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कोरबा के स्थानीय एवं अनुभवी ड्राइवरों को रोजगार में प्राथमिकता दिलाने हेतु पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने CMD SECL को लिखा पत्र

The Duniyadari: कोरबा, दिनांक 11 अप्रैल। पूर्व राजस्व मंत्री छत्तीसगढ़ शासन जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा जिले के SECL अंतर्गत संचालित विभिन्न खदान क्षेत्रों—कुसमुंडा, गेवरा, मानिकपुर, दीपका आदि—में स्थानीय एवं अनुभवी ड्राइवरों को रोजगार में प्राथमिकता प्रदान किए जाने हेतु साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को पत्र प्रेषित किया है।

अपने पत्र में श्री अग्रवाल ने उल्लेख किया है कि वर्तमान में कोरबा जिले के विभिन्न खदान क्षेत्रों में कई निजी कंपनियों द्वारा खनन कार्य प्रारंभ किया जा चुका है तथा आने वाले समय में और भी कंपनियों के कार्य प्रारंभ होने की संभावना है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक हो जाता है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ, जिला कोरबा द्वारा प्रस्तुत आवेदन के अनुसार लगभग 500 स्थानीय एवं अनुभवी वाहन चालक रोजगार की अपेक्षा में हैं। ये सभी चालक वर्षों से खनन कार्य से जुड़े रहे हैं तथा क्षेत्रीय परिस्थितियों एवं कार्य प्रणाली का पर्याप्त अनुभव रखते हैं।

श्री अग्रवाल ने CMD SECL से आग्रह किया है कि खनन कार्य में संलग्न नई एवं वर्तमान कंपनियों द्वारा ड्राइवरों की नियुक्ति के दौरान स्थानीय एवं अनुभवी ड्राइवरों को प्राथमिकता देने हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही, SECL के अंतर्गत कोरबा जिले के समस्त खदान क्षेत्रों के महाप्रबंधकों को भी इस संबंध में निर्देशित करने का अनुरोध किया गया है, ताकि स्थानीय ड्राइवरों को समुचित अवसर मिल सके।

उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि नए ड्राइवरों की नियुक्ति के साथ-साथ पूर्व से कार्यरत एवं अनुभवी ड्राइवरों को विभिन्न कंपनियों में समायोजित करने की सकारात्मक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे उनके परिवारों की आजीविका सुचारू रूप से चल सके।

CMD SECL – 11.04.2026

New Doc 04-11-2026 16.32

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आशा व्यक्त की है कि SECL प्रबंधन इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करेगा, जिससे स्थानीय युवाओं एवं वाहन चालकों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और क्षेत्र में आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा।

सुरेश कुमार अग्रवाल

कार्यालय महामंत्री

कोरबा जिला कांग्रेस कार्यालय

कोरबा पुलिस विभाग में फेरबदल: 4 एएसआई समेत कई अधिकारियों का तबादला, आस्था शर्मा ने जारी किया आदेश

The Duniyadari: कोरबा- जिले के पुलिस विभाग में प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक आस्था शर्मा के निर्देश पर कई उपनिरीक्षकों और सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) स्तर के अधिकारियों की पदस्थापना बदली गई है। जारी आदेश में चार एएसआई सहित कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

आदेश के मुताबिक, राजेश तिवारी को सीएसईबी चौकी का प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं उरगा, सिविल लाइन रामपुर सहित अन्य महत्वपूर्ण थानों और चौकियों में भी नए प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। इस बदलाव को पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस फेरबदल के बाद जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ ही पुलिसिंग में तेजी और सख्ती आने की उम्मीद जताई जा रही है।

KORBA: खुले नाले में गिरी बाइक, युवक घायल — टला बड़ा हादसा

The Duniyadari: कोरबा- शहर के डीएम रोड स्थित साईं पैलेस के पास शुक्रवार रात एक लापरवाही भरा दृश्य सामने आया, जब खुले पड़े नाले में एक बाइक सवार युवक गिरकर घायल हो गया।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की तत्परता से युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

जानकारी के अनुसार मुड़ापार निवासी ओम प्रकाश रात के समय अपनी बाइक से डीएम रोड की ओर जा रहे थे। इसी दौरान साईं पैलेस के पास अचानक उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई और वे सीधे सड़क किनारे बने खुले नाले में जा गिरे। नाला काफी गहरा होने के साथ कीचड़ और दलदल से भरा हुआ था, जिससे युवक बाइक समेत उसमें फंस गया और बाहर निकलना मुश्किल हो गया।

युवक की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए प्रयास शुरू किया। पहले रस्सी के सहारे बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन दलदल और गहराई के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका।

इसके बाद मौके पर सीढ़ी लाकर नाले में डाली गई, लेकिन सीढ़ी का एक हिस्सा भी कीचड़ में धंस गया। काफी मशक्कत के बाद आखिरकार सीढ़ी के सहारे युवक को बाहर निकाला गया। हादसे में युवक को हल्की चोटें आई हैं।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। नागरिकों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में नाले खुले पड़े हैं और उनकी नियमित सफाई नहीं हो रही है। लोगों ने आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले नालों को तत्काल ढंकने के साथ-साथ नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। यह घटना शहर की सुरक्षा व्यवस्था और नगर निगम की लापरवाही को एक बार फिर उजागर करती है।

CG BREAKING: चलती स्कूल बस का पिछला गेट टूटा, बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल

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The Duniyadari: Raipur- जिले के खरोरा क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है।

यहां हॉली हार्ट स्कूल की एक बस का पिछला गेट अचानक टूटकर सड़क पर गिर गया।

उस समय बस में स्कूली बच्चे सवार थे और उन्हें घर छोड़ा जा रहा था।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, हालांकि स्थानीय लोगों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।

मिली जानकारी के अनुसार, छुट्टी के बाद स्कूल बस बच्चों को लेकर निर्धारित मार्ग पर जा रही थी। इसी दौरान अचानक बस का पिछला गेट टूटकर सड़क पर गिर पड़ा। गेट गिरते ही पीछे चल रहे वाहन चालकों और राहगीरों में हड़कंप मच गया। स्थिति को भांपते हुए लोगों ने तुरंत बस चालक को रुकने का इशारा किया और बस को रोका गया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय रहते बस को नहीं रोका जाता तो कोई गंभीर हादसा हो सकता था। बस में बैठे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।

घटना के बाद परिजनों ने स्कूल प्रशासन और बस संचालन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि स्कूल बसों की नियमित जांच नहीं की जा रही है, जिससे बच्चों की जान जोखिम में पड़ रही है।

स्थानीय लोगों ने भी इस घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए स्कूल बसों की तकनीकी जांच नियमित कराने की मांग की है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग उठाई जा रही है।

बताया जा रहा है कि घटना के बाद संबंधित विभाग और पुलिस द्वारा मामले की जांच की बात कही गई है। जांच के बाद स्कूल प्रशासन और बस संचालकों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।

इस घटना ने एक बार फिर स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं और अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की है।

नहाने गया किशोर डूबा, 20 घंटे बाद नहर में मिला शव

The Duniyadari: धमतरी- जिले के रुद्री बैराज के पास महानदी मुख्य नहर में नहाने के दौरान डूबे एक नाबालिग का शव करीब 20 घंटे बाद बरामद किया गया।

गोताखोरों की मदद से शव को नवनिर्मित पुल के नीचे से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

घटना शुक्रवार दोपहर की बताई जा रही है। उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी 16 वर्षीय समीर हसन अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ नहर में नहाने गया था।

इसी दौरान नहर पार करने की कोशिश में तीन युवक तेज बहाव में बहने लगे। इनमें से दो किसी तरह बाहर निकल आए, जबकि समीर पानी के तेज बहाव में लापता हो गया।

सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की गई, लेकिन देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिली। शनिवार को पानी का स्तर घटने और बहाव कम होने के बाद नवनिर्मित पुल के नीचे उसका शव फंसा हुआ दिखाई दिया। इसके बाद शव को बाहर निकालकर वरदान एम्बुलेंस से जिला अस्पताल की मरचुरी भेजा गया।

अभिषेक चतुर्वेदी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि रुद्री बैराज के पास नहर में नहाने के दौरान किशोर बह गया था, जिसका शव बरामद कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि शव पुलिस लाइन के पीछे नहर के एक कनाल के नीचे फंसा मिला। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। वहीं स्थानीय लोगों ने नहर और बैराज क्षेत्र में सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने और चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के काफिले में बदलाव, फार्च्यूनर की जगह अब दिखेंगी बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो

The Duniyadari: रायपुर- प्रदेश भाजपा कार्यालय में उस समय हलचल बढ़ गई जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला वहां पहुंचा। काफिले में शामिल गाड़ियों को देखकर पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता चौंक गए, क्योंकि पहले इस्तेमाल की जा रही टोयोटा फार्च्यूनर की जगह नई स्कॉर्पियो गाड़ियां नजर आईं। लंबे समय बाद मुख्यमंत्री को नई गाड़ियों में देखकर कई लोग उत्सुकता से जानकारी लेने लगे।

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री अब तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में खरीदी गई फार्च्यूनर गाड़ियों का उपयोग कर रहे थे। करीब ढाई साल बाद अब इन गाड़ियों को बदलते हुए काफिले में छह नई स्कॉर्पियो शामिल की गई हैं। मुख्यमंत्री इन बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो वाहनों में सफर करेंगे।

इस बदलाव को लेकर बढ़ी चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि पुरानी गाड़ियां काफी समय से उपयोग में थीं और तकनीकी दिक्कतें भी आने लगी थीं। कई बार वाहन रास्ते में बंद हो जाते थे, इसलिए सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई गाड़ियों को शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के काफिले में बदलाव, फार्च्यूनर की जगह अब दिखेंगी बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो

The Duniyadari: रायपुर- प्रदेश भाजपा कार्यालय में उस समय हलचल बढ़ गई जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला वहां पहुंचा। काफिले में शामिल गाड़ियों को देखकर पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता चौंक गए, क्योंकि पहले इस्तेमाल की जा रही टोयोटा फार्च्यूनर की जगह नई स्कॉर्पियो गाड़ियां नजर आईं। लंबे समय बाद मुख्यमंत्री को नई गाड़ियों में देखकर कई लोग उत्सुकता से जानकारी लेने लगे।

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री अब तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में खरीदी गई फार्च्यूनर गाड़ियों का उपयोग कर रहे थे। करीब ढाई साल बाद अब इन गाड़ियों को बदलते हुए काफिले में छह नई स्कॉर्पियो शामिल की गई हैं। मुख्यमंत्री इन बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो वाहनों में सफर करेंगे।

इस बदलाव को लेकर बढ़ी चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि पुरानी गाड़ियां काफी समय से उपयोग में थीं और तकनीकी दिक्कतें भी आने लगी थीं। कई बार वाहन रास्ते में बंद हो जाते थे, इसलिए सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई गाड़ियों को शामिल किया गया है।

प्रेम प्रसंग में दर्दनाक मोड़: युवक ने फांसी लगाई, खबर सुन प्रेमिका ने जहर खाया, हालत नाजुक

The Duniyadari: बैतूल जिले में प्रेम संबंध से जुड़ी एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जबकि उसकी मौत की खबर सुनकर उसकी प्रेमिका ने भी जहर खा लिया। युवती को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान महावीर वार्ड निवासी 25 वर्षीय शिवांश सोनी के रूप में हुई है। शिवांश रायपुर के एक कॉफी हाउस में मैनेजर के पद पर कार्यरत था और अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसके पिता छिंदवाड़ा में शिक्षक के रूप में पदस्थ हैं। बताया जा रहा है कि शिवांश दो-तीन दिन पहले ही बैतूल अपने घर आया था।

शुक्रवार शाम उसने घर की छत पर बने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

उधर, शिवांश की मौत की खबर मिलते ही उसकी महिला मित्र गहरे सदमे में आ गई। शनिवार सुबह उसने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। युवती मूल रूप से साईंखेड़ा क्षेत्र की रहने वाली है और बैतूल में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत है। बताया जा रहा है कि वह शिवांश से करीब दो साल बड़ी है।

पुलिस के मुताबिक, दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन परिजनों की असहमति के चलते दोनों मानसिक तनाव में थे। इसी वजह से युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से एक दिन पहले युवती डैम क्षेत्र में संदिग्ध हालत में मिली थी। उस समय वह आत्महत्या का प्रयास करने वाली थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे बचा लिया और थाने लाकर काउंसलिंग की थी। उस दौरान युवती ने बताया था कि शिवांश मानसिक रूप से परेशान है और आत्महत्या की बात कर रहा है।

फिलहाल पुलिस दोनों घटनाओं की अलग-अलग जांच कर रही है। युवती की हालत गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस संवेदनशील मामले में अफवाहों से बचें और संयम बनाए रखें।

कटघोरा-कोरबा वनमंडल में अवैध कटाई पर सवाल, लकड़ी जब्ती के बाद विभाग की निगरानी पर उठे प्रश्न

The Duniyadari: KORBA- जिले के कोरबा और कटघोरा वनमंडल में अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

जंगलों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले मैदानी अमले की उदासीनता और निगरानी में कमी का फायदा उठाकर तस्कर खुलेआम पेड़ों की कटाई कर रहे हैं।

विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति ग्रामीणों के बीच विश्वास की कमी भी सूचना तंत्र को कमजोर बना रही है, जिससे कई मामलों की जानकारी समय पर सामने नहीं आ पाती।

जानकारी के अनुसार, कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई होने के बाद ही विभाग हरकत में आया। कटे हुए पेड़ों को गांवों तक पहुंचाने और आगे की प्रक्रिया में कई दिन लगने के बावजूद जिम्मेदार अमले को इसकी भनक तक नहीं लगी। बाद में सूचना मिलने पर कटे हुए लकड़ी के सिलपटों को जब्त कर कार्रवाई का दावा किया गया, जबकि कटाई के दौरान ही सख्ती बरती जाती तो स्थिति अलग हो सकती थी।

कटघोरा वनमंडल में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कीमती इमारती लकड़ियों को काटकर लंबे समय तक जंगल में छोड़ दिया गया और बाद में रात के समय उन्हें ले जाते हुए ग्रामीणों की सतर्कता से मामला पकड़ा गया। इससे विभागीय निगरानी और सूचना तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इसी बीच कोरबा वनमंडल के बालको परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम सतरेंगा और आसपास के इलाकों में विभाग ने व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब 55 अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने छह अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में अवैध लकड़ी जब्त की। कार्रवाई के दौरान तेजराम के घर से 254 नग, मेहतार सिंह से 73 नग, घासीराम से 18 नग, देवलाल से 10 नग और भारतराम के यहां से 4 नग साल, बीजा सहित अन्य प्रजातियों की लकड़ी बरामद की गई।

वन विभाग के अनुसार कुल 359 नग लकड़ी जब्त की गई, जिसका आयतन करीब 5.405 घनमीटर और अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 4.25 लाख रुपये आंका गया है। इस कार्रवाई में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, संयुक्त वन प्रबंधन समिति के सदस्यों और ग्रामीणों का सहयोग भी मिला, जिसकी विभाग ने सराहना की है।

हालांकि इस कार्रवाई के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि जिस सक्रियता से लकड़ी जब्ती संभव हुई, वही सतर्कता अवैध कटाई के दौरान क्यों नहीं दिखाई दी। अब देखना होगा कि विभाग जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करता है या फिर कार्रवाई के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

सामूहिक दुष्कर्म मामले में चार दोषियों को 20-20 साल की सजा, त्वरित कार्रवाई से बढ़ा भरोसा

The Duniyadari: जांजगीर-चांपा/कोरबा- सामूहिक दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

इस फैसले से पीड़िता और उसके परिजनों को न्याय मिला है, वहीं पुलिस की त्वरित कार्रवाई की भी सराहना हो रही है।

जानकारी के अनुसार, 18 मई 2025 को थाना चांपा क्षेत्र में यह घटना सामने आई थी। पीड़िता अपने पिता के साथ घर पर मौजूद थी, तभी पूर्व परिचित चार युवक वहां पहुंचे और घर पर भोजन भी किया। देर रात पिता के सो जाने के बाद आरोपियों ने युवती को जबरन दूसरे कमरे में ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया और मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी पीड़िता की मां ने पुलिस को दी, जिसके बाद थाना चांपा में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का फोरेंसिक निरीक्षण कराया और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में आरोपियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई। साथ ही साइबर सेल के माध्यम से मोबाइल टावर लोकेशन भी ली गई, जिससे घटना के समय आरोपियों की उपस्थिति स्पष्ट हुई।

घटना के बाद फरार आरोपियों की तलाश के लिए थाना प्रभारी जयप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी रायगढ़-कोरबा मार्ग से नेपाल भागने की फिराक में थे। पुलिस टीम ने करतला क्षेत्र के घने जंगलों से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में मनोज कुमार पटेल, नरेंद्र कुमार पटेल, रामकुमार पटेल निवासी कोरबा तथा धरम चौहान निवासी नागरदा जिला सक्ती शामिल हैं। विवेचना पूर्ण होने के बाद पुलिस ने चारों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सभी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

इस पूरे मामले में जिला पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में तत्कालीन थाना प्रभारी जयप्रकाश गुप्ता, सहायक उप निरीक्षक अरुण कुमार सिंह, मुकेश कुमार पांडेय, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र कुमार टंडन सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।