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भय्यू महाराज सुसाइड केस: शादी की ख्वाहिश, अश्‍लील वीडियो, हाई डोज दवा, ब्‍लैकमेलिंग की कहानी के 3 किरदार, तीनों दोषी करार

न्यूज डेस्क। भय्यू महाराज आत्‍महत्‍या मामले में (Bhaiyyu Maharaj suicide Case) इंदौर की अदालत ने फैसला सुना दिया है। जिला अदालत ने भय्यू महाराज के सेवादार विनायक, शिष्‍या पलक और ड्राइवर शरद को दोषी ठहराते हुए तीनों को छह-छह साल की सजा सुनाई है। भय्यू महाराज ने साल 2018 में लाइसेंसी रिवॉल्‍वर से खुद को गोली मार ली थी। कोर्ट ने विनायक, शरद और पलक को भय्यू महाराज की सुसाइड के लिए जिम्‍मेदार माना। इन तीनों को भय्यू महाराज को आत्‍महत्‍या के लिए उकसाने का दोषी माना गया है। ये तीनों भय्यू महाराज को ब्‍लैकमेल कर रहे थे, जिसकी वजह से उन्‍हें सुसाइड के लिए मजबूर होना पड़ा।

डिप्रेशन की हाई डोज दवा देकर बनाए अश्‍लील वीडियो

मध्‍य प्रदेश पुलिस ने इस मामले में 125 लोगों से पूछताछ की थी, इनमें 28 के बयान दर्ज किए गए थे। पुलिस मुताबिक, विनायक, पलक और शरद तीनों मिलकर भय्यू महाराज की संपत्ति हड़पने का प्‍लान बना रहे थे। ये साजिश करीब दो साल से रची जा रही थी। ये तीनों को डिप्रेशन की दवा के नाम पर भय्यू महाराज को हाईडोज मेडिसिन देते थे, जिससे वह दो-तीन दिनों तक नींद की हालत में रहते थे। इसी हालत में पलक और भय्यू महाराज की कुछ अश्‍लील तस्‍वीरें, वीडियो बना लिए गए और ब्‍लैकमेलिंग का खेल चलने लगा। इसके बाद से ही भय्यू महाराज डिप्रेशन का शिकार होते चले गए।
पुलिस ने यह भी दावा किया कि आत्‍महत्‍या के वक्‍त भय्यू महाराज के पास से जो सुसाइड नोट मिला, वह भी डिप्रेशन की दवा के नशे में सेवादारों ने साजिश के तहत पहले ही लिखवा लिया था।
शादी का दबाव बना रही थी पलक, भय्यू महाराज की दूसरी शादी होने के बाद से दे रही थी धमकी

भय्यू महाराज के साथ अश्‍लील वीडियो बनाने के बाद पलक उन्‍हें ब्‍लैकमेल करने लगी थी। वह उनसे ही महीने डेढ़ लाख रुपये वसूल रही थी। पलक भय्यू महाराज को धमकी दे रही थी कि अगर उन्‍होंने उससे शादी नहीं की तो वह सेक्‍स स्‍कैंडल में फंसे एक बाबा का उदाहरण देकर कहती थी कि उनके जैसा हाल कर दूंगी। पलक के दबाव के बावजूद भय्यू महाराज ने डॉक्‍टर आयुषी से दूसरा विवाह किया। जिस दिन भय्यू महाराज ने यह शादी की उस दिन पलक ने जमकर हंगामा किया। विनायक और शरद ने पलक और भय्यू महाराज के बीच हुई चैटिंग के साथ ही उनकी वीडियो कॉल भी रिकॉर्ड कर ली थी। पलक, विनायक और शरद ने भय्यू महाराज से करीब एक करोड़ रुपये हड़प लिए थे। तीनों ने पूरे आश्रम की संपत्ति और यहां तक कि भय्यू महाराज की तिजोरी को भी अपने कंट्रोल में ले लिया था।
पत्‍नी आयुषी को भय्यू महाराज से मिलने नहीं देता था विनायक

भय्यू महाराज सुसाइड केस में पहले उनकी बेटी कुहू और पत्‍नी आयुषी के बीच झगड़े की बातें सामने आई थीं, लेकिन जांच के बाद कहानी कुछ और ही निकली। भय्यू महाराज की पत्‍नी और उनकी दोनों बहनों ने बताया कि विनायक आयुषी को भय्यू महाराज से मिलने तक नहीं देता था। जब परिवार के लोगों ने पलक पर नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया तो उसने नौकरी छोड़ तो दी, लेकिन तिजोरी की चाबियां वह साथ लेकर चली गई थी।

छत्तीसगढ़ शीतलहर की चपेट में, बैकुंठपुर में सबसे ज्यादा ठंडा, जानें मौसम का हाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में फरवरी के दूसरे सप्ताह तक कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है। प्रदेश का उत्तर और दक्षिणी ​क्षेत्र में शीत लहर की स्थिति बन गई है। जगदलपुर ,दुर्ग-बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कई जिलों में शीतलहर चालू हो गई है। शुक्रवार को राजधानी रायपुर के चार अलग-अलग हिस्सों में 8.5 डिग्री से 11.1 डिग्री सेल्सियस तक न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ है।

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी एचपी. चंद्रा ने बताया, पिछले 24 घंटे से लगातार उत्तरी ठंडी हवा आ रही है। इसकी वजह से प्रदेश में ठंड का प्रकोप बढ़ा है। शुक्रवार को बैकुंठपुर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस मापा गया। यह प्रदेश का सर्वाधिक ठंडा स्थान रहा है।

एक दिन में सर्वाधिक चार डिग्री की गिरावट जगदलपुर में मापी गई है। जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस मापा गया है। दिन के तापमान में भी पांच डिग्री या उससे अधिक गिरावट दर्ज हाेने की वजह से कोल्ड डे की स्थिति बनी है। दुर्ग, बिलासपुर और सरगुजा संभाग में ऐसी स्थिति बनी हुई है।

मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने बताया, 29 जनवरी से कोल्ड डे की स्थिति खत्म होने की संभावना है, लेकिन आने वाले 8 दिनों तक ठंड का असर रहेगा। वहीं कम से कम अगले दो दिनों तक शीतलहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है। बताया जा रहा है, ग्रामीण और अपेक्षाकृत कम आबादी और कम औद्योगिक गतिविधियों वाले इलाकों में इस ठंड का असर फरवरी के पहले सप्ताह तक बना रहेगा। उसके बाद मौसम गर्म होगा।

प्रदेश में सामान्य तौर पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने और लगातार दूसरे दिन सामान्य से 4-4.5 डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान होने की स्थिति को शीतलहर कहते हैं। इसमें गलन जैसी ठंड रहती है। फिलहाल प्रदेश के अधिकतर इलाकों में ऐसे ही हालात हैं।

CM के निर्देश पर खनिज विभाग की कार्रवाई … अवैध रेत परिवहन करते 6 गाड़ी जब्त…

कोरबा। अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए खनिज विभाग ने 5 ट्रैक्टर और एक हाइवा को जब्त किया हैं।

बता दें कि खनिज विभाग की टीम कम अमला होने के बाद भी शिकायत के आधार पर लगातार अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई कर रही है। इस कड़ी आज जब सूबे के मुखिया भूपेश बघेल ने जब अवैध रेत उत्खनन पर ट्वीट कर कार्रवाई के निर्देश दिए तो विभागीय अमला फील्ड में जाकर कार्रवाई शुरू कर दी। इससे पहले  जो रेत उत्खनन के मामले में कार्रवाई को टालमटोल करते नजर आ रही थी वे भी इस बहती गंगा में हाथ धो लिए और महज एक घंटे में ही 10 ट्रैक्टर पकड़ लिए। इसके बाद मैन पावर की कमी से जूझ रहे खनिज अमला ने मैदानी एरिया में जाकर एक के बाद एक 5 ट्रैक्टर एक हाइवा को जब्त कर चलानी कार्रवाई की है। बहरहाल खनिज विभाग की कार्रवाई के बाद रेत तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।


इस सम्बंध में खनिज विभाग के उप संचालक एसएस नाग ने बताया कि अलग अलग क्षेत्रो से रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन करते 6 गाड़िया जब्त की गई है। जिसमे 5 ट्रैक्टर और हाइवा शामिल है।

CEO को पुनः कटघोरा में पदस्थ कराने बिग डील… सक्रिय गैंग कोरबा से लिख रहा स्क्रिप्ट…

कोरबा। आदिवासी विभाग के बाबू से  सी.ई.ओ. बने एच.एन.खुटेल को फिर कटघोरा सी.ई.ओ. बनाने की बिग डील होने की सुगबुगाहट है। कटघोरा में पदस्थ कराने के लिए एक गैंग सक्रिय हुआ है जो कोरबा में बैठकर कटघोरा जनपद की स्क्रिप्ट रचना कर रहा है।

बता दें कि आदिवासी विभाग में बाबू के पद पर पदस्थ रहे एच.एन. खुटेल उस समय से ही अनवरत विवादों में घिरे रहे हैं जब डी.एम.एफ. फंड की शुरुवात हुई। इसके बाद इत्तेफाक से साहेब प्रमोशन पाकर पूर्व सहायक आयुक्त की कृपादृष्टि से कटघोरा जनपद पंचायत कटघोरा के सी.ई.ओ. बन गए।

बाबूगिरी से ऑफिसर बनने के बाद भी असंसदीय व्यावहार लोगों के साथ नही छोड़ पाए और आखिरकार कटघोरा की नेतागिरी से वे उनकी कार्यप्रणाली कटघरे में आ गई और बड़े ही व्यथित मन से उदास होकर पवेलियन लौटना पड़ा। साहेब कुछ दिन फिर बाबूगिरी करने लगे, लेकिन यह सिलसिला ज्यादा दिन तक नही चल पाया और अपने आकाओं को खुश करने में कामयाब हो गए। इस तरह से  कभी कुर्सी में बैठना और उतरना चलता रहा। अब जब साहेब नाम के गुड़ के न रहने से मक्खियों का जुगाड़ रुक गया, साहेब कोई काम के नही रहे तो उन्हें फिर से कुर्सी तक पहुंचाने एक गिरोह सक्रीय हो गया है।

इसके लिए बाकायदा एक बड़ी डील भी हुई है। यही नही सूत्रों की माने तो इसके लिए कोरबा के एक अधिकारी के घर मे बैठकर स्क्रिप्ट लिखा जा रहा है। पंचायत सरपंचो से वापस पदस्थ कराने का पत्र भी इसी का एक हिस्सा माना जा रहा हैं।

सरपंचो ने पत्र लिखकर कहा कि सी.ई.ओ. खोटेल को यथावत रखा जाए। पत्र 21 जनवरी को कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत कर दिया। 10 जनपद सदस्य सहित सरपंच संघ के अध्यक्ष और 32 सरपंचों ने वापस लाने कहा है खोटेल के कार्य और व्यवहार से अब ये सभी संतुष्ट हैं और किसी तरह की कोई शिकायत व परेशानी नहीं होना बताकर उनके विरुद्ध आंदोलन नहीं करने व आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने का आग्रह करते हुए खोटेल को कटघोरा में यथावत रखने का आग्रह किया है।

सरपंच संघ कटघोरा जनपद के अध्यक्ष होरी लसिंह कंवर ने खोटेल के व्यवहार व कार्यशैली को अच्छा बताकर आज तक किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं करने की बात कही है। पूर्व में की गई शिकायत को व्यक्तिगत स्वार्थ एवं द्वेषपूर्ण बताया गया है।

सीजी ब्रेकिंग: सरकारी दफ्तरों में इस दिन से सप्ताह में 5 दिन होगा काम, आदेश जारी, पढ़ें पूरी खबर

रायपुर। प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में अब हप्ते में पांच दिन ही काम होंगे। सीएम भूपेश बघेल के द्वारा 26 जनवरी को की गई घोषणा के बाद अब सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है। जारी आदेश के मुताबिक 22 फरवरी से सरकारी दफ्तरों में सिर्फ पांच दिन काम होंगे।

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव ने इस संबंध में प्रस्ताव भेज दिया है सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों के काम के घंटे बढ़ जाएंगे। रोज आधे घंटे की बढ़ोत्तरी होगी। शनिवार- रविवार की छुट्टियों को कैल्कुलेट किया जाए तो इस हिसाब से सरकारी महकमा माह में सिर्फ दो घंटे कम काम करेगा। पहले माह में कार्यावधि 156 घंटे होती थी। अब नई व्यवस्था के हिसाब से 154 घंटे काम करना होगा।
आदेश के मुताबिक मंत्रालय, विभागाध्यक्ष कार्यालयों और मैदानी कार्यालयों दोनों के लिए समय दस से साढ़े पांच बजे निर्धारित होगा। यानी सरकारी दफ्तर 7 घंटे खुलेंगे। इस कार्यावधि में आधे घंटे का लंच भी शामिल है।

सीजी ब्रेकिंग: पूर्व CS अमन सिंह की बढ़ी मुश्किलें, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और CBI को 16 हफ्ते का दिया समय

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के CS रहे अमन सिंह के खिलाफ शिकंजा कस गया है। दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ ने पूर्व प्रमुख सचिव अमन सिंह के खिलाफ केंद्र सरकार और CBI को शीघ्र निर्णय लेने का आदेश दिया है। कहा कि शिकायतों पर 16 सप्ताह के अंदर कानून सम्मत फैसला लें। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ में हुई।

रायपुर के राकेश चौबे ने 4 दिसंबर 2019 और 17 जुलाई 2021 को दायर याचिका में कोर्ट से आग्रह किया था कि वह CBI तथा केंद्र सरकार को अमन सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और बेनामी लेनदेन के आरोपों की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दे। याचिका में यह मांग भी की गई थी कि अमन सिंह के खिलाफ कोर्ट की निगरानी में SIT गठित कर जांच की जाए।

याचिका में कहा गया था, 2003 से लेकर 2018 तक भ्रष्टाचार, बेनामी लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर कृत्य की जांच के लिए याचिकाकर्ता ने कई बार जिम्मेदार सरकारी अधिकारियों से शिकायत की। बार-बार प्रार्थना पत्र दिया लेकिन आज तक कार्रवाई करने का कोई प्रयास नहीं किया गया है।

याचिका में ये आरोप

याचिकाकर्ता राकेश चौबे के मुताबिक भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में शामिल होने के समय अमर सिंह की वार्षिक संपत्ति रिटर्न से स्पष्ट है कि वे बहुत ही सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से थे। लेकिन वह आय के अपने कानूनी स्रोतों के विपरीत 2500 करोड़ से अधिक की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने में सफल रहे हैं। उन्होंने संपत्तियों में बेनामी निवेश और परिवार के सदस्यों के नाम पर व्यवसाय आदि के जरिए परिवार की संपत्ति में अचानक बहुत वृद्धि की है।

सेवा नियमों के उल्लंघन का भी आरोप

अमन सिंह पर सेवा नियमों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता का दावा है, अपनी आय से अधिक संपत्ति के उजागर होने के भय से अमन सिंह ने छत्तीसगढ़ सरकार में कार्यरत रहते हुए एक भी वार्षिक संपत्ति रिटर्न फाइल नहीं किया।
उन्होंने इन विवरणों को छिपाकर भारत सरकार के सेवा नियमों और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम का गंभीर उल्लंघन किया है।

छत्तीसगढ़ सरकार की सेवा में शामिल होने के बाद उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर विभिन्न कंपनियां बनाई गईं। आरोप है, इन कंपनियों में मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से उन्होंने छत्तीसगढ़ में अपने कार्यकाल के दौरान अर्जित काले धन को खपाया।

KORBA: मोबाईल दुकान में चोरी… समान के साथ आरोपी गिरफ्तार…

कोरबा। दर्री थाना क्षेत्र के एनटीपीसी गेट सामने फैजान मोबाईल दुकान में हुए चोरी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में चोरी के समान सहित 2 विधि संगत बालक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

बता दें कि दर्री थाना प्रभारी पौरुष पुर्रे ने क्षेत्र में हो रही चोरियों के खिलाफ अभियान चलाते हुए चोरो को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी से मिली जानकारी के मुताबिक एनटीपीसी गेट के सामने मोबाईल दुकान चलाने वाला सगीर ने थाना में आकर चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में चोरी के आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान खबरीलाल से जानकारी मिली कि तीन युवक मोबाईल बेचने ग्राहक की तलाश कर रहे है। सूचना मिलते ही पुलिस ने ग्राहक बनकर पहुंचा और तीनों लड़को को धर दबोचा। थाना लाकर पूछताछ करने पर मोबाईल दुकान से चोरी करना स्वीकार किया है।इस पर पकड़े गए विधि संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश कर रिमांड पर भेज गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पौरुष पुर्रे , हरिचरण सारथी, ओमप्रकाश, गजेंद्र ,सलामुद्दीन एवं शैलेन्द्र भोंसले की सराहनीय भूमिका रही।

देंखे विडीयो…

 

KORBA: ये है कोरबा पुलिस… इधर CM की हुंकार…और अवैध रेत तस्कर तैयार, 10 ट्रैक्टर जब्त…

कोरबा। ये है कोरबा पुलिस जिनकी क्षमता पर शक नही किया जा सकता। सूबे के मुखिया ने इधर रेत तस्करों पर कार्रवाई की हुंकार भरी और कोरबा पुलिस ने महज एक घंटे दस ट्रैक्टर को पकड़कर कीर्तिमान स्थापित कर दिया।
बता दें कि सुबह मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने निर्देश देते हुए अवैध कारोबारियों पर लगाम लगाने की बात कही। इस निर्देश के बाद 28 जनवरी 2022 को पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर जिले के अलग-अलग थाना चौकियों में अवैध रेत परिवहन कर रहे कुल 10 ट्रैक्टरों को पकड़कर जब्ती की गई है, जिसे विधिवत कार्रवाई हेतु खनिज विभाग को सुपुर्द किया जा रहा है । 28 जनवरी 2022 को माननीय मुख्यमंत्री महोदय छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किये जाने के आदेश जारी किए गए हैं । उपरोक्त निर्देश के पालन में कोरबा पुलिस लगातार कार्यवाही करेगी ।

पकड़े गए आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं

1 – कृष्ण कुमार पटेल पिता तुलसी कुमार पटेल उम्र 19 वर्ष साकिन – ग्राम रोकदा ,थाना उरगा कोरबा
2 – राधे लाल पिता स्व सालिक राम अगरिया उम्र 28 पंडरीपानी कोरबा
3 – परमात्मा पटेल पिता कन्हैयालाल पटेल उम्र 22 वर्ष निवासी जोगीपाली थाना उरगा
4 – रवि पिता रमेश पटेल उम्र 30 वर्ष निवासी कपाटगुड़ा इमलीछापर
5 – अविनाश केवट पिता बलराम केवट उम्र 35 वर्ष निवासी कपाटगुड़ा इमलीछापर
6 – अजय सारथी पिता संतोष सारथी उम्र 28 वर्ष पाड़ीमार डुग्गूपारा बालको
7 – ओम प्रकाश कहाँर पिता उमेश राम उम्र 30 वर्ष आज़ाद नगर बालको
8 – लक्ष्मण गिरी पिता ईश्वर गिरी उम्र 25 रिसदी थाना रामपुर कोरबा
9 – अमीन चौहान पिता बंधन सिंह उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम करमंदी थाना उरगा
10 – यश कुमार पिता समारु धोबी उम्र 29 वर्ष निवासी रूमगड़ा पुरानी बस्ती थाना बालको

बेटी की शादी के लिए सरकार देती है 51,000 रुपये, जानिए-कैसे उठा सकते है फायदा

न्यूूूज डेस्क।राज्य सरकारों के साथ केंद्र सरकार भी बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए कई आर्थिक योजना चलाती है। जिसमें बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और उनकी शादी जैसे मांगलिक काम के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। केंद्र और राज्य सरकारों ने बेटियों की शादी के लिए Shadi Anudan Yojana योजना शुरू की है। जिसमें बेटी की शादी के लिए 51 हजार रुपये दिए जाते है। अगर आप भी इस योजना का फायदा लेना चाहते हैं तो आइए जानते है इसके बारे में…

कौन लें सकता है इस योजना का लाभ – शादी अनुदान योजना का लाभ किसी भी जाति के लोग लें सकते हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए लड़की की उम्र 21 साल से ज्यादा होनी चाहिए। वहीं एक परिवार में दो लड़कियां ही इस योजना का लाभ ले सकती हैं। वहीं योजना में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, सामान्य वर्ग के परिवारों की बेटियों आवेदन कर सकती हैं।
इन शर्तो का करना होगा पालन – शादी अनुदान योजना का लाभ लेने के लिए परिवार को उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। यूपी सरकार इस योजना में लाभ लेने वाले ग्रामीण क्षेत्र रहने वालों की वार्षिक आय 46,800 रुपये और शहरी क्षेत्र के लोगों की आय 56,400 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। वहीं इस योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड, आय प्रामण पत्र, जिनकी शादी हो रही है उनका आयु प्रमाण पत्र और सरकारी बैंक का अकाउंट नंबर देना आवश्यक है।
कैसे उठाए फायदा – योजना का फायदा उठाने के लिए यूपी सरकार की वेबसाइट shadianudan.upsdc.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। वेबसाइट के होम पेज पर न्‍यू रजिस्ट्रेशन ऑप्‍शन में जाकर मांगी गई जानकारी और दस्‍तावेज देने पर आवेदन प्रोसेस हो जाएगा। वहीं केंद्र सरकार की शादी शगुन योजना में भी बेटियों की शादी के लिए 51 हजार रुपये की मदद की जाती है। लेकिन ये योजना अल्पसंख्यक परिवार को ही मिलती है।

Illegal Mining : अवैध उत्खनन पर CM के सख्त तेवर…कहा-कलेक्टर, SP की होगी व्यक्तिगत जिम्मेदारी…

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अवैध रेत उत्खनन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिए हैं कि किसी भी जिले में अवैध रेत उत्खनन नहीं होना चाहिए। किसी भी जिले से अवैध रेत उत्खनन की शिकायत मिलने पर कलेक्टर और एसपी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

अवैध उत्खनन (Illegal Mining) पर कार्रवाई नही होने पर जिले के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने अवैध उत्खनन रोकने कलेक्टर और एसपी को स्वयं मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं ।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में रेतमाफियाओं द्वारा अवैध रूप से रेत के उत्खनन और परिवहन को लेकर आ रही खबरों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस सबंध में खनिज विभाग के आला अफसरों को रेत माफियाओं पर सख्ती से लगाम लगाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा है कि कलेक्टर और एसपी अपने जिले में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखें और सख्ती से कार्रवाई कर रोक लगाएं। उन्होंने कहा है कि राज्य को अवैध रूप से रेत उत्खनन और परिवहन से राजस्व में नुकसान उठाना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां रेत के अवैध उत्खनन (Illegal Mining) और परिवहन की शिकायतें मिलती हैं, वहां खनिज विभाग के अधिकारियों और मैदानी अमले से सतत रूप से नियमित रूप से निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों में संलिप्त लोगों के विरूद्ध प्रकरण तैयार किए जाए। परिवहन के लिए प्रयुक्त वाहनों को जप्त करने की कार्रवाई भी की जाए।