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सबकी नजरों से बचकर नौकरानी ने किया ऐसा खेल, मालिक के उड़ गए होश

अबू धाबी। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में एक नौकरानी (Maid) के ऐसा खेल कर दिया कि उसके मालिक के होश उड़ गए. नौकरानी ने मालिक के घर के सदस्यों की जानकारी के बिना जमकर अंतरराष्ट्रीय कॉल कर डालीं, जब बिल आया तो सभी हैरान रह गए. दरअसल, आरोपी दूसरे देश से UAE नौकरी के लिए आई थी. वो छुप-छुपकर अपने बॉस के लैंडलाइन से घर कॉल किया करती थी. उसने 2,554 दिरहम (52 हजार 500 रुपए से अधिक) की इंटरनेशनल कॉल कर डाली थीं.

पीड़ित परिवार ने लगाई गुहार
‘खलीज टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अदालती दस्तावेजों में कहा गया है कि घर की मालिकन ने शहर के कोर्ट में नौकरानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. मालकिन ने अपनी शिकायत में कहा कि नौकरानी ने बिना उसकी सहमति और जानकारी के घर का लैंडलाइन फोन इस्तेमाल किया और इंटरनेशनल कॉल (International Calls) किए. महिला ने कहा कि इसके लिए उसे 3 हजार दिरहम यानी करीब 62 हजार रुपए दिए जाएं.

भनक लगते ही भाग गई नौकरानी
यूएई की महिला ने अदालत से ये भी कहा कि नौकरानी उसका घर छोड़कर भाग गई है और जाने से पहले उसने किचन के बर्तनों को तोड़ दिया था, जिनकी कीमत 2 हजार दिरहम यानी 41 हजार से अधिक थी. महिला ने कोर्ट से आग्रह किया कि उसे ये रकम भी नौकरानी से दिलवाई जाए. इसके साथ ही महिला ने कोर्ट में कहा कि नौकरानी ने उसे नैतिक और वित्तीय नुकसान पहुंचाया है, इसलिए वो मुआवजे के रूप में उसे 5 हजार दिरहम यानी एक लाख से अधिक रुपए का भुगतान करे.

कुछ समय तक ही किया था काम
पीड़ित महिला ने अदालत में कहा कि नौकरानी ने उसके घर में कुछ समय तक काम किया. विदेशी महिला बिना किसी की जानकारी के अपने घर अंतरराष्ट्रीय कॉल करती थी. जिसका बिल 52 हजार 500 रुपए तक पहुंच गया था. उसने कंपनी के फोन बिल की कॉपी भी अदालत में पेश की. महिला ने कहा कि नौकरानी टेलीफोन बिल का भुगतान किए बिना भाग गई है.

अदालत ने सुनाया ये फैसला
पूरे मामले को समझने के बाद अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दूरसंचार कंपनी के दस्तावेजों के आधार पर इस बात की पुष्टि होती है कि घर के फोन से किए गए अंतरराष्ट्रीय कॉल की वजह से टेलीफोन बिल 52 हजार 500 रुपए तक पहुंच गया था. अदालत ने नौकरानी को बिल और महिला के कानूनी खर्चों का भुगतान करने का आदेश दिया है.

छत्तीसगढ़ में बढ़ीं आदिवासी बच्चों और महिलाओं की मौतें, सांसद नेताम ने गिनाए आंकड़े

रायपुर। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने बुधवार को राजधानी रायपुर के एकात्म परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में पिछले तीन साल में आदिवासी बच्चों की मौतों का आंकड़ा पेश करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवा चरमरा गई है।

नेताम ने कहा कि इस ओर मुख्यमंत्री का जरा सा भी ध्यान नहीं है। वे तो केवल अपनी कुर्सी को कैसे बचाएं, इसी में लगे रहते हैं। इतने खराब हालात छत्तीसगढ़ में आज तक नहीं देखा गया। नेताम ने बताया कि छत्तीसगढ़ में बीते 3 वर्ष में 25 हजार 164 आदिवासी बच्चों की मौत और 955 आदिवासी गर्भवती महिलाओं की मौत हुई है।

दरअसल आदिवासी महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों की मौत का यह मामला 8 फरवरी को राज्य सभा में उठा था। बीजेपी के आदिवासी नेता और छत्तीसगढ़ से राज्य सभा सांसद रामविचार नेताम ने छत्तीसगढ़ की जनजातीय महिलाओं और बच्चों की कुपोषण और अन्य बीमारियों के कारण हुई मृत्यु के मामलों की जानकारी मांगी थी।

इस सवाल के जबाव में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में बीते 3 साल में आदिवासी महिलाओं और बच्चों की मृत्यु दर में वृद्धि हुई है। आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य और आंशिक रूप से आदिवासी बाहुल्य जिलों में 25 हजार 164 बच्चों की मौत हुई है। वहीं 955 गर्भवती महिलाओं की भी मौत हुई है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को घेरते हुए नेताम ने कहा कि इस ओर मुख्यमंत्री का जरा सा भी ध्यान नहीं है। वे तो केवल अपनी कुर्सी को कैसे बचाएं, इसी में लगे रहते हैं। इतने खराब हालात छत्तीसगढ़ में आज तक नहीं देखा गया। आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

गिनाए राज्य सभा में सरकार के दिए जवाब के आंकड़े

नेताम ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि साल 2018 में 3, 290 बच्चों की मौत हुई है। 2018 – 19 में कुल 6448 मौतें हुईं। 2019-2020 में 7406 मौतें हुईं। उहोंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था प्रदेश सरकार का विषय है, लेकिन फिर भी भारत सरकार इसमें मदद कर रही है। उन्होंने ये भी कहा कि आदिवासी महिलाओं की भी सर्वाधिक मौत हो रही है।

नेताम ने कहा कि महिलाओं की सर्वाधिक मौतें राजनांदगांव जिले में हुई हैं। केंद्र सरकार हर साल हजारों करोड़ रुपये की रकम राज्य सरकार को देती है, फिर भी राज्य सरकार को इन आदिवासियों की चिंता नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार से ऐसे मृतकों को म़ुआवजा देने की भी मांग की।

राजस्व अमला पर FIR दर्ज करने की मांग… अधिवक्ता संघ ने पुलिस को सौपा ज्ञापन…

कोरबा। तहसील कार्यलय में तालाबंदी को अधिवक्ता संघ ने गंभीरता से लेते हुए राजस्व अमला पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। संघ के पदधिकारियों ने तहसील कार्यालय में पदस्थ अधिकारी व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए रामपुर पुलिस को ज्ञापन सौपा है।

बता दें कि रायगढ़ तहसील कार्यालय में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लिपिक व भृत्य के साथ कथित मारपीट के मामले में अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी पर अधिवक्ता संघ ने भी मोर्चा खोल दिया है। जिला अधिवक्ता संघ ने निंदा पुलिस के एकतरफा कार्यवाही पर निंदा प्रस्ताव पारित किया है। बिना किसी सूचना के 3 दिवसीय तालाबंदी से जनाक्रोश व्याप्त है। जनसामान्य को हो रही असुविधाओं को देखते हुए आज अधिवक्ता संघ ने रामपुर पुलिस चौकी में एक आवेदन देकर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने की बात को लेकर प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। अधिवक्ता संघ के अशोक तिवारी, गणेश कुलदीप, अनीश सक्सेना, ममता दास, चंद्रदीप शर्मा, राजकुमार अज्ञेय, संजय जायसवाल, सुधीर निगम, कमल श्रीवास्तव, मानसिंह यादव, सुरेश शर्मा,आर.बी.सोनी,रंजना दत्ता, रामकिशोर,प्रेमलता राठौर, ओ श्रीनिवास, राजेश्वरी राठौर, बसंती सौंधिया, सहित भारी संख्या में वकीलों ने रामपुर चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है।

 

देंखे ज्ञापन

पुलिस ने अनोखे अंदाज में बप्पी लाहिड़ी को दी श्रद्धांजलि, पोस्ट इंटरनेट पर हुआ वायरल

न्यूज डेस्क। पॉपुलर सिंगर व म्यूजिशियन बप्पी लाहिरी (Bappi Lahiri) का बुधवार सुबह 69 वर्ष की आयु में मुंबई के क्रिटिकेयर अस्पताल (CritiCare Hospital) में निधन हो गया. वह कई स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए एक महीने से अस्पताल में थे. हाल ही में, संगीत की दिग्गज लता मंगेशकर (Lata Mangeskar) का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया था. उसके बाद अब एक और बुरी खबर आई है. इस खबर के तुरंत बाद, मशहूर हस्तियों और राजनेताओं सहित ट्विटर यूजर्स ने दुख प्रगट करते हुए ‘डिस्को किंग’ बप्पी लाहिड़ी के लिए अपनी संवेदना व्यक्त की.

मुंबई पुलिस ने बप्पी लाहिड़ी को दी श्रद्धांजलि
मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने भी बप्पी दा (Bappi Da) को श्रद्धांजलि देने के लिए ट्विटर का सहारा लिया. पोस्ट में उनके एक लोकप्रिय गाने के बोल हैं, जिसमें लिखा है, ‘यार बिना चैन कहां रे’. इसके साथ ही दो हैशटैग #KingOfHearts #MusicOfGold का यूज किया. पोस्ट में गौर करने वाली बात यह है कि ‘यार बिना चैन कहां रे’ में आने वाले चैन की जगह तस्वीर डाला हुआ है. सोने के आभूषणों के प्रति उनके प्रेम को प्रदर्शित किया गया है. तस्वीर को एक कैप्शन के साथ शेयर किया गया है. कैप्शन में लिखा गया, ‘बप्पी दा, प्यार कभी नहीं होगा’.

ट्रेंडिंग टॉपिक पर मुंबई पुलिस करती है ट्वीट
मुंबई पुलिस अपने ऐसे अनोखे अंदाज के लिए पहचानी जाती है, जब भी कोई ट्रेंड होता है तो ट्वीट करना नहीं भूलती. 27 नवंबर 1952 को आलोकेश लाहिड़ी (Alokesh Lahiri) के रूप में जन्मे, उन्हें उनके प्रशंसकों द्वारा प्यार से ‘बप्पी दा’ कहा जाता है. लाहिड़ी ने पहली बार एक बंगाली फिल्म ‘दादु’ के लिए संगीत तैयार किया और एक फिल्म ‘नन्हा शिकारी’ के साथ अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की.

भारतीय सिनेमा में डिस्को म्यूजिक का रहा बोल-बाला
80 के दशक में, उन्होंने भारतीय सिनेमा में डिस्को संगीत (Disco Music) को लोकप्रिय बनाया और डिस्को डांसर के लिए अपने चार्टबस्टर संगीत और ‘जिमी, जिमी, आजा, आजा…’ सॉन्ग के साथ ग्लोबल फेम प्राप्त किया. उन्होंने हिंदी और बंगाली फिल्मों जैसे ‘चलते चलते, डिस्को डांसर, अमर संगीत, आशा ओ भालोबाशा, अमर तुमी, अमर प्रेम, मंदिरा, बदनाम, रक्तलेखा, प्रिया’ आदि में बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलताएं दी हैं.

 

ओमिक्रोन से संभले थे कि समाने आ गया ये नया वैरिएंट, जानिए कितना है खतरनाक

न्यूज डेस्क। कोविड-19 महामारी फैले दो साल से ज्‍यादा हो चुके हैं। भारत में दूसरी लहर में डेल्‍टा प्रमुख स्‍ट्रेन था तो अब उसे पीछे छोड़कर ओमिक्रोन सबसे ज्‍यादा फैलने वाला स्‍ट्रेन बन गया है।

देशभर से जीनोम सीक्‍वेंसिंग के लिए भेजे गए 95% से ज्‍यादा सैंपल्‍स में ओमिक्रोन वेरिएंट मिला है। भारत में पिछले कुछ समय से कोरोना के मामले घट रहे हैं। अगर चार हफ्ते तक केसेज स्थिर रहते हैं तो माना जा सकता है कि यहां कोरोना ‘एंडेमिक’ स्‍टेज में पहुंच रहा है।

वहीं, वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगला कोविड वेरिएंट और खतरनाक साबित हो सकता है। WHO का कहना है कि अब और भी नए वैरिएंट आ सकते हैं जो ओमीक्रोन से भी ज्यादा तेजी से फैल सकते हैं।

इस चेतावनी के बीच ही यूके से नया वेरिएंट मिलने की खबर आई है। डेल्‍टा और ओमीक्रोन के कॉम्बिनेशन से बना ‘डेल्‍टाक्रोन’ वेरिएंट को पहले लैब एरर समझा गया था, मगर अब इसके मामले आने से टेंशन बढ़ गई है।

भारत में ओमिक्रोन ने डेल्‍टा को पीछे छोड़ा

जीनॉमिक्‍स पर बने कंसोर्टियम INSACOG के अनुसार, फरवरी के आखिरी हफ्ते के बाद लिए गए 95% से ज्‍यादा सैंपल्‍स की जीनोम सीक्‍वेंसिंग में ओमिक्रोन वेरिएंट मिला है। एक्‍सपर्ट्स ने कहा कि डेल्टा वेरिएंट जहां कई लहरों में फैला, वहीं ओमिक्रोन पूरे देश में एक साथ फैला। जनवरी में INSACOG ने कहा था कि भारत में ओमिक्रोन कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन स्‍टेज में पहुंच गया है।

नए वेरिएंट पर वैज्ञानिकों की चेतावनी

वैज्ञानिकों ने चेताया है कि अगला कोविड वेरिएंट ओमिक्रोन से भी खतरनाक हो सकता है। कई देशों में केसेज घटने पर पाबंदियां हटा ली गई हैं। इस बीच, एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के प्रफेसर मार्क वूलहाउस ने कहा है कि यह नहीं पता कि कोरोना वायरस का अगला वेरिएंट कहां से आएगा।

उन्‍होंने कहा, ‘ओमिक्रोन वेरिएंट डेल्‍टा से नहीं आया। यह वायरस के फैमिली ट्री के बिल्‍कुल अलग हिस्‍से से आया। और चूंकि हम यह नहीं जानते कि वायरस के फैमिली ट्री में से कहां से अगला वेरिएंट आएगा, हमें यह पता नहीं चल सकता कि यह कितना पैथोजेनिक (खतरनाक) होगा। यह कम पैथोजेनिक हो सकता है, मगर ज्‍यादा भी।’

वारविक यूनिवर्सिटी के प्रफेसर लॉरेंस यंग भी वूलहाउस की राय से इत्‍तेफाक रखते हैं। यंग ने कहा, ‘लोगों को लगता है कि वायरस अल्‍फा से बीटा फिर डेटा और तब ओमिक्रोन के रूप में इवॉल्‍व हुआ है। ऐसा नहीं है। यह कहना कि वायरस के वेरिएंट्स कमजोर होते जाएंगे, गलत है। नया वेरिएंट ज्‍यादा खतरनाक हो सकता है।’

डेल्‍टाक्रोन के यूके में मिले हैं केस

यूनाइटेड किंगडम में ओमिक्रोन और डेल्‍टा वेरिएंट्स के हाइब्रिड स्‍ट्रेन ‘डेल्‍टाक्रोन’ के केसेज मिले हैं। शुरू में समझा गया कि लैब टेस्‍ट में गड़बड़ी हुई है मगर इस नए स्‍ट्रेन की अब पुष्टि हो चुकी है। अभी तक यूके के अधिकारियों ने इसकी संक्रामकता और वैक्‍सीन पर असर को लेकर कुछ नहीं कहा है।

जिस प्रेमी जोड़े को तीन साल ढूंढ नहीं पाई पुलिस उसका ऐसे मिला पता, पढ़ें जोरदार खबर

जाेधपुर। कोरोना वैक्सीनेशन से जुड़ी ढेरों कहानियां आए दिन सुनने को मिल रही हैं। लेकिन, जोधपुर की जो कहानी सामने आई है उसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे। जिस फरार जोड़े को पुलिस तीन साल से नहीं ढूंढ पाई थी, कोरोना वैक्सीनेशन ने उसका पता बता दिया।

बेहद दिलचस्प है मामला

दरअसल राजस्थान के जोधपुर जिले के मगरा पुंजला के गांधी नगर में रहने वाला युवक 2019 में घर से आईटीआई जाने के लिए बोलकर निकला था। लेकिन वह पड़ोस में ही रहने वाली युवती के साथ गायब हो गया। युवक-युवती के गायब होने के बाद परिजनों ने पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। साथ ही यूपी, हरियाण और दिल्ली वगैरह में उसकी तलाश भी की, लेकिन दोनों का कहीं पता नहीं चला। युवक जोमैटो में फूड डिलीवरी का काम करता था। पुलिस ने जोमैटो कंपनी से भी पता किया। लेकिन उसमें भी कोई सफलता नहीं मिली।

घर के नंबर से लिंक था आधार

इस बात को तीन साल बीत गए थे। इस बीच अचानक एक दिन युवती के घरवालों के पास आधार का एक लिंक आया। इसमें युवती की लोकेशन चंडीगढ़ में मिली। असल में युवक-युवती ने चंडीगढ़ में कोरोना का टीका लगवाया था। युवती का आधार घर के नंबर से ही लिंक था। ऐसे में मैसेज घर के मोबाइल पर आया। परिजनों ने इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दी। पुलिस चंडीगढ़ पहुंची और दोनों को जोधपुर ले आई।

चंडीगढ़ वैक्सीन सेंटर के पास ही रहते थे दोनों

जोधपुर से भागकर प्रेमी जोड़ा पहले दिल्ली पहुंचा। फिर दोनों चंडीगढ़ में जाकर रहने लगे। चंडीगढ़ में दोनों ने शादी कर ली और कमरा लेकर रहने लगे। इसके बाद दोनों ने वहीं जॉब भी शुरू कर दी थी। कोरोना काल में भी दोनों घर नहीं लौटे और सरकार से मिलने वाले राशन आदि को लेकर गुजारा करते रहे। लेकिन कोरोना वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन से दोनों पुलिस की पकड़ में आ गए।

हाई कोर्ट में पुलिस को लगी थी फटकार

जब पुलिस युवक-युवती को ढूंढ पाने में नाकाम रही थी तो घरवालों ने राजस्थान हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर दी। याचिका की सुनवाई में न्यायालय ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए युवक को जल्द कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। लेकिन पुलिस फिर खाली हाथ ही रही। हाईकोर्ट में दुबारा सुनवाई से पहले ही कोरोना वैक्सीन ने पुलिस का काम आसान कर दिया।

Law and Order: थानों में कौन होता है एसएसआई (SSI), क्या होता है उनका काम?

न्यूज डेस्क।किसी भी राज्य में कानून व्यवस्था (Law and Order) की सबसे बड़ी कुंजी पुलिस होती है. जिलों में पुलिस की सबसे अहम इकाई होती है पुलिस थाने (Police Station). जहां कई अधिकारी और कर्मचारी तैनात होते हैं. थाने का इंचार्ज या यूं कहें कि सबसे बड़ा अफसर थाना प्रभारी होता है. जिसे एसओ (SO) और एसएचओ (SHO) कहते हैं. लेकिन यूपी के थानों में एक पद होता है एसएसआई (SSI). आइए जानते हैं कि आखिर ये एसएसआई होता क्या है?

क्या होता है एसएसआई (SSI)
सबसे पहले हम आपको ये बता दें कि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के थानों में एसएसआई (SSI) का पद होता है. कुछ राज्यों में इस पद को अलग-अलग नाम दिए गए हैं. एसएसआई की फुल फॉर्म Senior Sub Inspector होती है. हिंदी में जिसे वरिष्ठ उप निरीक्षक कहा जाता है. यह पद एक सब इंस्पेक्टर स्तर के अफसर का है. जिसकी सीनियर होना ज़रुरी है.

अगर हम यूपी की बात करें तो इस राज्य के थानों में वरिष्ठ उप निरीक्षक (SSI) का पद एसओ, एसएचओ के बाद दूसरा अहम पद होता है. यूपी के कई बड़े शहरों में एसओ (SO), एसएचओ (SHO) और एसएसपी के पीआरओ (PRO) रह चुके इंस्पेक्टर बी.आर. जैदी थानों में तैनात SSI के बारे में बताते हैं कि एसएचओ के सिर पर काफी जिम्मेदारी होती हैं. ऐसे में थाने के आंतरिक कार्य, स्टाफ से जुड़े मामले और ब्रिफिंग आदि का कार्यभार एसएसआई के कंधों पर होता है.

संगीतकार बप्पी लहरी नहीं रहे, डिस्को किंग ने 69 साल की उम्र में ली अंतिम सांस,कल होगा अंतिम संस्कार

मुंबई। बॉलीवुड के म्यूजिक डायरेक्टर बप्पी लहरी का मंगलवार रात 11 बजे 69 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने मुंबई के जुहू स्थित क्रिटी केयर हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि उन्हें तबीयत खराब होने के बाद मंगलवार को ही भर्ती किया गया था।

बप्पी दा पिछले साल कोविड पॉजिटिव हो गए थे। इसके बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। म्यूजिक इंडस्ट्री में बप्पी लहरी को डिस्को किंग कहा जाता था। उनका असली नाम अलोकेश लाहिड़ी था। बप्पी लहरी म्यूजिक के साथ-साथ सोना पहनने के अंदाज को लेकर भी जाने जाते थे।

अंतिम संस्कार कल होगा

बप्पी लहरी के परिवार वालों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार कल किया जाएगा। उनके बेटे बप्पा अभी अमेरिका में हैं और वह कल दोपहर तक मुंबई पहुंचेंगे। इसके बाद उनका क्रिया कर्म किया जाएगा।

कामरेड नवरंग लाल के पुण्यतिथि में मरीजो को वितरण किया गया फल… मजदूरों के मसीहा को याद कर भावुक हुए रजनीश…

कोरबा। कामरेड नवरंग लाल अग्रवाल के 23 वीं पुण्यतिथि को यादगार बनाने के लिए शहर के जगह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कड़ी में दीपका क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजो को फल वितरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कामरेड के कार्यो को याद करते हुए रजनीश तिवारी भावुक हो गए।

बता दें कि आज स्व नवरंग लाल के 23 वी पुण्यतिथि मनाया जा रहा है। इस अवसर पर दीपका क्षेत्र के कांग्रेस नेता रजनीश तिवारी के नेतृत्व में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दीपका में मरीजो को फल वितरण कर कामरेड नवरंग लाल को श्रधांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के अवसर पर रजनीश तिवारी ने कामरेड नवरंग लाल को मजदूरों का मसीहा बताया ।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश यूथ कांग्रेस के महामंत्री पूर्व महामंत्री एवं जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के महामंत्री रजनीश तिवारी के कुशल नेतृत्व में पिछले 22 वर्षों से अनवरत रूप से सेवा दिवस के रूप में क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है ।इस अवसर पर नगर पालिका दीपका क्षेत्र के उपाध्यक्ष सुनील अग्रवाल ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दीपका की अध्यक्षा श्रीमती मनोरमा लकरा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष संतोष सिंह एवं हॉस्पिटल के प्रबंधक श्रीहरि कवर डॉक्टर पंडा सुष्मिता सिंह के अलावा राजेश यादव गौरव सिंह अरविंद सिंह गोविंद यादव पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष विनोद कर्ष प्रशांति सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

KORBA: अधिवक्ता संघ के चुनाव की घोषणा… 13 मार्च को मतदान और मतगणना…

कोरबा। जिला अधिवक्ता संघ कोरबा के चुनाव की घोषणा हो चुकी हैं। निर्वाचन अधिकारी सी.के.शर्मा ने चुनाव के लिए कार्यक्रम जारी किया है।

बता दें कि अधिवक्ता संघ का चुनाव के लिए बिगुल बज चुकी है। मुख्य चुनाव अधिकारी सी के शर्मा ने चुनाव के लिए अधिसूचना जारी करते हुए चुनाव क्रायक्रम की रूपरेखा जारी की है।

देखें कब क्या …