The Duniyadari: KORBA: वार्ड के अवाला गार्डन की स्थिति काफी समय से खराब थी। आज दिनांक 10/04/2026 को वार्डवासियों की मांग पर आज गार्डन के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार/सौंदर्यीकरण कार्य का भूमि पूजन कर कार्य प्रारंभ किया गया।
इस अवसर पर बालको मंडल अध्यक्ष श्री दिलेंद्र यादव, किसान मोर्चा अध्यक्ष श्री आर. ए. नारायण, बूथ अध्यक्ष श्री निखिल मित्तल, पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती अर्चना रूंहिजा, श्री कृष्णा सोनी जी, श्री राजेश सोनी जी, वार्ड के गणमान्य नागरिकों एवं युवा साथियों की उपस्थिति में भूमि पूजन संपन्न हुआ।
वार्ड में तेज गति से विकास कार्य लगातार किए जा रहे हैं। कुछ अन्य समस्याएं भी सामने आई हैं, जिनके संबंध में संबंधित अधिकारियों को पत्र देकर अवगत कराया गया है। जैसे ही स्वीकृति प्राप्त होगी, उन कार्यों को भी शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
आप सभी के सहयोग और आशीर्वाद से वार्ड के विकास का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
The Duniyadari: *कलेक्टर ने किया चैतमा स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण*
कोरबा, 10 अप्रैल 2026/
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत चैतमा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध ओपीडी सेवाओं, मरीज़ों के पंजीयन, उपचार एवं दवाइयों की उपलब्धता, लैब तथा प्रसव सुविधा की विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद वे वार्ड में पहुँचे और वहाँ भर्ती मरीज़ों से उपचार व्यवस्था के विषय में बातचीत की।
कलेक्टर ने वार्ड में भर्ती मरीज़ों के रिकॉर्ड और उपचार पर्ची की जाँच कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में अलग-अलग कमरों में संचालित हो रही ओपीडी सेवाओं को सुव्यवस्थित करते हुए प्रवेश द्वार के समीप उपलब्ध कक्ष में संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि मरीज़ों को बेहतर सुविधा मिल सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने होम्योपैथी उपचार सेवाओं का अधिकाधिक लाभ मरीज़ों तक पहुँचाने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की बेहतर स्वास्थ्य जाँच सुनिश्चित करने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध एम्बुलेंस के सुचारू संचालन हेतु वाहन चालक की तत्काल व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने शुगर जाँच की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश बीएमओ को दिए।
The Duniyadari: सरगुजा- भ्रष्टाचार के एक मामले में सरगुजा की विशेष अदालत ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लिपिक को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ममता पटेल की अदालत ने आरोपी पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त छह माह का कारावास भुगतना होगा।
प्रकरण वर्ष 2020 में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा की गई ट्रैप कार्रवाई से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, बतौली ब्लॉक के मिडिल स्कूल घोघरा के सेवानिवृत्त हेडमास्टर बरनावास मिंज को सेवानिवृत्ति के बाद अवकाश नकदीकरण और सातवें वेतनमान के एरियर सहित करीब सात लाख रुपये प्राप्त होने थे। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने बीईओ कार्यालय के लिपिक प्रमोद गुप्ता से संपर्क किया।
आरोप है कि आरोपी लिपिक ने पहले बिल तैयार करने के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत ली। इसके बाद उसने कोषालय में बिल जमा कराने के लिए अतिरिक्त दस हजार रुपये की मांग की और राशि जारी करने के लिए दबाव बनाया। लगातार परेशान किए जाने पर सेवानिवृत्त शिक्षक ने एसीबी से शिकायत की।
शिकायत के बाद एसीबी ने योजना बनाकर 30 दिसंबर 2020 को बतौली स्थित बीईओ कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई की।
इस दौरान आरोपी प्रमोद गुप्ता को दस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी करार दिया और तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।
इस निर्णय के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है, क्योंकि मामला एक सेवानिवृत्त शिक्षक से जुड़ा था, जिन्हें अपने ही हक की राशि पाने के लिए रिश्वत देने को मजबूर होना पड़ा।
The Duniyadari: जांजगीर- जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त अभियान चलाया हुआ है।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश पर राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम लगातार कार्रवाई कर रही है।
इस अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 612 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 1 करोड़ 74 लाख 19 हजार 220 रुपये की राशि वसूल कर शासन के खनिज मद में जमा कराई गई है।
प्रशासन ने अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बार-बार अवैध गतिविधियों में पकड़े जाने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने के लिए आरटीओ को भी निर्देशित किया गया है। साथ ही जब्त की गई अवैध रेत को संबंधित वाहनों से पुनः नदी में डलवाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
खनिज विभाग के अनुसार, अवैध खनिज गतिविधियों में शामिल लोगों पर छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज संसाधनों के संरक्षण और राजस्व हानि रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
पिछले दो महीनों में भी प्रशासन ने सघन अभियान चलाकर 50 प्रकरण दर्ज किए हैं। इन मामलों में 16 लाख 73 हजार 176 रुपये की वसूली की गई है। अधिकारियों ने बताया कि आगे भी अवैध खनन के खिलाफ नियमित निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
इसी क्रम में ग्राम नवापारा में संयुक्त टीम ने अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की। जांच के दौरान नदी किनारे डंप की गई लगभग 200 ट्रैक्टर रेत को वापस नदी में डलवाया गया।
इसके अलावा अवैध परिवहन में संलिप्त दो हाईवा वाहनों को जब्त कर पुलिस लाइन में रखा गया है। संबंधित प्रकरण में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23(ख) के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन, भंडारण और परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
The Duniyadari: केसीजी- सड़क सुरक्षा को लेकर जिला पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। हाल ही में चलाए गए विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वाले 87 वाहन चालकों को न्यायालय ने कुल 9 लाख 65 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
पुलिस ने इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय में प्रस्तुत किया था, जहां आरोपियों पर आर्थिक दंड लगाया गया। इसके साथ ही कई मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस द्वारा अप्रैल 2026 के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी व्यापक कार्रवाई की गई।
इस दौरान मोटरसाइकिल पर तीन सवारी बैठाकर चलने के 258 मामलों में 77,400 रुपये का चालान काटा गया। बिना नंबर प्लेट के 134 वाहनों से 40,200 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
बिना हेलमेट के वाहन चलाने वाले 36 लोगों से 18,000 रुपये और सीट बेल्ट नहीं लगाने वाले 17 चालकों से 8,500 रुपये का समन शुल्क लिया गया।
इसके अलावा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने के 2 मामलों में 600 रुपये, मालवाहक वाहनों में यात्रियों को बैठाने के 5 मामलों में 1,500 रुपये, नाबालिग द्वारा वाहन चलाने के 1 मामले में 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं प्रेशर हॉर्न के 29 मामलों में 8,700 रुपये और अन्य यातायात उल्लंघनों के 83 मामलों में 24,900 रुपये की वसूली की गई।
इस तरह कुल 665 मामलों में 2 लाख 14 हजार 200 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
विशेष रूप से शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्ती बरती जा रही है, क्योंकि ऐसे मामलों में दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता है।
जिला पुलिस ने बताया कि छह मामलों में लाइसेंस निलंबन के लिए परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है।
साथ ही जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
The Duniyadari: बिलासपुर- शहर के कंपनी गार्डन स्थित विवेकानंद उद्यान में शुक्रवार सुबह अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने लोगों पर हमला कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में 25 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत उपचार के लिए सिम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कई लोगों के चेहरे, कान और शरीर के अन्य हिस्सों में सूजन और दर्द की शिकायत बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार सुबह के समय बड़ी संख्या में लोग रोजाना की तरह सैर, पूजा-पाठ और व्यायाम के लिए गार्डन पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियां आक्रामक हो गईं और लोगों पर हमला कर दिया। स्थिति ऐसी बन गई कि लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। भगदड़ के दौरान कुछ लोग गिर भी पड़े, जिससे उन्हें अतिरिक्त चोटें आईं। कई लोग गोल बाजार और संतोष भवन की ओर भागते हुए दिखाई दिए।
घायलों में नरेश घेलानी, रामकुमार डोडवानी, अशोक टेकचंदानी और श्रीचंद नेहलानी सहित कई लोग शामिल हैं। ये सभी सरकंडा, सिंधी कॉलोनी और मसानगंज क्षेत्र से सुबह की सैर के लिए गार्डन पहुंचे थे।
घटना को लेकर अलग-अलग कारण सामने आ रहे हैं। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि किसी ने मधुमक्खियों के छत्ते से छेड़छाड़ कर दी, जिससे वे भड़क गईं। वहीं कुछ लोगों ने तेज आवाज में बज रहे गाने को भी मधुमक्खियों के आक्रामक होने की वजह बताया। उद्यान प्रभारी श्रीकांत नायर के अनुसार पेड़ के नीचे जलाए गए घी के दीपक से उठे धुएं के कारण मधुमक्खियां उत्तेजित हो गईं। उन्होंने बताया कि पहले भी लोगों को वहां दीपक जलाने से मना किया गया था।
उद्यान प्रबंधन ने माना कि गार्डन में लगे मधुमक्खियों के छत्तों को हटाने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। पहले भी इस समस्या के समाधान के प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। नागरिकों ने गार्डन में सुरक्षा बढ़ाने, नियमित निरीक्षण और संभावित खतरों को समय रहते दूर करने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।
The Duniyadari: बिलासपुर- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बस्तर संभाग में हेडमास्टर पदोन्नति से जुड़े 23 मार्च 2026 के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।
प्रारंभिक सुनवाई में अदालत ने आदेश में गंभीर त्रुटियां पाते हुए कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया ऐसे नियमों के आधार पर की गई.
जिन्हें वर्ष 2019 में निरस्त किया जा चुका था, जबकि राज्य में नई पदोन्नति नियमावली 13 फरवरी 2026 से प्रभावी है।
यह मामला दुर्गेश कुमार कश्यप सहित अन्य शिक्षकों द्वारा दायर याचिका के बाद सामने आया। याचिका में कहा गया कि पदोन्नति आदेश वर्तमान नियमों के विपरीत जारी किया गया है।
मामले की सुनवाई जस्टिस पी.पी. साहू की एकलपीठ में हुई, जहां याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि नई 2026 नियमावली के अनुसार पदोन्नति के लिए TET परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, जबकि जिन शिक्षकों को पदोन्नति दी गई, वे इस पात्रता को पूरा नहीं करते।
याचिका में यह भी कहा गया कि शिक्षा विभाग का आदेश आरटीई एक्ट, एनसीटीई के विनियमों तथा सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2025 के निर्णय के विपरीत है, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि बिना TET पात्रता के पदोन्नति नहीं दी जा सकती।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पदोन्नति आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी।
अदालत के इस निर्णय के बाद बस्तर संभाग में हेडमास्टर पदोन्नति प्रक्रिया फिलहाल अनिश्चितता में आ गई है।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत से यह भी आग्रह किया है कि भविष्य में सभी पदोन्नति प्रक्रियाएं नई 2026 नियमावली और एनसीटीई के मानकों के अनुरूप दोबारा संचालित की जाएं, ताकि आगे किसी प्रकार का कानूनी विवाद उत्पन्न न हो।
The Duniyadari: बिहार विधानसभा को शुक्रवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं और विधानसभा परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई।
कार्तिकेय शर्मा, एसएसपी पटना के निर्देश पर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की गहन तलाशी शुरू की गई। सुरक्षाकर्मियों ने विधानसभा भवन के सभी कक्षों, गलियारों और आसपास के इलाकों की जांच की ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।
पुलिस के अनुसार धमकी अज्ञात ईमेल के माध्यम से भेजी गई थी। मामले की जांच के लिए साइबर सेल को लगाया गया है और मेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा कड़ी रखी गई है।
इसी बीच पटना सिविल कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई। कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि 13 मार्च 2026 को भी इसी तरह बिहार विधानसभा को धमकी दी गई थी। इसके अलावा इससे पहले पटना सिविल कोर्ट समेत कई अन्य अदालतों को भी धमकी भरे संदेश भेजे जा चुके हैं।
फिलहाल दोनों स्थानों पर जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और अफवाहों से दूर रहें।
The Duniyadari: रायगढ़- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में स्थित रूपाणाधाम स्टील प्लांट में कार्य के दौरान एक गंभीर हादसा हो गया, जिसमें एक 22 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार, गेरवानी स्थित रूपाणाधाम स्टील प्राइवेट लिमिटेड में बुधवार रात नियमित काम चल रहा था। इसी दौरान बायरल सेक्शन में तैनात फायरमैन दीपक चौहान (22), निवासी राबो, ड्यूटी के दौरान अचानक लगभग 10 से 12 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया। गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं।
घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने प्रबंधन को सूचना दी। इसके बाद घायल युवक को आनन-फानन में फोर्टिस जिंदल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू की। वहीं औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने भी प्लांट का निरीक्षण कर घटना की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों ने बताया कि घटना के समय मौजूद कर्मचारियों से जानकारी ली गई है, लेकिन घायल की हालत गंभीर होने के कारण उसका बयान अभी दर्ज नहीं हो सका है। स्थिति में सुधार के बाद उसका बयान लिया जाएगा।
औद्योगिक सुरक्षा विभाग के उप संचालक राहुल पटेल ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ तथा सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
फिलहाल युवक की हालत नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज अस्पताल में जारी है।
The Duniyadari: कोरबा- जिले के सतरेंगा क्षेत्र में वन विभाग की हालिया बड़ी कार्रवाई ने अवैध लकड़ी कारोबार की गहरी परतों को उजागर किया है।
बालको वन परिक्षेत्र में एक साथ छह अलग-अलग स्थानों पर की गई छापेमारी में भारी मात्रा में लकड़ी बरामद की गई, जिसमें पुरानी और नई दोनों तरह की लकड़ी शामिल होने की बात सामने आई है।
इस बरामदगी के बाद मामले की गंभीरता और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वन विभाग के अनुसार, वनमंडलाधिकारी प्रेमलता यादव के निर्देश और उपवनमंडलाधिकारी सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में कुल 359 नग लकड़ी (लगभग 5.405 घनमीटर) जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4.25 लाख रुपये बताई जा रही है। अलग-अलग घरों से इतनी बड़ी मात्रा में लकड़ी मिलना यह संकेत देता है कि मामला केवल व्यक्तिगत उपयोग तक सीमित नहीं हो सकता।
स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि कुछ घरों में वर्षों से रखी गई पुरानी लकड़ी भी जब्ती की सूची में कैसे शामिल हुई।
यदि यह लकड़ी निजी उपयोग के लिए लंबे समय से रखी गई थी, तो उस पर कार्रवाई का आधार क्या है? वहीं, यदि यह अवैध थी, तो इतने समय तक वन विभाग की निगरानी से यह कैसे बची रही?
ग्रामीणों और जानकारों के बीच यह भी चर्चा है कि इतनी बड़ी मात्रा में लकड़ी का संग्रह और संभावित व्यापार बिना किसी संगठित संरचना या संरक्षण के संभव नहीं है।
ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं न कहीं सिस्टम की चूक या मिलीभगत की संभावना को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
दूसरी ओर, वन विभाग इस कार्रवाई को अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रहा है, लेकिन अब सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या जांच केवल छोटे स्तर तक सीमित रहेगी या फिर इस पूरे नेटवर्क के पीछे मौजूद बड़े चेहरों तक पहुंचेगी।
फिलहाल विभाग ने आगे वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। असली परीक्षा अब इस बात की होगी कि जांच निष्पक्ष और व्यापक होती है या यह मामला केवल जब्ती तक ही सीमित रह जाता है।