कानपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Election 2022) के लिए लगातार प्रचार अभियान करके कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए वोट मांग रहे हैं। रविवार को उन्होंने कानपुर (Kanpur) की गोविंदनगर (Govind Nagar Assembly Seat) विधानसभा क्षेत्र में घर-घर जाकर कांग्रेस प्रत्याशी करिश्मा ठाकुर (Congress Candidate Karishma Thakur) के पक्ष में वोट देने की अपील की। इस दौरान उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर भी जमकर प्रहार किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस प्रत्याशी करिश्मा ठाकुर ने काली मठिया मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने डोर टू डोर चुनाव प्रचार अभियान शुरू किया। इस दौरान भारी संख्या में लोग नजर आए। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि लोगों का उत्साह दिखा रहा है कि कांग्रेस पार्टी यूपी विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
भोपाल। अभी वेलेंटाइन वीक Valentine’s Week चल रहा है लोगों में इश्क मोहब्बत की खुमारी सिर चढ़कर बोल रही है। इसी बीच भोपाल में अजब इश्क की गजब कहानी निकलकर सामने आई है। जिसमें विधवा की इश्क में पड़ा युवक न लड़का रहा न लड़की।
दरअसल एक युवक ने अपनी प्रेमिका के साथ रहने के लिए जेंडर चेंज gender change करवाने का फैसला किया। उसका ट्रीटमेंट चल रहा था। माता-पिता के समझाने के बाद उसका ट्रीटमेंट बीच में ही रोकना पड़ा। इस कारण उसके शरीर में लड़के और लड़की दोनों के हॉर्मोन हैं।
32 साल का युवक घर में इकलौता बेटा है। उसके पिता क्लास वन ऑफिसर की पोस्ट से रिटायर्ड हैं। वह दिल्ली की मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करता है। वहां उसे अपनी कलीग से प्यार हो गया और उसने जेंडर चेंज का फैसला लिया।
पहले स्टेप में उसकी बॉडी में हॉर्मोनल चेंज hormonal changes आए। इसके बाद वह लड़कियों जैसा व्यवहार करने लगा। अचानक आए बदलाव के बाद फैमिली के सामने इसका खुलासा हुआ। उन्होंने भोपाल में युवक और महिला की काउंसलिंग कराई। युवक दिल्ली और महिला मूलत: मध्यप्रदेश की रहने वाली है।
माता-पिता ने लगाई काउंसलर से गुहार
युवक के माता-पिता भोपाल की एडवोकेट सरिता राजानी के पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ महीने से उनके बेटे में काफी परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं। वह अकेला रोता था। गुस्से में रहता है और बात-बात पर चिढ़ने लगता है। काउंसलर एडवोकेट सरिता ने उनकी गुहार पर लड़के और महिला की काउंसलिंग की। फिलहाल, युवक का जेंडर चेंज करने का ट्रीटमेंट बीच में रोक दिया गया है।
महिला ने शादी के लिए मना किया
काउंसलिंग के दौरान युवक ने बताया कि उसके साथ 30 साल की एक महिला जॉब करती है। महिला के पति की दो साल पहले कोरोना के कारण मौत हो गई है। उसकी एक बेटी भी है। दोनों करीब 6 महीने पहले ही मिले। वह अपने घर नहीं जाना चाहती है। वह अकेले रहती है। यहीं से उनकी दोस्ती की शुरुआत हुई और प्यार हो गया।
युवक ने शादी करने का प्रस्ताव रखा, तो महिला ने मना कर दिया। उसने कहा कि उसका पति उसे बहुत प्यार करता था। वह उसका बहुत ख्याल रखता था। वह उसके अलावा किसी और को पति के रूप में नहीं देख सकती। इसके बाद युवक ने लड़की बनने का फैसला लिया।
डॉक्टर से संपर्क किया और जेंडर चेंज कराने के लिए पहले स्टेप में हॉर्मोनल चेंज करने के लिए दवाई ली। वह करीब एक महीने से यह दवाई ले रहा था। इसके कारण उसमें काफी बदलाव आ गए हैं।
धार: आधुनिकता की चकाचौंध के बीच धार में एक समाजिक कार्यकर्ता ने अपनी शादी में परंराओं का पालन कर मिसाल पेश की है. धार के पडियाल में जब दूल्हा बैलगाड़ी पर सवार होकर अपनी दुल्हनिया लेने निकला तो हर कोई उसे निहारने लगा. चांदी के आभूषण के साथ पारंपरिक वेषभूसा में सजे दुल्हे ने कहा कि उनसे अपनी परंपरा निभाई है. देसी अंदाज में निकली इस बारात की लोगों ने जमकर सराहना की.
बारात में थी 5 बैलगाड़ियां
ये बारात शुक्रवार को धार जिले के पडियाल गांव में निकली. एमए पास और सामाजिक कार्यकर्ता दूल्हे गजेंद्र सिंह अलावा ने फालिए की ही रहने वाली अलका अलावा से सात फेरे लिए. दूल्हे की बैलगाड़ी को विशेष रूप से सजाया गया था. साथ ही अन्य चार बैलगाड़ियों पर परिवार शादी समारोह का सामान लेकर बैठे हुए थे. आगे-आगे चल रहे डीजे पर बाराती आदिवासी गीतों पर झूम रहे थे.
पहनी पारंपरिक पोशाक
दुल्हा बने गजेंद्र सिंह अलावा ने दादा, परदादा की परंपरा को निभाते हुए शेरवानी के बजाय चांदी के आभूषण पहनकर धोती, कमीज व साफा पहनकर बारात लेकर पहुंचे. उन्हें देखकर सामाजिक लोगों ने कहा कि इस शादी के माध्यम से आजकल के युवाओं को प्रेरणा देते हुए संस्कृति को पुनः जीवित करने का प्रयास किया गया है.
पढ़ा लिखा है पूरा परिवार
दूल्हे के पिता रमेशंद्र अलावा कोणंदा गांव में टीचर हैं. काका की बेटी यानी दूल्हे की बहन उपसाना अलावा महू में मंडी इंस्पेक्टर है. गजेंद्र की बहन मधु की शादी हो चुकी है. भाई भूपेंद्र अभी कॉलेज में है. गजेंद्र भी बड़वानी में कोचिंग क्लासेस संचालित कर रहा है. वहीं, बीएड पास उनकी नई नवेली दुल्हन सरकारी टीचर बनने के लिए तैयारी में जुटी है.
न्यूज डेस्क। कहते हैं कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती. अगर आप सफलता की ऊंचाइयों पर चढ़ना चाहते हैं तो कड़ी मेहनत को मत छोड़िए. आपके ख्वाब कभी न कभी पूरे जरूर होंगे. कड़ी मेहनत और लगन के दम पर ऐसा ही कर दिखाया है बिहार की एक 24 साल की लड़की संप्रीति यादव ने. एक जमाना था जब संप्रीति यादव लगातार 50 इंटरव्यू में फेल हो गई थीं और उनके पास कोई नौकरी नहीं थी.
50 इंटरव्यू में फेल होने के बाद मिली गूगल में नौकरी
हालांकि इतनी असफलता के बाद भी संप्रीति ने हार नहीं मानी. आज उनके पास चार-चार कंपनियों का ऑफर है. सिर्फ यही नहीं उन्हें Google ने 1.10 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज का भी ऑफर दिया है. जिसे संप्रीति ने स्वीकार कर लिया है. संप्रीति की इस सफलता से आज उनके घर में खुशी की लहर दौड़ गई है और उनके परिजन काफी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं.
संप्रीति यादव 14 फरवरी से गूगल में काम करना शुरू करेंगी. उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की है. बता दें कि संप्रीति के लिए गूगल की नौकरी हासिल करना इतना आसान नहीं था. इसके लिए उन्होंने 9 राउंड की परीक्षा पास की है. गूगल ने संप्रीति से 9 राउंड का इंटरव्यू लिया. इन सभी राउंड में संप्रीति ने सवालों के सही जवाब दिए. इसके बाद ही गूगल की तरफ से संप्रीति को इतने बड़े पैकेज वाली नौकरी का ऑफर मिला.
माइक्रोसॉफ्ट से भी मिला था ऑफर
संप्रीति को माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) कंपनी से भी नौकरी का ऑफर था. संप्रीति ने बताया कि गूगल के इंटरव्यू के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की थी. हर राउंड में उनके जवाब से अधिकारी संतुष्ट होते थे. संप्रीति कहती हैं कि अगर कुछ बड़ा करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपना लक्ष्य तय करें. इसके बाद उसी लक्ष्य के हिसाब से अपनी तैयारी आगे बढ़ाएं, आपको सफलता जरूर मिलेगी. संप्रीति का बचपन से सपना था कि उन्हें गूगल के लंदन ऑफिस में काम करने का मौका मिले.
कोरबा। बालको प्रबंधन के खिलाफ एक अनोखा अंदोलन करने की जानकारी मिली है। प्रबन्धन के खिलाफ वेलेंटाइन दे के अवसर पर अधिकारियो को लाल गुलाब भेंट कर काले गुब्बारे छोडे जायेंगे। हलाकि अंदोलन समाज हित कम और अपने हित में अधिक होने की चर्चा शुरू हो गई है।
बता दें कि बालको प्रबंधन के खिलाफ दूषित राखड़ पानी को नदी में छोड़ने, एव स्थानिय बेरोजगार युवाओं को नौकरी की मांग को लेकर मधुसूदन दास के नेतृत्व में बालको प्रबंधन को लाल गुलाब भेंट कर काले गुब्बारे छोड़ने की रणनीति बनाई गई है। कार्यक्रम के लिए बाक़ायद वेलेंटाइन डे को चुना गया है। इस दिन युवा अपने गर्लफ्रेंड को गुलाब देते है ,पर ये युवा थोड़े नटखट है और युवाओ को रोजगार देने की मांग को लेकर बालको प्रबंधन के अधिकारियो को लाल गुलाब देकर वेलेंटाइन डे मनाने वाले है। हलाकि प्रबंधन को आंदोलन खबर लगते ही युवाओ को रिझाने का प्रयास किया जा रहा है।
भोपाल। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की रहने वाली 21 साल एक युवती के साथ कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (Karnataka Sampark Kranti Express) में बलात्कार का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, पीड़िता की शिकायत पर पुलिस जब ट्रेन में पहुंची तो आरोपी पैंट्रीकार के फ्रीजर में जाकर छिप गया। हालांकि पुलिस ने उसे ढूंढ निकाला और गिरफ्तार कर हवालात में भेज दिया।
युवती ने इस संबंध में भोपाल में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस में दर्ज शिकायत में लड़की ने बताया कि वह दिल्ली से मुंबई जा रही थी, रास्ते में कई लोगों ने उससे कहा कि अकेली लड़की इस तरह अकेले मुंबई जाना सुरक्षित नहीं। उनकी बातें सुनकर वह भी डर गई और फिर दिल्ली वापस लौटने के लिए किसी ट्रेन में सवार हुई। हालांकि उस ट्रेन में काफी भीड़ थी, इसलिए वह भुसावल रेलवे स्टेशन पर उतर गई।
लड़की ने बताया कि वह फिर वहां से यशवंतपुर से निजामुद्दीन जाने वाली कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के एसी कोच में सवार हो गई। उसके पास इस ट्रेन में कोई रिजर्वेशन नहीं था, इसलिए वह कोच के अंदर फर्श पर कंबल बिछाकर सो गई। रात करीब 8 बजे नीली शर्ट पहने एक युवक वहां आया और उसे जगाकर पैंट्रीकार के बाहर जाकर सोने के लिए कहते हुए वहां से चला गया।
FIR के मुताबिक, ‘कुछ देर बाद वही युवक फिर आया और उसे जबरन पैंट्रीकार के अंदर खींच ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती के शोर मचाने पर आरोपित ने उसे मारा-पीटा और चलती ट्रेन से नीचे फेंकने की धमकी देकर भगा दिया। इसके बाद वह रोती हुई दूसरे डिब्बे में चली गई और वहां दूसरे यात्रियों को घटना की जानकारी दी।
बिजनेस डेस्क। भारत में नए कार खरीदारों को इन दिनों एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कुछ कारें इस समय भारी मांग का आनंद ले रही हैं, जिसके पीछे वजह सेमीकंडक्टर चिप की कमी के कारण उनका धीमा प्रोडक्शन है। हम आपको बता रहे हैं इन दिनों सबसे ज्यादा वेटिंग पीरियड वाली कारों की डिटेल्स..
Mahindra की कारों का बोलबाला
हमारी सूची की पहली कार है XUV700। इस एसयूवी की वर्तमान में सबसे ज्यादा डिमांड है, और इसलिए ही इसकी डिलीवरी के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। XUV700 के चुनिंदा वेरिएंट के ग्राहक उन्नीस महीने तक का लंबा इंतजार कर रहे हैं।
महिंद्रा की थार Mahindra Thar-amp इस सूची की दूसरी कार है, जिसकी प्रतीक्षा अवधि 12 महीने तक है। हालांकि, दिल्ली एनसीआर और देहरादून में डीलर सूत्रों के मुताबिक एक्सयूवी700 और थार की वास्तविक प्रतीक्षा अवधि को चयनित प्रकार और रंग के आधार पर लगभग छह से दस महीने तक कम किया जा सकता है।
Hyundai और Maruti भी कतार में
इसके साथ ही हुंडई क्रेटा Hyundai Creta की प्रतीक्षा अवधि 10 महीने तक है, जिसमें सबसे लंबा इंतजार बेस ट्रिम के लिए है। वहीं अन्य वेरिएंट के लिए, खरीदारों को लगभग छह महीने इंतजार करना होगा। सूची में अगली कार मारुति अर्टिगा Maruti Ertiga है, जो केवल पेट्रोल वेरिएंट के लिए लगभग तीन से पांच महीने और सीएनजी संस्करण के लिए नौ महीने तक प्रतीक्षा पर है।
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (isro) के 2022 के पहले प्रक्षेपण अभियान के तहत PSLV-C52 के जरिए धरती पर नजर रखने वाले उपग्रह EOS-04 को कक्षा में भेजने के लिए 25 घंटे की उलटी गिनती रविवार सुबह शुरू हो गई। ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) अपने साथ दो छोटे उपग्रहों को भी ले जाएगा। इसका प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लॉन्च पैड से सोमवार को सुबह 05:59 बजे निर्धारित है।
इसरो ने एक ट्वीट में कहा कि PSLV-C52 /EOS-04: प्रक्षेपण के लिए 25 घंटे 30 मिनट की उलटी गिनती की प्रक्रिया आज सुबह 04:29 बजे शुरू हो गई है।” EOS-04 एक ‘रडार इमेजिंग सैटेलाइट’ है जिसे कृषि, वानिकी और वृक्षारोपण, मिट्टी की नमी और जल विज्ञान तथा बाढ़ मानचित्रण जैसे अनुप्रयोगों एवं सभी मौसम स्थितियों में उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।
दो छोटे उपग्रहों को भी ले जाएगा
PSLV अपने साथ में दो छोटे उपग्रहों को भी ले जाएगा, जिनमें कोलोराडो विश्वविद्यालय, बोल्डर की वायुमंडलीय और अंतरिक्ष भौतिकी प्रयोगशाला के सहयोग से तैयार किया गया भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (IIST) का उपग्रह इन्सपायरसैट-1 भी शामिल है। इसमें NTU, सिंगापुर और एनसीयू, ताइवान का भी योगदान रहा है। इस उपग्रह का उद्देश्य आयनमंडल के गति विज्ञान और सूर्य की कोरोनल ऊष्मीय प्रक्रियाओं की समझ में सुधार करना है।
वहीं, दूसरा उपग्रह इसरो का एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शक उपग्रह (INS-2TD) है। इसके उपकरण के रूप में एक थर्मल इमेजिंग कैमरा होने से उपग्रह भूमि की सतह के तापमान, आर्द्रभूमि या झीलों के पानी की सतह के तापमान, वनस्पतियों (फसलों और जंगल) और तापीय जड़त्व (दिन और रात) के आकलन में सहायता प्रदान करेगा। यह PSLV की 54वीं उड़ान होगी और 6 पीएसओएम-एक्सएल (स्ट्रैप-ऑन मोटर्स) के साथ ‘PSLV-एक्सएल कॉन्फिगरेशन’ का उपयोग करते हुए 23वां मिशन होगा।
NSE की पूर्व एमडी और सीईओ चित्रा रामकृष्णा (Chitra Ramkrishna) ने ‘हिमालय में रहने वाले एक योगी’ के कहने पर आनन्द सुब्रमण्यम (Anand Subramanian) की नियुक्ति एक्सचेंज के ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर और एमडी एक एडवाइजर के रूप में की. मार्केट रेगुलेटर SEBI के एक ऑर्डर में ये कहा गया है.
SEBI के आदेश में कहा गया है कि रामकृष्णा ने सुब्रमण्यम को कई बार मनमाने तरीके से Salary Hike दी जबकि उनके परफॉर्मेंस के मूल्यांकन का कोई सबूत मौजूद नहीं है.
सेबी के ऑर्डर में ये बातें भी आई सामने
SEBI द्वारा शुक्रवार को पास किए गए ऑर्डर में ये बातें सामने आईं. रेगुलेटर ने रामकृष्ण और अन्य के खिलाफ ऑर्डर पास किया है. ऑर्डर में कहा गया है कि रामकृष्ण ने NSE के कुछ फाइनेंशियल और बिजनेस प्लान, डिविडेंड से जुड़ी बातें, फाइनेंशियल रिजल्ट्स और कुछ अन्य गोपनीय सूचनाएं योगी के साथ शेयर कीं. इतना ही नहीं NSE के कर्मचारियों के अप्रेजल को लेकर भी उन्होंने योगी से विचार-विमर्श किए.
20 साल तक लेती रहीं सलाह
योगी को रामकृष्णा “Sironmani” के रूप में रेफर करती हैं और पिछले 20 साल से हर तरह के पर्सनल और प्रोफेशल मामले पर उनकी राय के आधार पर फैसले लेती रही हैं. रामकृष्ण अप्रैल 2013 से दिसंबर 2016 के बीच NSE की मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ रही थीं.
190 पेज का ऑर्डर
सेबी ने अपने 190 पेज के ऑर्डर में कहा है कि रामकृष्णा ने योगी के कहने पर सुब्रमण्यम की नियुक्ति की. इस वजह से ही सुब्रमण्यम को काफी अधिक अधिकार दिए गए थे.
इस तरह हुई थी सुब्रमण्यम की नियुक्ति
सुब्रमण्यम को NSE में अप्रैल 2013 में चीफ स्ट्रेटेजी एडवाइजर के तौर पर ज्वाइन करने का ऑफर मिला था. उन्हें 1.68 करोड़ का सालाना पैकेज ऑफर किया गया था. इससे पहले वह Balmer and Lawrie में मिडिल लेवल मैनेजमेंट में काम कर रहे थे और मार्च 2013 में उनका सालाना पैकेज 15 लाख रुपये से भी कम था. इसके अलावा उन्हें कैपिटल मार्केट का कोई एक्सपीरियंस नहीं था.
अप्रैल, 2014 में उनका सालाना पैकेज 1.68 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2.01 करोड़ रुपये कर दिया गया. अप्रैल, 2015 में उनका सालाना पैकेज बढ़ाकर 3.33 करोड़ रुपये कर दिया गया. इसके साथ-साथ उन्हें ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर (GOO) और एमडी का एडवाइजर नियुक्त किया गया. 2016 में उनका पैकेज बढ़कर 4.21 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
अब भरना होगा इतना जुर्माना
गवर्नेंस में खामी को लेकर सेबी ने रामकृष्ण पर तीन करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. इसके साथ ही NSE, सुब्रमण्यम और NSE के अन्य पूर्व एमडी एवं सीईओ रवि नारायण पर दो-दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया. इसके अलावा तत्कालीन चीफ रेगुलेटरी ऑफिसर एवं कम्पलाइंस ऑफिसर वी. आर. नरसिम्हन पर 6 लाख रुपये का जुर्मान लगाया गया है.
ये कार्रवाई भी
रामकृष्णा और सुब्रमण्यम किसी भी मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर इंस्टीच्युशन या सेबी के साथ रजिस्टर्ड किसी भी इंटरमीडियटरी के साथ तीन साल तक एसोसिएट नहीं हो सकते हैं. नारायण पर इस संबंध में दो साल की पाबंदी लगाई गई है.
कोरबा। स्व के एल मेहता कप का आगाज जल्द ही शुरू हो रहा है। रोमांचक मैच में चौके छक्के लगाने आ रहे जाबांज ! जी हां घंटाघर ओपन आडोटोरियम में होने वाले क्रिकेट मैच में पुलिस , जिला प्रशासन के साथ कई औद्योगिक उपक्रम के टीम अपने हुनर का जलवा बिखेरते रहे है। इस वर्ष भी रोमांच से भरपूर कई दिग्गज खिलाड़ी मैच में हिस्सा लेकर खेल का उत्साह बढ़ाएंगे।
बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार स्व. केशवलाल मेहता की स्मृति में कोरबा प्रेस क्लब द्वारा आयोजित किए जाने वाले क्रिकेट प्रतियोगिता के 18 वें वर्ष फरवरी माह में पुन: स्पर्धा का रोमांच छाएगा। कोरबा प्रेस क्लब द्वारा आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर ओपन एयर ऑडिटोरियम घंटाघर मैदान में स्पर्धा का रोमांच क्रिकेट प्रेमियों के सिर चढ़कर बोलता है। स्पर्धा में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, नगर निगम की टीम के अलावा कोरबा जिले में स्थापित निजी व सार्वजनिक उपक्रम एनटीपीसी, बालको, सीएसईबी, एसईसीएल के अलावा छत्तीसगढ़ प्रेस क्लब की क्रिकेट टीम शामिल होती हैं। स्पर्धा में क्रिकेट प्रेमी बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। यह आयोजन पूरी तरह से सद्भाव पूर्ण एवं खेल भावना से होता रहा है।