The Duniyadari: Raipur- शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी वार्ड अध्यक्षों की नियुक्ति सूची को लेकर रायपुर कांग्रेस में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मंजूरी के बिना जारी इस सूची को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है, जिससे संगठन के भीतर हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, 10 अप्रैल 2026 को शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से वार्ड कांग्रेस अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति संबंधी आदेश जारी किया गया था। हालांकि यह सूची प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशंसा और अनुमोदन के बिना जारी होने की बात सामने आई, जिसके बाद उच्च स्तर पर हस्तक्षेप करते हुए आदेश को रद्द कर दिया गया।
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि जारी सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से निरस्त मानी जाएंगी। इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं में असंतोष भी देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, सूची जारी होते ही चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे थे। कई पदाधिकारियों ने पारदर्शिता की मांग करते हुए आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद मामला तेजी से गरमा गया। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर करीब दो घंटे तक संगठन के भीतर लगातार बहस और तर्क-वितर्क चलता रहा।
अब सभी की नजरें संगठन के अगले कदम पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि नई सूची जारी की जाएगी या पूरी चयन प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जाएगा। फिलहाल इस फैसले ने रायपुर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
The Duniyadari: कोरबा- गेवरा क्षेत्र की कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं की लगातार बिगड़ती स्थिति को लेकर भारतीय कोयला खदान मजदूर संगठन, बिलासपुर ने प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई है। संगठन के पदाधिकारियों ने महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपते हुए कॉलोनियों की जर्जर व्यवस्था में जल्द सुधार की मांग की है और चेतावनी दी है कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
संगठन का कहना है कि शक्ति नगर, दीपका सहित कई कॉलोनियों में नालियां टूट-फूट की स्थिति में हैं, सड़कों पर गड्ढे बने हुए हैं और नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी फैल रही है। धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव भी केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ज्ञापन में कॉलोनियों के प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने और जर्जर बुनियादी ढांचे की मरम्मत की मांग की गई है। इसके अलावा पाइपलाइन की लंबे समय से सफाई नहीं होने, सीलिंग फैन की कमी और ट्रांसफार्मर के आसपास फैली अव्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई गई है।
मजदूर संगठन ने यह भी आरोप लगाया है कि उद्यानों के सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था और सामुदायिक सुविधाओं के विकास के लिए टेंडर जारी होने के बावजूद काम शुरू नहीं किया गया है। वहीं कॉलोनियों में डिस्पेंसरी बंद होने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
संगठन के प्रतिनिधि हमराज राव ने कहा कि कॉलोनियों में बढ़ती अव्यवस्थाओं से कर्मचारियों और उनके परिवारों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खराब सड़कों, गंदगी और धूल के कारण दुर्घटनाओं और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो मजदूर संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
The Duniyadari: सरगुजा- कलेक्टर अजीत वसंत ने शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में एक राजस्व निरीक्षक और एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मैनपाट तहसील के ग्राम उरंगा-बरिमा में फसल क्षति मुआवजा निर्धारण से जुड़े मामले में की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा अधिग्रहित भूमि के लिए फसल क्षति मुआवजा निर्धारित करने की जिम्मेदारी राजस्व निरीक्षक संगीता भगत और पटवारी चन्द्रदेव मिर्रे को सौंपी गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि दोनों अधिकारियों ने मूल सेटलमेंट रकबे से अधिक भूमि दर्ज कर दी थी, जिससे मुआवजा निर्धारण में गंभीर अनियमितता पाई गई।
जांच में यह भी उजागर हुआ कि मुआवजा अवधि के दौरान संबंधित भूमि का क्रय-विक्रय किया गया और ऑनलाइन राजस्व अभिलेखों में बदलाव कर दिए गए। इसके बाद पुनः मूल भूमि स्वामी के नाम से त्रुटिपूर्ण गणना पत्रक तैयार कर प्रस्तुत किया गया, जिसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने दोनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है। साथ ही प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।
The Duniyadari: बिलासपुर- हावड़ा–मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में चौथी लाइन निर्माण का कार्य जारी है। इसी क्रम में बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन के अंतर्गत अकलतरा स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी के लिए प्री-नॉन/नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। पहले इस कार्य को स्थगित किया गया था, जिसे अब पुनर्निर्धारित करते हुए 11 अप्रैल से 18 अप्रैल 2026 तक करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान कई यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा।
ये ट्रेनें रहेंगी रद्द
11 से 18 अप्रैल तक 68738/68737 बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर मेमू
12 से 19 अप्रैल तक 68735 रायगढ़–बिलासपुर मेमू
11 से 18 अप्रैल तक 68736 बिलासपुर–रायगढ़ मेमू
11 से 18 अप्रैल तक 68746 रायपुर–गेवरा रोड मेमू
12 से 19 अप्रैल तक 68745 गेवरा रोड–रायपुर मेमू
11 से 18 अप्रैल तक 58204 रायपुर–कोरबा पैसेंजर
12 से 19 अप्रैल तक 58203 कोरबा–रायपुर पैसेंजर
11 से 18 अप्रैल तक 68734/68733 बिलासपुर–गेवरा रोड–बिलासपुर मेमू
11 से 18 अप्रैल तक 68732/68731 बिलासपुर–कोरबा–बिलासपुर मेमू
11 से 18 अप्रैल तक 58210 बिलासपुर–गेवरा रोड पैसेंजर
आंशिक रूप से प्रभावित ट्रेनें
68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा पैसेंजर 11 से 18 अप्रैल तक बिलासपुर में समाप्त होगी, आगे का सफर रद्द रहेगा
68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया पैसेंजर 11 से 18 अप्रैल तक बिलासपुर से संचालित होगी, झारसुगुड़ा–बिलासपुर खंड रद्द रहेगा
यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 18250/18249 एवं 18252/18251 कोरबा–रायपुर–कोरबा हसदेव एक्सप्रेस को 11 से 18 अप्रैल तक कोरबा–बिलासपुर–कोरबा के बीच पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलाया जाएगा।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।
*26 किश्तों से मजबूत हुआ भरोसा, योजना से बदली जीवन की दिशा*
*योजना से महिलाएं बनीं अधिक सक्रिय और आत्मविश्वासी : श्रीमती श्यामा प्रजापति*
कोरबा-
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की सुशासन सरकार महिलाओं के उत्थान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में संचालित की जा रही सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना आज महिलाओं के जीवन में व्यापक और सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बना रही है, बल्कि उन्हें परिवार और समाज में एक नई पहचान और सम्मान भी दिला रही है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। यह राशि महिलाओं के लिए एक स्थायी सहारा बनकर उभर रही है, जिससे वे अपने दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को सहजता से पूरा कर पा रही हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।
कोरबा शहर के पोड़ीबहार में निवासरत श्रीमती श्यामा प्रजापति योजना की एक सशक्त लाभार्थी हैं। वे आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत हैं और अपने परिवार के पालन-पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उन्हें हर माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, जिससे उनके जीवन में उल्लेखनीय सुधार लाया है।
श्रीमती प्रजापति बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है। बिना किसी अतिरिक्त प्रयास या औपचारिकता के हर माह समय पर मिलने वाली यह सहायता उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करती है। पहले जहां छोटी-छोटी जरूरतों के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब वे इस राशि के माध्यम से अपने कई आवश्यक कार्य स्वयं ही पूर्ण कर लेती हैं।
उन्होंने बताया कि उन्हें अब तक 26 किश्तें प्राप्त हो चुकी हैं, जो उनके जीवन में निरंतर स्थिरता और भरोसा लेकर आई हैं। हर माह मिलने वाली इस सहायता राशि का उपयोग वे अपने घर-परिवार के खर्चों, बच्चों की शिक्षा, दैनिक जरूरतों और स्वयं के स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। इससे उन्हें न केवल आर्थिक राहत मिली है, बल्कि मानसिक संतोष और आत्मविश्वास भी प्राप्त हुआ है।
श्रीमती प्रजापति ने कहा कि जब से राज्य सरकार द्वारा यह योजना प्रारंभ की गई है, तभी से उन्हें इसका नियमित लाभ मिल रहा है। इस योजना ने उनके जीवन को आसान और व्यवस्थित बनाया है। अब वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं और अपने बच्चों के भविष्य को लेकर अधिक आश्वस्त महसूस करती हैं।
उन्होंने आगे बताया कि महतारी वंदन योजना उनके जैसी लाखों महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें समाज में एक सशक्त पहचान भी प्रदान कर रही है। अब महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं, बल्कि सामाजिक रूप से भी अधिक सक्रिय और आत्मविश्वासी बन रही हैं।
श्रीमती श्यामा प्रजापति ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के हित में उठाए गए यह कदम अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना ने महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया है और उन्हें समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया है।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के द्वारा 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा। इस क्रम में 09 मई 2026 को जिला न्यायालय कोरबा एवं तहसील विधिक सेवा समिति कटघोरा करतला एवं पाली तथा समस्त राजस्व न्यायालयों में आगामी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाना है। उक्त नेशनल लोक अदालत में समस्त राजीनामा योग्य आपराधिक मामले, बैंक के प्रकरण, लिखत पराक्राम्य अधिनियम की धारा 138, वसूली के प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण एवं अन्य व्यवहार वाद के प्रकरण रखे जायेंगे। श्री संतोष शर्मा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा (छ0ग0) के द्वारा नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों जिसमें 05 से 10 वर्ष से अधिक वाले प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर समझौता हेतु रखे जाने एवं अधिक से अधिक प्रकरण रखे जाने तथा निराकरण किये जाने के प्रयोजनार्थ न्यायिक अधिकारियों की बैठक जिला न्यायालय परिसर के विडियो कान्फ्रेसिंग कक्ष में ली गई एवं बाह्य न्यायालयों में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों की बैठक विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से ली गई ।
इस बैठक में लीलाधर सारथी, विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटी (एससी/एसटी) कोरबा (छ0ग0), श्रीमती गरिमा शर्मा, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा (छ0ग0), डॉ. ममता भोजवानी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) कोरबा, सुनील कुमार नंदे तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा, अविनाश तिवारी श्रम न्यायाधीश कोरबा, सुश्री सीमा प्रताप चंद्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.) कोरबा, श्री सत्यानंद प्रसाद, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कोरबा, श्रीमती सोनी तिवारी प्रथम वरिष्ठ श्रेणी न्यायाधीश कोरबा, कु० डॉली ध्रुव, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कोरबा, कु० कुमुदनी गर्ग, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कोरबा, ग्रेसी सिंह न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा, कु० तृप्ति राघव न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा उपस्थित रहे एवं इस बैठक में बाह्य न्यायालय के श्रीमती श्रद्धा शुक्ला शर्मा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफ. टी. एस. सी. पॉक्सो कटघोरा, श्रीमती मधु तिवारी, प्रथम जिला एवं अतिरिक्त जिला न्यायाधीश कटघोरा, श्री हेमंत कुमार रात्रे तृतीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कटघोरा, श्री शीलू सिंह द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कटघोरा, श्री लोकेश पाटले प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कटघोरा, कु रंजू वैष्णव प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कटघोरा, प्रेरणा वर्मा, द्वितीय यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कटघोरा, सागर चन्द्राकर प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कटघोरा, कु० सोआ मंसुर व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी पाली, श्री हेमंत राज ध्रुवे व्यहार न्यायधीश कनिष्ठ श्रेणी करतला, विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे.
भारत सरकार, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के परिपालन में जिले में आगामी खरीफ मौसम के मद्देनज़र फसलों के अनुसार वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुरूप उर्वरकों की सही मात्रा एवं संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु विशेष जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस संबंध में कृषि विभाग के मैदानी अमले को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
अभियान के तहत किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग एवं वैज्ञानिक सलाह के अनुसार एन.पी.के., कॉम्प्लेक्स तथा एस.एस.पी. जैसे उर्वरकों के3 उचित उपयोग के बारे में जागरूक किया जाएगा। साथ ही यूरिया एवं डी.ए.पी. के अत्यधिक एवं असंतुलित उपयोग से मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ता है, जिससे दीर्घकाल में मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इन दुष्प्रभावों के प्रति किसानों को जागरूक करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
जिले के समस्त सहकारी समितियों में उर्वरकों के संतुलित एवं अनुशंसित मात्रा में उपयोग के संबंध में पोस्टर एवं बैनर के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाई जा रही है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे यूरिया एवं डी.ए.पी. के अंधाधुंध उपयोग के बजाय मिट्टी परीक्षण, फसल की आवश्यकता एवं वैज्ञानिक सुझावों के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करें।
विशेष रूप से चावल आधारित फसल प्रणाली में मिट्टी में फास्फोरस के संचयन को ध्यान में रखते हुए यह सलाह दी जा रही है कि यदि पूर्ववर्ती फसलों में फास्फोरस का उपयोग किया गया हो, तो वर्तमान फसल में इसके उपयोग से बचें। इससे किसानों की लागत में कमी आएगी तथा2 मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार होगा। साथ ही फास्फोरस सॉल्युबलाइजिंग बैक्टीरिया (पी.एस.बी.) के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे मिट्टी में उपलब्ध फास्फोरस को पौधों के लिए उपयोगी बनाया जा सके।
किसानों को एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के अंतर्गत संतुलित उर्वरक उपयोग, एन.पी.के. कॉम्प्लेक्स, एस.एस.पी. एवं जैव उर्वरकों के सही उपयोग के बारे में शिक्षित करने के लिए ग्राम स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही जैविक खाद, नील-हरित शैवाल एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अभियान के माध्यम से किसानों को यूरिया एवं डी.ए.पी. के अत्यधिक उपयोग के दुष्प्रभावों तथा संतुलित उर्वरक उपयोग के लाभों के बारे में जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही मिट्टी परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देते हुए किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड (सॉइल हेल्थ कार्ड) के अनुसार उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
भारतीय थलसेना में अग्निवीर भर्ती हेतु 13 फरवरी 2026 से 01 अप्रैल 2026 तक वेबसाईट wwwjoinindianarmynic.in पर ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किया गया है। सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा दिनांक 01 जून 2026 से 15 जून 2026 तक पंजीकृत अभ्यथियों के लिए ऑनलाईन परीक्षा (CEE) आयोजित किया जाना संभावित है।
भारतीय थलसेना में अग्निवीर भर्ती हेतु पंजीकृत अभ्यर्थियों को छ0ग0 रोजगार विभाग द्वारा निःशुल्क कोचिंग प्रदान किया जायेगा। अतः जो आवेदक लिखित परीक्षा हेतु निःशुल्क ऑनलाईन कोचिंग प्राप्त करना चाहते हैं वे भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु पंजीयन पश्चात् रोजगार विभाग के वेबसाईट www.erojgar.cg.gov.in पर “अग्निवीर भर्ती 2026 की लिखित परीक्षा की तैयारी हेतु निःशुल्क प्रशिक्षण के ऑनलाईन आवेदन” पर क्लिक कर अपनी व्यक्तिगत जानकारी सहित आवेदन छ0ग0 रोजगार विभाग को प्रेषित कर सकते है। आवेदक को लिखित परीक्षा हेतु प्रशिक्षण के लिए ऑनलाईन आवेदन करने के पूर्व “रोजगार कार्यालय में पंजीयन” करवाना अनिवार्य होगा।
The Duniyadari: *ग्रामीणों के अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा होगी : कलेक्टर*
*खदान प्रभावितों को सभी आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी*
कोरबा, 10 अप्रैल 2026/
कलेक्टर कुणाल दुदावत आज प्रस्तावित अम्बिका परियोजना माइंस से प्रभावित पाली विकासखंड के ग्राम करतला पहुँचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएँ सुनते हुए आश्वस्त किया कि खदान से प्रभावित बसाहट में सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। ग्रामीणों ने आत्मीयता के साथ कलेक्टर के सामने अपनी बातें रखीं। कुछ ग्रामीणों ने नए बने घरों के मुआवजे की मांग की, जिस पर कलेक्टर ने बताया कि वर्ष 2023 में किया गया ड्रोन सर्वे उपलब्ध है और परियोजना अधिसूचित होने के बाद नए निर्माणों पर मुआवजा प्रदान करना संभव नहीं होता। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुरूप जो भी पात्र होगा, उसे लाभ जरूर मिलेगा। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को किसी भी दलाल या बिचौलिये के प्रभाव में न आने की सलाह दी।
ग्राम सरपंच ज्योतिष कुमार कुसरो ने गाँव की अनेक समस्याएँ कलेक्टर के समक्ष रखीं, जिनमें एसईसीएल द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों पर अमल न होना, श्रम नियमों के अनुरूप मजदूरी का भुगतान नहीं होना, किसानों को मुआवजा न मिलना तथा खदान प्रभावित क्षेत्र के बाहर नामांतरण पर रोक जैसे मुद्दे शामिल थे। कलेक्टर ने सरपंच की सभी बातों को गंभीरता से सुनते हुए नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने तहसीलदार, एसईसीएल और श्रम विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित कर समस्याओं के त्वरित निराकरण की बात कही। कलेक्टर ने प्रभावित क्षेत्र के बाहर की भूमि में नामांतरण पर लगी रोक हटाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पाली एसडीएम को ग्रामीणों की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने गाँव में सीसी रोड और आंगनबाड़ी भवन की आवश्यकता भी बताई। कलेक्टर ने जर्जर आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण कर उसके मरम्मत योग्य होने पर मरम्मत और अन्यथा नया भवन स्वीकृत करने की बात कही। इस दौरान ग्रामीणों ने अन्य कई समस्याएँ भी रखीं, जिनके समाधान का आश्वासन कलेक्टर ने दिया।
कलेक्टर ने ग्रामीणों को जानकारी दी कि वर्तमान में जिले के प्रत्येक गाँव में राजस्व पखवाड़ा शिविर लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या हो, तो शिविर में आवेदन देकर उसका समाधान अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने ग्रामीणों से टीबी जांच के लिए एक्सरे अवश्य कराने की अपील की और बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गाँव में शिविर लगाकर जांच करेगी, जिससे बीमारी का समय रहते पता चलने पर उपचार आसान होगा।
इसी दौरान एक वृद्धा ने गाँव के एक व्यक्ति द्वारा खेत में जाने से रोकने की शिकायत की। कलेक्टर ने राजस्व टीम को तत्काल मौके पर जाकर विवाद का निराकरण करने का निर्देश दिया। उन्होंने राशन दुकान में चावल वितरण की स्थिति की भी जानकारी ली। बैठक में एसडीएम पाली रोहित सिंह उपस्थित रहे।