The Duniyadari: *ग्राम कुरुडीह के ग्रामीणों ने की थी कलेक्टर से शिकायत*
कोरबा, 09 अप्रैल 2026/
ग्राम कुरुडीह के ग्रामीणों ने कलेक्टर कुणाल दुदावत से मिलकर बताया कि उनके गाँव का ट्रांसफार्मर लंबे समय से खराब है। विद्युत विभाग को बार-बार शिकायत देने के बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया, जिससे पूरे गाँव में बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले तीन माह से ट्रांसफार्मर खराब है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सुधार या प्रतिस्थापन की कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों की शिकायत को कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए विद्युत विभाग के ईई श्री रोशन वर्मा को त्वरित आवश्यक निर्देश जारी किए। कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम कुरुडीह में नया विद्युत ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया। लंबे समय तक लापरवाही बरते जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त की और ईई को निर्देशित किया कि भैसमा वितरण केंद्र अंतर्गत सब इंजीनियर के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
The Duniyadari: कोरबा- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस विभाग के एक आरक्षक पर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगा है। आरोपी आरक्षक दीप नारायण त्रिपाठी वर्तमान में बांगो थाना में पदस्थ है। पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता ने शिकायत में बताया कि आरोपी आरक्षक उसकी दोस्त का पति है और वह लंबे समय से उसके साथ अनुचित व्यवहार कर रहा था। महिला ने आरोप लगाया कि दीप नारायण त्रिपाठी कई बार उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए आपत्तिजनक हरकतें करता रहा। लगातार हो रही इस हरकत से परेशान होकर महिला ने आखिरकार पुलिस से शिकायत की।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच के दौरान पीड़िता का बयान दर्ज किया गया है और आरोपी की गतिविधियों से जुड़े तथ्यों को भी जुटाया जा रहा है। चूंकि आरोपी स्वयं पुलिस विभाग में पदस्थ है, इसलिए मामले को विशेष गंभीरता से लिया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि आरोपी ने अपने पद का किसी तरह से दुरुपयोग किया है या नहीं। जांच में आरोप सही पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा का माहौल है। नागरिकों ने मामले में जल्द और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस विभाग ने भरोसा दिलाया है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
The Duniyadari: कवर्धा- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में खुद को Food Corporation of India (एफसीआई) का अधिकारी बताकर किराना व्यापारी से जबरन वसूली करने का मामला सामने आया है।
आरोपी ने पिस्टल की नोक पर व्यापारी को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपये ऐंठ लिए। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के छिरहा गांव की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी की पहचान जितेंद्र उर्फ सचिन चड्ढा के रूप में हुई है, जो पूर्व सैनिक बताया जा रहा है और रायपुर की एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी ऑफिसर के तौर पर काम करता है।
आरोपी ने व्यापारी को चोरी का चावल खरीदने का झूठा आरोप लगाकर डराया और कार्रवाई से बचाने के नाम पर पैसों की मांग की।
पीड़ित व्यापारी पीतांबर गुप्ता निवासी ग्राम छिरहा ने 8 अप्रैल को सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि रात करीब 10:30 बजे आरोपी दुकान पर पहुंचा और खुद को एफसीआई का बड़ा अधिकारी बताकर जांच का दबाव बनाने लगा।
आरोपी ने लाइसेंसी पिस्टल दिखाते हुए 60 हजार रुपये की मांग की। डर के कारण व्यापारी ने 50 हजार रुपये आरोपी को दे दिए।
शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने घटना स्वीकार कर ली।
आरोपी सचिन चड्ढा (47), पिता भरत लाल चड्ढा, निवासी जबलपुर एवं वर्तमान निवास रायपुर के कब्जे से पुलिस ने एक ग्रैंड विटारा कार (एमपी-20, जेडके-8201), 0.32 बोर की लाइसेंसी पिस्टल, दो मैगजीन, 11 जिंदा कारतूस और पिस्टल पाउच बरामद किया है।
पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।
The Duniyadari: पुणे से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कानून के रखवालों पर ही उगाही के गंभीर आरोप लगे हैं। एक महिला पुलिस कॉन्स्टेबल समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि इन पुलिसकर्मियों ने एक स्कूल प्रिंसिपल को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 7 लाख रुपये वसूल लिए।
आरोपियों की पहचान पुलिस सब-इंस्पेक्टर अजीत बडे, कॉन्स्टेबल सुदाम तायड़े और दामिनी स्क्वाड की सदस्य सोनाली हिंगे के रूप में हुई है। सोनाली हिंगे सोशल मीडिया पर ‘रील स्टार’ के रूप में जानी जाती हैं और इंस्टाग्राम पर उनके करीब 40 हजार फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं। मामला बंडगार्डन पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पुणे के एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान के 55 वर्षीय प्रिंसिपल को निशाना बनाया। उन्होंने प्रिंसिपल को डराया कि उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर मामला दर्ज किया जाएगा। इस कानून के तहत गिरफ्तारी और सामाजिक बदनामी का खतरा होता है, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने दबाव बनाया।
बताया जा रहा है कि तीनों पुलिसकर्मी स्कूल में गुड टच-बैड टच जागरूकता कार्यक्रम के नाम पर पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने प्रिंसिपल को टारगेट किया और बाद में उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे की मांग की। आरोप है कि दबाव में आकर प्रिंसिपल ने 7 लाख रुपये दे दिए।
हालांकि, बाद में प्रिंसिपल को पूरे मामले पर शक हुआ। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अपनी वर्दी और पद का दुरुपयोग करते हुए यह पूरी साजिश रची थी।
जानकारी के मुताबिक, अजीत बडे वर्तमान में साइबर पुलिस स्टेशन में पदस्थ हैं, जबकि सोनाली हिंगे और सुदाम तायड़े शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन से जुड़े हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं।
प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस तरह की घटनाओं में और लोग भी शामिल हैं। वहीं सोशल मीडिया पर सक्रिय महिला कॉन्स्टेबल का नाम सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल पुलिस ने कहा है कि जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
The Duniyadari: रायपुर के गांधीनगर-शंकरनगर क्षेत्र में पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। 26 वर्षीय छवि महानंद अपने दोस्तों के साथ एक परिचित के पास स्कूटी गिरवी रखने गया था, इसी दौरान बातचीत बिगड़ गई और विवाद अचानक बढ़ गया। देखते ही देखते आरोपियों ने छवि पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमले में छवि के सीने, पेट, हाथ और कलाई पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत घायल युवक को मोवा स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई है। चिकित्सकों के अनुसार, छवि को गंभीर चोटें आई हैं और उसे विशेष उपचार दिया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि विवाद पैसों के लेन-देन को लेकर हुआ, हालांकि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया है। घटना के बाद पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। घटना स्थल से फोटो और वीडियो फुटेज भी जुटाए गए हैं, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
बताया जा रहा है कि दोनों संदिग्ध स्थानीय निवासी हैं और पहले भी उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। फिलहाल अस्पताल में घायल युवक की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। घटना के बाद परिजनों में चिंता का माहौल है और वे जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।
The Duniyadari: रायपुर- विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 15 अप्रैल को मंत्रालय महानदी भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में राज्य कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक सुबह 11:30 बजे शुरू हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक के बाद अरुण साव ने मीडिया को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
बैठक में सबसे प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इस विधेयक का उद्देश्य बलपूर्वक, प्रलोभन देकर या कपटपूर्ण तरीके से किए जाने वाले धर्म परिवर्तन पर रोक लगाना है। इसके अलावा, राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 13 मामलों को न्यायालय से वापस लेने के लिए गठित उप-समिति की सिफारिश को भी मंत्रिपरिषद ने मंजूरी प्रदान की।
कैबिनेट ने अपारंपरिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए अनुदान दरों को भी स्वीकृति दी। क्रेडा द्वारा सोलर हाईमास्ट संयंत्रों के लिए वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 1.50 लाख रुपये तक का राज्य अनुदान तय किया गया है। वहीं वर्ष 2026-27 से निविदा दर का 30 प्रतिशत या अधिकतम 1.50 लाख रुपये (जो कम हो) अनुदान देने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। घरेलू बायोगैस संयंत्रों के लिए 2 से 6 घन मीटर क्षमता पर 9 हजार रुपये प्रति संयंत्र अनुदान की दर भी तय की गई है।
बैठक में छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी गई। इस संशोधन के तहत पंजीकरण पर लगने वाला उपकर शुल्क समाप्त कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण के लिए 12 प्रतिशत अतिरिक्त उपकर लगाया गया था, जिसे अब समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक, 2026, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 (संशोधन) विधेयक, 2026 और छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी। कर्मचारी चयन मंडल के गठन से राज्य में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पदों पर भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक, 2026 को भी स्वीकृति दी। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 40, 50 और 59 में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
बैठक के अंत में मंत्रिपरिषद ने राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को 5 एकड़ शासकीय भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया। इस भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त क्रिकेट अकादमी और खेल मैदान विकसित किया जाएगा।
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में प्रशासनिक सुधार, रोजगार सृजन, खेल विकास और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
The Duniyadari: रायपुर- विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 15 अप्रैल को मंत्रालय महानदी भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में राज्य कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक सुबह 11:30 बजे शुरू हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक के बाद अरुण साव ने मीडिया को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
बैठक में सबसे प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इस विधेयक का उद्देश्य बलपूर्वक, प्रलोभन देकर या कपटपूर्ण तरीके से किए जाने वाले धर्म परिवर्तन पर रोक लगाना है। इसके अलावा, राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 13 मामलों को न्यायालय से वापस लेने के लिए गठित उप-समिति की सिफारिश को भी मंत्रिपरिषद ने मंजूरी प्रदान की।
कैबिनेट ने अपारंपरिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए अनुदान दरों को भी स्वीकृति दी। क्रेडा द्वारा सोलर हाईमास्ट संयंत्रों के लिए वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 1.50 लाख रुपये तक का राज्य अनुदान तय किया गया है। वहीं वर्ष 2026-27 से निविदा दर का 30 प्रतिशत या अधिकतम 1.50 लाख रुपये (जो कम हो) अनुदान देने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। घरेलू बायोगैस संयंत्रों के लिए 2 से 6 घन मीटर क्षमता पर 9 हजार रुपये प्रति संयंत्र अनुदान की दर भी तय की गई है।
बैठक में छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी गई। इस संशोधन के तहत पंजीकरण पर लगने वाला उपकर शुल्क समाप्त कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण के लिए 12 प्रतिशत अतिरिक्त उपकर लगाया गया था, जिसे अब समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक, 2026, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 (संशोधन) विधेयक, 2026 और छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी। कर्मचारी चयन मंडल के गठन से राज्य में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पदों पर भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक, 2026 को भी स्वीकृति दी। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 40, 50 और 59 में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
बैठक के अंत में मंत्रिपरिषद ने राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को 5 एकड़ शासकीय भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया। इस भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त क्रिकेट अकादमी और खेल मैदान विकसित किया जाएगा।
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में प्रशासनिक सुधार, रोजगार सृजन, खेल विकास और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
The Duniyadari: कोरबा- जिले के नक्तिखार इलाके में बुधवार रात एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जब एक घर के बाहर खड़ी बाइक के भीतर से करीब 6 फीट लंबा कोबरा सांप निकल आया। यह घटना दीपक एक्का के घर की है, जहां बाइक को अंदर ले जाने के दौरान अचानक सांप के फुंकारने से अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, दीपक एक्का रात में अपनी बाइक को घर के अंदर रखने के लिए किक मार रहे थे। तभी उन्हें सीट के नीचे से अजीब सी आवाज सुनाई दी। पहले उन्होंने इसे बाइक की सामान्य आवाज समझा, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद सांप ने फन फैलाकर जोरदार फुंकार भरी। यह दृश्य देखते ही दीपक घबरा गए और चिल्लाते हुए वहां से दूर भाग गए। शोर सुनकर घर के अन्य सदस्य भी बाहर पहुंचे, जिसके बाद पूरे घर में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना तुरंत RCRS (रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यू सोसायटी) की टीम को दी गई। सूचना मिलते ही टीम के सदस्य अजय, तिलक और सतेंद्र मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले घर के सभी लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया और सावधानीपूर्वक कार्रवाई शुरू की। काफी मशक्कत के बाद टीम ने कोबरा को बाइक की सीट के नीचे से सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के दौरान सांप लगातार फुंकारता रहा, जिससे आसपास मौजूद लोग सहमे हुए नजर आए।
करीब कुछ मिनट की सावधानीपूर्ण कार्रवाई के बाद कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। रेस्क्यू के बाद घरवालों ने राहत की सांस ली और टीम का आभार जताया।
रेस्क्यू टीम ने लोगों से अपील की है कि यदि घर या आसपास कहीं सांप दिखाई दे तो घबराने या उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें। तुरंत विशेषज्ञ टीम को सूचना दें। विशेषज्ञों के अनुसार, बाइक, लकड़ी के ढेर, गमले और बंद स्थान सांपों के छिपने के लिए सुरक्षित जगह बन जाते हैं, इसलिए घर के आसपास नियमित सफाई और जांच जरूरी है।
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कोबरा को बाइक के नीचे से निकालते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों को सतर्क रहने का संदेश दे रहा है।
The Duniyadari: बिलासपुर- नगर निगम में कार्यप्रणाली को दुरुस्त करने के उद्देश्य से निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने बुधवार शाम विकास भवन स्थित निगम मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया। शाम करीब 4:30 बजे पहुंचे कमिश्नर ने विभिन्न शाखाओं का दौरा कर कर्मचारियों की उपस्थिति, फाइलों की स्थिति और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान योजना शाखा के दो कर्मचारी ड्यूटी समय में अनुपस्थित मिले। इस पर नाराजगी जताते हुए कमिश्नर ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही और अनुशासनहीनता को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पीएम आवास शाखा की समीक्षा के दौरान कई आवेदन लंबे समय से लंबित पाए गए। इस पर आयुक्त ने संबंधित क्लर्क को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और अधिकारियों को चेतावनी दी कि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ देने में देरी नहीं होनी चाहिए। भवन शाखा में भी लंबित भवन अनुज्ञा प्रकरणों को लेकर असंतोष जताते हुए समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा, विभागों के बाहर नाम पट्टिका नहीं लगाए जाने पर स्टोर प्रभारी को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कमिश्नर ने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई और फाइलों के व्यवस्थित रख-रखाव पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि व्यवस्थित कार्यालय से काम की गति तेज होती है और नागरिकों को बेहतर सुविधा मिलती है।
औचक निरीक्षण के दौरान सभी शाखाओं को लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कमिश्नर ने अधिकारियों को प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने और जनता से जुड़े मामलों में देरी न करने की सख्त हिदायत दी।
इस अचानक निरीक्षण के बाद निगम कर्मचारियों में सतर्कता बढ़ी है और कार्यालयों में कार्यकुशलता सुधारने के प्रयास तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
The Duniyadari: रायगढ़- कोतवाली थाना क्षेत्र में डायल 112 वाहन के चालक पर हमला करने वाले आरोपी को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है।
पकड़े गए आरोपी की पहचान जितेन्द्र कुमार टण्डन (30 वर्ष), निवासी रामभाठा, रायगढ़ के रूप में हुई है।
पुलिस ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है और उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, घटना 3 अप्रैल 2026 की रात करीब 8:30 बजे कोतरारोड़ स्थित देशी-अंग्रेजी शराब दुकान के पास हुई। डायल 112 में निजी चालक के रूप में कार्यरत मुकेश नायक (26 वर्ष), निवासी सराईभदर थाना जूटमिल, अपनी स्कूटी (CG 13 AW 8598) से शराब दुकान की ओर जा रहे थे। इसी दौरान काले रंग की बुलेट मोटरसाइकिल में सवार तीन युवक उनके पास पहुंचे और बिना किसी वजह के विवाद शुरू कर दिया।
आरोप है कि युवकों ने मुकेश नायक को सुनसान स्थान पर ले जाकर गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इसी दौरान एक आरोपी ने धारदार हथियार से कमर के नीचे वार कर दिया, जिससे मुकेश घायल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की रिपोर्ट मिलने के बाद थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 181/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला कायम किया गया।
पुलिस ने प्रार्थी और गवाहों से पूछताछ के बाद आरोपी की पहचान सुनिश्चित की। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पहचान होने के बाद आरोपी जितेन्द्र टण्डन को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। आरोपी की निशानदेही पर रामभाठा स्थित प्यासा मैदान की झाड़ियों से घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया।
फिलहाल इस मामले के दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें जुटी हुई हैं।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन और थाना स्टाफ की अहम भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि क्षेत्र में गुंडागर्दी और मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने नागरिकों से भी किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की