The Duniyadari: कोरबा, 30 मई 2026/ कार्यालय उप पुलिस अधीक्षक, एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), बिलासपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार एसीबी/ईओडब्ल्यू इकाई बिलासपुर द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के अंतर्गत दर्ज अपराध क्रमांक 0/2026 की कार्रवाई में कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, पोड़ी उपरोड़ा में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 प्रदीप मिश्रा को 29 मई 2026 को प्रार्थी अमृत बघेल से 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
एसीबी की कार्रवाई के बाद आरोपी श्री मिश्रा को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा द्वारा यह माना गया कि उनका यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत है।
फलस्वरूप, श्री प्रदीप मिश्रा, सहायक ग्रेड-02, कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, पोड़ी उपरोड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, कटघोरा निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
The Duniyadari: *खाद वितरण में पारदर्शिता व नियमों का कड़ाई से पालन करें सुनिश्चित: कलेक्टर कुणाल दुदावत*
*शासन द्वारा निर्धारित मात्रा अनुसार किसानों को पूर्ण पारदर्शिता के साथ खाद प्रदान करने के दिए निर्देश*
*किसानों की सहायता हेतु जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित, हेल्पलाइन नंबर सभी समितियों में प्रदर्शित करने किया निर्देशित*
कोरबा 30 मई 2026/ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले में किसानों को रासायनिक उर्वरकों की सुचारु एवं पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सहकारी समिति प्रबंधकों एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं की समीक्षा बैठक लेकर खाद के भंडारण एवं विक्रय संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए । उन्होंने किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु खाद वितरण में पारदर्शिता और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने निर्देशित किया। साथ ही उर्वरक नियंत्रण आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसानों को निर्धारित मानकों के अनुसार पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि जिले में खरीफ 2026 के लिए रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा किसानों को आवश्यकता अनुसार खाद उपलब्ध कराने के लिए विभाग सतत निगरानी की जा रही है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों के भंडारण, परिवहन एवं विक्रय में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग एवं जिला स्तरीय उर्वरक नियंत्रण दल द्वारा नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पीओएस मशीन में उपलब्ध स्टॉक और वास्तविक भंडार में अंतर, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर विक्रय, बिना लाइसेंस उर्वरक वितरण, अनुदान प्राप्त खाद का दुरुपयोग तथा अनुचित स्थानों पर भंडारण जैसी अनियमितताएं पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी समिति प्रबंधको को निर्देश देते हुए कहा कि पंजीकृत किसानों से संपर्क कर उन्हें अग्रिम खाद उठाव के लिए प्रोत्साहित करें तथा खाद वितरण की प्रक्रिया में अपेक्षित गति लाएं। उन्होंने निर्देशित किया कि समितियों में उपलब्ध उर्वरकों का शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं मात्रा के अनुसार किसानों को पूर्ण पारदर्शिता के साथ वितरण किया जाए तथा वितरण व्यवस्था से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत की स्थिति निर्मित न हो। सभी इसका विशेष ध्यान रखें।
कलेक्टर ने खाद उठाव एवं वितरण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना सभी संबंधित अधिकारियों एवं प्रबंधकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी समिति प्रबंधकों को खाद वितरण एवं उठाव की प्रगति में उल्लेखनीय सुधार लाने के निर्देश दिए।
बैठक में निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं दुकान संचालकों को निर्देशित करते हुए कलेक्टर श्री दुदावत ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों के विक्रय में शासन द्वारा निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की अवैध जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों को निर्धारित मात्रा में ही उर्वरक विक्रय करने तथा कृषक पंजी का अनिवार्य रूप से संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही
निजी विक्रेताओं को किसानों को उर्वरकों के साथ किसी अन्य सामग्री, जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व, रसायन, बीज, कीटनाशक अथवा दवाओं की टैगिंग या दबावपूर्ण बिक्री नहीं की जाएगी। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित विक्रेता का लाइसेंस निरस्त या निलंबित की कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि सभी निजी उर्वरक विक्रेता अपने प्रतिष्ठानों पर पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक का नियमित मिलान बनाए रखें, जिससे वितरण व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे तथा किसी प्रकार की विसंगति की स्थिति उत्पन्न न हो।
कलेक्टर ने सहकारी समितियों को खरीफ 2026 के दौरान किसानों को उर्वरक वितरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिसमें सीमांत किसानों को पिछले वर्ष वितरित उर्वरक यूरिया की 80 प्रतिशत एवं डीएपी की 60 प्रतिशत मात्रा एकमुश्त, लघु किसानों को निर्धारित मात्रा में से यूरिया दो किश्त में तथा बड़े कृषकों को निर्धारित मात्रा में से यूरिया तीन किश्तों में उपलब्ध कराने निर्देशित किया। जिससे खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता बनी रहे।
बैठक में किसानों की सुविधा एवं शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कलेक्टर श्री दुदावत ने निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर का प्रदर्शन सभी सहकारी समितियों एवं संबंधित संस्थानों में प्रमुखता से किया जाए, ताकि किसानों को आवश्यक जानकारी एवं सहायता समय पर प्राप्त हो सके। समितियों को धान खरीदी वर्ष 2025-26 के लिए पंजीकृत, किसान पुस्तिका तथा भू-अधिकार पुस्तिका धारक किसानों की यूआरडी सूची से शत-प्रतिशत आधार सीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही समितियों के गोदामों में उपलब्ध उर्वरक की जानकारी संबंधित समितियों में प्रदर्शित करने को कहा गया।
इस अवसर पर उप संचालक कृषि डी पी एस कंवर, उप पंजीयक सहकारी संस्थान एम मिंज, डीएमओ श्री ऋतुराज देवांगन, सहायक नोडल सहकारी केंद्रीय बैंक श्री मुकेश कुमार पटेल सहित सभी सहकारी समिति प्रबंधक एवं निजी खाद विक्रेता एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
The Duniyadari: Raipur- गुरु अर्जुन देव के शहीदी दिवस पर राजधानी रायपुर के तेलीबांधा स्थित गुरुद्वारा परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने गुरु अर्जुन देव के अद्वितीय बलिदान को मानवता, सत्य और सेवा की रक्षा का प्रतीक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छबील सेवा में भाग लेते हुए राहगीरों को शरबत और प्रसाद वितरित किया। उन्होंने कहा कि यह परंपरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में सेवा, करुणा और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का माध्यम है। भीषण गर्मी में लोगों को ठंडा शरबत पिलाना निस्वार्थ सेवा की उत्कृष्ट मिसाल है।
मुख्यमंत्री ने गुरु अर्जुन देव के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्रदर्शनी में उनके जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों, आध्यात्मिक योगदान, हरमंदिर साहिब के निर्माण, आदि ग्रंथ के संकलन और शहादत तक की प्रेरक यात्रा को प्रदर्शित किया गया था.
उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव ने सत्य और न्याय के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, लेकिन कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनका जीवन प्रेम, समानता, सहिष्णुता और मानव कल्याण का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की पीढ़ी को ऐसे महापुरुषों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए।
इस दौरान सिक्ख समाज ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक पगड़ी पहनाकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास इतिहास और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
The Duniyadari: रायपुर/अभनपुर-अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने और कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद गोबरा नवापारा थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक रायपुर (ग्रामीण) श्वेता श्रीवास्तव सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, गोबरा नवापारा क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस अधिकारियों द्वारा समय-समय पर कार्रवाई और नियंत्रण के निर्देश दिए जाने के बावजूद क्षेत्र में यह गतिविधियां जारी रहीं, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे।
मामला तब और गंभीर हो गया जब एसीसीयू की टीम ने 29 मई को एक छापेमारी के दौरान अवैध शराब के कारोबार का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन उनके व्यवहार और एक आरोपी से अलग से हुई बातचीत को लेकर संदेह व्यक्त किया गया। अधिकारियों ने इसे गंभीर अनुशासनात्मक विषय मानते हुए जांच के बाद तत्काल निलंबन का निर्णय लिया।
आदेश के तहत निलंबन अवधि में दीपेश जायसवाल को पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) से संबद्ध किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। इस कार्रवाई को अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
The Duniyadari: राजनांदगांव जिले के सोमनी क्षेत्र में एक 14 वर्षीय किशोरी के साथ कथित तौर पर हुई लापरवाही और पुलिस की संवेदनहीनता का मामला चर्चा का विषय बन गया है। पेट दर्द की शिकायत पर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची किशोरी को जांच के बाद गर्भवती बताया गया, जिससे परिवार सकते में आ गया। बाद में दूसरी जांच में रिपोर्ट गलत साबित हुई और किशोरी गर्भवती नहीं पाई गई।
परिजनों का आरोप है कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने किशोरी को देर रात थाने लाकर घंटों तक पूछताछ की। इस दौरान उसके साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। स्वजनों का कहना है कि घटना के बाद बच्ची मानसिक रूप से बेहद परेशान है और उसकी तबीयत भी लगातार बिगड़ रही है।
मामले ने तूल पकड़ा तो परिजन जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मिले तथा कार्रवाई की मांग की। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सोमनी थाना प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया है, जबकि स्वास्थ्य केंद्र की संबंधित मेडिकल अधिकारी को भी उनके पद से हटा दिया गया है।
घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और पुलिस के रवैये पर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
The Duniyadari: बालोद जिले में सरकारी कार्यालय की मर्यादा को तार-तार करने वाला एक मामला सामने आया है। जिले के एक धान संग्रहण केंद्र से वायरल हुए वीडियो ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में कुछ कर्मचारी कार्यालय परिसर के भीतर बैठकर शराब पार्टी करते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह मामला मालीघोरी धान संग्रहण केंद्र का है, जहां कार्यरत एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अपने साथियों के साथ कथित तौर पर शराब का सेवन करता नजर आया। हैरानी की बात यह है कि कार्यालय की अलमारी, जहां सरकारी अभिलेख और जरूरी दस्तावेज रखे जाने चाहिए, वहां शराब की बोतलें रखी हुई दिखाई दे रही हैं।
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकारी दफ्तरों में इस तरह की गतिविधियां न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि शासन-प्रशासन की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। मामले को लेकर विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
The Duniyadari: कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन को लेकर शुक्रवार देर रात बड़ा विरोध देखने को मिला। कांग्रेस विधायक सावित्री मंडावी अपने समर्थकों और ग्रामीणों के साथ बेलवापानी रेत खदान पहुंचीं और मौके पर धरना देकर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
विधायक ने आरोप लगाया कि खदान में निर्धारित सीमा से बाहर जाकर मशीनों की मदद से रेत निकाली जा रही है। उनका कहना है कि भारी उपकरणों के इस्तेमाल से खनन नियमों और पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी की जा रही है। स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बाद उन्होंने स्वयं स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने खदान क्षेत्र में कई वाहन और मशीनें संचालित होते हुए देखीं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाकर कार्रवाई की मांग की। बताया जा रहा है कि शाम से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा, जिसके बाद प्रशासनिक टीम वहां पहुंची और एक मशीन को सील करने के साथ कुछ वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई की।
सावित्री मंडावी ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर थाना घेराव और व्यापक आंदोलन किया जाएगा। इस घटना के बाद क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
The Duniyadari: Raipur- मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai शनिवार को राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह 11:30 बजे राम मंदिर परिसर स्थित सुंदर सदन में आयोजित पत्रकारिता गौरव उत्सव में शामिल होकर कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर 12:40 बजे तेलीबांधा स्थित गुरुद्वारा पहुंचेंगे, जहां वे चित्र प्रदर्शनी एवं शहीदी दिवस से जुड़े आयोजन में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में वे लगभग आधे घंटे तक मौजूद रहेंगे।
दोपहर बाद मुख्यमंत्री का कार्यक्रम मठपारा स्थित दुधाधारी सत्संग भवन में निर्धारित है। यहां वे दोपहर 3:10 बजे से 3:40 बजे तक आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। सभी कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री शाम से पहले अपने निवास लौटेंगे। राजधानी में उनके दौरे को देखते हुए संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
The Duniyadari: सक्ती– जिले में युवती से दुष्कर्म और बंधक बनाकर शारीरिक शोषण करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी वारदात के बाद से फरार था, जिसे साइबर सेल की मदद से दबोच लिया गया।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 25 मई को मालखरौदा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। युवती ने बताया कि उसकी पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से बिलासपुर जिले के मस्तूरी क्षेत्र निवासी 26 वर्षीय युवक से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी ने शादी का भरोसा देकर उसे मिलने के लिए बुलाया।
आरोप है कि युवक युवती को बाइक से एक सुनसान इलाके में ले गया, जहां धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का कहना है कि इसके बाद आरोपी उसे अपने साथ दूसरे राज्यों तक ले गया और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर लगातार उसका शोषण करता रहा। इस दौरान युवती का मोबाइल सिम भी तोड़ दिया गया ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान आरोपी के घर लौटने की सूचना मिली, जिसके बाद साइबर सेल की सहायता से पुलिस ने उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को स्वीकार किया है। फिलहाल उसे न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जबकि मामले की विस्तृत जांच जारी है।
The Duniyadari: Raipur के उरला मेटल पार्क स्थित एक औद्योगिक इकाई में शुक्रवार को अचानक भीषण आग लगने से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आग ने देखते ही देखते फैक्ट्री के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे परिसर में घना धुआं फैल गया। घटना के समय फैक्ट्री में कई कर्मचारियों के मौजूद होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर नियंत्रण पाने के प्रयास शुरू किए गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया, जो संभावित रूप से अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हुई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र को घेर लिया है और लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर धुएं से भर गया, जिससे कर्मचारियों में दहशत फैल गई। फिलहाल किसी के हताहत होने या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आग लगने के कारणों का भी अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है।
स्थानीय प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें लगातार मौके पर डटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि आग पूरी तरह बुझने और रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त होने के बाद ही नुकसान का सही आकलन और घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।