खाद और खाज ,मौखिक में थानेदारी, मरा हुआ हाथी तो… डीएमसी की डमरू,गोठ बात…
मौखिक में थानेदारी..कहीं पड़ न जाये भारी
जिले में थाना चलाने के लिए विभाग ने नया प्रयोग किया गया है। इस नए प्रयोग से थानेदार बिना
लिखित आदेश के थानेदारी कर रहे हैं। उच्च अधिकारियों के आदेश पर चल रहे इस प्रयोग का न तो विभाग के अफसरों को समझ आ रहा है और न इसके जानकारों को !
खबरीलाल की माने तो पाली , बांगो , कटघोरा और दीपका थाना के थानेदार इस नए प्रयोग के फेर में उलझकर थानेदारी कर रहे हैं। अब जब कोई बात फंसती है तब क्या होगा। खैर यह बात विभाग के उच्च अधिकारियों को समझने की जरूरत है। लेकिन, जिस तरह का उपयोग थानेदारों का हो रहा है उसे सुनकर सभी सकते में है? खबर तो ये भी है की एक नए थानेदार ने कोरबा आते ही बालको थाना की जिद्द्द पकड़ ली थी, लेकिन उसे बड़े थाने का प्रभारी बनाया गया है।
यहां मरा हुआ हाथी तो छोड़िए कुर्सी भी लाखों की..
कहते है हर मरा हुआ हाथी सवा लाख का होता है पर यहां तो हाथी छोड़िए जनाब ट्रांसफर के बाद भी कुर्सी लाखों की है। दरअसल वन विभाग के एक लिपिक का ट्रांसफर प्रमोशन के साथ सीसीएफ कार्यालय में हुआ और कोरबा डिवीजन में नए लिपिक की पोस्टिंग हुई।
अंगद की तरह पांव जमा कर बैठे लिपिक की ट्रांसफर के बाद विभाग के अधिकारी राहत की सांस ले रहे थे, पर उन्हें क्या पता कि कोरबा डिवीजन के लिपिक की कुर्सी इतनी मंहगी है जो आसानी से नहीं छूटेगा। हुआ भी यही ट्रांसफर के बाद वन विभाग की मलाई खा चुके बड़े बाबू ने अपना स्थानांतरण को कोरबा अटैच करा कर फिर से कुर्सी पर अधिकार जमा लिया।
हां ये बात अलग है कि जिस लिपिक की कोरबा डिवीजन में पोस्टिंग हुई थी उसे ब्यय 2 में कुर्सी देकर सन्तुष्ट कर दिया गया। कहा तो यह भी जा रहा है कि इस खेल में विभाग के उच्च अधिकारी और वन वृत्त के अधिकारी का आर्शीवाद है। हो भी क्यों न एक जानकारी की माने तो मार्च क्लोजिंग टाइम में लाखों की कमाई जो हुई थी। तो कुर्सी के लिए कुछ तो खर्चा करना पड़ेगा।
डीएमसी की डमरू पर नाच रहे….
किसी सरकारी दफ्तर में खरीदी हो या भर्ती या फिर हो पोस्टिंग , सभी में डीएमसी का दखल रहता है। पहली बार इस नंबर दो के अधिकारी का रुतबा देख विभागीय अधिकारी और कर्मचारी कहने लगे है कि डीएमसीसी के डमरू में विभाग के उच्च अधिकारी भी नाच रहे हैं।
दरअसल उच्चाधिकारी के हर फैसले पर दखल रखने वाले इस डीएमसी को सुपर डीईओ भी कहा जाने लगा है। खबर तो यह भी अब विभाग में कोई भी काम कराना हो तो आप सीधा उनके पास चले जाइये, सब बिगड़े काम बन जायेंगे ! ख़ैर कहा तो यह भी जा रहा है कि जिसकी कुछ दिनों पहले पुछारी नहीं थी वो अब बॉस बन गया है। उसके विभागीय रुतबा को देखते लोग भी कहने लगे हैं ” सब समय की माया और जहां माया है वहां तो रंक भी राजा बन जाता है। ठीक उसी तरह डीएमसी का तो छोड़िए उनके डमरू से भी विभाग के लोग नाच रहे हैं।
गोठ बात के बाद सोझ बात
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जिन जिन जिलों में पहुंच रहे हैं उन जिलों के अफसरों की सांसें फूलने लगी हैं। कहने को तो वो गांव में रुक रुक कर लोगों से भेंट मुलाकात कर रहे हैं पर इसके पीछे सीएम जिलों के अफसरों के कामों का फीडबैक भी लेते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के साथ मंत्रालय के अफसरों की टीम भी इसकी मानिटरिंग कर रही है। यानि कुछ के नंबर बढ़ गए हैं तो कुछ बाई ग्रेस सीएम की परीक्षा में पास होने के लिए रायपुर में अपने संपर्क सूत्रों की तलाश में लग गए हैं। लेकिन जो अफसर दफ्तर के एयरकंडिशन आफिस में बैठ कर अफसरशाही की मलाई उड़ाते रहे उनके चेहरों पर बरसात में भी पसीना आ रहा है। सभी को अंदाजा हो गया है कि अगले महीने यानि विधानसभा के मानूसन सत्र से पहले सीएम ‘भेंट मुलाकात’ में मिले फीड बैक के आधार पर अफसरों से गोठ बात के बाद सोझ बात करने वाले हैं वो इसकी तैयारी कर लें।
0.खाद और खाज
छत्तीसगढ़ में मानसून कभी रूठ रहा है तो कभी हंसा रहा है। मगर किसान की हालत जस की तस है। वो न तो रूठ रहा ना ही हंस रहा है वो बस अपना सर खुजा रहा है। किसान ये समझ नहीं पा रहा है कि किसानी के समय में मानसून कब दगा दे जाए कुछ पता नहीं मगर अगर खेत में डालने वाले खाद ने दगा दे दिया तो फिर सर खुजाने से भी काम नहीं चलेगा। प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा दोनों ने बार बार …खाद खाद खाद बोल कर किसानों को भरमा दिया है। कांग्रेस के मंत्री जहां खाद की कमी का रोना रो रहे हैं तो भाजपा वाले इसे प्रदेश सरकार की नाकामी बता रहे हैं। मगर किसान पूछ रहा है माई बाप हमर खाद ला कोन खा गइस….! सोसयटी में लाइन लगाते किसानों के बदन में खाज उठने लगी है। अगर समय पर किसानों को खाद नहीं मिला तो किसान सर खुजाने के बजाए सरकार को खुजा बैठे तो फिर…….
✍️ अनिल द्विवेदी,ईश्वर चन्द्रा
प्यार में धोखा: कीटनाशक पिलाकर गर्लफ्रेंड को मार डाला, आरोपी ने बताई ये सच्चाई
रायगढ़। प्यार परवान चढ़ें तो लोग चांद सितारों को तोड़ लाने का दावा करते हैं पर जब प्यार में धोखा हो तो अंजाम कुछ तरह होता है। मामला रायगढ़ के लैलूंगा का है जहां उसके आशिक ने एक नाबालिक लड़की हत्या इसलिए कर दी कि उसे उसकी बेवफाई का पता लग चुका था, कि किसी के साथ चक्कर चला रहा है। इससे पहले की वो शादी करने के लिए दवाब बनाती उसने कीटनाशक पिलाकर मौत की नींद सुला दिया।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 17 साल की लड़की को 21 जून को गंभीर हालत में लैलूंगा CHC में भर्ती कराया गया था। यहां से उसकी हालत को देखते हुए बाद में उसे रायगढ़ के जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। यहां होश आने पर लड़की ने डॉक्टरों को बताया कि उसके प्रेमी ने उसे जबरदस्ती कीटनाशक पिलाया था। जिसके चलते उसकी तबीयत बिगड़ी है।
इधर, लड़की के बयान के बाद कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और लड़की ने पूरे घटनाक्रम को एक कागज में लिखकर कोतवाली पुलिस को बताया कि 20 जून की शाम को उसके बॉयफ्रेंड नीलांबर सिदार ने जबरदस्ती कीटनाशक पिला दिया था। कल देर शाम को लड़की की इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस ने सख्ती तो उगला राज
लड़की के बयान के बाद लैलूंगा पुलिस आरोपी नीलांबर सिदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की उसने बताया कि उसका नाबालिग लड़की से प्रेम संबंध था। मगर ये बात उसके घरवालों को पसंद नहीं थी। इसलिए उन्होंने उसे उसके रिश्तेदारों के यहां रहने भेज दिया था। इस बीच मेरा संबंध किसी और लड़की से हो गया था। मैं उस लड़की को अपने साथ लेकर घर आ गया था और अपनी पत्नी बनाकर रखा था।
नाबालिग वापस जब अपने घर आ गई तो उसे इस बारे में पता चला गया था। जिसके चलते वह नीलांबर से झगड़ा किया करता थी। नीलांबर ने बताया कि 20 जून की शाम को वह बोइरमुडा जंगल में बकरी चराने आई थी। यहां आने के बाद वह फिर झगड़ा करने लगी। मैं रोज-रोज के झगड़े से तंग आ गया था। इसलिए पहले से ही अपने साथ Unitrin (कीटनाशक) लेकर गया था। जब फिर झगड़ा हुआ तो मैंने उसे ये कीटनाशक जबरदस्ती पिला दिया था।
इसके बाद नाबालिग अपने घर चले गई थी। अगले दिन उसकी तबीयत बिगड़ी तो उसे अस्पताल ले जाया गया था। जिसके बाद 25 जून को लड़की की मौत हो गई है। पुलिस ने अब आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
YouTube से हटाया गया सिद्धू मूसेवाला का गाना ‘SYL’, जानिए गाने के किन बोल पर मचा था विवाद
नई दिल्ली। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की हत्या के बाद रिलीज हुए उनके गाने ‘SYL’ को यूट्यूब (YouTube) से हटा दिया गया है। हालांकि, अभी तक यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं कि कारण क्या थे लेकिन रिलीज के बाद से इस गाने के कुछ हिस्सों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। माना जा रहा है कि गाने के कुछ हिस्सों को विवादित माने जाने के कारण इसे यूट्यूब से हटाया गया है।
यूट्यूब पर देख चुके हैं 27 मिलियन लोग
बता दें कि सिद्धू मूसेवाला का गाना ‘SYL’, 23 जून को रिलीज किया गया था। इसे यूट्यूब पर 27 मिलियन (27 Million) से ज्यादा बार देखा जा चुका था। माना जा रहा है कि मूसेवाला का यह गाना SYL चर्चित विवाद सतलुज-यमुना लिंक नहर (Sutlej-Yamuna Link canal) पर आधारित रहा। मूसेवाला का गाना (Moosewala Song) उस पानी के मुद्दे और सतलुज-यमुना लिंक नहर के बारे में बात करता है, जो काफी लंबे समय से पंजाब और हरियाणा के बीच कलह का मुख्य कारण रहा है।
इन बातों को किया गया था जिक्र
इसके अलावा, गाने में अविभाजित पंजाब, 1984 के सिख दंगों (Anti- Sikh Riots 1984), बंदी सिखों की रिहाई, सतलुज-यमुना लिंक नहर से जुड़े अधिकारियों के हत्या करने वाले और बब्बर खालसा (Babbar Khalsa) से जुड़े रहे बलविंदर सिंह जटाना (Balwinder Singh Jatana) की बात की गई थी। साथ ही किसान आंदोलन (Kisan Aandolan), लाल किले पर निशान साहिब के झंडे को फहराने, दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया गया था।
KORBA: यूथ हॉस्टल एसोसिएशन की पहल… फलदार पौधे का किया रोपड़…
कोरबा।यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया कोरबा इकाई, छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा बेला गांव के पास काकरझुंझा स्टॉप डैम के पास बीज रोपण कार्यक्रम का आयोजन किया।

विभिन्न फलों के बीजों को रेत, मिट्टी, गोबर और कृमि खाद के मिश्रण में सीड बम बनाया गया था जिसे पूरी तरह सूखने के बाद *सीड बम* को पॉलिथीन में रख सुरक्षित किया गया था।

आज प्रातः यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया कोरबा इकाई के सदस्यों की टीम वन क्षेत्र के पास गई और बेला के पास स्टॉप डैम के गीले क्षेत्रों में बीज बम फेंके गए। बीज अपने आप अंकुरित हो जाएगा। आज लगभग 350 सीड बम का इस्तेमाल किया गया, जिसमे फलदार पौधों के बीज, आयुर्वेदिक पौधों के बीज,फूलदार पौधों के बीज और छायादार पौधों के बीजों का रोपण सीड बम के माध्यम से रोपा गया । यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष किये जाने की योजना बनी है।
टीम में डीबी सुब्बा इकाई के कोषाध्यक्ष, इकाई सचिव ,पर्यावरण संरक्षण समिति छत्तीसगढ़ के चेयरमैन शैलेन्द्र नामदेव, श्याम केवट वरिष्ठ सदस्य और संदीप सेठ राज्य चेयरमैन सम्मिलित हुये। इस दौरान बेला गांव के लोग भी शामिल हुये और इकाई के सभी सदस्यों का सहयोग रहा।
KORBA: अब 29 जून के आंदोलन को मिला सर्व शिक्षा संघ का साथ… हड़ताल में होंगे शामिल….
कोरबा। 29 जून को आयोजित कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की हड़ताल में सर्व शिक्षक संघ शामिल होगा। केंद्रीय कर्मचारियों के समान 34 प्रतिशत मंहगाई भत्ता और सातवें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता सहित अन्य प्रमुख मांगों के लिए एक दिवसीय आंदोलन करेंगे। कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर केंद्रीय कर्मचारियों के समान 34 प्रतिशत मंहगाई भत्ता और सातवें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता सहित अन्य कर्मचारी मांगों के लिए एक दिवसीय आंदोलन का आयोजन किया गया है।
बता दें कि इस आंदोलन में कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए सर्व शिक्षक संघ शामिल रहेगा। संघ के प्रदेश महासचिव विपिन यादव ने सर्व शिक्षक संघ के समस्त पदाधिकारियों व सदस्यों से अपील करते हुए कहा है कि मंहगाई भत्ता कर्मचारियों का अधिकार है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में 12 प्रतिशत कम मंहगाई भत्ता दिया जा रहा है। जबकि अन्य पड़ोसी राज्यों में राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान मंहगाई भत्ता प्रदान किया जा रहा है। दिन ब दिन बढ़ती महंगाई और कम महंगाई भत्ते ने राज्य कर्मचारियों को आंदोलन के लिए विवश कर दिया है। महंगाई बढ़ने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिवार का भरण पोषण मुश्किल हो जा रहा है।
एकनाथ ,,,,तरुण दादा की राह पर,,,,?? 2001 में छ ग में जो हुआ,, क्या वही महाराष्ट्र में होगा??
सबकी निगाहें इन दिनों महाराष्ट्र के घटनाक्रम पर टिकी हुई है सब यह तो बता रहे हैं कि क्या हो रहा है कोई यह नहीं बता पा रहा कि सस्पेंस से भरे राजनीतिक रस्साकशी का परिणाम किसकी तरफ होगा?? तो आज मैं इसी पर रौशनी डालने की कोशिश करता हूँ,,,,
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महाराष्ट्र में आखिर हो क्या रहा है ??
और होने क्या जा रहा है ??
छत्तीसगढ़ के लोगों को आसानी से समझाने के लिए छत्तीसगढ़ का ही उदाहरण से ही समझिए ,,,, तो आज जो कहानी महाराष्ट्र में हो रही है वैसा कुछ 2001 में cg में देखा गया,,,, उसी घटना के परिणीति आज का ये दल बदल कानून है,,, जिसकी वजह से दलों को तोड़ने की नेताओ की मशक्कत इनदिनों बढ़ी हुई है ,,!!!!!,2001 का वह राजनीतिक घटनाक्रम राजनीति में रुचि रखने वाले सभी को याद होगा ,,,,,जिसमें उस समय के दल बदल कानून को धता बताकर अजीज जोगी ने भाजपा के एक बड़े धड़े को भाजपा से पहले अलग किया फिर एक अलग दल के रूप में मान्यता दिलाई फिर कांग्रेस में विलय कर लिया बस समझ लीजिए यही कुछ होने वाला है महाराष्ट्र में छत्तीसगढ़ के तरुण दादा महाराष्ट्र के एकनाथ मुंडे हैं जिनके साथ विधायकों का एक बड़ा समर्थन हैं और उस समय भाजपा की जो स्थिति इस गढ़ में थी वहीं कुछ स्थिति का सामना इन दिनों उद्धव ठाकरे कर रहे हैं
और उस समय (2001) भाजपा की जो स्थिति छ ग गढ़ में थी वहीं कुछ स्थिति का सामना इन दिनों शिव सेना कर रही है 2000 में मध्य प्रदेश से अलग होने के बाद कमान लखीराम अग्रवाल वाया ताराचंद साहू थी और भाजपा के विधायकों की संख्या 34 ,, कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत था लेकिन बहुमत के आंकड़े के कोर में कांग्रेस खड़ी थी और रह रह कर विद्याचरण का खतरा अजीत जोगी को डरा रहा था,,,, ऐसे में भाजपा को कमजोर करने के लिए अजीत जोगी ने उस समय के दल बदल कानून के नियम का उल्लंघन किए बिना धीरे-धीरे भाजपा को तोड़ा और किसी को कानों कान खबर नहीं लगने दी,,,,, जब उन विधायकों की संख्या जब 13 हो गई तब इस बात का खुलासा किया गया,, क्योंकि कुल विधायकों की संख्या के एक तिहाई याने 25% विधायकों को अलग गुट और दल के रूप में मान्यता तभी मिल पाती जब ये संख्या उनके पास होती,,, बड़ी चतुराई से भाजपा के इन विधायकों को जोड़ा गया जिसमें बीजेपी से रायपुर कद्दावर विधायक तरुण दादा जो कि अपनी लोकप्रियता के कारण जाने जाते थे उन्होंने अहम भूमिका निभाई ,,, अजीत जोगी ने इस घटना के लिए जो स्क्रिप्ट तैयार की थी हुआ भी वही!!!!,,,,, 13 विधायक अलग हुए विधानसभा अध्यक्ष से अगल दल की मान्यता मांगी जो आसानी से मिल भी गई,,,,
फिर हुआ तो प्लान था उस के मुताबिक,,,13 विधायको ने पहले छ ग विकास कांग्रेस बनाया ,,,और एक दो दिन बाद ही ये दल ने कांग्रेस में विलय कर लिया इसे कांग्रेस विधायकों को संख्या बढ़ गई थी,,,,अजित जोगी का प्लान सफल हो गया था,, 12 भाजपाइयों को तोड़ने वाले तरुण दादा को मंत्री पद मिला दो और साथी मंत्री भी बने,,, इस के साथ कांग्रेस की सत्ता में पकड़ मजबूत हुई , उनके दल में विधायकों की संख्या बढ़ी ,,,,,कुछ ऐसा ही इस समय भाजपा महाराष्ट्र में कर रही है,,,, और इसी तर्ज पर धीरे से दल बदल कानून के 75% विधायकों को संख्या के आंकड़े को जमा किया जा चुका है बड़ी चतुराई से शिव सेना के दूसरे नम्बर के बड़े नेता को तोड़ा गया और अब इस गुट को अलग दल या प्रमुख शिव सेना के रूप में मान्यता दिलाने की तैयारी है इस प्लान का मास्टर माइंड की दो दलों में विवाद की स्थिति में शिव सेना का चुनाव चिन्ह फ्रिज करने की रणनीति होगी ,, हो सकता है बाद में सरकार बना कर या शिव सेना के बड़े गुट का विलय करा दिया जाए,,शिव सेना से अलग हो कर दल की मान्यता के लिए 37 विधायक का अंक जो एकनाथ ने जुटा लिया है
पर उसकी सफलता की राह कुछ विधायकों की सदस्यता रद्द करने का पैंतरा राह में रोड़ा है,,,, पर राजनीतिक पैंतरा और कानून स्वरूप तो वैसा ही एकनाथ ने अपनाया हुआ है जो 2001 में तरुण दादा ने अपनाया और बाद में बड़ा मंत्री पद पाया,,,!!! स्क्रिप्ट पुरानी है लेकिन परिस्थिति नई है और छ ग जैसे छोटे प्रदेश से कई गुना बड़े प्रदेश और हाई प्रोफ़ाइल विधेयको से जुड़े होने के साथ सत्ता पक्ष के विधायको को तोड़े जाने का बड़ा मामला है इस टास्क को पूरा करना मामूली काम नही ऐसे में छ ग की तरह ही सब कुछ हो इसमे संशय है ,,, पर राह वही है उसपर दौड़ने वाली गाड़िया नए मॉडल की है जिनकी रफ़्तार भी तेज है पर परिणाम क्या होगा राम जाने । लेखक मोहन तिवारी आजकल रायपुर रहते हे।
KORBA:राजस्व मंत्री के मुख्य आतिथ्य में 27 जून को होगा सी मार्ट का लोकार्पण…स्व सहायता समूहों के उत्पादों के ब्रांड हसदेव का होगा शुभारंभ…
कोरबा ।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशा अनुरूप महिला स्व सहायता समूहों को सशक्त बनाने तथा उनके द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार उपलब्ध कराने के लिए कोरबा शहर में सी मार्ट का शुभारंभ होने जा रहा है। राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य और अध्यक्षता में 27 जून को सी मार्ट का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही स्व सहायता समूहों के उत्पादों के ब्रांड हसदेव का भी शुभारंभ किया जाएगा।
बता दें कि शुभारंभ समारोह 27 जून को दोपहर 3:00 बजे कोरबा शहर स्थित टीपी नगर चौक होटल शालीन के बाजू में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं कटघोरा विधायक पुरुषोत्तम कंवर, मुख्यमंत्री अधोसंरचना एवं उन्नयन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं पाली तानाखार विधायक मोहित राम केरकेट्टा, रामपुर क्षेत्र के विधायक ननकीराम कंवर, नगर निगम कोरबा के महापौर राजकिशोर प्रसाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर एवं नगर निगम के सभापति श्यामसुंदर सोनी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
सी मार्ट में महिला समूहों के उत्पाद की होगी बिक्री
सी मार्ट में जिले में कार्यरत स्व सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पाद तथा स्थानीय उत्पाद सुपर मार्केट के रूप में एक ही छत के नीचे नागरिकों के खरीदी के लिए उपलब्ध रहेंगे।
समूह बना रहे उत्पाद
माहिल समूहों द्वारा बनाए जा रहे स्थानीय उत्पाद जैसे अचार, पापड़, मसाले, महुआ के उत्पाद, अगरबत्ती, काजू, डेली नीड के समान, साबुन, फिनॉइल, हाइजीन प्रोडक्ट्स, सेनेटरी नैपकीन, वनोपज से निर्मित उत्पाद, अश्वगंधा चूर्ण, गिलोय, मुलेठी जैसे वन औषधि , एलोवेरा, आमला, महुआ लड्डू आदि से लेकर दैनिक उपयोग की वस्तुएं सी मार्ट में उपलब्ध रहेंगे।
शिल्पकार और बुनकर के भी उपलब्ध रहेंगे उत्पाद
शिल्पकारों, बुनकरों, दस्तकरों, कुम्भकरों और अन्य पारंपरिक एवं कुटीर उद्योगों द्वारा निर्मित उत्पाद भी बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। इससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार के साधन बढ़ेंगे। सी-मार्ट महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्यों के लिए आत्मनिर्भर बनने की राह में मील का पत्थर साबित होगा। इससे समूहों की आमदनी में बढ़ोतरी होगी तथा स्वरोजगार के साधन भी बढ़ेंगे। समूहों के उत्पादों को बाजार मिलने से उत्पादन में शामिल लोगों को अधिक आर्थिक लाभ होगा।
सत्ता के नशे में झूम शराबी झूम…- मीडिया के सामने जब लड़खड़ाए एकनाथ शिंदे तो अलका लांबा ने कसा तंज, देखें वीडियो
न्यूज डेस्क। महाराष्ट्र की राजनीति में जारी उठापटक के बीच शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे और उनके समर्थक असम के गुवाहाटी में रैडिसन ब्लू होटल में ठहरे हुए हैं। शिंदे ने दावा किया कि इस वक्त उनके पास गुवाहाटी में 40 विधायक मौजूद हैं, जिनमें 12 निर्दलीय विधायक हैं। कुल मिलाकर उनके पास 52 विधायक हैं। इस बीच एकनाथ शिंदे का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वो मीडिया के सामने लड़खड़ा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को कांग्रेस प्रवक्ता अलका लांबा ने ट्विटर पर शेयर किया है। वीडियो के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, “सत्ता के नशे में झूम शराबी झूम बराबर।” इस वीडियो में एकनाथ शिंदे मीडिया के सामने लड़खड़ाते और नशे में झूमते नजर आ रहे हैं। वह मीडिया के सवालों का सही से जवाब भी नहीं दे पा रहे हैं।
Caption contest. No abuse. Only wit pic.twitter.com/SL89LYikUe
— Swati Chaturvedi (@bainjal) June 25, 2022
16 बागी विधायकों को नोटिस: वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष ने एकनाथ शिंदे गुट के 16 बागी शिवसेना विधायकों को अयोग्यता नोटिस जारी किया है। इन विधायकों को 27 जून 2022 तक लिखित जवाब दाखिल करना है। शिंदे समर्थक विधायकों ने अपने गुट का नाम ‘शिवसेना बालासाहेब’ रखा है।जिसके बाद शिवसेना भवन में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि वे जो करना चाहते हैं कर सकते हैं, मैं उनके मामलों में दखल नहीं दूंगा। वे अपना फैसला खुद ले सकते हैं, लेकिन किसी को भी बालासाहेब ठाकरे के नाम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
एम उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने बागी विधायकों के सवाल पर कहा कि हम शिवसेना के बागी विधायकों द्वारा किए गए विश्वासघात को नहीं भूलेंगे। हम निश्चित रूप से जीतेंगे।
KORBA: कार की लगी रेस और कुछ दूर पर हुआ … डिवाइडर से टकराकर पलटी गाड़ी…
कोरबा। युवाओ में रफ्तार का जूनून सर चढ़कर बोल रहा है। इस रफ्तार की रेस में आज दो युवाओं में कार की रेस लगी और कुछ दूर जाकर ढेर हो गई यानि डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हालाकि इस हादसे में हल्की चोट आई है, पर एक बड़ा हादसा भी हो सकता था।
हम बात कर रहे सुबह सुबह बुधवारी बाजार के समीप पलटे कार की। जानकारी के मुताबिक दो युवाओं में सुबह कार रेसिंग की शर्त लगी। रेसिंग कर रहे युवाओं ने कार का स्टेरिंग संभाला और एक्सीलेटर पर जोर दिया कुछ दूर जाकर गाड़ी डिवाइडर से जा टकराई। रफ्तार की वजह से अनबैलेंस हुए कार फिल्मी स्टाइल में पलट गई। इस हादसे में वाहन चालकों को मामूली चोटे आई है, पर जिस अंदाज में बिगड़ैल युवा रेस लगा रहे उससे किसी बड़े हादसे से भी इंकार नही किया जा सकता।






