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इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव शिकार का खुलासा, छह आरोपी गिरफ्तार

The Duniyadari: बीजापुर, 21 अगस्त। इंद्रावती टाइगर रिजर्व के नीतिकाकलेर इलाके में वन्यजीवों के अवैध शिकार का मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपियों के पास से वन्यप्राणी का मांस और शिकार में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री जब्त की है। वन विभाग के अनुसार, बरामद मांस प्रथम दृष्टया नीलगाय का प्रतीत हो रहा है।

मुखबिर से मिली जानकारी के बाद कार्रवाई

वन विभाग को पासेवाड़ा परिक्षेत्र के नीतिकाकलेर क्षेत्र में शिकार की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर अधिकारियों ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और जानकारी की पुष्टि के बाद टीम ने 19 अगस्त को योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। इस दौरान छह लोगों को पकड़ा गया।

मांस और शिकार का सामान जब्त

कार्रवाई के दौरान टीम को वन्यप्राणी का मांस मिला। विभाग ने इसे प्रारंभिक जांच में नीलगाय का होने की संभावना जताई है। हालांकि, मांस की प्रजाति की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। इसके अलावा शिकार में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी टीम ने जब्त की है।

न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए आरोपी

गिरफ्तारी के बाद सभी छह आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। अदालत के आदेश पर आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

बारिश के बीच भी जंगल में निगरानी

मानसून के दौरान इंद्रावती टाइगर रिजर्व के दुर्गम इलाकों में गश्त करना काफी चुनौतीपूर्ण रहता है। लगातार बारिश और नदी-नालों में पानी बढ़ने के बावजूद वन विभाग की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं। वन अपराधों की जानकारी जुटाने के लिए मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय रखा गया है।

शिकार नेटवर्क से कनेक्शन की पड़ताल

छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि क्या उनका संबंध किसी बड़े अवैध शिकार नेटवर्क से है। साथ ही इलाके में शिकार से जुड़ी अन्य गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। विभाग ने ग्रामीणों से वन्यजीवों के शिकार या किसी अन्य वन अपराध की जानकारी मिलने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है।

कोरबा में तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को मारी टक्कर, कई घायल; हादसे के बाद लाठी-डंडे लेकर पहुंचे युवक

‏The Duniyadari: कोरबा, 21 अगस्त। बुधवारी बायपास में गुरुवार देर रात तेज रफ्तार कार और ई-रिक्शा के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद ई-रिक्शा सड़क पर पलट गया, जिससे उसमें सवार महिलाओं, एक बच्चे समेत कई लोगों को चोटें आई हैं। एक युवती के पैर में गंभीर चोट लगने की बात सामने आई है। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया।

जोरदार टक्कर से सड़क पर पलटा ई-रिक्शा

बताया जा रहा है कि दोनों वाहन तेज गति से गुजर रहे थे। इसी दौरान कार और ई-रिक्शा की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर का असर इतना ज्यादा था कि ई-रिक्शा पलट गया और उसमें बैठे लोग सड़क पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद करते हुए घायलों को बाहर निकाला और एंबुलेंस को सूचना दी।

ई-रिक्शा चालक के नाबालिग होने का दावा

घटना के बाद ई-रिक्शा चालक को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मौके पर मौजूद कुछ लोगों का दावा है कि ई-रिक्शा नाबालिग चला रहा था। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यदि जांच में यह बात सही साबित होती है, तो नाबालिगों के वाहन चलाने और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।

हादसे के बाद लाठी-डंडे लेकर पहुंचा युवकों का समूह

दुर्घटना के बाद मौके का माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब ई-रिक्शा चालक के परिचित बताए जा रहे करीब 15-20 युवक वहां पहुंच गए। आरोप है कि कुछ युवक अपने साथ लाठी-डंडे भी लेकर आए थे और मौके पर हंगामा करने लगे।

सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी आस्था शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए युवकों से डंडे जब्त किए और उन्हें मौके से हटाया। पुलिस की समय पर कार्रवाई से विवाद को और बढ़ने से रोक लिया गया।

कार पर पुलिस का मोनो और नशे में ड्राइविंग का दावा

दुर्घटना में शामिल कार को लेकर भी कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार पर पुलिस का मोनो लगा था और चालक ने खुद को पुलिसकर्मी बताया। वहीं, चालक के शराब के नशे में होने की चर्चा भी है।

हालांकि, इन दोनों दावों की अभी पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। चालक ने शराब पी थी या नहीं, यह मेडिकल जांच की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

जांच के बाद साफ होगी हादसे की असली वजह

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जांच में दोनों वाहनों के चालकों की पहचान, उनकी उम्र, हादसे के समय वाहन की गति और यातायात नियमों के पालन समेत अन्य बिंदुओं को देखा जाएगा। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाएगी कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन था।

जब ग्रामीणों की आवाज पहले नहीं सुनी, तो अब जनसुनवाई स्थगित होने का श्रेय क्यों?

The Duniyadari: राठौर का मंत्री देवांगन पर तीखा हमला—“जब ग्रामीण मदद मांगने पहुंचे थे तब हाथ खड़े कर दिए, अब उनके संघर्ष का श्रेय लेने की इतनी बेचैनी क्यों?”

कोरबा। मानिकपुर ओपन कास्ट परियोजना के विस्तार के लिए 21 अगस्त को प्रस्तावित पर्यावरणीय जनसुनवाई स्थगित होने के बाद अब इसके श्रेय को लेकर होड़ लगी है। कोरबा जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक लखनलाल देवांगन के 18 अगस्त के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मानिकपुर के प्रभावित ग्रामीण पूरे घटनाक्रम के प्रत्यक्ष गवाह हैं और वे जानते हैं कि उनकी आवाज किसने सुनी और किसने उन्हें निराश किया।

राठौर ने कहा कि 22 जुलाई 2026 को जनसुनवाई की अधिसूचना प्रकाशित होने के बाद प्रभावित आठ गांवों के ग्रामीण अपनी जायज मांगों को लेकर मंत्री देवांगन के पास पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री होने के नाते वे एसईसीएल प्रबंधन और प्रशासन के समक्ष उनका पक्ष मजबूती से रखेंगे। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला और कथित तौर पर यह कहकर निराश किया गया कि अब इस स्तर पर कुछ नहीं हो सकता तथा प्रबंधन जो दे रहा है, उसे स्वीकार कर लेना चाहिए।
राठौर ने सवाल किया कि “जब ग्रामीण समाधान की उम्मीद लेकर मंत्री के पास पहुंचे थे, तब उनकी समस्याओं को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया? और यदि बाद में मंत्री की पहल से जनसुनवाई स्थगित हुई, तो 22 जुलाई से 17 अगस्त के बीच उनके द्वारा की गई ठोस पहल, पत्राचार और बैठकों का विवरण जनता के सामने क्यों नहीं रखा जा रहा?”

मंत्री से निराश ग्रामीणों की आवाज बने जयसिंह अग्रवाल
राठौर ने कहा कि पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने ग्रामीणों की समस्याओं को एसईसीएल के सीएमडी सहित संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया। श्री राठौर ने कहा कि ग्रामीणों की लगातार लामबंदी और पत्राचार के बीच मामला प्रशासन के समक्ष गंभीरता से पहुंचा। इसके बाद कलेक्टर ने ग्रामीणों की मांगों एवं परिस्थितियों को मानवीय दृष्टिकोण से देखते हुए जनसुनवाई स्थगित करने का निर्णय लिया, जिसका प्रकाशन 17 अगस्त को हुआ।

राठौर ने कहा कि यह पहला अवसर नहीं है जब किसी जनसमस्या के निर्णायक मोड़ पर पहुंचने के बाद मंत्री देवांगन की ओर से श्रेय लेने का दावा सामने आया हो। उन्होंने बारबसपुर में प्रस्तावित शराब दुकान का उदाहरण देते हुए कहा कि ग्रामीणों के विरोध और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद दुकान नहीं खोलने का निर्णय हुआ। इसके बाद मंत्री की ओर से भी दुकान नहीं खोलने के निर्देश देने का दावा किया गया।

इसी प्रकार बालको प्रबंधन द्वारा लघु व्यवसायियों को हटाने के नोटिस के मामले में भी प्रभावित व्यवसायियों ने मंत्री से संपर्क किया था लेकिन वहां से निराशा ही उनके हाथ लगी। बाद में जयसिंह अग्रवाल ने मामला जिला प्रशासन के समक्ष उठाया और प्रशासन की सख्ती के बाद स्थिति शांत हुई और बाद में मंत्री की ओर से बालको प्रबंधन को व्यवसायियों को नहीं हटाने के निर्देश देने का दावा किया गया।

राठौर ने कहा कि बरबसपुर, बालको और अब मानिकपुर—तीनों मामलों में जब जनता समस्या लेकर पहुंची थी तब अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई पड़ी, लेकिन जब जनदबाव और प्रशासनिक कार्रवाई निर्णायक मोड़ तक पहुंचती है, तब श्रेय लेने के लिए राजनीतिक हस्तक्षेप का दावा सामने आ जाता है।

अंत में राठौर ने कहा, “मंत्री जी को वास्तव में ग्रामीणों की चिंता है तो श्रेय की राजनीति छोड़कर उनके बीच जाएं, लंबित मांगों के समाधान की लिखित गारंटी दिलाएं और एसईसीएल प्रबंधन को समयबद्ध कार्रवाई के लिए बाध्य करें। जनहित के संघर्ष का श्रेय बयान जारी करने से नहीं, बल्कि संकट के समय जनता के साथ खड़े होने से मिलता है। मानिकपुर के ग्रामीण यह अंतर भली-भांति समझ चुके हैं।”

बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर 21 किलो से ज्यादा गांजा जब्त, महिला समेत दो गिरफ्तार

The Duniyadari: बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में जीआरपी और आरपीएफ को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने स्टेशन परिसर से एक महिला और एक पुरुष को संदिग्ध हालत में पकड़ा। तलाशी के दौरान दोनों के पास मौजूद दो बैगों से गांजे के 10 पैकेट बरामद किए गए। जब्त मादक पदार्थ का वजन 21.058 किलोग्राम निकला, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10.50 लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस के मुताबिक, टीम को सूचना मिली थी कि प्लेटफार्म नंबर 4-5 के हावड़ा छोर पर ओवरब्रिज के नीचे दो लोग गांजे की खेप के साथ मौजूद हैं। सूचना की पुष्टि के बाद जीआरपी और आरपीएफ के जवानों ने इलाके में घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया।

पूछताछ में आरोपियों की पहचान संगीता मिश्रा (43) और सुशील मिश्रा (45) के तौर पर हुई। दोनों बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। उनके सामान की जांच करने पर एक काले रंग के बैग और एक लाल ट्रॉली बैग से गांजे के पैकेट मिले। वजन करने पर कुल मात्रा 21.058 किलो पाई गई।

NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई

मामले में जीआरपी ने बरामद गांजे को जब्त करते हुए दोनों आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत प्रकरण दर्ज किया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

जांच में शुरुआती तौर पर यह जानकारी सामने आई है कि दोनों आरोपी हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस के जरिए गांजे की खेप लेकर बिलासपुर पहुंचे थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मादक पदार्थ की सप्लाई कहां से हुई थी और इसे आगे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही मामले में जुड़े संभावित अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विष्णु प्रसाद यादव सहित जीआरपी और आरपीएफ बिलासपुर के अधिकारियों एवं जवानों की अहम भूमिका रही। रेल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रेलवे मार्ग से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए जांच और कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

 

कोरबा प्रवास: एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल के निवास पहुँचे वन मंत्री केदार कश्यप

The Duniyadari: कोरबा: छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप अपने कोरबा प्रवास के दौरान नगर पालिक निगम कोरबा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं वर्तमान एमआईसी (MIC) सदस्य वरिष्ठ भाजपा नेता श्री हितानंद अग्रवाल के निज निवास निहारिका पहुँचे, यहाँ उन्होंने श्री अग्रवाल और उनके बड़े भाई दिव्यानंद अग्रवाल सहित परिवारजनों से आत्मीय भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना |

इस दौरान वन मंत्री ने हितानंद अग्रवाल के पारिवारिक सदस्यों से बेहद आत्मीयता के साथ बातचीत की। पारिवारिक मुलाकात के बाद वन मंत्री केदार कश्यप ने वहाँ उपस्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ पदाधिकारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। इस अनौपचारिक बैठक में कार्यकर्ताओं के साथ संगठन की गतिविधियों, क्षेत्र के विकास और विभिन्न स्थानीय विषयों पर सकारात्मक एवं आत्मीय संवाद हुआ।मुलाकात के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। इस अवसर पर भाजपा के कई प्रमुख नेता, कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

कोरबा में देर रात दो सड़क हादसे, गौवंश की मौत से लेकर कई लोगों के घायल होने तक मचा हड़कंप

The Duniyadari: उरगा में कार की टक्कर से तीन गौवंश की मौत, बुधवारी बायपास पर कार-ई-रिक्शा भिड़ंत में महिलाएं और बच्चा घायल; दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी

कोरबा। जिले में गुरुवार रात सड़क दुर्घटनाओं की दो अलग-अलग घटनाओं ने वाहन चालकों की लापरवाही और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी। उरगा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से तीन गौवंश की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया। दूसरी ओर बुधवारी बायपास पर कार और ई-रिक्शा की टक्कर में महिलाओं और एक बच्चे समेत कई लोग घायल हो गए।

उरगा में चार गौवंश आए कार की चपेट में

उरगा क्षेत्र में भैंसमा पावर जनरेट ऑफिस के पास रात में तेज गति से जा रही टाटा टियागो कार ने सड़क पर बैठे चार गौवंश को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद तीन गौवंश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक घायल अवस्था में मिला।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए। स्थिति को देखते हुए डायल 112 को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम ने पहुंचकर हालात संभाले और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई।

गौसेवकों ने घायल पशु को पहुंचाया उपचार

हादसे की जानकारी मिलने पर बजरंग दल और गौसेवक भी मौके पर पहुंचे। मृत गौवंश को सड़क से हटवाया गया और घायल पशु को उपचार के लिए भेजा गया। संगठन की ओर से चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

यदि जांच में नशे में वाहन चलाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है। चालक के मेडिकल परीक्षण और ब्रेथ एनालाइजर जांच की मांग की गई है।

बुधवारी बायपास पर ई-रिक्शा पलटा

दूसरा हादसा बुधवारी बायपास पर हुआ, जहां कार और ई-रिक्शा की टक्कर के बाद ई-रिक्शा पलट गया। उसमें सवार कई लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए। घायलों में महिलाएं और एक बच्चा भी शामिल बताए जा रहे हैं। सभी को उपचार के लिए जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। एक युवती को पैर में गंभीर चोट लगने की जानकारी सामने आई है।

ई-रिक्शा चालक के नाबालिग होने की भी जांच

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय दोनों वाहनों की गति काफी अधिक थी। ई-रिक्शा को कथित तौर पर एक नाबालिग चला रहा था। पुलिस इस पहलू के साथ दुर्घटना के अन्य कारणों की भी पड़ताल कर रही है।

हादसे के बाद मौके पर कुछ युवकों के लाठी-डंडों के साथ पहुंचने से तनाव की स्थिति बन गई। करीब 15 से 20 युवकों के पहुंचने की बात कही जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।

लगातार हादसों से उठ रहे सड़क सुरक्षा पर सवाल

कोरबा में सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी और तेज रफ्तार वाहनों से होने वाली दुर्घटनाएं लगातार चिंता का विषय बन रही हैं। कुछ दिन पहले दर्री क्षेत्र में भी भारी वाहन की चपेट में आने से सात मवेशियों की मौत हुई थी। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच वाहन चालकों की गति पर नियंत्रण, नशे में ड्राइविंग की जांच और सड़क पर मवेशियों की सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

पुटका पहाड़ में पर्यावरणीय पुनरुद्धार कार्यों की मंत्री केदार कश्यप ने की समीक्षा, हाथियों के सुरक्षित आवागमन, प्राकृतिक वनस्पतियों के संरक्षण और जलस्रोतों के बेहतर प्रबंधन पर दिया विशेष जोर

The Duniyadari: वन मंत्री केदार कश्यप ने किया पुटका पहाड़ क्षेत्र का निरीक्षण, बाहरी प्रजातियों के नियंत्रण और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र बहाली के दिए निर्देश

कोरबा। जिले के पुटका पहाड़ क्षेत्र में जंगल और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को बेहतर बनाने के लिए चल रहे पर्यावरणीय पुनरुद्धार कार्यों को अब तेज किया जाएगा। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने बालको वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पुटका पहाड़ क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्र की भौगोलिक एवं पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बालको और लेमरू वन परिक्षेत्र के जंगलों में प्राकृतिक वनस्पतियों, वन्यजीवों की स्थिति तथा संरक्षण गतिविधियों की जानकारी ली। पुटका पहाड़ में किए जा रहे पर्यावरणीय पुनर्स्थापना कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने तेजी से फैल रही बाहरी प्रजातियों की झाड़ियों को नियंत्रित करने तथा स्थानीय वनस्पतियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।

मंत्री कश्यप ने क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के उपायों पर भी अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने जलग्रहण क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन, जलस्रोतों के संरक्षण और वन्यजीवों की जरूरतों के अनुरूप प्राकृतिक संसाधनों के विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

सिर्फ पौधरोपण नहीं, पूरे इकोसिस्टम की बहाली जरूरी

वरिष्ठ वन अधिकारियों के साथ मानचित्र के माध्यम से पुटका पहाड़ क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और वन्यजीवों के आवागमन मार्गों का अवलोकन करते हुए मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं होना चाहिए। इसके लिए स्थानीय वनस्पतियों का संरक्षण, बाहरी प्रजातियों पर नियंत्रण, जलस्रोतों की सुरक्षा और वन्यजीवों के अनुकूल आवास का निर्माण एक साथ किया जाना जरूरी है।

राम कचहरी में पूजा-अर्चना, मंदिर निर्माण के निर्देश

दौरे के दौरान मंत्री केदार कश्यप राम कचहरी पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी भी ली।

ग्रामीणों की आस्था को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने राम कचहरी परिसर में काष्ठ निर्मित मंदिर के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के साथ प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी समान रूप से जरूरी है।

ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश

पुटका पहाड़ क्षेत्र के ग्रामीणों से संवाद के दौरान मंत्री ने उनकी समस्याओं और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीणों की जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा आवश्यक जनसुविधाओं के विस्तार के लिए कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस दौरान प्रभारी कलेक्टर आशुतोष पाण्डेय, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, संबंधित वन परिक्षेत्रों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

TODAY HOROSCOPE: ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति से आज कई राशियों के लिए बनेंगे नए अवसर, धन लाभ और सफलता के योग; जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का दिन कैसा रहेगा।

The Duniyadari: आज श्रावण शुक्ल नवमी है और चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा। आज का दिन निर्णय लेने में संयम और समझदारी रखने का संकेत देता है। 

♈ मेष

आज मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलेगी और आर्थिक लाभ के अवसर बनेंगे। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें।
शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: भूरा

♉ वृषभ

रुका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। आर्थिक मामलों में बचत पर ध्यान दें और अनावश्यक खरीदारी से बचें। परिवार का सहयोग मिलेगा।
शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: गुलाबी

♊ मिथुन

आज आपकी व्यावहारिक सोच किसी जटिल समस्या का समाधान कर सकती है। पढ़ाई, लेखन और नए कौशल सीखने के लिए अच्छा दिन है। आर्थिक निर्णय सोच-समझकर लें।
शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: चॉकलेटी

♋ कर्क

काम और परिवार के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। सहयोगियों की मदद से काम पूरे होंगे। परिवार के किसी बुजुर्ग की सलाह लाभदायक रहेगी।
शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: मैरून

♌ सिंह

आज आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी। नौकरी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है और व्यापार में नए अवसर सामने आएंगे। आर्थिक लाभ के भी योग हैं।
शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: रुपहला

♍ कन्या

काम को व्यवस्थित तरीके से करने पर सफलता मिलेगी। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा है। अधूरे कार्य पूरे होने की संभावना है।
शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: आसमानी

♎ तुला

आपकी बातचीत और व्यवहार से नए संबंध बनेंगे। करियर में नई टीम या नए प्रोजेक्ट से जुड़ने का मौका मिल सकता है। धन के मामले में सावधानी रखें।
शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: हल्का पीला

♏ वृश्चिक

ऊर्जा और उत्साह भरपूर रहेगा, लेकिन गुस्से या जल्दबाजी पर नियंत्रण रखें। किसी बहस में पड़ने के बजाय काम पर ध्यान देना आपके लिए बेहतर रहेगा।
शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: लाल

♐ धनु

नए अवसर मिल सकते हैं। शिक्षा, करियर और यात्रा से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। नई जिम्मेदारी के साथ कुछ नया सीखने को मिलेगा।
शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: बैंगनी

♑ मकर

आपका अनुशासन और धैर्य आज काम आएगा। वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से प्रभावित हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में लंबी अवधि की योजना बनाना अच्छा रहेगा।
शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: सुनहरा

♒ कुंभ

नई सोच और तकनीक का इस्तेमाल आपको फायदा दिला सकता है। नौकरी या व्यवसाय में आपका कोई नया विचार पसंद किया जा सकता है।
शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: फिरोजी

♓ मीन

आज आपकी संवेदनशीलता आपकी ताकत बनेगी। कार्यक्षेत्र में किसी की मदद करने से सम्मान मिलेगा। परिवार और रिश्तों में सकारात्मकता बढ़ेगी।
शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: मैजेंटा

⭐ आज के सबसे शुभ संकेत: मेष, सिंह, कन्या और वृश्चिक राशि के लिए दिन विशेष रूप से सक्रिय और अवसरों वाला रह सकता है। 

दोस्तों से लगी तैरने की शर्त बनी जानलेवा, गहरे पानी में समाया 24 वर्षीय युवक; SDRF ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन

The Duniyadari: रायपुर। राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। दोस्तों के साथ घूमने पहुंचे 24 वर्षीय युवक की पानी में डूबने से तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि दोस्तों के बीच तैरकर पानी के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचने को लेकर शर्त लगी थी। इसी दौरान युवक गहराई वाले हिस्से में पहुंच गया और अचानक पानी में लापता हो गया।

जानकारी के अनुसार, मौदहापारा निवासी आदिल खान (24), पिता नासिर खान, बुधवार शाम अपने तीन दोस्तों के साथ नकटी गांव के ब्लू वाटर घूमने पहुंचा था। इसी दौरान आदिल और उसका दोस्त तौफीक पानी में तैरने के लिए उतरे। दोनों आगे बढ़ते हुए पानी के बीच तक पहुंचे, तभी आदिल अचानक गहरे हिस्से में चला गया और देखते ही देखते डूब गया।

घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों युवकों को पानी में तैरते हुए देखा जा सकता है। आदिल के डूबने के बाद उसका दोस्त किसी तरह बाहर निकल आया, लेकिन आदिल का कोई सुराग नहीं मिल सका।

घटना की जानकारी मिलते ही माना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। युवक को खोजने के लिए SDRF की टीम को बुलाया गया और तलाशी अभियान शुरू किया गया। रात होने तथा पानी की गहराई अधिक होने के कारण सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा। गुरुवार सुबह टीम ने दोबारा तलाश शुरू कर दी।

हादसे की खबर मिलते ही आदिल के परिजन मौके पर पहुंच गए। परिवार में गम का माहौल है और सभी युवक के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। पुलिस घटनाक्रम की जांच कर रही है।

पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गहरे एवं असुरक्षित जलस्रोतों में तैरने से बचें। बारिश के मौसम में जलस्तर और पानी की गहराई में अचानक बदलाव हो सकता है, ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

तिरपाल के नीचे चल रहा था लाखों का जुए का खेल, किसानों के भेष में पहुंची पुलिस ने चारों तरफ से घेरा; 4 गिरफ्तार

The Duniyadari: बिलासपुर। चकरभाठा थाना क्षेत्र में जुए के एक बड़े अड्डे का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। सुनसान इलाके में अरपा नदी के किनारे तिरपाल और टेंट लगाकर जुआ खिलाया जा रहा था। पुलिस को इसकी सूचना मिलते ही ऐसी रणनीति बनाई गई कि जुआरियों को कार्रवाई की भनक तक नहीं लगी। पुलिसकर्मी ग्रामीण और किसान का वेश धारण कर मौके पर पहुंचे और जुए के फड़ को चारों ओर से घेर लिया।

पुलिस की अचानक कार्रवाई से मौके पर भगदड़ मच गई। कई जुआरी भागने में कामयाब रहे, जबकि चार लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मलेश साहू, संदीप भारद्वाज, साहिल घोषले और चंद्रप्रकाश भार्गव शामिल हैं।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 15,730 रुपये नकद, 52 पत्ती ताश, तिरपाल, एक बाइक और चार स्मार्टफोन बरामद किए। जब्त सामान की कुल कीमत 95,730 रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से अपने ठिकाने बदल-बदलकर जुए का फड़ संचालित कर रहे थे। सुनसान स्थानों पर टेंट लगाकर जुआ खिलाया जाता था, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। सूचना की पुष्टि के बाद थाना प्रभारी भावेश शेंडे के नेतृत्व में टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी।

मामले में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) और बीएनएस की धारा 112 के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को बिल्हा न्यायालय में पेश किया गया, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।