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फर्जी कॉल कर अस्पताल संचालकों से उगाही की कोशिश, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

The Duniyadari: रायपुर (जसेरि)। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग के नाम पर फर्जी कॉल कर निजी अस्पताल संचालकों से धन उगाही करने का मामला सामने आया है। खुद को मंत्रालय से जुड़ा अधिकारी बताने वाला एक अज्ञात व्यक्ति अस्पतालों को फोन कर शिकायतों का हवाला देकर दबाव बना रहा है और मामले को खत्म कराने के नाम पर पैसों की मांग कर रहा है।

मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित कटारिया ने रायपुर पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर तत्काल जांच और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की है। विभाग का कहना है कि आरोपी सचिव के नाम और पद का दुरुपयोग कर विभाग की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है।

मंत्रालय बुलाने का झांसा देकर दबाव

शिकायत के अनुसार, आरोपी खुद को “अजय अग्रवाल” बताकर विभिन्न निजी अस्पताल संचालकों से संपर्क कर रहा है। वह अस्पतालों के खिलाफ कथित शिकायतों का हवाला देता है और उन्हें मंत्रालय बुलाने की बात कहकर गुमराह करता है। इस दौरान अप्रत्यक्ष रूप से पैसों की मांग भी की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अजय अग्रवाल नाम का कोई भी व्यक्ति सचिव कार्यालय या स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से जुड़ा नहीं है।

अस्पताल संचालकों ने दी लिखित शिकायत

इस मामले में ए.एम. हॉस्पिटल के संचालक डॉ. मनोज पोपटनी और गंगोत्री अस्पताल के संचालक डॉ. ओम प्रकाश कराडे ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

इसके अलावा कई अन्य अस्पतालों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें

एस.आर. हॉस्पिटल

आर.बी. हॉस्पिटल

हाईटेक हॉस्पिटल

शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि कुछ अस्पतालों ने गोपनीयता बनाए रखने की अपील की है।

विभाग ने जारी किया अलर्ट

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी अस्पतालों और संस्थानों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। संदिग्ध कॉल आने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने को कहा गया है।

विभाग का कहना है कि यह सुनियोजित तरीके से ठगी का प्रयास है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

लक्ष्य पूरे नहीं होने पर सख्त कार्रवाई: साजा CHC के सभी कर्मचारियों का मार्च वेतन रोका गया, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

The Duniyadari: साजा। बेमेतरा जिले के साजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की कमजोर प्रगति पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रतिष्ठा ममगई के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साजा में पदस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारियों का मार्च माह का वेतन रोक दिया गया है। इस फैसले के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है और इसे जिले की अब तक की सबसे बड़ी सामूहिक कार्रवाई माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, डॉ. अमृत रोहडेलकर द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि 24 मार्च को जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में साजा ब्लॉक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लक्ष्यों के मुकाबले उपलब्धियां बेहद कम पाई गईं, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

आदेश के तहत साजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पूरे स्टाफ का मार्च महीने का वेतन अगली सूचना तक रोक दिया गया है। इस निर्णय से ब्लॉक में कार्यरत लगभग 200 से अधिक कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। इनमें डॉक्टर, स्टाफ नर्स, एएनएम, स्वास्थ्य कार्यकर्ता के साथ-साथ चौकीदार और सफाई कर्मी भी शामिल हैं।

हालांकि इस कार्रवाई को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि जमीनी स्तर पर कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की राष्ट्रीय कार्यक्रमों के लक्ष्य में प्रत्यक्ष भूमिका नहीं होती, फिर भी उन्हें सामूहिक रूप से दंडित किया गया है।

आदेश की प्रति सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद महिला कर्मचारियों सहित कई कर्मियों ने इस निर्णय पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में काम करने के बावजूद इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है।

बताया जा रहा है कि विभिन्न स्वास्थ्य कर्मचारी संगठन इस फैसले के विरोध में रणनीति बनाने में जुट गए हैं और जल्द ही प्रशासन से पुनर्विचार की मांग की जा सकती है।

पेट्रोल-डीजल पर राहत: नए वित्तीय वर्ष में VAT घटा, कीमतों में मामूली कमी

The Duniyadari: रायपुर। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने आम उपभोक्ताओं को आंशिक राहत देते हुए पेट्रोल और हाईस्पीड डीजल पर वैट में कमी लागू कर दी है। 1 अप्रैल से प्रभावी इस निर्णय के तहत टैक्स दरों में करीब 1 प्रतिशत की कटौती की गई है, जिससे ईंधन की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी।

वाणिज्यिक कर विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अब पेट्रोल पर 24 प्रतिशत वैट के साथ 2 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त शुल्क और डीजल पर 23 प्रतिशत वैट के साथ 1 रुपये प्रति लीटर कर निर्धारित किया गया है। इससे पहले दोनों ईंधनों पर कर दरें लगभग 1 प्रतिशत अधिक थीं।

सरकार के इस फैसले से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में औसतन 70 पैसे से लेकर 1.20 रुपये प्रति लीटर तक की कमी आने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, आम उपभोक्ताओं के लिए यह राहत सीमित ही मानी जा रही है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को मासिक स्तर पर लगभग 100 से 300 रुपये तक की ही बचत हो पाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार, कच्चे तेल की दरों और बेस प्राइस का ज्यादा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में वैट में मामूली कटौती का असर भी सीमित ही नजर आता है, जिसके चलते उपभोक्ताओं को बड़ी राहत नहीं मिल पाती।

हनुमान जयंती : भक्ति, बल और समर्पण का दिव्य पर्व

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The Duniyadari: रायपुर। भारतीय सनातन परंपरा में हर पर्व केवल उत्सव नहीं बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक संदेश भी लेकर आता है। इन्हीं पावन पर्वों में हनुमान जयंती का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान हनुमान के अद्भुत पराक्रम, अटूट भक्ति और सेवा भाव को स्मरण करने का अवसर प्रदान करता है। हनुमान जयंती हमें साहस, समर्पण, विनम्रता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

पवनपुत्र हनुमान का जन्मोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आत्मबल को जागृत करने का पर्व भी माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना कर अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और धैर्य को बढ़ाने का संकल्प लेते हैं। माना जाता है कि हनुमान जी की भक्ति से भय, संकट और नकारात्मकता दूर होती है तथा व्यक्ति को नई ऊर्जा मिलती है।

हनुमान जी के अवतरण का आध्यात्मिक महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान हनुमान को भगवान शिव का रुद्रावतार माना जाता है, जिन्होंने धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश के लिए वानर रूप में अवतार लिया। चैत्र मास की पूर्णिमा को जन्मे हनुमान जी केवल शक्ति और पराक्रम के प्रतीक ही नहीं, बल्कि बुद्धि, भक्ति और विनम्रता के भी आदर्श माने जाते हैं।

द्रिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष हनुमान जयंती 2 अप्रैल को मनाई जा रही है। यह दिन साधना, आत्मचिंतन और संकल्प का विशेष अवसर होता है। श्रद्धालु इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ, सुंदरकांड का पाठ और विशेष पूजा-अर्चना कर भगवान हनुमान से शक्ति, बुद्धि और सफलता की कामना करते हैं।

हनुमान जयंती हमें यह संदेश देती है कि सच्ची भक्ति, निष्ठा और परिश्रम से व्यक्ति जीवन में किसी भी कठिनाई को पार कर सकता है और साधारण से असाधारण बन सकता है।

महतारी वंदन योजना: 3 अप्रैल से शुरू होगा ई-केवाईसी अभियान, 30 जून तक सत्यापन अनिवार्य

The Duniyadari: गरियाबंद। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना के तहत जिले में लाभार्थियों का ई-केवाईसी अभियान 3 अप्रैल 2026 से शुरू किया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रक्रिया ग्राम पंचायत भवनों में तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालयों में पूरी की जाएगी। ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद ही हितग्राहियों को आगामी किस्तों का भुगतान नियमित रूप से किया जाएगा, इसलिए सभी लाभार्थियों के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी के दौरान योजना में दर्ज नाम और आधार कार्ड में अंकित नाम का पूरी तरह समान होना आवश्यक है। नाम में मामूली त्रुटि होने पर भी सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ऐसे में लाभार्थियों को पहले अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर नाम का मिलान करने की सलाह दी गई है। यदि किसी प्रकार की गलती पाई जाती है, तो लाभार्थियों को जल्द से जल्द महिला एवं बाल विकास विभाग में आवेदन देकर नाम संशोधन करवाना होगा।

जिले में यह अभियान 3 अप्रैल से 30 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान लगभग 1 लाख 65 हजार हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया जाएगा। कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए वीएलई, सीएससी ऑपरेटरों और विभागीय पर्यवेक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सत्यापन प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा सके।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत गरियाबंद ब्लॉक से होगी, जहां 6 अप्रैल को जनपद पंचायत सभाकक्ष में लगभग 62 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद 7 अप्रैल को छुरा में 72, 8 अप्रैल को फिंगेश्वर में 71, 9 अप्रैल को मैनपुर में करीब 72 तथा 10 अप्रैल को देवभोग जनपद में 54 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

विभाग ने सभी हितग्राहियों से निर्धारित अवधि के भीतर ई-केवाईसी कराने की अपील की है, ताकि योजना का लाभ बिना किसी बाधा के नियमित रूप से मिलता रहे।

2 अप्रैल 2026 राशिफल (गुरुवार): आज हनुमान जयंती और चैत्र पूर्णिमा का विशेष दिन

मेष (Aries)
आज रचनात्मकता से लाभ मिलेगा। खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन काम में नई दिशा मिलेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
♉ वृषभ (Taurus)
करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। रचनात्मक कार्यों से फायदा होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा।
♊ मिथुन (Gemini)
घर और काम के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। नए संपर्क लाभ देंगे। व्यापार में सफलता के संकेत।
♋ कर्क (Cancer)
शिक्षा और संपर्कों में लाभ मिलेगा। छोटी यात्राएं संभव हैं। खर्च बढ़ सकता है।
♌ सिंह (Leo)
आर्थिक मामलों की समीक्षा करें। निवेश सोच-समझकर करें। कार्यक्षेत्र में सावधानी रखें।
♍ कन्या (Virgo)
रिश्तों में संतुलन बनाए रखें। काम में अनुशासन से लाभ मिलेगा।
♎ तुला (Libra)
मानसिक शांति बनाए रखें। खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है। महत्वपूर्ण फैसले टालें।
♏ वृश्चिक (Scorpio)
सामाजिक दायरा बढ़ेगा। स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है। नई योजना बन सकती है।
♐ धनु (Sagittarius)
सम्मान बढ़ेगा। फैसले सोच-समझकर लें। जल्दबाजी नुकसान दे सकती है।
♑ मकर (Capricorn)
आत्मविश्वास बढ़ेगा। काम में सफलता मिलेगी। बातचीत से लाभ होगा।
♒ कुंभ (Aquarius)
साझा धन और सेहत पर ध्यान दें। नए अवसर मिल सकते हैं।
♓ मीन (Pisces)
रिश्तों और आर्थिक मामलों में लाभ मिलेगा। नई शुरुआत संभव है।

प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग, कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया, भारी नुकसान की आशंका

The Duniyadari: सूरत में एक औद्योगिक इकाई में भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग उस फैक्ट्री में लगी जहां धागा (थ्रेड) और प्लास्टिक ग्रैन्यूल्स का निर्माण किया जाता है। बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद तेज हवाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया, जिससे लपटें तेजी से फैलती चली गईं और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया।

घटना के बाद आसपास के क्षेत्रों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। प्लास्टिक सामग्री के कारण आग तेजी से फैल रही थी और घना धुआं उठने से राहत कार्य में भी कठिनाई आ रही थी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि आग से फैक्ट्री में भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी पहुंच गई और एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया। स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं और शॉर्ट सर्किट समेत अन्य तकनीकी कारणों की संभावना पर जांच की जा रही है।

इस घटना के बाद एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्टोरी ऑफ़ आईपीएस: जब सब पीछे हटे… तब एक फैसले ने बदल दी बस्तर की तकदीर

The Duniyadari: रायपुर /बस्तर,छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग एक समय देश के सबसे संवेदनशील और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में गिना जाता था। बीजापुर जैसे जिले में पोस्टिंग को लेकर अधिकारियों के बीच हिचक साफ दिखाई देती थी। लेकिन इसी दौर में एक निर्णय ने न सिर्फ हालात बदले, बल्कि एक नई रणनीति को जन्म दिया।

यह कहानी है रतन लाल डांगी (IPS) की।

जमीनी दौर की तस्वीर

घने जंगल, सीमित संसाधन और चारों ओर खतरा—यह वही दौर था जब बस्तर में काम करना किसी चुनौती से कम नहीं था।

बीजापुर: जब पद था, लेकिन जाने वाला कोई नहीं

मई 2006…

उस समय डांगी कांकेर में एसडीओपी के रूप में पदस्थ थे और अवकाश पर राजस्थान गए हुए थे। इसी बीच उनका आदेश बीजापुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional SP) के रूप में जारी हुआ।

हालात ऐसे थे कि बीजापुर में एसपी के पद पर नियुक्त एक अधिकारी ने डर के कारण ज्वाइन करने से इनकार कर दिया और अपना आदेश निरस्त करवा लिया। दूसरे अधिकारी को नियुक्त किया गया, लेकिन उन्होंने भी ज्वाइन नहीं किया—जिसके चलते उन्हें निलंबन का सामना करना पड़ा।

इसी परिस्थिति में जब डांगी को तत्काल बीजापुर पहुंचकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का कार्यभार संभालने के लिए कहा गया, तब उन्होंने एक अलग प्रस्ताव रखा—

“जब बीजापुर में कोई एसपी बनने को तैयार नहीं है, तो मुझे ही यह जिम्मेदारी दे दी जाए।”

बताया जाता है कि सरकार ने उसी दिन आदेश में संशोधन करते हुए उन्हें सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त कर दिया।

4 मई 2006—उन्होंने एसडीओपी से सीधे बीजापुर के एसपी के रूप में कार्यभार संभाला।

सलवा जुडूम का दौर और सीमित संसाधन

यह वही समय था जब सलवा जुडूम आंदोलन चल रहा था और पूरे क्षेत्र में हिंसा का माहौल था।

सुरक्षा व्यवस्था बेहद सीमित थी—केवल दो बटालियन के सहारे पूरा जिला संचालित हो रहा था।

यहां तक कि कई स्थानों पर नियमित एसडीओपी की जगह सहायक सेनानी को जिम्मेदारी दी गई थी।

“खूनी सड़क” से “ब्लैक रोड” तक

बीजापुर से गंगालूर तक का मार्ग “खूनी सड़क” के नाम से जाना जाता था।

इसी रास्ते को बदलने का काम शुरू हुआ—

पुलिस की मदद से सड़क निर्माण

छत्तीसगढ़ की पहली सीसी सड़कों में शामिल

Border Roads Organisation (BRO) के सहयोग से बंद पड़े कार्यों को फिर शुरू करना

यह मॉडल इस सोच पर आधारित था—

“जहां सड़क पहुंचेगी, वहां शासन और विकास दोनों पहुंचेंगे”

⚔️ ऑपरेशन और परिणाम

कठिन परिस्थितियों के बावजूद ऑपरेशनल स्तर पर महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए—

पहले वर्ष में 38 नक्सलियों को मार गिराया

दूसरे वर्ष में 34 नक्सलियों को मार गिराया

उस दौर में एक नक्सली को मार गिराना भी बड़ी सफलता माना जाता था—ऐसे में ये उपलब्धियां बेहद महत्वपूर्ण थीं।

वीरता की पहचान

नक्सल अभियानों के नेतृत्व के लिए

रतनलाल डांगी को दो बार राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया।

बताया जाता है कि उस समय छत्तीसगढ़ पुलिस में वे पहले ऐसे अधिकारी थे जिन्हें यह सम्मान दो बार प्राप्त हुआ।

सेवा यात्रा: जिलों से रेंज तक

(IPS 2003 बैच) डांगी ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया—

जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP):

बीजापुर, कांकेर, बिलासपुर, कोरबा, बस्तर

रेंज स्तर पर पुलिस महानिरीक्षक (IG):

दुर्ग रेंज, बिलासपुर रेंज, सरगुजा रेंज, रायपुर रेंज

अन्य दायित्व:

डायरेक्टर, पुलिस अकादमी, चंदखुरी

निष्कर्ष: एक फैसले से बनी रणनीति

बस्तर में बदलाव केवल ऑपरेशन से नहीं आया—

बल्कि एक सोच से आया—

“ब्लैक बोर्ड और ब्लैक रोड”

जहां सड़क और शिक्षा पहुंची,

वहीं से नक्सलवाद के खिलाफ स्थायी बदलाव की शुरुआत हुई।

कोरबा में महिलाओं के लिए अनोखा आयोजन, 12 अप्रैल को बचपन के खेलों में लेंगी भाग — सरोज पाण्डेय की पहल

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The Duniyadari: कोरबा- राजनीतिक गतिविधियों से अलग सामाजिक सरोकार को बढ़ावा देने की दिशा में पूर्व सांसद सरोज पाण्डेय ने जिले की महिलाओं के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। 12 अप्रैल को शाम 4 बजे होने वाले इस आयोजन में महिलाएं बचपन के पारंपरिक खेलों के जरिए मनोरंजन के साथ-साथ आपसी संवाद और सामूहिकता का अनुभव करेंगी।

प्रेस वार्ता में दी जानकारी

इस आयोजन को लेकर सरोज पाण्डेय ने प्रेस वार्ता आयोजित कर कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह आयोजन पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगा और इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को मानसिक तनाव से राहत देना तथा उन्हें एक सकारात्मक मंच उपलब्ध कराना है। प्रेस वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, विकास अग्रवाल, हितानंद सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

आयु वर्ग के अनुसार प्रतियोगिता

महिलाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतियोगिताओं को दो आयु वर्गों में बांटा गया है —

18 वर्ष तक की युवतियां

18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं

दोनों वर्गों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे।

पहली बार होगा ऐसा आयोजन

जिले में पहली बार किसी जनप्रतिनिधि की पहल पर इस तरह का सामाजिक और गैर-राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आयोजन की घोषणा के बाद महिलाओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

खेल के साथ मिलेगा संवाद का अवसर

कार्यक्रम केवल खेल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह महिलाओं को एक ऐसा मंच देगा जहां वे दैनिक जीवन की व्यस्तताओं से दूर होकर बचपन की यादों को ताजा कर सकेंगी और आपसी रिश्तों को मजबूत बना सकेंगी।

छत्तीसगढ़ प्री-पॉलिटेक्निक परीक्षा 2026 का शेड्यूल जारी, 17 अप्रैल तक भरें ऑनलाइन फॉर्म

The Duniyadari: रायपुर- छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) ने प्री-पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा (PPT) 2026 का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसके तहत इच्छुक अभ्यर्थी 17 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह परीक्षा राज्य के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।

जारी सूचना के अनुसार, दसवीं पास विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल होने के पात्र होंगे। अभ्यर्थी व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं, जहां परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी, पात्रता और सिलेबस भी उपलब्ध कराया गया है। आवेदन के दौरान परीक्षा शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना अनिवार्य रहेगा।

व्यापम ने बताया है कि छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासियों के लिए विशेष राहत दी गई है। राज्य के पात्र अभ्यर्थियों द्वारा जमा किया गया परीक्षा शुल्क परीक्षा में शामिल होने के बाद वापस कर दिया जाएगा। यह राशि उसी बैंक खाते में लौटाई जाएगी, जिससे भुगतान किया गया होगा।

आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 18 से 20 अप्रैल 2026 तक अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र में त्रुटि सुधार का अवसर मिलेगा। वहीं, प्रवेश पत्र 27 अप्रैल 2026 को वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। प्री-पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा 7 मई 2026, गुरुवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा के लिए राज्य के सभी 33 जिला मुख्यालयों में केंद्र बनाए जाएंगे।