Home Blog Page 60

प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग, कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया, भारी नुकसान की आशंका

The Duniyadari: सूरत में एक औद्योगिक इकाई में भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग उस फैक्ट्री में लगी जहां धागा (थ्रेड) और प्लास्टिक ग्रैन्यूल्स का निर्माण किया जाता है। बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद तेज हवाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया, जिससे लपटें तेजी से फैलती चली गईं और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया।

घटना के बाद आसपास के क्षेत्रों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। प्लास्टिक सामग्री के कारण आग तेजी से फैल रही थी और घना धुआं उठने से राहत कार्य में भी कठिनाई आ रही थी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि आग से फैक्ट्री में भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी पहुंच गई और एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया। स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं और शॉर्ट सर्किट समेत अन्य तकनीकी कारणों की संभावना पर जांच की जा रही है।

इस घटना के बाद एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्टोरी ऑफ़ आईपीएस: जब सब पीछे हटे… तब एक फैसले ने बदल दी बस्तर की तकदीर

The Duniyadari: रायपुर /बस्तर,छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग एक समय देश के सबसे संवेदनशील और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में गिना जाता था। बीजापुर जैसे जिले में पोस्टिंग को लेकर अधिकारियों के बीच हिचक साफ दिखाई देती थी। लेकिन इसी दौर में एक निर्णय ने न सिर्फ हालात बदले, बल्कि एक नई रणनीति को जन्म दिया।

यह कहानी है रतन लाल डांगी (IPS) की।

जमीनी दौर की तस्वीर

घने जंगल, सीमित संसाधन और चारों ओर खतरा—यह वही दौर था जब बस्तर में काम करना किसी चुनौती से कम नहीं था।

बीजापुर: जब पद था, लेकिन जाने वाला कोई नहीं

मई 2006…

उस समय डांगी कांकेर में एसडीओपी के रूप में पदस्थ थे और अवकाश पर राजस्थान गए हुए थे। इसी बीच उनका आदेश बीजापुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional SP) के रूप में जारी हुआ।

हालात ऐसे थे कि बीजापुर में एसपी के पद पर नियुक्त एक अधिकारी ने डर के कारण ज्वाइन करने से इनकार कर दिया और अपना आदेश निरस्त करवा लिया। दूसरे अधिकारी को नियुक्त किया गया, लेकिन उन्होंने भी ज्वाइन नहीं किया—जिसके चलते उन्हें निलंबन का सामना करना पड़ा।

इसी परिस्थिति में जब डांगी को तत्काल बीजापुर पहुंचकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का कार्यभार संभालने के लिए कहा गया, तब उन्होंने एक अलग प्रस्ताव रखा—

“जब बीजापुर में कोई एसपी बनने को तैयार नहीं है, तो मुझे ही यह जिम्मेदारी दे दी जाए।”

बताया जाता है कि सरकार ने उसी दिन आदेश में संशोधन करते हुए उन्हें सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त कर दिया।

4 मई 2006—उन्होंने एसडीओपी से सीधे बीजापुर के एसपी के रूप में कार्यभार संभाला।

सलवा जुडूम का दौर और सीमित संसाधन

यह वही समय था जब सलवा जुडूम आंदोलन चल रहा था और पूरे क्षेत्र में हिंसा का माहौल था।

सुरक्षा व्यवस्था बेहद सीमित थी—केवल दो बटालियन के सहारे पूरा जिला संचालित हो रहा था।

यहां तक कि कई स्थानों पर नियमित एसडीओपी की जगह सहायक सेनानी को जिम्मेदारी दी गई थी।

“खूनी सड़क” से “ब्लैक रोड” तक

बीजापुर से गंगालूर तक का मार्ग “खूनी सड़क” के नाम से जाना जाता था।

इसी रास्ते को बदलने का काम शुरू हुआ—

पुलिस की मदद से सड़क निर्माण

छत्तीसगढ़ की पहली सीसी सड़कों में शामिल

Border Roads Organisation (BRO) के सहयोग से बंद पड़े कार्यों को फिर शुरू करना

यह मॉडल इस सोच पर आधारित था—

“जहां सड़क पहुंचेगी, वहां शासन और विकास दोनों पहुंचेंगे”

⚔️ ऑपरेशन और परिणाम

कठिन परिस्थितियों के बावजूद ऑपरेशनल स्तर पर महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए—

पहले वर्ष में 38 नक्सलियों को मार गिराया

दूसरे वर्ष में 34 नक्सलियों को मार गिराया

उस दौर में एक नक्सली को मार गिराना भी बड़ी सफलता माना जाता था—ऐसे में ये उपलब्धियां बेहद महत्वपूर्ण थीं।

वीरता की पहचान

नक्सल अभियानों के नेतृत्व के लिए

रतनलाल डांगी को दो बार राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया।

बताया जाता है कि उस समय छत्तीसगढ़ पुलिस में वे पहले ऐसे अधिकारी थे जिन्हें यह सम्मान दो बार प्राप्त हुआ।

सेवा यात्रा: जिलों से रेंज तक

(IPS 2003 बैच) डांगी ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया—

जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP):

बीजापुर, कांकेर, बिलासपुर, कोरबा, बस्तर

रेंज स्तर पर पुलिस महानिरीक्षक (IG):

दुर्ग रेंज, बिलासपुर रेंज, सरगुजा रेंज, रायपुर रेंज

अन्य दायित्व:

डायरेक्टर, पुलिस अकादमी, चंदखुरी

निष्कर्ष: एक फैसले से बनी रणनीति

बस्तर में बदलाव केवल ऑपरेशन से नहीं आया—

बल्कि एक सोच से आया—

“ब्लैक बोर्ड और ब्लैक रोड”

जहां सड़क और शिक्षा पहुंची,

वहीं से नक्सलवाद के खिलाफ स्थायी बदलाव की शुरुआत हुई।

कोरबा में महिलाओं के लिए अनोखा आयोजन, 12 अप्रैल को बचपन के खेलों में लेंगी भाग — सरोज पाण्डेय की पहल

Oplus_16908288

The Duniyadari: कोरबा- राजनीतिक गतिविधियों से अलग सामाजिक सरोकार को बढ़ावा देने की दिशा में पूर्व सांसद सरोज पाण्डेय ने जिले की महिलाओं के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। 12 अप्रैल को शाम 4 बजे होने वाले इस आयोजन में महिलाएं बचपन के पारंपरिक खेलों के जरिए मनोरंजन के साथ-साथ आपसी संवाद और सामूहिकता का अनुभव करेंगी।

प्रेस वार्ता में दी जानकारी

इस आयोजन को लेकर सरोज पाण्डेय ने प्रेस वार्ता आयोजित कर कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह आयोजन पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगा और इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को मानसिक तनाव से राहत देना तथा उन्हें एक सकारात्मक मंच उपलब्ध कराना है। प्रेस वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, विकास अग्रवाल, हितानंद सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

आयु वर्ग के अनुसार प्रतियोगिता

महिलाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतियोगिताओं को दो आयु वर्गों में बांटा गया है —

18 वर्ष तक की युवतियां

18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं

दोनों वर्गों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे।

पहली बार होगा ऐसा आयोजन

जिले में पहली बार किसी जनप्रतिनिधि की पहल पर इस तरह का सामाजिक और गैर-राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आयोजन की घोषणा के बाद महिलाओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

खेल के साथ मिलेगा संवाद का अवसर

कार्यक्रम केवल खेल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह महिलाओं को एक ऐसा मंच देगा जहां वे दैनिक जीवन की व्यस्तताओं से दूर होकर बचपन की यादों को ताजा कर सकेंगी और आपसी रिश्तों को मजबूत बना सकेंगी।

छत्तीसगढ़ प्री-पॉलिटेक्निक परीक्षा 2026 का शेड्यूल जारी, 17 अप्रैल तक भरें ऑनलाइन फॉर्म

The Duniyadari: रायपुर- छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) ने प्री-पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा (PPT) 2026 का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसके तहत इच्छुक अभ्यर्थी 17 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह परीक्षा राज्य के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।

जारी सूचना के अनुसार, दसवीं पास विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल होने के पात्र होंगे। अभ्यर्थी व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं, जहां परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी, पात्रता और सिलेबस भी उपलब्ध कराया गया है। आवेदन के दौरान परीक्षा शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना अनिवार्य रहेगा।

व्यापम ने बताया है कि छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासियों के लिए विशेष राहत दी गई है। राज्य के पात्र अभ्यर्थियों द्वारा जमा किया गया परीक्षा शुल्क परीक्षा में शामिल होने के बाद वापस कर दिया जाएगा। यह राशि उसी बैंक खाते में लौटाई जाएगी, जिससे भुगतान किया गया होगा।

आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 18 से 20 अप्रैल 2026 तक अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र में त्रुटि सुधार का अवसर मिलेगा। वहीं, प्रवेश पत्र 27 अप्रैल 2026 को वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। प्री-पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा 7 मई 2026, गुरुवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा के लिए राज्य के सभी 33 जिला मुख्यालयों में केंद्र बनाए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा फेरबदल : 29 थाना प्रभारियों समेत 30 अफसरों के तबादले

The Duniyadari: रायपुर, 01 मार्च। छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। जारी आदेश के अनुसार कुल 30 पुलिस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इनमें 29 थाना प्रभारी (TI) और 1 सब-इंस्पेक्टर (SI) शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि यह तबादले विभागीय आवश्यकता, प्रशासनिक संतुलन और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किए गए हैं। कई थाना प्रभारियों को नए जिलों और थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को महत्वपूर्ण स्थानों पर पदस्थ किया गया है।

पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस फेरबदल को विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार और पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नई आबकारी नीति पर रोक नहीं, हाईकोर्ट ने स्टे आवेदन किया खारिज; प्लास्टिक बोतलों पर मांगा जवाब

The Duniyadari: बिलासपुर- राज्य सरकार की नई आबकारी नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फिलहाल नीति पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। मामले की सुनवाई जस्टिस नरेश चंद्रवंशी की एकल पीठ में हुई, जहां स्टे की मांग को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया शासन की नीति में कोई स्पष्ट त्रुटि नजर नहीं आती।

हालांकि, याचिका में शराब की प्लास्टिक बोतलों के उपयोग से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों का मुद्दा भी उठाया गया था। इस पर गंभीरता दिखाते हुए हाईकोर्ट ने राज्य शासन से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।

दरअसल, ऋषि इंटरप्राइजेस ने नई आबकारी नीति के खिलाफ याचिका दायर कर प्लास्टिक बॉटलिंग व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। याचिकाकर्ता का तर्क था कि प्लास्टिक बोतलों में शराब की बिक्री से लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है, इसलिए नीति पर रोक लगाई जानी चाहिए।

अदालत ने फिलहाल नीति पर रोक लगाने से इनकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है, जब शासन की ओर से जवाब पेश किया जाएगा।

जिला कोरबा स्थित मेडिकल दुकानो मे अनियमितता पाये जाने के कारण लायसेंस निलंबित

The Duniyadari: कोरबा 01 अपै्रल 2026/

जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत द्वारा दिये गये निर्देश के परिपालन में एवं सहायक औषधि नियत्रंक के मार्गदर्शन में औषधि विभाग के औषधि निरीक्षको के द्वारा जिला कोरबा स्थित मेडिकल स्टोर्स में बिना प्रिस्क्रीपसन के प्रतिबंधित नशीली दवाओ औषधियो के व्यापार पर नियंत्रण हेतू औचक निरीक्षण की कार्यवाही किया जा रहा है।

इसी क्रम में विगत दिनो में हरदी बाजार स्थित अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर्स, पाली स्थित जीके मेडिकल स्टोर्स, बालको स्थित मिश्रा मेडिकल स्टोर्स, ओम सांई मेडिकल गोढी, भैसमा स्थित मेनन मेडिकल, जायसवाल मेडिकल, मोनिशा मेडिकल स्टोर्स, प्रिशा मेडिकल ढेलवाडीह, सोहागपुर स्थित गर्वित मेडिकल स्टोर्स एवं छुरी स्थित मारूति मेडिकल स्टोर्स की जांच की गयी थी एवं जांच के दौरान औशधियों के क्रय-विक्रय अभिलेख मे अनियमितता पाये जाने पर उन्हे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उक्त फर्मो मे से हरदी बाजार स्थित अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर्स, पाली स्थित जीके मेडिकल स्टोर्स, एवं सोहागपुर स्थित गर्वित मेडिकल स्टोर्स के द्वारा प्रस्तुत नोटिस का जवाब संतोषप्रद नही पाये जाने के कारण तीनो फर्मो का लाइसेंस का निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान फर्म से औषधियो का क्रय विक्रय नही किया जाएगा। अन्य फर्मो के जवाब प्राप्ति उपरांत अग्रिम कार्यवाही किया जाना प्रस्तावित है।

औषधि नियम के अनुसार नशे के रूप में दुरूपयोग होने वाली औषधियो को बिना प्रिस्क्रीपसन के बिक्री किया जाना पूर्णरूपेण प्रतिंबंधित है। कोरबा जिले के समस्त ब्लाकों के मेडिकल स्टोर्स के नशीली दवाओं के अवैध विक्रय में नियंत्रण हेतू आगामी समय में इसी प्रकार औषधि विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चरणबद्व तरिकों से कार्यवाही की जायेगी।

निरीक्षण के दौरान जांच हेतु कोसबाडी, मडवारानी एवं ढेलवाडीह कटघोरा स्थित मेडिकल स्टोर्स से औषधि नमूनो का संकलन किया गया, जिसे परीक्षण हेतु राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया हैं। उक्त औषधि नमूनो की जांच परिणाम उपरांत नियमानुसार कार्यवाही किया जायेगा। उपरोक्त कार्यवाही के दौरान खाद्य एवं औषधि विभाग के औषधि निरीक्षक उपस्थित थे।

जिले में स्वास्थ्य गत आपात स्थिति में जीवनरक्षक सुविधाओं का हुआ विस्तारः 5 नए संजीवनी एक्सप्रेस के जुड़ने से आमजन को मिलेगा लाभ

The Duniyadari: *विधायक कटघोरा, महापौर व कलेक्टर ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, आमजनो को दी बधाई*

*संजीवनी एक्सप्रेस से ग्रामीण क्षेत्रों में मिलेगी त्वरित और सशक्त चिकित्सा सहायताः- कलेक्टर*

कोरबा 01 अप्रैल 2026 /

स्वास्थ्यगत आपात स्थिति में अब कोरबा जिले के नागरिकों तक तेज, सुलभ और जीवन रक्षक चिकित्सा सहायता की पहुँच बढ़ेगी। विधायक कटघोरा  प्रेमचंद पटेल, महापौर नगर निगम श्रीमती संजू देवी राजपूत, कलेक्टर  कुणाल दुदावत, द्वारा आज कलेक्ट्रेट परिसर से 5 नए संजीवनी एक्सप्रेस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। उन्होंने जिलेवासियों को इस महत्वपूर्ण सुविधा के लिए बधाई दी और कहा कि यह पहल आमजन के स्वास्थ्य सुरक्षा को और सुदृढ़ करेगी। विधायक श्री पटेल व महापौर श्रीमती राजपूत ने जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा की नए संजीवनी एक्सप्रेस वाहन के आ जाने से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि संजीवनी एक्सप्रेस के माध्यम से अब कोरबा जिला आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई दिशा की ओर बढ़ रहा है, जहां समय पर उपचार और बेहतर सुविधाएं हर नागरिक तक पहुंच सकेंगी। उन्होंने कहा कि इन वाहनों के जुड़ने से विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। आपातकालीन परिस्थितियों में अब त्वरित चिकित्सा सहायता की पहुंच बढ़ेगी, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा और जान बचाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जिले को 13 संजीवनी एक्सप्रेस आबंटित की गई हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेंगी। इनमें 3 वाहन जिला अस्पताल, 09 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, एवं 01 वाहन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए आबंटित है। जिसके अंतर्गत आज 5 नए संजीवनी वाहनों को आमजनों को सेवा प्रदान करने के लिए विधायक कटघोरा श्री पटेल द्वारा रवाना किया गया। साथ ही शेष वाहन भी जल्द ही जिले में पहुंचकर सेवाएं देना शुरू करेंगी। संजीवनी एक्सप्रेस में उपलब्ध सुविधाएं इसे एक चलती-फिरती जीवनरक्षक इकाई बनाती हैं। इनमें वेंटिलेटर, मॉनीटर, ऑक्सीजन सपोर्ट सहित आवश्यक इमरजेंसी उपकरण उपलब्ध हैं। विशेषकर जिले को मिले नए संजीवनी वाहनों में 2 वाहन एडवांस लाइफ सपोर्ट से युक्त है। जो की गंभीर मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगी।

इनमें से एक को जिला अस्पताल कोरबा और दूसरी कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात की जाएगी। अन्य 108 संजीवनी एक्सप्रेस वाहनों को जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यकता अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे दूरस्थ अंचलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत एवं सीएमएचओ सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

अग्निवीर थल सेना भर्ती के लिए ऑनलाईन पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ी 10 अप्रैल 2026 तक करें आवेदन

The Duniyadari: कोरबा 01 अपै्रल 2026/

सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर सेना में भर्ती के लिए ऑनलाईन पंजीकरण प्रक्रिया जो 13 फरवरी 2026 से 01 अप्रैल 2026 तक थी अब उसकी अंतिम तिथि 10 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दी गयी है। यह अधिसूचना भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in पर भी उपलब्ध है। इस प्रक्रिया के अन्तर्गत अग्निवीर केटेगरी (अग्निवीर पुरूष जनरल ड्यूटी, तकनीकी, लिपिक/स्टोरकीपर, ट्रेडमैन-दसवीं), ट्रेडमैन (आठवी), अग्निवीर महिला (सेना पुलिस) तथा स्थाई कैडर (नर्सिंग सहायक, सिपाही, फार्मा, हवलदार सेना शिक्षा तथा धर्म शिक्षक) के लिए पंजीकरण किया जा रहा है। इच्छुक तथा योग्य पुरूष अथवा महिला उम्मीदवार वेबसाईट पर उपलब्ध विभिन्न पदों की अर्हता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।
उम्मीदवार किसी भी स्पष्टीकरण के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के नजदीक, सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-2965212/0771-2965214 पर सम्पर्क कर सकते हैं। भारतीय सेना में चयन पारदर्शी है और केवल योग्यता के आधार पर चयन होता है। उम्मीदवारों को दलालों से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।

 

फर्जी मैरिज ब्यूरो का खुलासा, 37 लाख की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

The Duniyadari: राजनांदगांव- जिले में फर्जी मैरिज ब्यूरो चलाकर युवकों से ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आरोपी सोशल मीडिया और इंटरनेट से युवतियों की तस्वीरें डाउनलोड कर उनकी फर्जी प्रोफाइल तैयार करते थे और शादी का झांसा देकर युवकों से मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस ने इस मामले में एक युवती और एक युवक को गिरफ्तार किया है।

मामला बसंतपुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा को इस संबंध में एक गुमनाम शिकायत मिली थी, जिसमें बताया गया था कि “लव लाइफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो” के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने जांच के निर्देश दिए। इसके बाद एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन (आईपीएस) की टीम गठित कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी नेहा पाठक (23) और धर्मेन्द्र मानिकपुरी (32) युवतियों की तस्वीरें इंटरनेट और सोशल मीडिया से डाउनलोड कर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। इन प्रोफाइल को व्हाट्सएप के जरिए युवकों को भेजकर शादी कराने का भरोसा दिलाया जाता था। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, पैकेज और परिवार से मुलाकात के नाम पर 30 से 40 हजार रुपये तक वसूले जाते थे।

पुलिस ने मैरिज ब्यूरो में छापा मारकर 7 एंड्रॉइड मोबाइल, 14 कीपैड मोबाइल और 9 रजिस्टर जब्त किए। मोबाइल की जांच में 2286 युवतियों की तस्वीरें मिलीं, जिनका उपयोग फर्जी प्रोफाइल बनाने में किया जा रहा था। बैंक स्टेटमेंट की जांच में पिछले एक साल में 37 लाख 69 हजार रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है।

गिरफ्तार आरोपियों में नेहा पाठक, निवासी लेबर कॉलोनी वार्ड नंबर 17 राजनांदगांव और धर्मेन्द्र मानिकपुरी, मूल निवासी ग्राम जंगलपुर जिला कबीरधाम, वर्तमान निवासी रिद्धि-सिद्धि कॉलोनी बसंतपुर शामिल हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।