कोरबा।टीपी नगर एक कारोबारी के सूने मकान में चोरों ने हाथ साफ कर दिया। कारोबारी के घर से नगदी सहित 5 लाख की चोरी हुई है। हालांकि चोरी घटना सीसी टीवी में कैद है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर सीएसईबी चौकी की पुलिस जांच में जुट गई है।
बता दें कि टी.पी. नगर स्थित आवासी कॉलोनी में निवासरत कारोबारी श्रवण कुमार बेरीवाल के सूने मकान में चोरों ने धावा बोलकर सोने-चांदी के जेवरात सहित लाखों का माल पार कर दिया है। चोरी की वारदात सीसी टीवी कैमरे में कैद हो गई है।
पता चला है कि चोरी के दौरान पूरा परिवार रायपुर में था, जब परिवार के सदस्य ने सुबह सीसी टीवी कैमरे का फुटेज चेक किया तब उन्हें चोरी के बारे में जानकारी हुई। इसके बाद वह रायपुर से कोरबा अपने घर पहुंचे। फिर चोरी की सूचना पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी गयी है।
जांजगीर-चाम्पा ।दोपहर का समय था। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा मुख्यालय से दूर जैजैपुर ब्लॉक् में जगह-जगह दौरे कर रहे थे। एक कार्यालय का निरीक्षण कर वह अपनी कार से सवार होकर निकल भी पड़े थे कि अचानक उन्हें स्कूल की छात्राएं सड़क पर समूह बनाकर खड़ी हुई दिख गई। कलेक्टर ने अपनी कार रुकवाई और बाहर निकल गए। वे पैदल चलने लगे। कार के ड्राइवर से लेकर उनके गनमैन तक को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या ? कलेक्टर साहब किधर चले जा रहे हैं। सभी उनके पीछे चलने लगे। आखिरकार जब कलेक्टर छात्राओं के पास पहुचे तो सबको समझ आया कि वे उनकी समस्याओं को जानने पहुचे हैं।
यहाँ पहुचते ही कलेक्टर श्री सिन्हा ने छात्राओं से पूछा कि आप सभी यहाँ क्यों घूम रहे ? क्लास क्यों अटैंड नहीं कर रहे ?
कलेक्टर के इन सवालों के साथ अनेक छात्रा जैसे घबरा सी गई। इतने में कलेक्टर श्री सिन्हा ने उनसे बहुत ही स्नेहपूर्वक बात करना शुरू कर दिया। कलेक्टर ने उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा। उन्होंने 12 के बाद आगे क्या पढ़ना है यह भी छात्राओं को बताया। इसी बीच कुछ छोटी बच्चियां भी स्कूल ड्रेस में उन्हें दिखी तो कलेक्टर ने उन्हें तत्काल अपने पास बुलाया। यह बच्चियां संकोचवश कुछ बोल भी नहीं पा रही थी। जब कलेक्टर ने उनका उत्साहवर्धन किया तो उसने अपना नाम बताया। अपना नाम सिमरन लहरे बताते ही कलेक्टर ने उनसे 7 का पहाड़ा पूछा। वह बच्ची बोलने से घबरा रही थी तो कलेक्टर ने उन्हें अपना पेन दिखाते हुए कहा कि आप पहाड़ा पढ़ोगे तो मैं आपको इनाम दूंगा। कलेक्टर से इनाम की बात सुनते ही सिमरन ने बिना रुके पहाड़ा पढ़ दिया। सिमरन के पहाड़ा पढ़ते ही आखिरकार कलेक्टर ने अपना वादा निभाया और जेब से पेन निकाल कर न सिर्फ बच्ची को दे दिया,अपितु आसपास इकट्ठी हुई भीड़ से तालियां भी बजवाई। कलेक्टर के हाथों पेन पाकर खुश सिमरन जब उनका पैर छूने लगी तो कलेक्टर ने उन्हें रोकते हुए कहा कि नहीं… नहीं.. ये ठीक नहीं। आप अच्छे से पढ़ाई करना। बड़ी होकर कलेक्टर बनना..। उन्होंने सभी छात्राओं से कहा कि आप अच्छे से पढ़ाई करोगे तो आपको अच्छी नौकरी मिलेगी। राज्य शासन द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए शुल्क भी माफ कर दिया है और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने अनेक योजनाएं भी संचालित कर रही है। आप सभी इसका लाभ उठाइए। कुछ छात्राओं ने शिक्षकों की कमी के विषय में कलेक्टर को बताया तो उन्होंने तत्काल ही इस समस्या को दूर करने की बात कही। कार्यालय आते ही कलेक्टर ने विकासखण्ड के शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि स्कूल समय में कोई भी विद्यार्थी सड़क में नहीं दिखनी चाहिए। आप शिक्षकों की व्यवस्था कर नियमित अध्यापन कराए। उनकी पहली प्राथमिकता है कि स्कूल आने से कोई वंचित न हो और स्कूल आकर कोई ज्ञान से वंचित न रहे।
कलेक्टर को देखकर आसपास के कुछ लोग भी यहाँ आए हुए थे। उन्होंने कलेक्टर को देखते ही अपने क्षेत्र की समस्या को सामने रखा। लोगो ने बताया कि ग्राम जुनवानी की सड़क उखड़ चुकी है। चलना मुश्किल हो रहा है। कलेक्टर ने लोगो की मांग को पूरा की बात कही। उन्होंने कहा कि अभी बारिश है इसलिए तत्काल सड़क बनवाना आसान नहीं। अभी चलने लायक बनवा देते हैं। कलेक्टर की इस बात पर सभी ने सहमति जताई। कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारी को तत्काल ही गड्ढे भरने के निर्देश दिए।
बॉलीवुड अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन इन दिनों अपने रिलेशन की खबरों को लेकर छाई हुई हैं. 10 साल बड़े बिजनेसमैन ललित मोदी ने तस्वीरें शेयर करते हुए सुष्मिता से साथ अपना रिश्ता ऑफिशियल कर दिया था. इसके बाद से ही एक्ट्रेस के फैंस काफी हैरान है. ऐसे में जहां एक्ट्रेस को तमाम सेलेब्स और फैंस ने सपोर्ट किया तो वहीं कुछ लोग उनकी इस रिलेशनशिप के कारण खूब आलोचना और ट्रोलिंग भी कर रहे हैं. ऐसे में सुष्मिता सेन ने ट्रोल को मंहतोड़ जवाब दिया है.
ट्रोल हो रही हैं सुष्मिता सेन
10 साल बड़े ललित मोदी को डेट करने पर लोग सुष्मिता सेन को ‘पैसों की लालची औरत’ और ‘गोल्ड डिगर’ जैसे शब्द कह रहे हैं. अब गोल्ड डिगर कहे जाने पर सुष्मिता सेन एक पोस्ट के जरिए ट्रोलर पर अपनी भड़ास निकाली है. इस पर अब सुष्मिता सेन ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल एक तस्वीर शेयर करते हुए एक लंबा चौड़ा नोट लिखा है.
सुष्मिता सेन ने दिया करार जवाब
इस नोट में सुष्मिता ने लिखा है, “बीतों दिनों में मेरा नाम गोल्ड डिगर दौलत की लालची कहकर सोशल मीडिया पर काफी उछाला जा रहा है. मेरी जमकर आलोचना की जा रही है. लेकिन मैं इन आलोचनाकर्ताओं की बिल्कुल भी परवाह नहीं करती हूं. मैं सोना नहीं बल्कि हीरे की परख रखने का हुनर रखती हूं. ऐसे में कुछ बुद्धिजीवियों के जरिए गोल्ड डिगर कहना उनकी निचली मानसिकता को साफ-साफ दिखाता है. इन तुच्छ लोगों के अलावा मुझे मेरे शुभचिंतकों और परिवारजनों का पूरा समर्थन है. क्योंकि मैं सूर्य की तरह हूं जो अपने अस्तित्व और विवेक लिए हमेशा चमकता रहेगा.”
तसलीमा नसरीन ने कही ये बात
ललित मोदी के साथ सुष्मिता सेन के रिलेशनशिप पर लेखक और एक्टिविस्ट तसलीमा नसरीन का रिएक्शन सामने आया है. तसलीमा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर कहा कि सुष्मिता एक अनअट्रैक्टिव इंसान के साथ रिलेशनशिप में हैं. साथ ही उन्होंने लिखा कि इतनी खूबसूरत महिला को ऐसे व्यक्ति से प्यार नहीं हो सकता, वो पैसे के लिए उनके साथ हैं.
सुष्मिता सेन ललित मोदी का रिलेशन
आपको बता दें कि कुछ दिन पहले पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर अपनी और सुष्मिता सेन की कुछ तस्वीरों को साझा करते हुए ये जानकारी दी थी कि वह एक दूसरे को डेट कर रहे हैं. इसके अलावा ललित ने ये भी बताया है कि आने वाले समय में वह सुष्मिता सेन के साथ शादी भी करेंगे.
भोपाल/खरगोन। Maharashtra Roadways passenger bus falls into Narmada river! मध्यप्रदेश के खरगोन में बड़ा सोमवार सुबह इंदौर से महाराष्ट्र जा रही बस नर्मदा नदी में अनियंत्रित होकर गिर गई है। हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई वहीं 15 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
Maharashtra Roadways passenger bus falls into Narmada river! सीएम शिवराज सिंह चौहान भी घटना पर नजर बनाए हुए हैं। सीएमओ से जानकारी दी गई है कि बस को क्रेन से निकाल लिया गया है।
Maharashtra Roadways passenger bus falls into Narmada river! मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रशासन की तरफ से बताया गया है कि इस घटना में 12 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही 15 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया है।
हादसा खलघाट के संजय सेतु पर हुआ है। एमपी के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घटना की पुष्टि की है। एमपी के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह बस महाराष्ट्र रोडवेज की है।
इंदौर से पुणे जा रही थी बस
बस इंदौर से पुणे जा रही थी। नर्मदा नदी के पुल पर ब्रेक फेल होने की वजह से यह हादसा हुआ है। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने कहा कि नदी का बहाव बहुत तेज है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि बस में 50-55 लोग सवार थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव के इस्तीफे वाली चिट्ठी को लेकर मुख्यमंत्री निवास में रविवार को हुई विधायक दल की बैठक में 14 मंत्रियों-विधायकों ने सिंहदेव के पत्र में लगाए गए आरोपों पर आपत्ति जताई।
मंत्री और विधायकों ने सिंहदेव के पत्र को अनुशासनहीनता कहा गया। बताया जा रहा है कि सिंहदेव के खिलाफ कार्यवाई की मांग वाले एक पत्र पर भी अधिकांश विधायकों के हस्ताक्षर लिए गए हैं। इसे लेकर प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया दिल्ली जाएंगे।
नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ.शिव डहरिया ने उठाया सिंहदेव के इस्तीफे का मुद्दा, इन्होेंने की कार्यवाही की मांग
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री निवास में रविवार रात कांग्रेस विधायक दल की बैठक राष्ट्रपति चुनाव के मतदान का प्रशिक्षण देने के सिंगल एजेंडे पर आयोजित थी।
बैठक शुरू हुई तो नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने टीएस सिंहदेव के इस्तीफे का मामला उठा दिया। डहरिया ने कहा, यह सरकार को अपमानित करने वाली स्थिति है। सरकार अच्छा काम कर रही है। इसके बावजूद ऐसा लिखा जा रहा है, यह बेहद आपत्तिजनक है।
राजिम विधायक अमितेश शुक्ला ने कहा, उनके बाप-दादा के जमाने में भी कभी ऐसा नहीं हुआ। यह ठीक नहीं हो रहा है। भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने यहां तक कह दिया कि यह सरासर अनुशासनहीनता का मामला है। ऐसा पत्र लिखने वाले के खिलाफ अभी और यहीं कार्यवाही होनी चाहिए।
खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा, हमारे आदिवासी विधायक बृहस्पत सिंह ने इनके लिए कुछ बोल दिया था तो सदन में माफी मांगनी पड़ी। ये बोल रहे हैं तो कुछ नहीं!
विधायक डॉ. विनय जायसवाल, विनोद चंद्राकर, चंद्रदेव राय, द्वारिकाधीश यादव, कुलदीप जुनेजा, शिशुपाल शोरी, रेखचंद जैन, कुंवर सिंह निषाद और आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने भी अनुशासनहीनता पर कार्यवाही की मांग वाली ऐसी ही बातें कहीं।
चौबे बोले- आहत हैं विधायक, अब फैसला हाई कमान के हाथ
बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा में संसदीय कार्य मंत्री और सरकार के प्रवक्ता रविंद्र चौबे ने कहा, यह बड़ा मामला है। महाराज साहब (टीएस सिंहदेव) ने जिस तरीके से पत्र लिखा है, उस पर अधिकांश विधायकों ने प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है।
रविंद्र चौबे ने कहा सिंहदेव ने अपने विभाग छोड़ने के जो कारण गिनाए हैं, उसकी वजह से अधिकांश विधायक आहत महसूस कर रहे थे। पुनिया के समक्ष उन्होंने अपनी बातें रखी हैं। चौबे ने कहा, पुनिया जी यहां हाईकमान के प्रतिनिधि हैं, वे वहां अपनी बात रखेंगे। मैं समझता हूं उसके बाद कोई सम्मानजनक हल निकलेगा।
हसन कमाल के लिखे और सलमा आगा पर फिल्माया गया गीत पुलिस विभाग पर क्या खूब जम रहा है। दरअसल हुआ यूं कि पिछले दिनों राज्य सरकार ने ये घोषणा की कि कटघोरा में एडिशनल कलेक्टर और एडिशनल एसपी की पोस्टिंग की जाएगी। एक प्रकार से यह कटघोरावासियों के आंदोलन पर मरहम लगाने जैसा था।
इस घोषणा के बाद कुछ पुलिस अधिकारी कटघोरा एडिशनल एसपी बनने का सपना संजोकर पोस्टिंग कराने के जुगाड़ में लग गए। इसी बीच सरकार ने अति.पुलिस अधीक्षकों की एक ट्रांसफर सूची जारी की और कोढ़ में खाज वाली बात ये कि सूची में कटघोरा एएसपी का जिक्र ही नहीं था। फिर क्या कटघोरा ग्रामीण एएसपी बनने का सपना अधूरा रह गया। अब तो “दिल के अरमां भी आंसुओं में बह गए….!”
जानकारों की माने तो कोयले के गढ़ में बिना दाग लगे हीरा तराशने की मंशा पुलिस अधिकारियों की धरी की धरी रह गई। इन साहबों का ट्रांसफर तो हो गया लेकिन एक दर्द छोड़ गए..”न दिल ही मिला न विसाल.ए.सनम, न इधर के रहे न उधर के रहे!” खैर जहां चाह है वहां राह भी हैं..इस आस के साथ नई गोटी बैठाने के जुगाड़ में लग गए हैं।
काम करने का तरीका बदलना होगा तेवर नहीं…
अजय देवगन का वो मशहूर डायलॉग” मैंने काम करने का तरीका बदला है तेवर नहीं” भाजपा के केंद्रीय मंत्री पर सटीक बैठ रहा है। दरअसल मंत्री ने योजनाओं की समीक्षाओं के साथ-साथ पार्टी नेताओं के कार्यों की भी आंतरिक समीक्षा कर दी।
नेतागिरी के सहारे दुकानदारी करने वाले नेताओं की दुखती रग पर बातों-बातों में ही हाथ रख दिया। उनके तेवर देख अब लोकल नेता कहने लगे हैं.. काम करने का तरीका बदलना होगा!
कहा तो यह भी जा रहा है कि पार्टी की बैठक में एक नेता ने अपना परिचय झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ पदाधिकारी होने का दिया तो मंत्री जी ने कहा कि तुम्हारा पहनावा तो झुग्गी झोपड़ी के नेताओं वाला नहीं है।
मतलब लोकल नेता को मुंह की खानी पड़ी और तो और उनके तेवर देख पार्टी के बड़े-बड़े लीडरों की भी बोलती बंद हो गई। हो भी क्यों ना यहां तो नेता कम व्यापारी ज्यादा हैं। अपने फायदे के लिए राजनीति कर अपनी जेबें भर रहे हैं।
खबरीलाल की माने तो मंत्री के तेवर से टिकट के दावेदारों की भी बोलती बंद हो गई। मंत्री जी के तेवर से संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों व पोस्टरबाज नेताओं में खलबली मची हुई है।
फंड हाथियों का और पल रहे…
हाथियों के लिए मिलने वाले फंड से फारेस्ट के अधिकारी पल रहे हैं.. ये बात भले ही अटपटी लग रही हो पर यह सच है। अब अधिकारियों के बीच वन्यप्राणियों के संरक्षण के लिए मिलने वाले फंड की जमकर बंदरबाट हो रही है। एलिफेंट कॉरिडोर यानि हाथियों के गुजरने वाले रास्ते में लाखों का तालाब और उनके लिए अनुकूल वातावरण बनाने के नाम पर तो कागजों में जमकर खर्च हो रहा था। लेकिन, अब उन निरीह जीवों के आहार पर भी गोलमाल हो रहा है।
दरअसल जिले का 40 फीसदी भूभाग फारेस्ट एरिया में आता है तो स्वाभाविक है कि वन्यप्राणियों का रहवास भी बहुतायत है। जंगल में विचरण करने वाले वन्यप्राणियों के संरक्षण के लिए सरकार हर साल बजट देती है और अधिकारी उसे कागजों पर खर्च हजम कर जाते हैं।
अब पिछले साल के ज्वार के लिए बजट को ही ले लीजिए, हाथियों के लिए ज्वार खिलाने के लिए 5 लाख का बजट भेजा, पर शायद ही हाथियों को ज्वार खाने को मिला होगा। अब इस बार 10 लाख की लागत से फिर से हाथियों के लिए विभाग के अधिकारी केला और मक्का की खेती करा रहे हैं।
मतलब साफ है नाम हाथियों का और मलाई विभाग के अधिकारियों खा रहे हैं। खैर जंगल विभाग कुछ भी कर दें तो कोई अचंभा नहीं है क्योंकि 12वीं पास बीटगार्ड भी बीई होल्डर इंजीनियर को चैलेंज कर लाखों का डैम और पुलिया बना रहे हैं।
….हे सखी सावन ना आयो!
कहावत है कि बादल अगर उल्टे बरसने लगे तो हरियाली कहां से आएगी, कुछ ऐसा ही हाल प्रदेश की राजधानी में भी देखने को मिल रहा है। यानि खंड वर्षा मतलब जहां बरस गया वहां हरियाली…जहां नहीं बरसा वहां सूखा। वैसे शहर में हरियाली ढ़ूंढना सावन में आसमान पर सूरज ढ़ूंढने जैसा ही है। हां कुछ हरियाली नया रायपुर में मंत्रालय, संचालनालय में देखने को जरूरी मिली पर अब वहां भी सूखा सूखा नजर आ रहा है।
करीब सप्ताह भर पहले मंत्रालय और संचालनालय में अफसर बाबू सावन उत्सव मनाने की तैयारी कर रहे थे। दफ्तरों में सावन उत्सव की फाइल तैयार हो रही थी, उम्मीद थी कि एक बार सरकार से तबादला करने की छूट मिला तो अपना भी सावन मन जाएगा। कुछ माननीय विधायकों ने भी अपनी अपनी लिस्ट तैयार कर मंत्रियों के बंगलों पर भी पहुंचा दी। मगर प्रदेश की मुखिया के आवास जो कैबिनेट की बैठक हुई उसने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
सभी को बता दिया गया कि अभी तो तबादला होने से रहा। सामने चुनाव आने वाला है तबादला तो होंगे मगर समन्वय की फाइल चलना जरूरी है। यानि हरियाली हर किसी के हिस्से में नहीं आने वाली…।
सीएम हाउस से निकली ये खबर सावन की बादलों के साथ उड़ते हुए जब मंत्रालय तक पहुंची तो वहां सभी के चेहरे लटक गए। अफसर बाबू सभी यहीं चर्चा करते मिले कि ….हे सखी अबकि सावन ना आयो……बल्कि इस बार सावन की जगह समन्वय ने ले ली….!
भिलाई । यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया छत्तीसगढ़ एवं छत्तीसगढ़ राज्य पर्यटन मण्डल के मध्य एम. ओ. यू. हुआ । जिसके तहत अब छग पर्यटन मण्डल की सभी गतिविधियों में यूथ हॉस्टल्स की संयुक्त भागीदारी रहेगी ।
छग पर्यटन मण्डल द्वारा आज से राज्य के विभिन्न स्थलों पर मानसून फूड फेस्टीवल का आयोजन भी किया जा रहा है । यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया छत्तीसगढ़ शाखा के चेयरमेन संदीप सेठ एवं सेक्रेटरी के. सुब्रमण्यम ने संयुक्त विज्ञप्ति में बताया कि माननीय अटल श्रीवास्तव अध्यक्ष छग राज्य पर्यटन मण्डल , माननीया श्रीमती चित्ररेखा साहू उपाध्यक्ष छग राज्य पर्यटन मण्डल , श्री अनिल कुमार साहू प्रबंध निदेशक छग राज्य पर्यटन मण्डल , श्री गौरव द्विवेदी सलाहकार राज्य योजना आयोग छग शासन , श्री प्रेम कुमार सचिव जलवायु परिवर्तन एवं वन विभाग छग शासन , श्री अरुण कुमार पाण्डेय अपर मुख्य वन संरक्षक छग शासन और श्री रूपेश पाण्डेय मुख्य कार्यकारी अधिकारी यूथ हॉस्टल्स की मौजूदगी में यह एम.ओ.यू.आज रायपुर में सम्पन्न हुआ ।
इस अवसर पर सतीश शुक्ला , सुनील विश्नोई , शशांक मोघे , अशोक झाबक , संदीप मुरारका , शैलेश शुक्ला , मंसूर खान , सुबोध देवाँगन , अजय श्रीवास्तव आदि की गौरवमय उपस्थिति रही । छग पर्यटन मण्डल और यूथ हॉस्टल्स के मध्य सभी प्रकार के संयुक्त आयोजनों एवं गतिविधियों के लिए एम.ओ.यू. होने पर यूथ हॉस्टल्स के प्रादेशिक एवं सभी इकाइयों के समस्त पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है ।
बरेली. उत्तर प्रदेश के बरेली में फतेहगंज पूर्वी थाने के एक इंस्पेक्टर के वायरल ऑडियो की काफी चर्चा हो रही है. यह ऑडियो मनोज कुमार नाम के एक इंस्पेक्टर का है, जो एक महिला कांस्टेबल से अश्लील बातें कर रहा है. इंस्पेक्टर मनोज पहली बार इस तरह चर्चा में नहीं आया है, इससे पहले भी वह खनन माफियाओं से अपने रिलेशन को लेकर भी चर्चा में रहा है. जानकारी के अनुसार, इंस्पेक्टर थाने पर ही नियुक्त एक महिला पुलिसकर्मी से अश्लील वार्तालाप कर रहा है.
हालांकि इस ऑडियो की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. खबर है कि इस अश्लील ऑडियो के बाद एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने रंगीन मिजाज इंस्पेक्टर मनोज कुमार को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच शुरू कराने के आदेश दिए हैं.
महिला पुलिसकर्मी के निजी जीवन पर कमेंट
ऑडियो में पहले महिला पुलिसकर्मी के साथ सामान्य वार्तालाप शुरू हुआ. फिर धीरे-धीरे यह वार्तालाप महिला पुलिसकर्मी के व्यक्तिगत जीवन पर कमेंट करते हुए अश्लील शब्दों पर उतर आया. ऑडियो को सुनकर जाहिर हो रहा है कि जब इंस्पेक्टर महिला पुलिसकर्मी के व्यक्तिगत जीवन पर कमेंट कर रहे हैं तो उसने बात को काटने का भी प्रयास किया, लेकिन वह फिर भी उसी बात को दोहराता रहा. बाद में ऑडियो कट हो जाता है.
अब इस ऑडियो की अश्लील बातचीत का जिक्र थाने और चौकियों पर हो रहा है. जैसे ही ऑडियो की जानकारी एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज को हुई उन्होंने तत्काल प्रभाव से रंगीन मिजाज इंस्पेक्टर फतेहगंज पूर्वी मनोज कुमार को लाइन हाजिर कर दिया.
खनन माफियाओं से संबंध की भी चर्चा
उधर, इंस्पेक्टर मनोज कुमार पहले खनन माफिया से संबंधों को लेकर भी चर्चाओं में रहा है. हाल ही तहसीलदार फरीदपुर से अवैध खनन की एक शिकायत हुई थी. तहसीलदार ने इंस्पेक्टर को खनन की शिकायत करने वाले व्यक्ति का नंबर देकर उससे बात करने को कहा तो इंस्पेक्टर ने उससे बात न करके सीधे खनन माफिया को ही शिकायतकर्ता का नंबर दे दिया था. इसके बाद खनन माफिया ने शिकायतकर्ता को फोन पर अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली थी.
न्यूज डेस्क। पटना में अरेस्ट हुए पीएफआई सदस्यों के बाद से कई तरह के तथ्य सामने आ रहे हैं. इस क्रम में एक वॉट्सऐप ग्रुप के बारे में भी पता चला है कि जिसका नाम गजवा ए हिंद बताया जा रहा है. अब इस ग्रुप को बनाने वाले शख्स को गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि इस वॉट्सऐप ग्रुप (Whatsapp Group) में काफी आपत्तिजनक कंटेंट शेयर किया जा रहा था. इस खबर को लेकर हर किसी वॉट्सऐप एडमिन को यह जानना जरूरी है कि उनके वॉट्सऐप ग्रुप में अगर कोई आपत्तिजनक कंटेंट शेयर हो रहा है तो उनके लिए दिक्कत बन सकती है. इसलिए आज हम आपको बताते हैं कि आखिर वॉट्सऐप पर आने वाला कंटेंट एडमिन (Rules For Whatsapp Group Admin) के लिए कैसे दिक्कत बन सकता है.
ऐसे में जानते हैं कि आखिर वॉट्सऐप ग्रुप एडमिन को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किस तरह कंटेंट पर नजर रखनी चाहिए. तो जानते हैं इससे जुड़े कानून के बारे में…
एंटी-नेशनल कंटेंट पर नजर रखें-टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अगर किसी ग्रुप पर कोई एंटी नेशनल कंटेंट जानकारी शेयर की जाती है तो शेयर करने वाले के साथ एडमिन को दोषी ठहराया जा सकता है. पहले कई ऐसे मामले आए हैं, जिनमें एडमिन को गिरफ्तार किया गया है. अगर आप एक ग्रुप एडमिन हैं, तो आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ग्रुप पर ऐसी कोई सामग्री दिखाई न दे.
हिंसा को बढ़ाने वाला कंटेंट शेयर होने पर-अगर किसी ग्रुप पर ऐसे कंटेंट शेयर किया जाता है, जो किसी क्षेत्र, जाति, समुदाय के खिलाफ होता है और उससे हिंसा बढ़ने का खतरा रहता है तो एडमिन को इस पर ध्यान रखना चाहिए. इस स्थिति में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, वर्ना लोगों को इसमें दिक्कत भी हो सकती है.
पोर्नोग्राफी शेयर करने से बचें-रिपोर्ट के अनुसार, कई ग्रुप ऐसे होते हैं, जिसमें पोर्न से जुड़े कंटेंट शेयर किए जाते हैं, लेकिन ऐसा करना अपराध है. अगर कभी ऐसे ग्रुप शिकायत के घेरे में आते हैं तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
झूठी खबरें शेयर करने बचें-इसके साथ ही ये भी ध्यान रखा जाए कि वॉट्सऐप ग्रुप पर कोई भी झूठी खबर शेयर ना हो. झूठी खबरों को फैलाने को लेकर एक कानून भी बना हुआ है और अगर कानून का उल्लंघन करता है और एडमिन दोषी पाया जाता है तो उन्हें सजा भी हो सकती है.
कोर्ट ने एडमिन को दी थी राहत
हालांकि, साल 2016 में एक ऑर्डर में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा था कि अगर किसी ग्रुप में कोई कंटेंट पोस्ट किया जा रहा है तो वॉट्सऐप एडमिन इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा. ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि अलग अलग मामलों में एडमिन को जिम्मेदार माना गया था. कोर्ट ने यह भी कहा था कि कोई भी पोस्ट ग्रुप में एडमिन की मर्जी से नहीं भेजा जाता है, ऐसे में इसे बाहर रखा गया था.
उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में एएसपी विवेक यादव और एसओजी की टीम ने रविवार को परतापुर स्थित ऑक ट्री होटल में छापा मारा। छापामारी के दौरान टीम ने अवैध रूप से चल रहा डिजिटल कसीनो पकड़ा। वहीं शहर के जाने-माने लगभग 41 युवक और बाहर से बुलाई गई दर्जनों लड़कियों के पकड़े जाने की बात कही जा रही है।
काफी समय से ऑक ट्री होटल में बड़े स्तर पर कसीनो चल रहा था, जहां शहर और आसपास के शहरों से आने वाले रहीसजादे जुआ खेलते थे। वहीं उन लोगों के इंटरटेनमेंट के लिए बाहर से लड़कियां भी बुलाई जाती थीं। इस बात की जानकारी एएसपी विवेक कुमार को लगी तो उन्होंने बिना थाने की पुलिस को सूचना दिए एसओजी टीम के साथ छापा मारा। उन्होंने भारी मात्रा में ताश की गड्डी, कोयंस व कई दर्जन मोबाइल बरामद किए हैं।
वहीं कसीनो में रहीसजादों के इंटरटेनमेंट के लिए विदेशों से लड़कियां भी लाई गई थीं। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर परतापुर थाने पहुंचा दिया, जिनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं पुलिस ने होटल मालिक की तलाश में शुरू कर दी है।