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कोरबा में घर सूना पाकर चोरी, 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार — दो नाबालिग भी पकड़े गए, सामान बरामद

The Duniyadari: कोरबा- जिले में सूने मकान को निशाना बनाकर चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है, जबकि दो नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया सामान भी बरामद कर लिया गया है, जिसकी कीमत लगभग 15 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस अन्य फरार साथियों की तलाश में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार, पीपरपारा कोहड़िया निवासी हंसराज खाण्डे अपने परिवार के साथ 1 अप्रैल से 6 अप्रैल 2026 के बीच विवाह कार्यक्रम में शामिल होने बाहर गए हुए थे। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और नकदी, करीब 35 किलो चावल, गैस सिलेंडर तथा स्पाइस कंपनी का होम थिएटर चोरी कर लिया।

घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।

पुलिस ने इस मामले में बरपारा कोहड़िया निवासी गणेश चौहान उर्फ राहुल (19 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा दो विधि से संघर्षरत नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया। आरोपियों के कब्जे से गैस सिलेंडर, नकदी, स्पाइस कंपनी का होम थिएटर और वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा स्कूटी (क्रमांक CG 12 BM 4607) जब्त की गई है।

पुलिस ने बताया कि चोरी किया गया गैस सिलेंडर एक नाबालिग के घर से बरामद हुआ, जहां परिवार को गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा था। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि वह सिलेंडर किसी अन्य व्यक्ति से लाया था।

सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। वहीं, मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

इस कार्रवाई में उप निरीक्षक अजय साहू, सहायक निरीक्षक रवि शर्मा और क्षेत्रीय गश्ती दल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने आम नागरिकों से घर खाली छोड़ने से पहले सुरक्षा के उचित इंतजाम करने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।

10 अप्रैल 2026 राशिफल (शुक्रवार): सभी 12 राशियों का राशिफल

♈ मेष राशि

आज मन शांत रहेगा और आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। नए लोगों से संपर्क लाभ देगा। कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे सफलता मिलेगी।

शुभ रंग: लाल

शुभ अंक: 9

♉ वृषभ राशि

दिन थोड़ा धीमा रह सकता है। काम में रुकावट या देरी हो सकती है। धैर्य रखें और अनावश्यक बहस से बचें।

शुभ रंग: सफेद

शुभ अंक: 6

♊ मिथुन राशि

आय बढ़ने के संकेत हैं। जिम्मेदारियां बढ़ेंगी लेकिन मेहनत का फल मिलेगा। मानसिक तनाव से बचें।

शुभ रंग: हरा

शुभ अंक: 5

♋ कर्क राशि

कामकाज में पहचान मिलेगी। परिवार में संतुलन बनाए रखें। खर्च बढ़ सकता है।

शुभ रंग: क्रीम

शुभ अंक: 2

♌ सिंह राशि

आज प्रगति के अवसर मिलेंगे। नौकरी और व्यापार में लाभ संभव है। नए काम की शुरुआत कर सकते हैं।

शुभ रंग: सुनहरा

शुभ अंक:

♍ कन्या राशि

खर्चों पर नियंत्रण रखें। कार्यक्षेत्र में मेहनत का फल मिलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

शुभ रंग: हरा

शुभ अंक: 7

♎ तुला राशि

वाणी पर नियंत्रण रखें। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसला लें। �

शुभ रंग: नीला

शुभ अंक: 4

♏ वृश्चिक राशि

आज संवाद और संपर्क बढ़ेंगे। घर-परिवार और कार्यक्षेत्र में संतुलन जरूरी है। �

शुभ रंग: लाल

शुभ अंक: 8

♐ धनु राशि

संवाद कौशल से लाभ मिलेगा। नौकरी-व्यापार में सकारात्मक बदलाव संभव।

शुभ रंग: पीला

शुभ अंक: 3

♑ मकर राशि

नई शुरुआत के योग हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और लक्ष्य पूरे होंगे।

शुभ रंग: नीला

शुभ अंक: 10

♒ कुंभ राशि

नेटवर्किंग से लाभ मिलेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है।

शुभ रंग: बैंगनी

शुभ अंक: 11

♓ मीन राशि

करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। ध्यान केंद्रित रखें और खर्चों पर नियंत्रण करें। �

शुभ रंग: पीला

शुभ अंक: 12

निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त सरकार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी कार्रवाई की चेतावनी

The Duniyadari: रायपुर- प्रदेश में निजी स्कूलों द्वारा बढ़ती मनमानी को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार किसी भी हाल में निजी स्कूलों की मनमानी को बर्दाश्त नहीं करेगी और अभिभावकों के हितों की रक्षा प्राथमिकता रहेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यदि किसी निजी स्कूल के खिलाफ शिकायत मिलती है और जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित संस्थान पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभिभावकों पर किसी तरह का अनावश्यक दबाव बनाना या अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य अभिभावकों और विद्यार्थियों को संतुलित व न्यायसंगत शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

पुलिस हिरासत में आरोपियों की रीलबाज़ी, जिला अस्पताल परिसर का वीडियो वायरल

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The Duniyadari:रायपुर-राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया पर रील बनाने का ट्रेंड अब अपराधियों तक पहुंच गया है। ताजा मामला पंडरी स्थित जिला अस्पताल से सामने आया है, जहां पुलिस हिरासत में मौजूद कुछ आरोपियों का रील बनाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आरोपी मेडिकल जांच के बाद बाहर निकलते समय कैमरे के सामने स्टाइल मारते और खुद को ‘डॉन’ की तरह पेश करते दिखाई दे रहे हैं।

बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पुलिस वाहन में बैठते समय भी मोबाइल कैमरे के सामने अभिनय करते हुए वीडियो शूट किया। वीडियो कथित तौर पर “निलेश किंग” नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया गया है, जिसमें “गजनी डॉन बोलते खरोरा शहर में” जैसी कैप्शन लाइन लिखी गई है। पुलिस की मौजूदगी में आरोपियों की यह हरकत अब कानून-व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।

आमतौर पर पुलिस हिरासत में आरोपियों के मोबाइल फोन पर रोक होती है और उनकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है। ऐसे में खुलेआम रील बनाना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के वीडियो युवाओं पर गलत प्रभाव डाल सकते हैं और अपराध को ग्लैमराइज करने का काम करते हैं।

मामले के सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों के पास मोबाइल फोन कैसे पहुंचा और किन परिस्थितियों में वीडियो बनाया गया। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने राजधानी में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करने वाले और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

सर्पदंश मुआवजा घोटाला: 15 फर्जी मामलों में 70 लाख की वसूली, जांच तेज

The Duniyadari: बिलासपुर- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सर्पदंश से मौत के नाम पर मुआवजा लेने का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि मृतकों के परिजन, कुछ वकील और डॉक्टरों की मिलीभगत से करीब 15 मामलों में झूठी रिपोर्ट तैयार कर शासन से लगभग 70 लाख रुपए की राशि निकाल ली गई। अब पूरे मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों पर एफआईआर दर्ज होने की संभावना जताई जा रही है।

एसएसपी रजनेश सिंह ने सात थानों के थाना प्रभारियों को विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस अब पुराने मर्ग प्रकरणों को दोबारा खोलकर घर-घर जाकर सत्यापन करेगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौत वास्तव में सर्पदंश से हुई थी या दस्तावेजों में हेरफेर कर फर्जी दावा किया गया।

दरअसल, राज्य सरकार की योजना के तहत सांप के काटने से मौत होने पर मृतक के परिजनों को राज्य आपदा मोचन निधि से 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसी योजना का फायदा उठाकर जालसाजों ने सरकारी खजाने को करीब 68 से 70 लाख रुपए का नुकसान पहुंचाया।

जिला प्रशासन की शुरुआती जांच में 17 संदिग्ध मामलों की पहचान हुई है। इनमें सरकंडा, सिटी कोतवाली, तोरवा और कोनी समेत कई थानों से जुड़े प्रकरण शामिल हैं। पुलिस अब सभी मामलों की मर्ग डायरी फिर से खोलकर जांच कर रही है।

रसूखदारों की मिलीभगत का अंदेशा

इस पूरे मामले में विभागीय अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि जांच आगे बढ़ने पर बड़े स्तर पर सिंडिकेट का खुलासा हो सकता है।

मंत्री ने दिए थे जांच के निर्देश

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी मामले की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि सर्पदंश के मामलों में गांव स्तर पर जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा था कि सांप के काटने से मौत की जानकारी पूरे गांव में होती है, ऐसे में फर्जी मामलों की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

विधानसभा में भी उठा मामला

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने भी इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया था। उन्होंने बताया कि नागलोक तपकरा क्षेत्र में एक वर्ष में 100 से कम सर्पदंश के मामले सामने आए, जबकि बिलासपुर जिले में इसी अवधि में 481 मामलों में मुआवजा वितरित किया गया, जो संदेह पैदा करता है।

एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि अब तक की जांच में तीन मामलों में फर्जी दस्तावेज और अधिकारियों के हस्ताक्षर पाए गए हैं। इन मामलों में जल्द ही अपराध दर्ज कर दोषियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

जनगणना 2027 : स्व-गणना 16 से 30 अप्रैल तक, कलेक्टर कुणाल दुदावत ने दिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

The Duniyadari: कोरबा 09 अप्रैल 2026/

कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत स्व-गणना का कार्य 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक किया जाना निर्धारित है। इस संबंध में जिले में विभिन्न माध्यमों से जागरूकता और प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

कोरबा जिले के नागरिकों से अपील की गई है कि वे भारत सरकार, गृह मंत्रालय, जनगणना निदेशालय द्वारा विकसित एचएलओ एप्प के माध्यम से अपनी स्व-गणना स्वयं करें। एचएलओ एप में कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर से साइन इन कर जनगणना से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देकर जानकारी दर्ज कर सकता है। विवरण सबमिट करने के बाद प्राप्त होने वाला रिफरेन्स नम्बर प्रगणक को मकान सूचीकरण अवधि 01 मई से 30 मई 2026 के दौरान सत्यापन के लिए उपलब्ध कराना होगा। इस प्रक्रिया से परिवारों का मकान सूचीकरण और मकानों की गणना कम समय में पूर्ण हो सकेगी।

डिजिटल माध्यम से जनगणना करने पर सरकार को अधिक सटीक और गुणवत्तापूर्ण आंकड़े प्राप्त होंगे। स्व-गणना के दौरान नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जिले के सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अधिकाधिक नागरिकों को एचएलओ एप्प के माध्यम से स्व-गणना करने के लिए प्रेरित करें। जनगणना जनसांख्यिकी, आर्थिक गतिविधि, साक्षरता और शिक्षा, आवास और घरेलू सुविधाएं, शहरीकरण, प्रजनन, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, भाषा, धर्म, प्रव्रजन, दिव्यांगता सहित अनेक सामाजिक और सांख्यिकी आंकड़ों का सबसे विश्वसनीय स्रोत है।

जनगणना के आंकड़े कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के समुचित वितरण और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन कार्य के लिए आधार बनते हैं। जनगणना 2027 दो चरणों में संचालित होगी। प्रथम चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना वर्ष 2026 में होगी, जिसमें मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और परिसंपत्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाएं संकलित की जाएंगी। यही आगे की जनसंख्या गणना के ढांचे का आधार बनती हैं।

द्वितीय चरण वर्ष 2027 में जनसंख्या की गणना का है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति का विवरण एक निश्चित संदर्भ दिनांक और समय के अनुसार दर्ज किया जाएगा।

जनगणना 2027 में सेंसस 2027-एचएलओ मोबाइल एप का उपयोग करते हुए डिजिटल डेटा संग्रहण एक बड़े परिवर्तन के रूप में शामिल किया गया है। इस बार पहली बार स्व-गणना की सुविधा भी आरंभ की जा रही है। प्रगणकों को स्व-गणना के माध्यम से भरे गए डाटा की जाँच कर पुष्टिकरण सुनिश्चित करना होगा।

कलेक्टर ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे स्व-गणना प्रक्रिया में अधिक से अधिक भाग लेकर इसे सफल बनाएं।

महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का ई-केवाईसी अनिवार्य, कलेक्टर ने समय पर प्रक्रिया पूर्ण कराने की अपील की

The Duniyadari: *ई-केवाईसी पूरी तरह निःशुल्क है, अतः किसी भी प्रकार का शुल्क न दें*

कोरबा 09 अप्रैल 2026/

राज्य शासन के निर्देशानुसार महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पंजीकृत सभी हितग्राहियों का ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है। योजना का लाभ प्राप्त कर रही सभी पात्र महिलाएं यह सुनिश्चित करें कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना ई-केवाईसी अवश्य पूर्ण करा लें।

ई-केवाईसी की प्रक्रिया 30 जून 2026 तक शिविरों के माध्यम से की जाएगी। जिन हितग्राहियों का ई-केवाईसी इस अवधि में पूर्ण नहीं हो पाएगा, उनके लिए 01 जुलाई 2026 से 31 अगस्त 2026 तक संबंधित परियोजना कार्यालयों में विशेष व्यवस्था की जाएगी।

ई-केवाईसी के माध्यम से हितग्राहियों की पहचान एवं विवरण का सत्यापन किया जाएगा, जिससे योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शी एवं सुचारू रूप से पहुंचाया जा सके। यदि कोई हितग्राही निर्धारित समयावधि में ई-केवाईसी नहीं कराता/कराती है, तो भविष्य में मिलने वाले लाभ से वंचित किया जा सकता है अथवा भुगतान अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।

जिले के सभी हितग्राहियों से अपील की गई है कि वे अपने निकटतम निर्धारित केंद्र जैसे सीएससी, लोक सेवा केंद्र या आंगनवाड़ी केंद्र में जाकर आवश्यक दस्तावेजों सहित समय पर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करें, ताकि योजना का लाभ निरंतर मिलता रहे।

*महत्वपूर्ण जानकारी*

महिला एवं बाल विकास के कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि ई-केवाईसी पूरी तरह निःशुल्क है, अतः किसी भी प्रकार का शुल्क न दें। हितग्राही आधार कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर आएं। 30 जून 2026 तक शिविरों में ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक संबंधित परियोजना कार्यालयों में ई-केवाईसी की विशेष व्यवस्था की जाएगी। गलत जानकारी प्रदान करने पर नियमानुसार कार्यवाही की जा सकती है।

सभी हितग्राहियों से अनुरोध किया गया है कि वे समय पर अपना ई-केवाईसी अवश्य कराएं और सुनिश्चित करें कि उनके सभी विवरण सही और अद्यतन हों। अधिक जानकारी एवं सहायता के लिए अपने निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र या परियोजना कार्यालय से संपर्क करें।

रुमगरा निवासी दिव्यांग मदन दास को मिली बैटरी चालित ट्राइसाइकिल, मिला आवागमन का सशक्त साधन

The Duniyadari: कोरबा 09 अपै्रल 2026/

प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संवेदनशील नेतृत्व एवं जिला प्रशासन कोरबा के सतत प्रयासों से दिव्यांगजनों के जीवन को सुगम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग द्वारा जरूरतमंद हितग्राहियों को सहायक उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं।

कोरबा जिले के रुमगरा निवासी 55 वर्षीय दिव्यांग श्री मदन दास, पिता श्री छेदी दास, जो लंबे समय से चलने-फिरने में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे, अब उन्हें राहत मिली है। श्री मदन दास अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए बगीचे में पानी देने जैसे कार्य करते हैं। तीन बच्चों के पिता होने के कारण उन पर परिवार की जिम्मेदारी भी है, लेकिन शारीरिक असुविधा के चलते उन्हें दैनिक कार्यों में काफी परेशानी होती थी।

जिला प्रशासन की पहल पर समाज कल्याण विभाग द्वारा श्री मदन दास को इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल प्रदान की गई है। इस सहायता से अब उनके दैनिक जीवन में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में कठिनाई होती थी, वहीं अब वे आसानी से आवागमन कर पा रहे हैं और अपने कार्यों को अधिक सुगमता से पूरा कर पा रहे हैं।

श्री मदन दास ने बताया कि इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल मिलने से उनके जीवन में नई उम्मीद जगी है। अब वे बिना किसी पर निर्भर हुए अपने कार्य कर सकेंगे, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत एवं जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “यह ट्राइसाइकिल मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब मुझे चलने-फिरने में परेशानी नहीं होगी और मैं अपने काम स्वयं कर पाऊंगा। मैं शासन और प्रशासन का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने मेरे जीवन को आसान बनाने का यह प्रयास किया।

कृषि विभागीय योजनाओं का निरंतर लाभ लेने हेतु एग्रीस्टैक पोर्टल में कराएं फार्मर रजिस्ट्री

The Duniyadari: कोरबा 09 अप्रैल 2026/

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024 में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन योजना की शुरुआत की गई है। इस मिशन के अंतर्गत एग्रीस्टैक प्रोजेक्ट के माध्यम से देश के सभी किसानों की भूमि का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। प्रत्येक खसरे का फार्म आईडी तथा प्रत्येक कृषक के समस्त खसरों का 11 अंकों का फार्मर आईडी तैयार किया जाना अनिवार्य है।

किसान एग्रीस्टैक पोर्टल में खसरा जोड़ने की प्रक्रिया स्व-पंजीकरण, समिति के एग्रीस्टैक लॉगिन या लोक सेवा केंद्र के माध्यम से कर सकते हैं। इसके लिए ऋण पुस्तिका या बी-1, आधार कार्ड तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर आवश्यक है।

एग्रीस्टैक पोर्टल में फार्मर आईडी बनाना विभागीय योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड आदि का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।

किसानों में व्यापक जनजागरूकता के लिए कोटवारों द्वारा मुनादी कराने, ग्राम पंचायतों और समितियों में लंबित किसानों की सूची चस्पा करने तथा कृषक मित्रों के माध्यम से घर-घर सूचना प्रसारित करने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि एवं राजस्व विभाग के मैदानी अमले तथा सीएससी संचालकों के सहयोग से राजस्व पखवाड़ा के तहत विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल में जोड़ने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत जिले के अनेक पात्र हितग्राहियों की अब तक फार्मर आईडी नहीं बन सकी है। अतः सभी पात्र किसानों से अपील है कि वे विशेष शिविरों में उपस्थित होकर अपनी फार्मर आईडी तत्काल बनवाएँ, ताकि योजनाओं का लाभ निरंतर मिलता रहे।

किसान अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र, सहकारी समिति अथवा कृषि विभाग के मैदानी अमले से संपर्क कर पंजीकरण सुनिश्चित करें।

खराब ट्रांसफार्मर नहीं बदलने पर कलेक्टर ने सब इंजीनियर पर कार्यवाही के दिए निर्देश

The Duniyadari: *ग्राम कुरुडीह के ग्रामीणों ने की थी कलेक्टर से शिकायत*

कोरबा, 09 अप्रैल 2026/

ग्राम कुरुडीह के ग्रामीणों ने कलेक्टर कुणाल दुदावत से मिलकर बताया कि उनके गाँव का ट्रांसफार्मर लंबे समय से खराब है। विद्युत विभाग को बार-बार शिकायत देने के बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया, जिससे पूरे गाँव में बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले तीन माह से ट्रांसफार्मर खराब है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सुधार या प्रतिस्थापन की कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों की शिकायत को कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए विद्युत विभाग के ईई श्री रोशन वर्मा को त्वरित आवश्यक निर्देश जारी किए। कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम कुरुडीह में नया विद्युत ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया। लंबे समय तक लापरवाही बरते जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त की और ईई को निर्देशित किया कि भैसमा वितरण केंद्र अंतर्गत सब इंजीनियर के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।