The Duniyadari: रायपुर, 03 जून। छत्तीसगढ़ में राजस्व अधिकारियों का आंदोलन बुधवार से और तेज हो गया। मैनपाट क्षेत्र में एक नायब तहसीलदार के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना के विरोध में तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार सामूहिक धरने पर बैठ गए हैं।
आंदोलन के कारण राज्यभर में राजस्व विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। भूमि नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा तथा अन्य राजस्व मामलों की प्रक्रियाएं धीमी पड़ गई हैं, जिससे आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
राजस्व अधिकारियों के संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि शासन स्तर पर हुई चर्चा में कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। उनका कहना है कि घटना के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस बीच, अधिकारियों के विरोध प्रदर्शन से प्रशासनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है। सरकार पर मामले का शीघ्र समाधान निकालने और राजस्व सेवाओं को सामान्य करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
The Duniyadari: भिलाई– हिमाचल प्रदेश में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने दुर्ग जिले के ग्राम कुथरेल सहित पूरे भिलाई क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। चंबा जिले के दुर्गम साच पास मार्ग पर खाई में गिरी कार में सवार एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। मंगलवार को जब उनके पार्थिव शरीर गांव पहुंचे तो अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे गांव में मातम का माहौल रहा और चारों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
मृतकों में आईटी क्षेत्र से जुड़े अरविंद चंद्राकर, उनकी पत्नी प्राची चंद्राकर और दोनों बेटे दर्श व अक्षद शामिल हैं। अरविंद मूल रूप से कुथरेल गांव के निवासी थे और लंबे समय से बेंगलुरु में नौकरी कर रहे थे। उनके पिता श्यामलाल चंद्राकर भिलाई इस्पात संयंत्र से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। परिवार कुछ समय पहले ही गर्मी की छुट्टियां मनाने अपने पैतृक गांव आया था और करीब पंद्रह दिन परिजनों के साथ बिताने के बाद वापस बेंगलुरु लौट गया था।
परिजनों के अनुसार, दोनों बच्चे अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में भाग लेने हिमाचल प्रदेश गए थे। प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद अरविंद अपने परिवार और मित्र के परिवार के साथ पहाड़ी इलाकों की सैर पर निकले थे। इसी दौरान साच पास क्षेत्र की यात्रा करते समय उनकी टैक्सी देर रात कालावन इलाके के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
बताया जा रहा है कि वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और सड़क से फिसलकर सैकड़ों मीटर गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। राहत और बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला।
हादसे में कुल आठ लोगों की जान गई, जिनमें चार लोग भिलाई के चंद्राकर परिवार से थे। एक साथ चार अर्थियां उठने का दृश्य देखकर गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग भावुक हो उठे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
The Duniyadari: Raipur- राजधानी में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए रायपुर पुलिस ने मध्य जोन में विशेष अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। अभियान के दौरान फरार वारंटियों, आदतन अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। पुलिस की इस मुहिम में एक सप्ताह के भीतर 154 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, अभियान के दौरान 61 स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटियों को पकड़कर न्यायालय में पेश किया गया। वहीं 93 संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में अपराध की संभावनाओं को कम करना और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
थाना स्तर पर हुई कार्रवाई में गंज थाना सबसे आगे रहा, जहां 36 व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा तेलीबांधा में 34, सिविल लाइन में 25, कोतवाली में 19, गोलबाजार में 18, देवेंद्र नगर में 12 और मौदहापारा थाना क्षेत्र में 10 लोगों पर कार्रवाई दर्ज की गई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान तकनीकी संसाधनों, खुफिया सूचनाओं और स्थानीय थानों के बीच बेहतर समन्वय का लाभ मिला। अलग-अलग टीमों को विभिन्न इलाकों में तैनात कर सघन जांच और धरपकड़ अभियान चलाया गया, जिससे लंबे समय से फरार चल रहे कई वारंटियों तक पहुंच बनाई जा सकी।
पुलिस का कहना है कि शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले या आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद शहर में सुरक्षा का माहौल मजबूत होने के साथ अपराधियों में भी पुलिस का भय बढ़ा है।
The Duniyadari:Raigarh जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत झींगाबहाल क्षेत्र में मंगलवार को एक भयावह सड़क दुर्घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत के बाद दो वाहन आग की लपटों में घिर गए, जिससे एक चालक की मौके पर ही जलकर मौत हो गई, जबकि दूसरे चालक की जान स्थानीय लोगों की तत्परता से बचाई जा सकी।
बताया जा रहा है कि दोनों वाहन तेज रफ्तार में थे और टक्कर इतनी भीषण थी कि दुर्घटना के तुरंत बाद उनमें आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और दोनों वाहन पूरी तरह उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और आसपास मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया। इस दौरान एक वाहन चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दूसरे चालक को बचाने का मौका नहीं मिल सका। आग की तीव्रता के कारण वह वाहन में ही फंस गया और उसकी मौत हो गई।
सूचना मिलते ही तमनार पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए बचाव कार्य शुरू कराया। आग बुझाने के लिए जिन्दल उद्योग की दमकल टीम को भी बुलाया गया। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया।
दुर्घटना के चलते कुछ समय तक मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने लोगों को घटनास्थल से दूर रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था संभाली। फिलहाल मृत चालक की पहचान की प्रक्रिया जारी है और हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार को दुर्घटना की संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित किया है।
The Duniyadari: *उपमुख्यमंत्री श्री साव के आतिथ्य में डोंगा नाला में जनसमस्या निवारण शिविर का हुआ आयोजन*
*159 करोड़ से अधिक राशि के विकास कार्याे की दी सौगात*
कोरबा 02 जून 2026/
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने एवं आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु प्रदेश में सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। इसी तारतम्य में आज विकासखण्ड पाली के ग्राम डोंगानाला में सुशासन तिहार के अंतर्गत जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन हुआ।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग तथा नगरीय प्रशासन व विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव शामिल हुए। उन्होंने शिविर में 159 करोड़ 63 लाख 14 हजार की राशि के 18 विकास कार्याे की सौगात दी। जिसके अंतर्गत 153 करोड़ 66 लाख 61 हजार के कुल 8 कार्याे का भूमिपूजन, 5 करोड़ 96 लाख 53 हजार के 10 विकास कार्याे का लोकार्पण शामिल है। उन्होंने जिलेवासियों को विकास कार्याे के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायक पाली तनाखार श्री तुलेश्वर मरकाम, विधायक कटघोरा श्री प्रेमचंद पटेल, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती माया रूपेश कंवर, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, नगर पंचायत अध्यक्ष पाली श्री अजय जायसवाल, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्री लखन पटले, वनमण्डलाधिकारी कटघोरा श्री कुमार निशांत, डीएफओ कोरबा श्रीमती प्रेमलता यादव, निगमायुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश को तेजी से आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार द्वारा विकास के कार्यों को दुगनी गति से पूरा किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि सरकार गठन के साथ ही 18 लाख पीएम आवास निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार द्वारा 2 साल के धान का बकाया बोनस, 3100 रुपए प्रति क्विंटल व 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी कर किसानों का मान बढ़ाया। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। अब महिलाएं लखपति दीदी बनकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है।
उन्होंने कहा कि कोरबा जिला सहित पाली तानाखार क्षेत्र में विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। पाली तानाखार विधानसभा में सभी प्रकार के निर्माण व अन्य प्रशासनिक काम तेजी से हो रहा है। अनेक विकास कार्याे के लिए डीएमएफ से पर्याप्त राशि क्षेत्र को मिल रहा है। श्री साव ने कहा सरकार द्वारा प्रत्येक व्यक्ति की चिंता की जा रही है, इस हेतु जनता की समस्याओं का जनता के द्वार पर समाधान कर लाभ दिलाने शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में विभागीय अधिकारी उपस्थित होकर आमजनों को योजनाओं की जानकारी प्रदान कर रहे एवं उनकी समस्याओं का निराकरण भी कर रहे। इससे अधिकारियों की जनता के प्रति जवाबदेही बढ़ी है। साथ ही लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने नही पड़ रहे। उन्होंने आमजनों से योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।
कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि सरकार जनता के हित मे लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर विकास की नई ऊंचाईयों में पहुचाने का काम कर रही है। 01 मई से जगह जगह सुसाशन तिहार का आयोजन कर आमजनों को राहत पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही सरकार के कार्याे का फीडबैक भी लिया जा रहा। सरकार द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े लोगो को मुफ्त राशन, टेपनल के माध्यम से हर घर जल, शौचालय , सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है। श्री देवांगन ने कहा कि शिविरों में आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। जिससे कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाना नहीं पड़ रहा। श्री देवांगन ने डीएमएफ राशि के उपयोग की सुविधा देने हेतु प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री साय का धन्यवाद देते हुए कहा कि जिले में डीएमएफ की राशि से लगातार पिछड़े क्षेत्रों व आवश्यक स्थानों में अनेक पुल, पुलिया, सड़क, भवन सहित अन्य आवश्यक चीजों का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन व अधोसंरचना सुविधा का तेजी से विकास हुआ है। आगे भी शासन प्रशासन द्वारा जनहित में सदैव कार्य किया जाएगा।
विधायक पाली तानाखार श्री मरकाम ने कहा कि लोगों को कार्यालयों का चक्कर लगाने की परेशानी से बचाने के लिए शिविरों का आयोजन हो रहा है। जहां जिला व खण्ड स्तरीय अधिकारी उपस्थित होकर आमजनो की समस्याओं को गम्भीरता से सुनते व निराकृत करते है। ऐसे आयोजनों से आम जनता का शासन पर विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने बताया कि पाली तानाखार विधानसभा में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। डीएमएफ से स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, पीडीएस भवन , पुल-पुलिया निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिससे दूर दराज के लोगों को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।
कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि राज्य शासन के मंशानुरूप प्रशासन द्वारा आमजनों की परेशानियों का समाधान एवं योजनाओं से लाभान्वित करने जिले में नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जा रहे है। शिविरों में विभागीय अधिकारी आमजनों की समस्याओं की गम्भीरता से सुनते है एवं उन्हें विभागीय योजनाओं से लाभांवित करते है। शिविरों में प्राप्त आवेंदनो में से निराकरण योग्य आवेदनों का मौके पर ही समाधान कर ग्रामीणों को लाभ दिलाया जा रहा है। साथ ही मांग एवं शिकायत से सम्बन्धित आवेंदनो का पूर्ण परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। जिला खनिज संस्थान न्यास मद से अनेक जनहित के कार्य को गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है।
*उपमुख्यमंत्री श्री साव ने की अनेक विकास कार्याे की घोषणा*
शिविर में क्षेत्र की समस्याओं के समाधान हेतु उपमुख्यमंत्री श्री साव द्वारा अनेक विकास कार्याे का घोषणा भी गई जिसमें प्रमुख रूप से पाली ब्लाक के मुनगाडीह व दमिया में स्कूल भवन निर्माण, दमिया में आंगनबाड़ी भवन, पाली के स्वामी आत्मानंद विद्यालय के लिए भवन हेतु 3 करोड़ की राशि,
डोंगानाला पंचायत के लिए पंचायत भवन हेतु 20 लाख, डोंगानाला में नहर मरम्मत की स्वीकृति, चाकाबुड़ा में कोनार नाला में नया पुल एवं कोराई नाला में नया पुलिया निर्माण की स्वीकृति, डोंगानाला में सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख, गणेशपुर से बांका मार्ग में पुलिया निर्माण हेतु 15 लाख ,
बक्साही में सीसी रोड निर्माण हेतु 10 लाख, प्राथमिक शाला मांझी पारा में अहाता निर्माण हेतु 20 लाख की स्वीकृति की घोषणा की।
*शिविर में 1552 आवेदन हुए प्राप्त, 547 आवेंदनो का हुआ त्वरित निराकरण’*
*विभागीय योजनाओं से आमजनों को किया गया लाभांवित*
शिविर में विभिन्न विभागों को आमजनों से अपनी समस्याओं मांगो व शिकायतो से सम्बंधित कुल 1552 आवेदन प्राप्त हुए। जिसमें कुल 547 आवेंदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया एवं शेष आवेंदनों की जांच कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
शिविर में उपमुख्यमंत्री श्री साव सहित अन्य अतिथियों द्वारा विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया। जिसमें डोंगानाला की माँ गायत्री स्व सहायता समूह की महिलाओं को एनआरएलएम के तहत 10 लाख लोन की स्वीकृति आदेश वितरित किया गया। कृषि विभाग द्वारा बकसाही के श्री बून्द राम मरकाम व खैरा डुबान के कृष्णा सिंह को 7-7 एच पी का पावर वीडर, बकसाही के शशि टेकाम को 3 एचपी का पेट्रोल चलित पंप एवं 2 हितग्राहियों को ढेंचा बीज प्रदान किया गया। इसी प्रकार खाद्य विभाग द्वारा अनेक हितग्राहियों को राशन कार्ड , जनपद पंचायत विभाग से पेंशन स्वीकृति, समाज कल्याण विभाग द्वारा सहायक उपकरण व ट्राय सायकिल, राजस्व विभाग द्वारा डिजिटल किसान किताब, वन विभाग द्वारा वन अधिकार पट्टा, एवं 14 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, मत्स्य विभाग द्वारा एक हितग्राही को मत्स्य जाल व आइस बॉक्स प्रदान किया गया।
सुशासन तिहार 2026 के तहत ग्रामीणों के समस्याओं, मांग एवं शिकायतों के निराकरण और उन्हें शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने व लाभान्वित किये जाने के उद्देश्य से 03 जून को प्रातः 10 बजे से विकासखंड कोरबा के कलस्टर ग्राम बरपाली और करतला के ग्राम कोटमेर में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित की जायेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने विभागीय अधिकारियों को शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिये हैं। साथ ही ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शिविर का लाभ उठाने की अपील की गई है।
The Duniyadari: *डोंगानाला जनसमस्या निवारण शिविर में आवेदन पर हुई त्वरित कार्रवाई, मौके पर मिला ट्राइसाइकिल’*
कोरबा, 02 जून 2026/
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत विकासखंड पाली के ग्राम डोंगानाला में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में संवेदनशील प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मानवीय पहल का प्रेरक उदाहरण देखने को मिला। ग्राम मादन निवासी दिव्यांग युवक श्री कपिल ट्राइसाइकिल की मांग लेकर शिविर में पहुंचा था। मंच पर उपस्थित उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव की नजर जैसे ही उस पर पड़ी, वे स्वयं मंच से उतरकर उसके पास पहुंचे और आत्मीयता से उसकी समस्या सुनी। श्री कपिल ने बताया कि दिव्यांगता के कारण उसे आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने तत्काल अधिकारियों को आवश्यक समाधान के निर्देश दिए। जिला प्रशासन की तत्परता से कुछ ही समय में उन्हें ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी गई। ट्राइसाइकिल मिलने पर उनके के चेहरे पर खुशी लौट आई। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनका आवागमन सुगम होगा और वे अपने दैनिक कार्य अधिक आत्मनिर्भरता के साथ कर सकेंगे।
किसानों को उनकी खेती और अन्य आवश्यकताओं के लिए लचीली और सरल प्रक्रियाओं के साथ एकल खिड़की के तहत बैंकिंग प्रणाली से पर्याप्त और समय पर कृषि ऋण सहायता प्रदान करने, फसलों की खेती के लिए अल्पकालिक ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने, फसल कटाई के बाद के खर्च हेतु, विपणन ऋण हेतु, किसान परिवार की उपभोग आवश्यकताएँ, कृषि परिसंपत्तियों और कृषि से संबंधित गतिविधियों के रखरखाव के लिए कार्यशील पूंजी, कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए निवेश ऋण की आवश्यकता को पूर्ण करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड योजना का शुभारंभ वर्ष 1998 में किया गया।
छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी नीतियों के तहत कोरबा जिले में किसानों को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना का सुचारू संचालन किया जा रहा है। कोरबा जिले में 60 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का एक मजबूत नेटवर्क कार्यरत है। इन समितियों के माध्यम से जिले के 55 हजार 841 किसान क्रेडिट कार्ड धारक सीधे जुड़े हुए हैं। समितियों द्वारा किसानों को खरीफ और रबी फसलों के लिए खाद, उन्नत बीज और नगद ऋण का वितरण बिना किसी ब्याज के समय पर सुनिश्चित किया जा रहा है। जिले के पंजीकृत किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। अब किसान क्रेडिट कार्ड का दायरा केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है। शासन के निर्देशानुसार कोरबा जिले में इसका विस्तार अन्य कृषि-संबद्ध क्षेत्रों यथा पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी में भी किया गया है। डेयरी व्यवसाय, बकरी पालन और कुक्कुट पालन के लिए पशुपालकों को कार्यशील पूंजी हेतु केसीसी की सुविधा दी जा रही है। मछली पालकों को तालाब पट्टा, जाल, चारा और नाव जैसी तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। फल, सब्जी और मसालों की खेती करने वाले जिले के उद्यानिकी किसानों को भी इस योजना के तहत कवर किया जा रहा है।
*के.सी.सी. का लाभ*
किसान क्रेडिट कार्ड (के.सी.सी.) के तहत ऋण सीमा खेती के क्षेत्रफल, फसल की लागत और किसान की आवश्यकताओं के आधार पर तय की जाती है। पहले वर्ष की सीमा में फसल खर्च के साथ घरेलू जरूरतों, रखरखाव और बीमा के लिए अतिरिक्त राशि शामिल होती है।दूसरे से पाँचवें वर्ष तक लागत बढ़ने की संभावना को देखते हुए हर वर्ष लगभग 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीमा जोड़ी जाती है। भूमि विकास, सिंचाई, कृषि उपकरण और अन्य कृषि गतिविधियों के लिए अलग से सावधि (टर्म) ऋण दिया जा सकता है। कुल के.सी.सी. सीमा में अल्पकालिक फसल ऋण और दीर्घकालिक निवेश ऋण दोनों शामिल होते हैं। बैंक किसान की पुनर्भुगतान क्षमता के अनुसार ऋण सीमा तय करता है और आवश्यकता होने पर अतिरिक्त जमानत भी मांग सकता है।
*पात्रता-*
किसान क्रेडिट कार्ड हेतु व्यक्तिगत/संयुक्त उधारकर्ता जो मालिक कृषक हैं, किरायेदार किसान, मौखिक पट्टेदार और फसल साझा करने वाले, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) या किसानों के संयुक्त देयता समूह (जेएलजी) जिनमें किरायेदार किसान, साझा फसल आदि कृषक पात्र ता की श्रेणी में शामिल हैं।
*आवेदन की प्रक्रिया -*
पात्र कृषक अपने नजदीकी बैंक शाखा अथवा सहकारी समितियों में जाकर आवश्यक दस्तावेजों सहित के.सी.सी. प्रपत्र भरकर आवेदन कर सकते है। आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज़ जैसे पासपोर्ट आकार की दो फोटो, पहचान पत्र जैसे ड्राइविंग लाइसेंस/आधार कार्ड/मतदाता पहचान पत्र/पासपोर्ट, पते का प्रमाण जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, राजस्व अधिकारियों द्वारा विधिवत प्रमाणित भूमि स्वामित्व का प्रमाण, रकबे के साथ फसल पैटर्न (उगाई गई फसलें), 60 लाख/3 लाख रुपये से अधिक की ऋण सीमा के लिए प्रतिभूति दस्तावेज, जैसा भी लागू हो, मंजूरी के अनुसार कोई अन्य दस्तावेज जमा करना पडे़गा।
*किसानों से अपीलः-*
कृषि विभाग के उप संचालक श्री डी.पी.एस. कंवर ने जिलें के सभी पात्र किसानों से अपील की है कि राज्य शासन के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर की मंशानुरूप जिले के सभी शेष कृषक, पशुपालकों और मछली पालकों से अपील है कि वे अपने नजदीकी सहकारी समिति या बैंक शाखा में संपर्क कर अपना किसान क्रेडिट कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाएं और शासन की शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।ताकि किसानों को उनकी खेती और अन्य आवश्यकताओं के लिए सुगम कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा सके।
*खरीफ 2026 में ऋण वितरण की प्रगति-*
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, बिलासपुर नोडल क्षेत्र जिला-कोरबा (छ.ग.) से प्राप्त जानकारी अनुसार खरीफ वर्ष 2026 अंतर्गत जिलें में अब तक 5312 पंजीकृत कृषक सदस्यों को नगद राशि रूपये 2863.91 लाख, खाद राशि रूपये 7.66 लाख, इस प्रकार कुल राशि रूपये 2871.57 लाख का ऋण वितरण किया जा चुका है। जिसमें 354 नवीन कृषकों को कुल राशि रू. 213.61 लाख का ऋण वितरण शामिल है।
The Duniyadari: *नैनो उर्वरकों के उपयोग से बढ़ी उत्पादकता, किसान महेंद्र सिंह राजपूत ने बताई खेती की सफलता*
कोरबा, 02 जून 2026/
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई दे रहा है। किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से कृषकों में विश्वास और संतोष का वातावरण बना है। कोरबा जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खाद एवं बीज की सरल, सहज और सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वे आगामी खरीफ सीजन की तैयारियां समय पर कर पा रहे हैं।
इसी क्रम में कोरबा जिले के ग्राम छुरीकला निवासी कृषक श्री महेंद्र सिंह राजपूत भी शासन की किसान हितैषी व्यवस्थाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। कृषि उनके परिवार की परंपरागत आजीविका का प्रमुख साधन है। लगभग 15 एकड़ कृषि भूमि के स्वामी श्री राजपूत वर्षों से धान की खेती करते आ रहे हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत वे सहकारी समिति छुरीकला पहुंचे, जहां उन्हें आवश्यक खाद एवं बीज आसानी से उपलब्ध हो गया।
श्री महेंद्र सिंह राजपूत बताते हैं कि खेती का मौसम शुरू होते ही किसान कृषि कार्यों की तैयारियों में जुट जाते हैं। ऐसे समय में खाद और बीज की समय पर उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सहकारी समिति में खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण किया गया है तथा किसानों को व्यवस्थित रूप से सामग्री वितरित की जा रही है। इससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इन उर्वरकों के उपयोग से फसल की वृद्धि बेहतर हुई है तथा उत्पादन में भी सुधार देखने को मिला है। साथ ही रासायनिक उर्वरकों की तुलना में नैनो उर्वरकों के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
श्री राजपूत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं। खाद-बीज की उपलब्धता, कृषि आदानों का सुचारू वितरण तथा किसानों के हित में संचालित योजनाओं से खेती करना पहले की अपेक्षा अधिक सुविधाजनक हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से किसानों को खेती-किसानी में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास मिला है। किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे ये प्रयास न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
The Duniyadari: *नवीन कार्यालय भवनों से सुदृढ़ हुई राजस्व सेवाएं, नागरिकों को मिल रही बेहतर सुविधाएं*
*भैंसमा, बरपाली, दीपका, पसान एवं पाली में नए कार्यालय...