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साठ-गांठ करके आपको चूना लगा रहा है BookMyShow? अब सरकार ने द‍िए जांच के आदेश

BookMyShow Latest News: अगर आप भी अक्‍सर मल्‍टीप्‍लेक्‍स में फैम‍िली के साथ मूवी देखते हैं और
बुक माय शो (BookMyShow) से ट‍िकट कराते हैं तो यह खबर आपको जरूर पढ़नी चाह‍िए। जी हां, एक मामले में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India) ने ऑनलाइन टिकट प्लेटफॉर्म बुक माय शो (BookMyShow) के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं.

60 दिन में सौंपनी होगी इनवेस्टिगेशन र‍िपोर्ट
जांच का आदेश BookMyShow से मल्‍टीप्‍लेक्‍स और सिनेमाघरों के साथ समझौते को लेकर दिए गए हैं. इसकी र‍िपोर्ट DG इनवेस्टिगेशन को 60 दिन में सौंपने के ल‍िए कहा गया है. साथ ही थिएटर्स के साथ हुए एक्सक्लूसिव करार पर भी जांच का आदेश है. सीसीआई की तरफ से कहा गया क‍ि मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों के साथ बुक माय शो के विशेष समझौते प्रतिस्पर्धा को कम कर सकते हैं.

न‍ियमों का उल्‍लंघन होने का शक
BookMyShow पर आरोप लगा है क‍ि यह ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्म सिनेपोलिस, आईनॉक्स, पीवीआर समेत अन्य थिएटर के साथ प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 3 और 4 का उल्लंघन कर रहा था. सीसीआई की तरफ से द‍िए गए आदेश के बाद यह जांच होगी क‍ि Bookmyshow और मल्टीप्लेक्स के बीच क‍िसी तरह का करार तो नहीं है.

ग्राहकों पर 19-25 रुपये प्रत‍ि टिकट का बोझ बढ़ा
इस ऑनलाइन ट‍िकट बुक‍िंग प्‍लेटफॉर्म पर आरोप है क‍ि यह मोटी फीस शेयरिंग पर कुछ थिएटर्स से 100% टिकट का करार कर लेता है। यह भी आरोप है कि इससे डॉमिनेंट पोजीशन से ग्राहकों पर 19-25 रुपये प्रत‍ि टिकट का बोझ बढ़ा है. यह आरोप ऑनलाइन टिकट बुकिंग पोर्टल ने लगाया है।

CCI की तरफ से जांच का आदेश दिया गया
इसके बाद CCI की तरफ से मामले में जांच का आदेश दिया गया है. आदेश में यह भी कहा गया क‍ि सिंगल स्क्रीन सिनेमा थिएटरों के साथ विशेष समझौते का अधिकार बुक माय शो को नहीं है. शोटाइम नाम से मूवी टिकटिंग पोर्टल के मालिक ने मुखबिर से म‍िली सूचना के आधार पर BookMyShow आरोप लगाया है। आरोपों में कहा गया क‍ि BookMyShow ज्‍यादा सुविधा शुल्क लेता है। कमीशन के रूप में इसका 50% सिनेमा घरानों के साथ साझा करता है. आपको बता दें कि जनवरी-मार्च साल 2017 में मूवी टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग में BookMyShow की हिस्सेदारी 78% थी.

दाढ़ी वाले दूल्हे की No Entry, यहां शादी में आया ऐसा फरमान; सुनकर दंग रह गए गांव वाले

No Entry To Bearded Dulha: जैसा कि आज के दौर में युवा लोगों में लंबी दाढ़ी रखने का क्रेज है, लेकिन कुछ लोगों को दाढ़ी नहीं पसंद होती. क्या आप भरोसा सकते हैं कि दाढ़ी के चक्कर में दूल्हों की एंट्री पर बैन लगा दिया गया. राजस्थान में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जिसमें एक समुदाय ने दाढ़ी वाले युवक से शादी नहीं करने का फैसला लिया. राज्य के पाली जिले के 19 गांवों के कुमावत समुदाय द्वारा पारित एक प्रस्ताव में कहा गया है कि केवल क्लीन शेव वाले युवाओं को ही शादी करने की अनुमति होगी.

दाढ़ी वाले दूल्हे से शादी न करने का फैसला

प्रस्ताव में कहा गया, ‘फैशन ठीक है लेकिन दूल्हे के लिए फैशन के नाम पर दाढ़ी की अनुमति नहीं है क्योंकि शादी एक संस्कार है और इसमें दूल्हे को राजा के रूप में देखा जाता है, इसलिए उसे क्लीन शेव किया जाना चाहिए.’ इसके साथ ही 19 गांवों की पंचायत ने शादियों का खर्चा कम करने और उन्हें आसान बनाने के लिए और भी कई अहम फैसले लिए हैं. डीजे डांस पर पंचायत ने आपत्ति जताते हुए रोक लगा दी. शादी समारोहों के दौरान अफीम पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है.

कई अन्य तरह के जुर्माने लगाए

अगर लोग फैशन के नाम पर थीम आधारित हल्दी समारोह आयोजित करने के लिए कपड़े और सजावट पर खर्च करते हैं, तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा. न केवल पाली में रहने वाले लोगों को बल्कि जिले के रहने वाले लोगों को भी नियमों का पालन करना होगा. कुमावत समुदाय के 19 गांवों के लगभग 20,000 लोग गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिणी राज्यों के विभिन्न शहरों में चले गए हैं. उन्हें भी नियमों का पालन करना होगा, भले ही वे जिन शहरों में रह रहे हैं, वहां अनुष्ठान करें.

‘अग्निपथ’ के विरोध में आज बिहार बंद, पटना में कड़ी सुरक्षा, कांग्रेस करेगी सत्याग्रह

नई दिल्ली/पटना। अग्निपथ योजना को लेकर देश में बवाल मचा हुआ है। एक दर्जन से ज्यादा राज्य हिंसक प्रदर्शन की चपेट में हैं। योजना के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने 24 घंटे के बिहार बंद का आह्वान किया है।

अग्निपथ योजना को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पटना के डाक बंगाल क्रॉसिंग पर कड़ी सुरक्षा की गई है। यहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। इधर योजना के विरोध में हो रहे हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नई दिल्ली सुबह 11:30 बजे  अधिकारियों संग बैठक करेंगे।

IAS के 10वीं क्लास के नंबर देख लोग बोले- बच्चा काबिल बनो, कामयाबी तो झक मारके पीछे भागेगी!

न्यूज डेस्क। जिंदगी में नंबर ही सब कुछ नहीं। अगर 10वीं और 12वीं का रिजल्ट अच्छा नहीं आया है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि परीक्षा में खराब नतीजे आने से करियर के सभी रास्ते बंद नहीं हो जाते। अगर यकीन नहीं होता, तो भरूच कलेक्टर की ये कहानी इसका सबूत है। दअरसल, एक आईएएस अफसर ने ट्विटर पर भरूच (गुजरात) के कलेक्टर और उनकी 10वीं की मार्कशीट शेयर की, जिसे देखने के बाद कलेक्टर लोगों के लिए प्रेरणा हैं।
सबने कहा कि कुछ नहीं कर सकते!

यह कहानी छत्तीसगढ़ कैडर के IAS ऑफिसर अवनीश शरण ने 11 जून को ट्विटर पर शेयर की। उन्होंने अधिकारी और उनकी 10वीं की मार्कशीट की तस्वीर साझा कर बताया, ‘भरूच के कलेक्टर तुषार सुमेरा ने अपनी दसवीं की मार्कशीट शेयर करते हुए लिखा है कि उन्हें दसवीं में सिर्फ पासिंग मार्क्स आए थे। उनके 100 में अंग्रेजी में 35, गणित में 36 और विज्ञान में 38 नंबर आए थे। ना सिर्फ पूरे गांव में बल्कि उस स्कूल में यह कहा गया कि यह कुछ नहीं कर सकते। लेकिन तुषार ने मेहनत और लगन से वो मुकाम हासिल किया कि जिसके बाद सबके मुंह बंद हो गए। बता दें, इस ट्वीट को 17 हजार से अधिक लाइक्स और 3 हजार रीट्वीट्स मिल चुके हैं।

इसके बाद IAS के ट्वीट के जवाब में कलेक्टर तुषार ने ‘थैंक्यू सर’ लिखकर उसका जवाब दिया। यूजर्स का कहना है कि डिग्रियां सिर्फ कागजी टुकड़ा हैं और कुछ नहीं। किसी ने कहा कि डिग्री नहीं आपका टैलेंट मैटर करता है। कईयों ने लिखा कि लगन और मेहनत के दम पर कुछ भी पाया जा सकता है। लेकिन उसके लिए आप जब जागो तभी सवेरा है। इसलिए सोचिए मत… जाग जाइए और उन लोगों का मुंह बंद कर दीजिए, जो बोलते हैं कि आप कुछ नहीं कर सकते।

‘बच्चों पर मार्क्स का प्रेशर मत बनाइए’

बता दें, तुषार डी सुमेरा वर्तमान में भरूच जिले के कलेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। साल 2012 में UPSC परीक्षा पास करके वो IAS अधिकारी बने थे। आज तुषार करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणादायक है। इससे पहले आईएएस नितिन सांगवान ने अपनी 12वीं की मार्कशीट ट्वीट कर बताया था केमिस्ट्री में मुझे सिर्फ 24 मार्क्स मिले थे। ये पासिंग मार्क्स से सिर्फ एक अंक ज्यादा था। लेकिन इन मार्क्स से यह तय नहीं हुआ कि मुझे अपने जीवन से क्या चाहिए। बच्चों पर मार्क्स का प्रेशर मत बनाइए। जिंदगी बोर्ड एग्जाम से कहीं ज्यादा है। रिजल्ट को आत्मनिरीक्षण का मौका समझें, न कि क्रिटजिज्म का।

आईपीएल में TV का कैच छोड़कर भी अंबानी ने मार दिया कमाई का चौका, समझिए कैसे

नई दिल्ली। मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने आईपीएल के टीवी राइट्स (IPL TV Rights) नहीं लिए हैं, जिसे वॉल्ट डिज्नी कंपनी ने 3 अरब डॉलर में लिया है। अब लोग ये बातें कर रहे हैं कि आखिर इतने बड़े अरबपति के हाथ से टीवी राइट्स (IPL Media Rights) कैसे निकल गए? दरअसल, टीवी राइट्स उनके हाथ से निकले नहीं, बल्कि उन्होंने इसमें सीमित मौके देखे इसलिए इसे छोड़ दिया। मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और अमेरिकी की दिग्गज कंपनी पैरामाउंट ग्लोबल के ज्वाइंट वेंचर ‘वायाकॉम 18 मीडिया प्राइवेट लिमिटेड’ ने डिजिटल राइट्स (IPL Digital Rights) पर फोकस किया। मामले से जुड़े एक शख्स के अनुसार आने वाले 5 सालों में टीवी के मुकाबले डिजिटल विज्ञापन से होने वाली कमाई चार गुना तक बढ़ जाएगी। वहीं माना जा रहा है कि इस दौरान टीवी को दोहरे अंक की बढ़ोतरी के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा।

शुरुआत में टीवी राइट्स के लिए भी लगाई थी बोली

अंबानी की कंपनी वायाकॉम 18 ने आईपीएल की नीलामी के शुरुआती दौर में तो टीवी राइट्स के लिए भी बोली लगाई, लेकिन कंपनी का मुख्य फोकस डिजिटल राइट्स हासिल करना रहा। वायाकॉम 18 ने दुनिया में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले खेलों में से एक आईपीएल टूर्नामेंट के डिजिटल राइट्स के लिए 238 अरब रुपये (3.1 अरब डॉलर) चुकाए हैं। यानी देखा जाए तो जितने पैसे वॉल्ट डिज्नी ने टीवी राइट्स के लिए दिए हैं, लगभग उतने ही पैसे मुकेश अंबानी ने डिजिटल राइट्स के लिए खर्च किए हैं।

ई-कॉमर्स और मनोरंजन एक ही जगह पर

मुकेश अंबानी का डिजिटल राइट्स हासिल करने और टीवी राइट्स छोड़ने का फैसला रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने वाला कदम है। मौजूदा समय में देश के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी एक ऐसा ईकोसिस्टम बनाना चाहते हैं, जो स्मार्टफोन से जुड़े लोगों को ई-कॉमर्स और मनोरंजन के लिए लुभा सके। यानी एक ही जगह पर ग्राहकों को सब कुछ मुहैया कराया जाएगा।

अरबों डॉलर बचाए मुकेश अंबानी ने

मुकेश अंबानी ने टीवी राइट्स छोड़कर अरबों डॉलर बचाए हैं। उम्मीद है कि यह पैसे वह 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में इस्तेमाल कर सकेंगे। भारत के क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के प्रमुख जय शाह ने कहा है कि भारत में अगले 5 सालों में इंटरनेट यूजर्स की संख्या 90 करोड़ तक पहुंच जाएगी। मिडिल क्लास परिवारों के लिए मनोरंजन का मुख्य जरिया टीवी हुआ करता था, लेकिन खास कर कोरोना महामारी के बाद अब ऑनलाइन स्ट्रीमिंग ने तेजी से उसकी जगह ली है।

 

Photoshoot in School: सिगरेट और शराब के साथ स्कूल में हुआ टॉपलेस फोटोशूट, इजाजत देने वाली टीचर पर एक्शन

न्यूज डेस्क। स्कूल में बच्चों को एक मर्यादा में रहना सिखाया जाता वहीं अब एक मामला सामने आया है जिसमें स्कूल स्टूडेंट्स टॉपलेस होने के साथ शराब और सिगरेट के साथ दिख रहे हैं. इस फोटोशूट के सामने आने के बाद ही ये काफी चर्चा में आ गया और जब इसके बारे में पूछताछ हुई तो जो मामला सामने आया वह और भी ज्यादा हैरान करने वाला था. स्टूडेंट्स ने बताया कि उन्होंने इस फोटोशूट के लिए अपनी एक टीचर से परमीशन ली थी.

टीचर ने दी पार्शियल न्यूड होने की इजाजत

अब लोग यह जानकर हैरान हैं कि कैसे एक क्लासरूम में एक आर्ट टीचर ने बच्चों को शराब पीते, सिगरेट पीते और टॉपलेस हो कर फोटो खिंचवाने की इजाजत दे दी. द सन में छपी खबर के अनुसार टीचर का नाम एम्मा राइट है, 41 साल की इस टीचर को ये तस्वीरें सामने आने के बाद बैन कर दिया गया है. क्योंकि इसी टीचर ने 15 साल के स्टूडेंट्स बच्चों को ‘पार्शियल न्यूड’ होने की परमीशन दी थी. ‘पार्शियल न्यूड’ के नाम पर बच्चों ने सिर्फ अंडरवियर पहने हुए थे.

स्मोक करते, ड्रिंक करते स्टूडेंट्स

द सन की खबर के अनुसार इस फोटोशूट में जहां कुछ बच्चों ने अपने हाथों से अपने ब्रेस्ट छिपाए हुए थे, वहीं कुछ के हाथ में सिगरेट और शराब के जाम थे. मामला बढ़ने के बाद टीचिंग रेगुलेशन एजेंसी (Teaching Regulation Agency) में एम्मा की शिकायत की गई. जिसके बाद एक पैनल ने इस मामले में सुनवाई की और पैनल की ओर से एलन मायरिक ने एम्मा पर प्रोफेशनल टीचिंग स्टैंडर्ड्स का उल्लंघन करने की बात कही. इसके बाद उन्हें बैन कर दिया गया. पैनल का कहना है कि एम्मा ने बच्चों के हितों को ध्यान में नहीं रखा.

CG बिग ब्रेकिंग:छत्तीसगढ़ में भी गैंगस्टर लारेंस विश्नोई का कारोबार, बिलासपुर के 2 युवक दिल्ली में गिरफ्तार

बिलासपुर। पंजाब के सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या करने वाले गैंगस्टर लारेंस विश्नोई का वसूली का कारोबार ​छत्तीसगढ़ तक फैला हुआ था। दिल्ली पुलिस ने लारेंस विश्नोई गैंग से जुड़े बिलासपुर में रहने वाले 2 युवक को गिरफ्तार किया है।

दोनों आरोपियों पर लुधियाना के एक बड़े कारोबारी से 10 लाख रुपए की रंगदारी वसूलने का आरोप है। दिल्ली पुलिस ने बिलासपुर के रहने वाले शक्ति सिंह और अफजल को गिरफ्तार किया है। दोनों स्थानीय युवकों को लालच देकर खाते खुलवाए थे और उसमें रंगदारी की रकम जमा कराते थे।

रंगदारी वसूली के मामले में हुई गिरफ्तारी, बिलासपुर में बैंक में जमा कराई गई थी रकम

कुख्यात गैंगस्टर लारेंस विश्नोई का वसूली का बड़ा धंधा है। पूरे देश में उसके लोग बड़े कारोबारियों से रुपए वसूलते हैं। करीब 15 दिन पहले ऐसे ही लुधियाना के कारोबारी को फोन कर दस लाख रुपए फिरौती की मांग की गई। रुपए नहीं देने पर उन्हें मूसेवाला की तरह मौत के घाट उतारने की धमकी दी गई। डर के कारण कारोबारी ने कथित गैंगस्टर के खातों में रकम जमा करा दिया।

केस की जानकारी मिलते ही पंजाब और दिल्ली पुलिस सक्रिय हो गई। प्रारंभिक जांच में जिन खातों में रकम जमा की गई थी, वह छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के युवकों के होने की जानकारी मिली। पुलिस ने यहीं से जांच शुरू की। कुछ मोबाइल नंबर मिले जिससे धमकी के कॉल और संपर्क किए गए थे। इन्हीं मोबाइल लोकेशन के जरिए अफजल अब्दुल्ला व शक्ति सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।

दिल्ली पुलिस ने मांगी थी जानकारी

SP पारुल माथुर ने बताया कि करीब 10 दिन पहले दिल्ली पुलिस ने रायपुर क्राइम ब्रांच के माध्यम से बिलासपुर के कुछ लोगों के अकाउंट की जानकारी मांगी थी, तब उन्होंने जांच कर इनपुट दिया था। इसके साथ ही संदेहियों का लोकेशन दिल्ली में होने की जानकारी भी दी थी। इसमें दीनदयाल नगर के रहने वाले अफजल और अभिषेक विहार में रहने वाले शक्ति सिंह के नाम सामने आए थे।

JOB: कोरबा जिले के इस विभाग में निकली भर्ती … 21जून को वॉक इन इंटरव्यू….

प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरबा ।एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रामपुर, पोडीउपरोडा में सत्र 2022- 23 के लिए अस्थायी रूप से अंग्रेजी सीबीएसई पैटर्न पर शाला संचालन के लिए मानदेय पर अतिथि शिक्षक टीजीटी सामाजिक विज्ञान विषय के एक पद में भर्ती के लिए 21 जून सुबह 10 बजे वॉक इन इन्टरव्यू का आयोजन किया गया है। वॉक इन इन्टरव्यू के लिए आवेदन पत्र एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छुरीकला, कटघोरा में आमंत्रित किया गया है।

 

 

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रामपुर, पोडीउपरोडा में निर्धारित मानदेय पर अतिथि शिक्षक की भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया है। उपरोक्त पद पर भर्ती के लिए पात्रता, शर्ते एवं आवेदन पत्र प्रारूप कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा के सूचना पटल पर चस्पा किया गया है। विस्तृत जानकारी के लिए कार्यालय के कक्ष क्रमांक पांच में संपर्क किया जा सकता है। साथ ही जिले की वेबसाईट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट कोरबा डॉट जीओवी डॉट इन में भी आवेदन पत्र का अवलोकन कर डाउनलोड किया जा सकता है।

सीजी ब्रेकिंग: 24 लाख की रिश्वत लेते जल संसाधन विभाग के ईई, एसडीओ और उप अभियंता गिरफ्तार, एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा

कोंडागांव। ठेकेदार से अवैध रूप से बिल पास कराने 24 लाख की रिश्वत लेते एसीबी ने कोंडागांव जल संसाधन विभाग के विभाग (EE, SDO and Deputy Engineer of Water Resources Department arrested for taking bribe of 24 lakhs) के ईई आरबी सिंह, एएसडीओ आरबी चौरसिया एवं उप अभियंता डीके आर्य को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता को निविदा के आधार पर जल संसाधन विभाग से 1.11 करोड़ रुपए के निर्माण कार्य प्राप्त हुआ था, जिसका बिल निकालने के एवज में इन अधिकारियों ने 24 लाख रुपए की मांग की थी। बिल पास करने के लिए जल संसाधन विभाग के तीन अफसरों ने पहली किश्त के रूप में 720000 रुपए की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता और आरोपियों के मध्य किस्त के रूप में एक लाख तीस हजार रुपए देने पर सहमति बनी थी।

इसकी जानकारी शिकायतकर्ता ने एसीबी को दी थी, मामले की जांच के बाद एसीबी ने पूरी प्लानिंग के तहत शिकायकर्ता को पैसे लेकर विभागीय अफसरों के पास भेजा था। अफसर जब रिश्वत ले रहे हैं तब एसीबी ने छापेमारी कर तीनों को रंगे हाथों गिरफ्तार ​कर लिया।

रसमलाई नहीं मिली तो बिना दुल्हन के लौटी बारात, FIR कराई तब जाकर हुए 7 फेरे

न्यूज डेस्क।बिटिया की शादी को लेकर एक घर में खुशियों का माहौल था. दुल्हन हाथों में मेहंदी लगाए और लाल जोड़े में हजारों सपने संजोए बैठी थी. परिवार में नाच-गाना चल रहा था. बारात भी तय समय पर पहुंची. बारातियों का जोरदार स्वागत भी हुआ. इस शादी में आए दूल्हे के कुछ दोस्तों और रिश्तेदारों ने शराब पी रखी थी और वो बार-बार रसमलाई की डिमांड कर रहे थे. रसमलाई न मिलने से विवाद इतना बढ़ गया कि शादी ही टूट गई.

उत्तर प्रदेश के सम्भल जिले का यह पूरा मामला है. यहां एक गांव में बारातियों और घरातियों के बीच छोटी-सी बात पर बवाल इतना मच गया कि शादी ही टूट गई. दुल्हन पक्ष ने जब चार लोगों के खिलाफ थाने में FIR दर्ज कराई तो अगले दिन शादी हुई.

यह घटना 15 जून बुधवार की बताई जा है. दुल्हन पक्ष ने बारातियों के स्वागत के लिए पूरा इंतजाम किया था. लेकिन रसमलाई न मिलने पर विवाद इतना बढ़ गया कि बारात दुल्हन को विदा करवाए बिना ही लौट गई.

इससे दुल्हन के परिवार की खुशियां काफूर हो गईं. दुल्हन पक्ष ने चार लोगों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई. इसके बाद दूसरे दिन 16 जून को दूल्हे पक्ष और दुल्हन पक्ष के बीच बातचीत हुई और समझौता हुआ. फिर से दोनों परिवारों ने अधूरी शादी कराई और दुल्हन की विदाई हुई.