब्त वाहनों को नियमानुसार कार्रवाई हेतु कुसमुंडा थाना, हरदीबाजार थाना, दर्री थाना, बांकीमोगरा थाना, खनिज जांच नाका उरगा में अभिरक्षा में रखा गया है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा शासकीय राजस्व की हानि को रोकना है। अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि जिले में अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
The Duniyadari: KORBA जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने शनिवार को सख्त कार्रवाई करते हुए सात ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया। प्रशासनिक टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बरपाली क्षेत्र के चिचोली और भैंसामुड़ा रेत घाटों पर छापेमारी की, जहां अवैध रूप से रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान चिचोली घाट से चार तथा भैंसामुड़ा घाट से तीन ट्रैक्टर पकड़े गए। जांच में सामने आया कि वाहनों में रेत परिवहन के लिए आवश्यक रॉयल्टी पर्ची नहीं थी। कई ट्रैक्टर बिना नंबर प्लेट के संचालित हो रहे थे, जबकि चालकों के पास वाहन संबंधी जरूरी दस्तावेज और वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं थे।
प्रशासन ने सभी वाहनों को जब्त कर संबंधित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार मानसून से पहले अवैध रूप से रेत का भंडारण किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिसके बाद यह विशेष अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
The Duniyadari: Bilaspur– छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि भरण-पोषण के मामलों में पत्नी अपने वर्तमान निवास स्थान की फैमिली कोर्ट में याचिका दायर कर सकती है। केवल इस आधार पर कि उसका स्थायी पता किसी अन्य जिले में है, अदालत के अधिकार क्षेत्र पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।
यह फैसला न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ निवासी एक चिकित्सक द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका को खारिज करते हुए दिया। चिकित्सक ने अपनी पत्नी और दो नाबालिग बेटियों की ओर से बिलासपुर फैमिली कोर्ट में दाखिल भरण-पोषण याचिका की सुनवाई पर आपत्ति जताई थी
प्रकरण के अनुसार, वर्ष 2019 में विवाह के बाद दंपती के यहां दो बेटियों का जन्म हुआ। पत्नी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 144 के तहत बिलासपुर फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। महिला ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए तथा पति के कथित अवैध संबंधों का भी उल्लेख किया।
पति की ओर से दलील दी गई कि विवाह सारंगढ़ में हुआ था और पत्नी का मायका भी वहीं है, इसलिए बिलासपुर की अदालत को मामले की सुनवाई का अधिकार नहीं है। उसने यह भी कहा कि वह शारीरिक रूप से दिव्यांग है और उसे परेशान करने की नीयत से बिलासपुर में मामला दर्ज कराया गया है।
वहीं पत्नी ने अदालत को बताया कि वह वर्तमान में बिलासपुर जिले के लगरा क्षेत्र में किराये के मकान में रह रही है। इसके समर्थन में उसने आवश्यक दस्तावेज भी पेश किए। हाईकोर्ट ने दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद माना कि महिला वास्तव में बिलासपुर में निवास कर रही है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यदि कोई महिला किसी स्थान पर वास्तविक रूप से निवास कर रही है, तो उसे वहां की सक्षम फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण का दावा प्रस्तुत करने का अधिकार है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने चिकित्सक की याचिका खारिज कर दी और बिलासपुर फैमिली कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को सही ठहराया।
The Duniyadari : Raigarh- महिला सुरक्षा और शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए चलाए जा रहे पुलिस के विशेष अभियान “संवेदना” के तहत एक युवक के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। मामला खरसिया क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक युवती ने युवक पर शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में दूसरी महिला से विवाह करने का आरोप लगाया है।
पुलिस के अनुसार, घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब एक 45 वर्षीय महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा की मांग की। महिला ने बताया कि उसने हाल ही में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी सलीम नामक युवक से मंदिर में विवाह किया है, जिसके चलते उसके परिजन नाराज हैं और उसे घर में प्रवेश नहीं करने दे रहे हैं। इस आवेदन की जांच चल ही रही थी कि मामले ने नया मोड़ ले लिया।
इसी बीच खरसिया की 28 वर्षीय युवती ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर सलीम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। युवती का आरोप है कि कोरोना काल के दौरान आरोपी से उसकी पहचान हुई थी। युवक ने विवाह का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए और उसे अपने परिवार से मिलवाने के नाम पर दिल्ली भी ले गया। लंबे समय तक शादी का आश्वासन देने के बाद उसने दूरी बनानी शुरू कर दी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि बाद में उसे पता चला कि सलीम किसी दूसरी महिला के संपर्क में है और उससे भी विवाह का वादा कर रहा है। कुछ समय बाद उसे जानकारी मिली कि आरोपी ने उसी महिला से मंदिर में शादी कर ली है। इसके बाद युवती ने अपने साथ धोखे और शोषण की शिकायत पुलिस से की।
युवती ने यह भी दावा किया है कि आरोपी कई अन्य महिलाओं और युवतियों से मोबाइल फोन के जरिए लगातार संपर्क में रहता था। उसके मोबाइल में कई महिलाओं के साथ हुई चैटिंग और संदेशों के रिकॉर्ड होने की बात भी सामने आई है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर महिला थाना और कोतरारोड़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। बाद में उसे खरसिया पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया, जहां शिकायत के आधार पर दुष्कर्म समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
The Duniyadari: कोरिया जिले में जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक 13 जुलाई को आयोजित की जाएगी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक दोपहर 12:30 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में होगी।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रेणुका सिंह, उपाध्यक्ष वेंदाती तिवारी, सभी जिला पंचायत सदस्यों, जनपद पंचायत अध्यक्षों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। अधिकारियों से निर्धारित समय पर उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है।
सामान्य सभा की इस बैठक में जिला पंचायत के आय-व्यय का परीक्षण, पूर्व बैठकों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा, जिला पंचायत निधि से जुड़े विषयों पर चर्चा तथा 15वें वित्त आयोग के तहत संचालित कार्यों की प्रगति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा अध्यक्ष की अनुमति से अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को भी बैठक के एजेंडे में शामिल किया जा सकेगा।
बैठक के दौरान जिले में संचालित विकास योजनाओं और पंचायत स्तर के कार्यों की प्रगति का भी आकलन किए जाने की संभावना है।