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पंजाब में धार्मिक स्थलों का सौहार्द बिगाड़ने वाले गिरोह के 3 सदस्य गिफ्तार, जानें कहां से जुड़े हैं तार

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लुधियाना। पंजाब में धार्मिक स्थलों का सौहार्द बिगाड़ने वाले गिरोह के 3 सदस्यों को मोगा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके पास से 2 ग्रेनेड, 2.9 एमएम पिस्टल, एक मैगजीन और 18 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इसकी जानकारी लुधियाना ग्रामीण SSP चरणजीत सिंह सोहल ने दी है।

कैसे हुई गिरफ्तारी

पुलिस को गांव चुगांवा के पास के चेकपोस्ट पर एक काले रंग की संदिग्ध पिकअप गाड़ी दिखी। इस गाड़ी का नंबर PB04 AC 2831 था। जब पुलिस ने उन्हें रुकने को कहा तो ड्राइवर ने स्पीड बढ़ा ली और पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। जिसके बाद बैरिकेडिंग कर पुलिस ने गाड़ी रोक ली। इस दौरान गाड़ी में बैठे लोगों ने पुलिस पर पिस्टल तान दी और हैंडग्रेनेड पकड़ लिया। जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को पकड़ा और उनके हथियार जब्त कर लिए।

पुलिस को हथियार मिले

तीनों युवकों को पकड़ने के बाद पुलिस ने जब वाहन की तलाशी ली तो उसमें हथियार मिले। पुलिस के हाथ 2 ग्रेनेड, 2 पिस्टल, एक मैगजीन और 18 जिंदा कारतूस लगे। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये तीनों युवक धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की फिराक में थे। इनका मकसद धार्मिक सौहार्द बिगाड़ना था। ग्रामीण SSP चरणजीत सिंह सोहल ने इसकी विस्तृत जानकारी दी।

कनाडा से जुड़े हैं तार

SSP चरणजीत सिंह सोहल ने बताया कि तीनों के आरोपियों के तार कनाडा से जुड़े हैं। उनके संबध कनाडा के अर्शदीप सिंह डाला उर्फ अर्श डाला से हैं। हाल ही में अमृतसर में हुए टिफिन बम विस्फोट में इन तीनों में से एक आरोपी नामजद है। उसका नाम गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी है।

SSP ने बताया कि इन तीनों पर केस दर्ज कर लिया गया है। इनको अदालत में पेश किया जाएगा। जहां से रिमांड मिलने पर तीनों से पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि तीनों से पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे कहां के रहने वाले हैं और उनकी और क्या-क्या प्लानिंग थी।

BREAKING: 50 से ज्यादा डीएसपी की पोस्टिंग और ट्रांसफर, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, देखें सूूची..

रायपुर। नए साल के बाद लगातार प्रदेश में कई अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है।​ जिसके बाद राज्य सरकार ने एक बार फिर देर शाम 50 से अधिक डीएसपी के ट्रांसफर और पोस्टिंग की आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, इसमें प्रोबेशन डीएसपी भी शामिल है। जिन्हें नई पोस्टिंग दी गई है।

देखें सूची…

BJP नेता ने पुलिस पर लगाया प्रताड़ित करने का आरोप… कहा.आदतन अपराधी की तरह कर रहे ट्रीट…

कोरबा। कोरबा पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए भाजपा नेता देवेंद्र पांडेय ने पुलिस पर उन्हें और उनके परिवार को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

प्रेस वार्ता में देवेंद्र पांडेय ने मीडिया को बताया कि शिकायत पर बिना जांच के उन्हें प्रताड़ित कर रही है। भाजपा नेता ने कहा कि पुलिस उनके साथ आदतन अपराधी की तरह कर रहे ट्रीट कर रही है।

भाजपा नेता देवेंद्र पांडे ने आज पत्रकारवार्ता में आरोप लगाया कि पूर्व गृह मंत्री के दबाव में पुलिस लगातार एक के बाद एक एफआईआर दर्ज कर उनकी छवि धूमिल कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में मेरे खिलाफ 5 एफआईआर दर्ज हुए हैं। जो भी मेरे खिलाफ शिकायत हुई वो आधारहीन हैं बावजूद उनके घर की तलाशी लेकर छबि खराब करना और परिवार के महिला सदस्यों की तलाशी लेकर वीडियो बनना सीधे सीधे उन्हें प्रताड़ित करने वाला कृत्य है। भाजपा नेता ने कहा कि अब मेरे परिवार के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराकर उन्हें भी पुलिस परेशान कर रही हैं। पुलिस की कार्यवाही से क्षुब्ध होकर राज्यपाल से मिलकर पुलिस को जांच के बाद निष्पक्ष कार्यवाह करने की बात कही है।

सीजी बिग ब्रेकिंग: जामुल पालिका में भाजपा का कब्जा, ईश्वर ठाकुर अध्यक्ष, बीजेपी के बहुमत के बाद भी कांग्रेस की सुनीता चेन्नेवार चुनी गईं उपाध्यक्ष

भिलाई। दुर्ग जिले की जामुल नगर पालिका में अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा हो गया है। BJP के ईश्वर ठाकुर को अध्यक्ष चुना गया है। जबकि बहुमत में होने के बाद भी उपाध्यक्ष की कुर्सी BJP के हाथ से फिसल गई। इस पर कांग्रेस की सुनीता चेन्नेवार ने जीत दर्ज की है।

20 वार्डों वाली नगर पालिका में 10 पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। जबकि कांग्रेस के 5, जोगी कांग्रेस का एक और 4 निर्दलीय पार्षद हैं। BJP से अध्यक्ष चुने गए ईश्वर ठाकुर को 12 वोट मिले हैं। जबकि उनकी प्रतिद्वंदी कांग्रेस उम्मीदवार सरोजनी चंद्राकर को 8 वोट मिले। वहीं उपाध्यक्ष पर जीत दर्ज करने वाली सुनीता को 11 वोट मिले हैं। दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी सीमा यादव को महज 9 वोट से संतोष करना पड़ा।

10 जरिकेन डीजल के साथ आरोपी गिरफ्तार… बांकी पुलिस की कार्रवाई से काला कारोबारियों में मचा हड़कंप…

कोरबा। बांकी थाना प्रभारी ने अवैध कारोबारियों के खिलाफ मुहीम छेड़ दी है। इस कड़ी में आज 10 जरकिन चोरी के डीजल के साथ एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया हैं। बांकी पुलिस की कार्रवाई से काला कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।


बता दें कि कैप्टन कूल भोजराम पटेल के के निर्देश पर अवैध डीजल कबाड़ कोयला चोरी में लगाम लगाने लगातार कार्रवाई की जा रही हैं। इसी कड़ी में आज अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा एवं नगर पुलिस अधीक्षक दर्री के मार्गदर्शन में कुसमुंडा से अवैध रूप से खेमलाल पटेल पिता स्वर्गीय जगदीश पटेल उम्र में 37 वर्ष निवासी बाकी मोंगरा अपने घर में 16 जरिकन में 35_35 लीटर के छुपा रखने सूचना पर घेराबंदी कर तलाशी लेने पर 10 जरिकेन में 35_35 लीटर भरा हुआ एवं 06जेरिकन खाली मिले कुल जुमला 350 लीटर डीजल जिसे मौके पर जप्त कर आरोपी के कब्जे से 350 लीटर डीजल अवैध रूप से रखना पाया गया जिसे 41(1_4) दंड प्रक्रिया संहिता/379 भादवि कायम कर आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया है उक्त कार्यवाही में थाना बांकी मोंगरा के थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े सहायक उप निरी जितेश सिंह आरक्षक 305 मदन जयसवाल आरक्षक 439 राम गोपाल साहू आरक्षक 535 भोला सिंह यादव की भूमिका सराहनीय रही।

CG BREAKING: इस इंजीनियरिंग कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में फूटा कोरोना बम, मचा हड़कंप

जगदलपुर। शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में 5 छात्र कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद हड़कंप मचा गया है। मौक पर स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ एसडीएम भी हॉस्टल पहुंचे हैं यहां छात्रावास में रहने वाले सभी छात्रों की जांच हो रही है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में 6905 कोरोना के एक्टिव केस हैं। इसके बावजूद लोग बाजारों और भीड़-भाड़ वाले जगहों पर बगैर मास्क के घूम रहे हैं।

प्रदेश के 19 जिलों में पॉजिटीविटी दर 4 प्रतिशत कम रही है। 9 जिलों कबीरधाम, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बेमेतरा, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बालोद, महासमुंद, राजनांदगांव, मुंगेली, बलरामपुर, बीजापुर, नारायणपुर, बस्तर, कोरिया, धमतरी, कांकेर, सूरजपुर एवं सरगुजा से पॉजिटिविटी दर 4 प्रतिशत कम रही। रायपुर, दुर्ग,बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा कोरोना संक्रमण के नए हाटस्पाट बनते जा रहे हैं।

सीजी ब्रेकिंग: यहां कोरोना जांच करने वाले स्वास्थ्य कर्मी भी हुए पॉजिटिव,मचा हड़कंप

बिलासपुर। बिलासपुर जोनल स्टेशन में यात्रियों की कोरोना जांच के लिए जिन स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई है, उनमें से चार पाजिटिव आ गए हैं। एक साथ चार कर्मचारियों के संक्रमित होने से विभाग की चिंता बढ़ गई है। वैसे भी स्वास्थ्य विभाग के पास पहले से स्टाफ कम है। यदि इसी तरह कर्मचारी संक्रमित होते रहे तो स्टेशन में जांच भी प्रभावित होने की संभावना है। कोरोना संक्रमण फैलने का सबसे बड़ा माध्यम रेलवे स्टेशन है।

गेट नबर चार पर स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई, ताकि बाहर से आने वाले प्रत्येक यात्रियों की जांच हो सके। पहले केवल एंटीजन जांच होती थी। बाद आरटीपीसीआर की शुरुआत की गई।

इस स्थिति में स्वास्थ्य कर्मियों को सतर्क रहते हुए यात्रियों की जांच करने का निर्देश दिया गया था। इसी जांच के दौरान एक साथ चार स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित पाए गए हैं। शुक्रवार को एक और महिला कर्मचारी संक्रमित मिली है। कर्मचारियों के संक्रमित होने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है, क्योंकि मैदानी अमले के अभाव में जांच प्रभावित हो सकती है। हालांकि अभी दूसरे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। उन्हें यात्रियों की जांच के दौरान पूरी तरह सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया। मास्क व सैनिटाइजर का उपयोग करते रहने के लिए कहा गया। इसके अलावा जांच के दौरान यात्रियों के बीच दो गज दूरी का पालन कराने के लिए कहा गया।

इधर युंका नेता ने रेत माफियाओं के खिलाफ खोला मोर्चा …उधर रात भर नदी में हुआ अवैध उत्खनन , अब छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने प्रशासन पर तस्करो को संरक्षण देने का लगाया आरोप…

कोरबा। युवा कांग्रेस जिला कोरबा के जिला उपाध्यक्ष मधु सूदन दास ने इधर जिलाधीश के नाम ज्ञापन सौप कर रेत खदान एवं सम्बंधित अधिकारीयो के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की , तो दूसरी तरफ रेत तस्कर राताखार , बरमपुर और भिलाईखुर्द से रात भर अवैध करते रहे। अवैध उत्खनन की जानकारी मिलते ही अब छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने जिला प्रसाशन और पुलिस पर तस्करो को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।

बता दें कि रेत तस्करों के आगे प्रशासन किस तरह नतमस्तक है इसका अंदाजा राताखार और बरमपुर रेत घाट से रात के अंधेरे में हो रहे उत्खनन से लगाया जा सकता है । बीती रात रात भर रेत तस्कर नदी का सीना छल्ली कर रेत उत्खनन करते रहे और पुलिस के अधिकारी चैन की बंशी बजाते रहे। शहर के मुख्य रेत घाट पर लगे प्रतिबंध के बीच रेत तस्करों की चांदी हो गई है। इसका फायदा शहर के एक गिट्टी कारोबारी भी जमकर उठा रहे हैं। प्रशासन के नाक निचे हो इस अवैध उत्खनन से न सिर्फ जिला प्रसाशन की छवि धूमिल की है बल्कि शिकायत के बाद मुख्य मार्ग में फर्राटे भर वाहनों पर कार्रवाई न होने से सवेदनशील सीएसईबी पुलिस के साख में भी बट्टा लग रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी की माने तो गुरुवार की रात राताखार, बरमपुर और भिलाईखुर्द से रात भर अवैध उत्खनन चलता रहा लेकिन जवाबदेही अधिकारी शिकायत के बाद भी मौन होकर तस्करो को संरक्षण प्रदान करते रहे। शहर में चले रहे अवैध उत्खनन पर चुप्पी तोड़ते हुए छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने प्रशासन और पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाया है और सोशल मिडिया में लिखा है कि रेत तस्करो से एक कांट्रेक्ट के तहत निश्चित रकम लिया जा रहा है। यही वजह है कि इन रेत माफियाओ पर कार्रवाई करने से आलाधिकारीयो के हाथ काँप रहे है।

नाइट कर्फ्यू में चल रही थी मुजरा पार्टी, 5 महिलाओं समेत 36 लोग गिरफ्तार

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसे देखते हुए देखते हुए दिल्ली एनसीआर के साथ कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू और कई पाबंदियां लगाई गई हैं ताकि संक्रमण को रोका जा सके. लेकिन एक ओर जहां सरकार पाबंदियां लगा कर संक्रमण को रोकने की कोशिश कर रही है वहीं दूसरी तरफ आए दिन लापारवाही की तस्वीरे भी सामने आती रहती हैं. ऐसा ही एक मामला ग्रेटर नोएडा के बीटा 2 क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने एक मुजरा पार्टी पर छापा मारा और वहां से पार्टी कराने वाले दो होटल संचालक के साथ देह व्यापार में शामिल 5 लड़कियों और 36 लोगों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने देह व्यापार में शामिल एक विदेशी मूल की महिला जो नेपाल की है को भी गिरफ्तार किया.

कैसे हुई गिरफ्तारी और क्या क्या बरामद
इस मामले में एसीपी महेंद्र देव ने बताया, पुलिस को इस पार्टी की जानकारी मिली थी कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टर सिगमा 1 के एक होटल में मुजरा पार्टी चल रही है, वो भी तब जब जिले में नाइट कर्फ्यू लगा हुआ है. इसके बाद पुलिस होटल पहुंची जहां होटल के नीचे बेसमेन्ट में मुजरा पार्टी चल रही थी. इसमें मुजरा शराब पीते हुए अर्धनग्न लड़कियों के ऊपर रूपये उछाल जा रहे थे. पुलिस ने उन लोगों को गिरफ्तार कर लिया और मौके से उछाली गयी 1,30,500 रूपये नकदी, शराब की बोतलें और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया. बता दें कि पुलिस ने जिन लोगों को मुजरा पार्टी से गिरफ्तार किया है उनमें से ज्यादातर लोग दिल्ली और गौतमबुद्धनगर के हैं. वहीं कुछ लोग बागपत, बुलंदशहर, अलीगढ़ और राजस्थान से भी हैं.

NEET PG Counselling को सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी, लागू होगा OBC और EWS आरक्षण

नई दिल्ली। (NEET PG 2021 Counselling Supreme Court Order): नीट पीजी 2021 काउंसलिंग और आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बड़ा फैसला सुना दिया है।

शीर्ष अदालत ने नीट पीजी काउंसलिंग 2021 को मंजूरी दे दी है। यानी अब मेडिकल पीजी एडमिशन 2021 (Medical PG Admission 2021) के लिए नीट पीजी की काउंसलिंग शुरू (NEET Counselling) की जा सकती है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने नीट पीजी 2021 में ओबीसी आरक्षण और ईडब्ल्यूएस कोटा पर भी निर्णय दिया है।

ओबीसी आरक्षण

नीट पीजी 2021 में पिछड़ा वर्ग आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘हम ओबीसी आरक्षण (NEET PG OBC reservation) की वैधता को बरकरार रख रहे हैं।’ यानी ओबीसी वर्ग के छात्रों को इसी बार से एडमिशन में 27 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलेगा।

EWS आरक्षण

नीट पीजी एडमिशन 2021 (NEET PG admission 2021) में आर्थिक कमजोर वर्ग के आरक्षण यानी ईडब्ल्यूएस कोटा (EWS Reservation) पर केंद्र सरकार के निर्णय को भी फिलहाल बरकरार रखा गया है। यानी मेडिकल पीजी एडमिशन 2021 में उन सभी छात्रों को आरक्षण का लाभ दिया जाएगा जिनकी सालाना पारिवारिक आय 8 लाख रुपए तक है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि ‘फिलहाल 8 लाख की आय सीमा के तहत EWS आरक्षण दिया जा सकेगा, ताकि इस शैक्षणिक सत्र के लिए एडमिशन में कोई दिक्कत न आए। हालांकि इस आयसीमा पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई जारी रखेगा। मार्च 2022 में कोर्ट अंततः तय करेगा कि ये आय सीमा ठीक है या नहीं।’

क्या है मामला

बता दें कि केंद्र सरकार ने नीट पीजी 2021 में 27 फीसदी ओबीसी और 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस आरक्षण देने का फैसला किया था। लेकिन, इस आरक्षण के संबंध में नोटिस जुलाई में जारी किया गया था, जब नीट पीजी 2021 के आवेदन बंद हो चुके थे। परीक्षा अप्रैल में होनी थी, लेकिन कोविड 19 (Covid 19) के कारण परीक्षा स्थगित हो गई थी, फिर सितंबर 2021 में ली गई थी। स्टूडेंट्स इसका विरोध कर रहे थे कि ओबीसी और ईडब्ल्यूएस आरक्षण इस शैक्षणिक सत्र यानी मेडिकल पीजी एडमिशन 2021 से लागू न किया जाए।

इसके अलावा केंद्र सरकार ने आर्थिक कमजोर वर्ग को आरक्षण देने के लिए 8 लाख रुपए की सालाना पारिवारिक आय सीमा (EWS 8 lacs income limit) तय की है, जिसका विरोध किया जा रहा है। कैंडिडेट्स का कहना है कि 8 लाख रुपए की सीमा काफी ज्यादा है, यह ईडब्ल्यूएस का आधार नहीं हो सकता है।