Home Blog Page 2614

काम की खबर: वाहनों के फिटनेस टेस्ट में नहीं होगा झंझट, सरकार ने नियमों में किया ये बदलाव

नई दिल्ली। वाहनों के फिटनेस टेस्ट (Vehicles fitness testing rules) में होने वाली परेशानियों को देखते हुए सरकार अब नियमों में बदलाव की तैयारी कर रही है। नए नियमों के तहत वाहन मालिक अपनी गाड़ियों का किसी भी राज्य में रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे, फिर चाहे पंजीकरण किसी भी राज्य में क्यों न हुआ हो।

इसके अलावा सरकार ने वाहनों की समयसीमा खत्म होने या उन्हें सड़क पर दौड़ाने के अयोग्य घोषित करने के नियमों में भी बदलाव किया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने एक बयान में ये जानकारी दी है।

2023 से वाहनों की ऑटोमेटेड फिटनेस टैसटिंग करने की योजना

इस योजना के तहत नियामों में कई बदलाव किए गए हैं। इसमें ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की मान्यता, लाइसेंसिंग और नियंत्रण से जुड़े नियम शर्तों को बदला गया है। इसके तहत फिटनेस टेस्टिंग स्टेशनों की स्थापना से जुड़े नियमों को आसान बनाया गया है।

फिटनेस टेस्ट के परिणामों को भी स्वचालित बनाया गया है, ताकि इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी या हेरफेर की कोई गुंजाइश न रहे। फिटनेस टेस्ट में सीधे वाहनों की जांच के संकेतों को मशीन द्वारा पकड़ते हुए सर्वर तक भेजे जाएंगे।

नए नियम में एक राज्य में किसी वाहन का रजिस्ट्रेशन हुआ है तो यह अनिवार्य नहीं होगा कि वहीं वाहन की फिटनेस टेस्टिंग कराई जाए। वाहनों को अनफिट घोषित करने के नियम भी बदले गए हैं।

ATS अभी स्वचालित तरीके से किसी वाहन के फिटनेस की जांच के लिए कई मशीनों का इस्तेमाल करता है। इलेक्ट्रिक वाहनों की जांच के लिए कई नए उपकरणों को शामिल किया गया है। टेस्ट रिजल्ट का नया फार्मेट जारी किया गया है, ताकि इसमें किसी वाहन मालिक को कोई परेशानी या आशंका न हो।

संघ प्रमुख मोहन भागवत 16 नवंबर को जशपुर में करेंगे स्व. दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा का अनावरण

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर में स्व. दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा का अनावरण संघ प्रमुख मोहन भागवत 16 नवंबर को प्रतिमा का अनावरण करेंगे। संघ प्रमुख ने इसके लिए सहमति दे दी है। पिछले 9 सालों से स्व. दिलीप सिंह की प्रतिमा के अनावरण को लेकर जद्दोजहद चल रही है। हालांकि उनके बेटे प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने इसे ईश्वर की नियति बताया है। कहा कि संघ प्रमुख के हाथों अनावरण पिता जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तैयार करने वाले मूर्तिकार ने बनाई है जूदेव की प्रतिमा

सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची मूर्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाने वाले विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार के हाथ से ही स्व. दिलीप सिंह जूदेव की मूर्ति का निर्माण हुआ है। मूर्तिकार राम सुतार को भारत सरकार ने पद्मश्री व पद्मभूषण सम्मान दिया है।

प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने बताया कि मूर्ति निर्माण के लिए वे मूर्तिकार राम सुतार से मिलने गए थे। उस वक्त स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का काम चल रहा था। जशपुर से जाकर सुतार से समय लेना ही मुश्किल का काम था, पर जब राम सुतार ने यह जाना कि स्व. दिलीप सिंह जूदेव की मूर्ति बनाने का निवेदन उनके पुत्र कर रहे हैं तो व्यस्तता के बावजूद उन्होंने काम अपने हाथ में लिया। उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में इसका निर्माण किया गया।

2013 में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने की थी घोषणा

स्व. दिलीप सिंह जूदेव के निधन के बाद साल 2013 में तत्कालीन मुख्य मंत्री डॉ. रमन सिंह ने जशपुर आकर उनकी आदमकद प्रतिमा लगाए जाने का ऐलान किया था। प्रतिमा जशपुर और कुनकुरी में स्थापित होनी थी। चार साल बाद भी प्रतिमा स्थापित नहीं हुई तो विवाद शुरू हो गया। तब सरकार ने तकनीकी दिक्कत बताते हुए प्रतिमा स्थापित किए जाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी हंगामा भी हुआ।

Petrol Diesel price today: छह दिनों में चार रुपए महंगा हुआ पेट्रोल,जानें कितनी हुई कीमत

नई दिल्ली। सरकारी तेल कंपनियों ( goverment oil companies ) ने रविवार को एक बार फिर पेट्रोल और डीजल (Petrol Diesel price) के दामों में बढ़ोतरी कर दी है। पेट्रोल के दाम में 55 पैसे और डीजल के दाम में 57 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। राजधानी रायपुर में पेट्रोल 104.92 और डीजल 96.21 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।

अब एक लीटर पेट्रोल 111.11 रुपए प्रति लीटर, जबकि डीजल 94.54 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। तेल कंपनियों ने 6 दिनों में 5 बार पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी कर आम आदमी को महंगाई का जोरदार झटका दिया है। कंपनियों ने छह दिन में पेट्रोल 4 रुपए 05 पैसे प्रति लीटर और डीजल 3.82 रुपए प्रति लीटर महंगा कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव 112 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने के बाद तेल कंपनियों ने डीजल के थोक खरीदारों के लिए मूल्य में 25 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।

VIDEO”तुंहर पुलिस तुंहर द्वार” के तहत बगबुड़ा गांव पहुंचे कप्तान… चारपाई पर बैठ सुनी समस्या और कराया सुलह…

कोरबा । आमतौर पर फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पुलिस थाने पहुंचते हैं लेकिन कोरबा में पुलिस ने खुद घर-घर जाकर लोगों की शिकायतें सुनने का काम शुरू किया है । कोरबा एसपी भोजराम पटेल ने “तुंहर पुलिस तुंहर द्वार” कार्यक्रम शुरू किया है । कार्यक्रम की शुरुआत के पहले दिन रविवार को एसपी स्वयं बगबुड़ा गांव पहुँचे । गांव में पुलिसकर्मियों ने एसपी के साथ घर-घर दरवाजा खट -खटाकर ग्रामीणों की समस्याएं पूछीं । बगबुड़ा गांव में श्याम लाल ने बताया कि वह अपने घर के बगल में शासकीय मद से स्वीकृत शौचालय का निर्माण करवा रहा है जिसे पड़ोसी द्वारा द्वारा जबरन रोक लगाया जा रहा है एवं पट्टे की भूमि में बना रहे हो कहकर कर झुठा आरोप लगाकर परेशान कर रहा है । शिकायत सुनकर एसपी ने स्वयं मौके पर जाकर मुआयना किया दोनों पक्षों ,एवं पंचों से बात कर मामले को आपस में सुलह कराया।

*’तुंहर पुलिस तुंहर द्वार ‘ में घर-घर ऐसे पहुँच रही पुलिस* –  कार्यक्रम के अंतर्गत 03 वाहनों में पुलिसकर्मी गांव-गांव जाकर ग्रामीणों के घर पहुंच रहे हैं और उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कर रहे हैं। एसपी ने बताया की थानों में आमजनता के द्वारा की गई शिकायतों के निराकरण करने में समय लगता है ,कई बार जनता पुलिस कार्यवाही से संतुष्ट नही रहती है । इसलिए नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा,नगर पुलिस अधीक्षक दर्री एवम एसडीओपी कटघोरा के अधीन  एक-एक मोबाइल वाहन तैनात किया गया है । वाहन में एक पुलिस अधिकारी और सहायक नियुक्त किया गया है जो सम्बंधित अनुविभागीय अधिकारी के अधीन कार्य करेंगे । सम्बंधित पुलिस अनुविभागीय अधिकारी थानों में लम्बित शिकायतों की सूची का समीक्षा कर मोबाइल वाहन में तैनात अधिकारी को उस गांव में भेजेंगे जहां शिकायतों की संख्या अधिक है या गम्भीर किस्म की शिकायत है । मोबाइल वाहन में तैनात अधिकारी उन गांवों में जाकर मौके पर दोनों पक्षों को बुलाकर शिकायतों का जाँच करेंगे एवम पुलिस कार्यवाही योग्य मामलों में मौके पर ही अपराध दर्ज करेंगे ।
देंखे विडियो…

 

 

 

कलेक्टर की पहल.. बढ़ते प्रदूषण पर पर्यावरण संरक्षण के सुझाव बताएंगी दीवारें

कोरबा।  बढ़ते पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए शहर की सरकारी दीवारों पर वॉल पेंटिंग कर पर्यावरण प्रदूषण का दर्द उकेरने और संरक्षण की राह भी सुझाने की पहल कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने की है। उन्होंने शहर की सुंदरता और पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता के विषयों पर सभी सरकारी भवनों के दीवारों में 2 डी और 3 डी में वॉल पेंटिंग्स करने के निर्देश दिए है।

बता दें कि कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने कोरबा शहर के सौंदर्यीकरण के लिए खाली पड़ी दीवारों पर आकर्षक 2-डी, 3-डी पेंटिंग के साथ ही दीवारों के व्हाईट वाश पेंटिंग कराने के निर्देश दिए है। कलेक्टर श्रीमती साहू के इस निर्देश के बाद कोरबा शहर की खाली  दीवारों पर आकर्षक पेटिंग के साथ ही पर्यावरण सरंक्षण सहित अन्य विषयों पर 2डी और 3डी पेंटिंग की जायेगी।

17 स्थानों पर होगा 2डी और 3डी पेटिंग

शहर के 17 स्थानों को 2डी और 3डी पेटिंग के लिए चयनित किया गया है। जिसमें सीएसईबी चौक से जैन मंदिर, जैन मंदिर से आईटीआई चौक, आईटीआई चौक से कोसाबाड़ी एवं सुभाष चौक, महाराणा प्रताप चौक, एमपी नगर गार्डन, ओव्हर ब्रीज के निचले हिस्सा, सीएसईबी चौक से डी2 बंगला सहित वीआईपी पंचवटी, एनटीपीसी गेट नंबर 2 से जेल गांव चौक, सुनालिया पुल एवं बाउंड्रीवाल, सीतामणी चौक, कोतवाली कोरबा की दीवार,न्यू अग्रसेन चौक दर्री रोड, पंचमुखी हनुमान मंदिर स्थित दीवार,इमली डूग्गू गार्डन, रेल्वे स्टेशन रोड, मिनीमाता कालेज के बाहरी दीवार सहित चेक पोस्ट चौक से बालको तक की दीवार पर आकर्षक 2-डी एवं 3-डी वाले पेंटिंग किये जायेगें।

 18 स्थानों पर होगा व्हाईट वाश और पेंटिंग 

इसी तरह शहर के 18 स्थानों पर व्हाईट वाश और पेंटिंग का कार्य कराया जायेगा।जिनमें स्मृति उद्यान गार्डन स्थित बाउंड्रीवाल,पुष्पलता उद्यान बाउंड्रीवाल,सुभाष चौक से कोसाबाड़ी चौक तक की पिछली दीवार, एमपी नगर गार्डन, सियान सदन की दीवार, घंटाघर, वीआईपी रोड अंदरीकछार स्कूल मार्ग की दीवार, आईटीआई चौक से बालको सड़क मार्ग की दीवार,मुड़ापार हॉस्पिटल के बाहरी बाउंडी वाल, मिनीमाता कालेज, कोरबा स्कूल से ओव्हर ब्रिज तक की दीवार, दर्री एनटीपीसी गेट नंबर 1 से ओव्हर ब्रिज तक, काली बाड़ी चौक से मुड़ापार,रविशंकर शुक्ल नगर दुर्गा पंडाल, पीडब्लूडी रेस्ट हाउस सीतामढ़ी, दर्री डेम से सीएसईबी संयंत्र तक, दर्री डेम से एनटीपीसी चौक तक और बजरंग धाम से परसाभाठा बालको चौक तक की दीवारों पर व्हाईट वाश और आकर्षक पेटिंग  बनाये जायेगें।

यहां लोगों को पहनने को नहीं मिल रही चप्पल, राष्ट्रीय स्तर पर कमी से जूझ रहा देश

न्यूज डेस्क। ब्रिटेन से एक बहुत ही हैरान करने वाली खबर सामन आई है. ब्रिटेन में राष्ट्रीय स्तर पर चप्पलों की कमी देखने को मिल रही है. इसके बाद ब्रिटेन में होटलों और स्पा ने अपने ग्राहकों को घर से चप्पल लाने का अनुरोध किया है. सिर्फ होटलों और स्पा ही नहीं बल्कि आम लोगों को भी चप्पलों की कमी की समस्या से जूझना पड़ रहा है.

राष्ट्रीय स्तर पर चप्पलों की कमी से जूझ रहा ब्रिटेन
‘डेली स्टार’ की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन राष्ट्रीय स्तर पर चप्पलों की कमी से जूझ रहा है. ब्रिटेन के होटल तथा स्पा ने अपने ग्राहकों से अजीबोगरीब अनुरोध किया है. होटल और स्पा ने अपने ग्राहकों से कहा है राष्ट्रीय स्तर पर चप्पलों की कमी के चलते होटल तथा स्पा में आने वाले लोगों को फ्री में चप्पलें नहीं दी जाएंगी. इस कारण ग्राहक अपने साथ चप्पल लेकर आएं, अन्यथा उन्हें असुविधा झेलनी पड़ सकती है.

दरअसल, ग्राहकों ने ट्रिप एडवाइजर पर यह बात लिखी है कि उन्हें होटल और स्पा घर से चप्पल लाने के लिए कह रहे हैं. इस कारण उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, पहले की तरह सर्विस ना मिल पाने के कारण उन्हें बुरा भी लग रहा है. एक ग्राहक ने बताया कि एसेक्स के ग्रीनवुड्स होटल और स्पा में उन्होंने बुकिंग की थी. उस होटल ने उन्हें एक अजीबोगरीब मेल भेजा. इस मेल में लिखा था, ‘नेशनल स्लिपर्स की शॉर्टेज की वजह से अपने घर से चप्पल लाना जरूरी है, क्योंकि वो होटल में चप्पल नहीं दे पाएंगे.’

कोरोना के बाद आई भारी कमी
बता दें कि ब्रिटेन में कोरोना महामारी के चलते भारी वाहन चालकों में भारी कमी आई है. पहले होटल ऐसी चीजों को बल्क में खरीदकर रखते थे. कोरोना के समय चप्पलों की सप्लाई नहीं हुई, इस वजह से अब होटल और स्पा में चप्पलों की कमी हो रही है. वहीं जब लॉकडाउन खत्म हुआ, उसके बाद से ही लोग बाहर घूमने जाने लगे हैं. ऐसे में कई होटलों में चप्पल, शैंपू, तौलिया आदि की कमी देखने को मिल रही है.

Amarnath Yatra 2022: 30 जून से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा, भक्त कर सकेंगे बाबा बर्फानी के दर्शन 

जम्मू। Amarnath Yatra 2022 श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की बैठक रविवार को केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आगामी यात्रा को लेकर विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।

बैठक में फैसला लिया गया है कि इस बार श्री अमरनाथ की यात्रा 30 जून से शुरू होगी और रक्षा बंधन के दिन परंपरा के अनुसार समाप्त होगी। इस वर्ष करीब 43 दिन तक भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। यात्रा के दौरान कोविड नियमों का सख्ती के साथ पालन किया जाएगा।

DRDO ने दिखाई ताकत, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का हुआ सफल परीक्षण…दूर से ही अपने टारगेट को भेदा…

बालासोर (ओडिशा)। भारत (India) ने रविवार को ओडिशा (Odisha) के बालासोर तट पर मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल वायु रक्षा प्रणाली (Missile Air Defence System) का सफल परीक्षण किया।  इसकी जानकारी देते हुए DRDO के एक अधिकारी ने बताया कि यह एयर डिफेंस सिस्टम भारतीय सेना (Indian Army) का हिस्सा है। अधिकारी ने कहा कि इस परीक्षण में मिसाइल ने काफी दूर से ही अपने टारगेट पर सीधा हमला कर दिया।

आपको याद दिला दें कि इससे पहले, भारत ने अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 23 मार्च को सतह से सतह पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (BrahMos Supersonic Cruise Missile) का सफल परीक्षण किया था। एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी (Air Chief Marshal VR Chaudha) ने इस सतह से सतह पर मार करने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण पर बधाई भी दी थी।

डिफेंस सेक्टर पर लगातार जोर दे रहा भारत

बता दें कि भारत लगातार अपने डिफेंस बजट को बढ़ा रहा है. देश का फोकस डिफेंस सेक्टर (Defence Sector) में आत्मनिर्भर बनने का है, इसलिए केंद्र सरकार भारत के डिफेंस इंपोर्ट (आयात) को घटाने और एक्सपोर्ट (निर्यात) को बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।

पिछले आठ सालों में भारत के हथियार निर्यात में 6 गुना उछाल आया है। चालू वित्त वर्ष में भारत ने अब तक 11607 करोड़ रुपए के हथियार का निर्यात किया है। रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने लोकसभा में इसकी जानकारी दी थी।  वित्त वर्ष 2014-15 में भारत ने 1941 करोड़ के हथियार का निर्यात किया था जो वित्त वर्ष 2021-22 में अब 11,607 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है।

डिफेंस एक्सपोर्ट को बढ़ाने का टारगेट

बता दें कि पिछले सात सालों में मोदी सरकार ने डिफेंस क्षेत्र में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई जरूरी फैसले लिए हैं। सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 तक देश के डिफेंस एक्सपोर्ट को बढ़ाकर 36,500 करोड़ रुपए करने का टारगेट भी सेट किया है।

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट (SIPRI) के मुताबिक, रक्षा बजट में खर्च के आधार पर भारत दुनिया में अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है। सिपरी के मुताबिक, भारत ने 2011 से 2020 के बीच रक्षा बजट पर खर्च को 76 फीसदी तक बढ़ाया है।

टैक्सपेयर के लिए बेहद खास तारीख है 31 मार्च, पढ़ें पूरी खबर

नई दिल्ली। वित्तीय वर्ष 2021-22 (FY 2021-22) 31 मार्च को खत्म होने वाला है। उसके बाद वित्तीय वर्ष 2022-23 की शुरुआत होगी। 31 मार्च की तारीख कई मायनों में खास होती है क्योंकि इसके एक दिन बाद 1 अप्रैल से बहुत कुछ बदल जाता है। नियमों में बदलाव होता है, बैंक और टैक्स से जुड़े कई काम कायदे के साथ शुरू होते हैं।

बता दें कि कई काम ऐसे होते हैं जिन्हें 31 मार्च तक निपटाना होता है क्योंकि 1 अप्रैल से उसमें बदलाव हो जाता है। इस हिसाब से 31 मार्च टैक्सपेयर्स के लिए कई मायनों में खास हो जाता है। आप भी इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) या टैक्स से जुड़े कामकाज निपटाते हैं, तो 31 मार्च आपके लिए बेहद अहम है।

आइए जानें कौन-कौन से काम पूरे किए जाने हैं.

1- आधार- पैन कार्ड लिंक

यदि आप टैक्सपेयर्स हैं (टैक्स नहीं चुकाने वाले भी) तो 31 मार्च 2022 से पहले आधार कार्ड को पैन कार्ड से जोड़ना आवश्यक है, यदि अभी तक यह काम नहीं किया है तो आपका पैन कार्ड निष्क्रिय हो जाएगा और आप पर जुर्माना लगाया जाएगा।

2- खातों का दोबारा केवाईसी जरूरी

रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अपने खाते को सक्रिय रखने के लिए प्रत्येक बैंक खाते और वित्तीय संस्थानों या डीमैट खाता, शेयर ट्रेडिंग कंपनी के खातों का दोबारा केवाईसी हर दो साल में किया जाना चाहिए।

इस साल केवाईसी पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दी गई है। डीमैट या ट्रेडिंग अकाउंट में केवाईसी नहीं कराने पर शेयर मार्केटिंग नहीं कर पाएंगे।

3- एडवांस टैक्स का पेमेंट

अगर एक वित्तीय वर्ष में आपकी कुल टैक्स देनदारी 10,000 रुपये या उससे अधिक है तो आपको एडवांस टैक्स देना होगा। एडवांस टैक्स सभी टैक्सपेयर्स, वेतनभोगी, फ्रीलांसरों और व्यवसायों पर लागू होता है।

वरिष्ठ नागरिक, जो 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं, और कोई बिजनेस नहीं चलाते हैं, उन्हें एडवांस टैक्स का भुगतान करने से छूट दी गई है। आपको 31 मार्च से पहले एडवांस टैक्स का बकाया चुकाना होगा, इसकी अंतिम किश्त 15 मार्च 2022 को देय थी।

4- टैक्स सेवर स्कीम में निवेश

टैक्स बचाने के लिए कई अलग-अलग स्कीम का सहारा लिया जाता है, इन स्कीम में निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन की मदद से 1.5 लाख रुपये के निवेश पर टैक्स बचा सकते हैं। इनमें से प्रमुख धारा 80C है जो सालाना 1.5 लाख रुपये तक के संभावित टैक्स बचत का विकल्प देती है।

ऐसी और भी स्कीम भी हैं जो व्यक्तियों को टैक्स लाभ देती हैं। पीपीएफ, यूलिप, एफडी, ईपीएफ, एनपीएस, टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड आदि में निवेश कर टैक्स बचा सकते हैं, ध्यान यही रखना होगा कि 31 मार्च से पहले निवेश होना चाहिए।

5-देरी से आईटीआर फाइलिंग

देर से आयकर रिटर्न दाखिल करने की सामान्य निर्धारित तारीख 31 दिसंबर, 2022 थी, लेकिन वित्त मंत्रालय ने 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दिया है। आप एसेसमेंट ईयर (AY) के अंत से 1 वर्ष या उससे पहले कभी भी अपना विलंबित आईटी रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

नियत तारीख के बाद दाखिल किए गए ITR को विलंबित रिटर्न कहा जाता है. अगर आप आईटीआर फाइलिंग से चूक गए हैं तो 31 मार्च के पहले जरूर कर लें, बाद में कोई मौका नहीं मिलेगा। जुर्माने के बावजूद टैक्स रिटर्न भरने की सुविधा नहीं मिलेगी।

एसईसीएल CMD का भावुक पत्र… श्रमिक संघो को हड़ताल रोकने की अपील…

कोरबा/बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ.पीएस मिश्रा ने विभिन्न श्रमिक संघों व फेडरेशनों आगामी 28 एवं 29 मार्च को प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल पर ना जाने की अपील की है।

अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ.पीएस मिश्रा ने श्रमिक संघों व फेडरेशनों से अपील करते हुए कहा ​है कि श्रमिक संघों व फेडरेशनों के हड़ताल पर जाने से कंपनी का उत्पादन प्रभावित होगा। साथ प्रस्तावित हड़ताल के संबंध में औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के प्रावधानों के अंतर्गत सीआईएल द्वारा मुख्य श्रम आयुक्त (केन्द्रीय), नई दिल्ली एवं एसईसीएल द्वारा उपमुख्य श्रमायुक्त (के), रायपुर (छ.ग.) को संदर्भित किया गया है।

ऐसी स्थिति में इसमें भाग लेने वाले संबंधित कर्मचारियों को “काम नहीं तो वेतन नही” के सिद्धांत के आधार पर वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा साथ ही एसईसीएल के प्रमाणित स्थाई आदेश के तहत अन्य अनुशासनिक कार्यवाईयाँ भी की जा सकती हैं।

डॉ.पीएस मिश्रा ने कहा है कि कोयला श्रमिकों के वेतन और सेवाशर्तों पर विचार-विमर्श के लिए जेबीसीसीआई-11 का गठन किया जा चुका है और जल्द से जल्द समझौता करने के लिए बातचीत कोल इण्डिया लिमिटेड स्तर पर प्रक्रियाधीन है।

उन्होंने कर्मचारी यूनियन से अपील करते हुए कहा कि भारत में औद्योगिक उत्पादन और आर्थिक गतिविधियां कोविड, 19 महामारी के बाद पुनः सामान्य हो रही है राष्ट्र की ऊर्जा की आवश्यकता में वृद्धि हुई है। हमारे सामुहिक प्रेरित प्रयासों से हम वर्ष 2021-22 के उत्पादन तथा प्रेषण के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे है। इस समय एसईसीएल में कार्य व्यवधान एक प्रतिगामी कदम साबित होगा। वर्तमान परिस्थितियों में प्रस्तावित हड़ताल से न केवल कोयले के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा वरन् इससे राष्ट्र के विकास के लिए आवश्यक ऊर्जा आपूर्ति भी प्रभावित होगी इस प्रकार। संबंधित श्रमसंघों का यह कदम कंपनी हित एवं राष्ट्रीय हित, दोनों के संदर्भों में उचित प्रतीत नहीं होता।

ऐसी परिस्थितियों में कोयला उद्योग में कार्यरत श्रमिकों का हडताल पर जाना, न तो मजदूर हित में है, न कंपनी हित और न ही देश हित में है। प्रस्तावित हड़ताल संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार करें एवं उक्त कार्य दिवसों में प्रबंधन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कोयला उत्पादन व प्रेषण की गति बनाए रखने में अपना सहयोग प्रदान करें।