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रैम्प योजना के अंतर्गत स्टार्टअप छत्तीसगढ़ कार्यशाला का सफल आयोजन

The Duniyadari: कोरबा 25 मार्च 2026/

जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, द्वारा जिप्सा कॉलेज, टी.पी. नगर, कोरबा में आरएएमपी योजना के अंतर्गत “स्टार्टअप छत्तीसगढ़” विषय पर जागरूकता एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा स्टार्टअप की अवधारणा, नवीन व्यावसायिक विचारों के विकास, इन्क्यूबेशन, फंडिंग तथा मार्केटिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ सरल एवं व्यवहारिक तरीके से प्रस्तुत की गईं। प्रतिभागियों को यह बताया गया कि किस प्रकार वे अपने नवाचार को व्यवसाय में परिवर्तित कर सकते हैं और शासन द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा विभिन्न प्रश्नों के माध्यम से अपने विचार एवं जिज्ञासाएँ साझा कीं।

कार्यक्रम के दौरान सुश्री चंचल श्रीवास्तव, प्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, ने स्टार्टअप छत्तीसगढ़ के अंतर्गत मिलने वाली सब्सिडी, मार्गदर्शन, सुविधाएँ एवं स्टार्टअप पंजीयन की प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।

घर बैठे मिल रही परिवहन सेवाः ’तुंहर सरकार तुंहर द्वार’ योजना से आसान हुई राह

The Duniyadari: *वर्ष 2025-26 में 26 हजार 320 लायसेंस बने*

कोरबा 25 मार्च 2026/

छत्तीसगढ़ शासन की “तुंहर सरकार तुंहर द्वार“ योजना के अंतर्गत परिवहन विभाग द्वारा दी जा रही घर पहुँच सेवाओं ने नागरिकों के जीवन को सुगम और सरल बना दिया है। प्रदेश सरकार की इस मंशा को आगे बढ़ाते हुए परिवहन विभाग द्वारा कुशल और समयबद्ध तरीके से स्मार्ट कार्ड आधारित ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) सीधे आवेदकों के घर के पते पर पहुँचाए जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

इस योजना के क्रियान्वयन से परिवहन प्रणाली में न केवल सुधार हुआ है, बल्कि नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। वाहन स्वामियों को अब आवश्यक दस्तावेजों के परीक्षण के उपरांत बिना किसी परेशानी के घर बैठे ही उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त हो रहे हैं। शासन का यह कदम सुरक्षित और सीमित गति से वाहन चलाने के साथ-साथ पर्यावरण नियमों के अनुपालन के प्रति भी नागरिकों को प्रोत्साहित कर रहा है। सड़क सुरक्षा के प्रति सजगता बढ़ाने और यातायात संकेतों के पालन को अनिवार्य बनाने की दिशा में यह सेवा एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई है।

परिवहन अधिकारी श्री विवेक सिन्हा ने बताया कि कोरबा जिले में इस योजना के सफल संचालन के परिणाम आंकड़ों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 52,076 दस्तावेजों का वितरण किया गया था, जिसमें 27,253 पंजीकरण प्रमाणपत्र और 24,823 ड्राइविंग लाइसेंस शामिल थे। वहीं, आगामी वर्ष 2025-26 में सेवाओं की गति में और अधिक वृद्धि देखी गई है। इस वर्ष अब तक कुल 58,850 दस्तावेज वितरित किए जा चुके हैं, जिनमें 32,530 पंजीकरण प्रमाणपत्र और 26,320 ड्राइविंग लाइसेंस शामिल हैं। जिला परिवहन अधिकारी कोरबा के मार्गदर्शन में बढ़ते हुए ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि यह योजना जनता के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है और परिवहन सेवाओं तक पहुँच को अधिक सुगम बना रही है।

अवैध रेत परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 13 हाईवा और 3 ट्रैक्टर जब्त

The Duniyadari: जांजगीर-चांपा-  जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बढ़ाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जन्मेजय महोबे के निर्देश पर राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में औचक जांच अभियान चलाया।

जांच के दौरान बिना वैध दस्तावेज के रेत का परिवहन करते पाए जाने पर अकलतरा क्षेत्र से 6 हाईवा वाहन जब्त किए गए। वहीं चांपा के हथनेवरा इलाके में 6 हाईवा और 3 ट्रैक्टर पकड़े गए। पामगढ़ क्षेत्र से भी 1 हाईवा को कार्रवाई करते हुए जब्त किया गया। इस तरह कुल 13 हाईवा और 3 ट्रैक्टर प्रशासन के शिकंजे में आए।

खनिज विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए वाहनों के संचालकों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23(ख) के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए आगे भी लगातार जांच अभियान चलाए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी

छात्राओं को दिखाई गई ‘द केरल स्टोरी 2’, जागरूकता और आत्मनिर्भरता पर दिया गया जोर

The Duniyadari: सूरजपुर- जिले में छात्राओं को सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास मंत्री व भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विशेष पहल की गई। इस दौरान विभिन्न महाविद्यालयों की लगभग 600 छात्राओं को सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म द केरल स्टोरी 2 दिखाई गई।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में बेटियों का शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि छात्राओं को समाज में आने वाली चुनौतियों और परिस्थितियों की जानकारी मिलना आवश्यक है, ताकि वे सही निर्णय लेने में सक्षम बन सकें और अपने भविष्य को सुरक्षित दिशा दे सकें। उन्होंने यह भी कहा कि आत्मविश्वास और जागरूकता ही बेटियों के सुरक्षित और सशक्त भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने फिल्म के माध्यम से सामाजिक मुद्दों को समझा और जीवन में सतर्क रहने की आवश्यकता पर चर्चा की। कई छात्राओं ने कहा कि ऐसे आयोजन उन्हें जागरूक बनने और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए लगातार योजनाएं चला रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, महाविद्यालय के प्राध्यापक, शिक्षक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में हादसा: ट्रेलर पलटने से मजदूर की मौत, चालक फरार

The Duniyadari: कोरबा-  रजगामार चौकी क्षेत्र में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। गिट्टी से भरे ट्रेलर को खाली करते समय अचानक उसका हाइड्रोलिक जैक टूट गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे की चपेट में आकर पास खड़ा एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक की पहचान 25 वर्षीय समन्स उर्फ निराले के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और कोरबा में मजदूरी करता था। बताया जा रहा है कि हादसे के समय वह ट्रेलर के पास खड़ा होकर स्टेपनी बदलवा रहा था, तभी अचानक ट्रेलर पलट गया और वह उसकी चपेट में आ गया।

घटना के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद मजदूरों में भारी आक्रोश देखने को मिला। मजदूरों ने आरोप लगाया कि यह दुर्घटना लापरवाही का परिणाम है। उनका कहना है कि घटना के समय साइट इंचार्ज मौजूद नहीं था और ट्रेलर को बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के खाली किया जा रहा था।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। वहीं मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और उनके रिश्तेदार बिहार से कोरबा पहुंच रहे हैं।

मृतक के रिश्तेदार मोहम्मद कैसर ने बताया कि उन्हें फोन के जरिए हादसे की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि युवक की मौत हो चुकी थी और पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज चुकी थी। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

ट्रेन हादसा: तेजगाम एक्सप्रेस के 7 डिब्बे पटरी से उतरे, 26 यात्री घायल

The Duniyadari: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर-लोधरान रेलवे सेक्शन पर बड़ा रेल हादसा हो गया। आदम वहान रेलवे स्टेशन के पास कराची जा रही तेजगाम ट्रेन के सात डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे कम से कम 26 यात्री घायल हो गए।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह हादसा मंगलवार रात उस समय हुआ जब ट्रेन लाहौर से कराची की ओर जा रही थी। पटरी से उतरे डिब्बों में से पांच पलट गए, जिससे कई यात्री उनमें फंस गए।

रेस्क्यू 1122 और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। अब्दुल हाफिज, एडीसी लियाकत गिलानी और पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में किसी यात्री की मौत नहीं हुई है। घायलों में से 17 को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि एक महिला सहित नौ लोगों को डीएचक्यू अस्पताल लोधरान भेजा गया, जहां एक यात्री की हालत गंभीर बताई गई।

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अस्पताल के 35 बेड पीड़ितों के लिए सुरक्षित रख दिए हैं। हादसे के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है, हालांकि चश्मदीदों ने बोगियों के कपलर टूटने की आशंका जताई है, जिससे ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई और पीछे के डिब्बे पटरी से उतर गए।

घटना के बाद प्रभावित ट्रैक पर रेल यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और राहत कार्य के लिए नजदीकी जंक्शन से विशेष ट्रेन भेजी गई है। रेलवे अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

मेडिकल कॉलेज निर्माण स्थल पर बड़ा हादसा, ट्रेलर पलटने से मजदूर की मौत

The Duniyadari: कोरबा- जिले के रजगामार चौकी क्षेत्र में बन रहे मेडिकल कॉलेज परिसर में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। गिट्टी खाली करते समय ट्रेलर का हाइड्रोलिक सिस्टम अचानक फेल हो गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे की चपेट में आने से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक की पहचान 25 वर्षीय समन्स उर्फ निराले के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और कोरबा में मजदूरी करता था। बताया जा रहा है कि घटना के समय वह ट्रेलर के पास खड़ा होकर स्टेपनी बदलवाने का काम देख रहा था। इसी दौरान अचानक ट्रेलर पलट गया और वह उसकी चपेट में आ गया।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के तुरंत बाद ट्रेलर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जिससे मजदूरों में नाराजगी फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।

मौके पर मौजूद मजदूरों ने साइट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घटना के समय साइट इंचार्ज मौजूद नहीं था और बिना सुरक्षा व्यवस्था के गिट्टी खाली कराई जा रही थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके रिश्तेदार बिहार से कोरबा के लिए रवाना हो चुके हैं।

कोरबा में बिजली कार्यों में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई: एसई और डीई निलंबित, कई परियोजनाएं अधूरी

The Duniyadari: कोरबा- कोरबा जिले में विद्युत कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद बिजली विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। विभाग ने कार्य में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप में अधीक्षण अभियंता (एसई) और कार्यपालन अभियंता (डीई) को निलंबित कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत जिले में बड़े पैमाने पर विद्युत विस्तार कार्य चल रहे हैं। इनमें सबसे अधिक काम कटघोरा ब्लॉक में हो रहा है। आरोप है कि संबंधित ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए गुणवत्ता से समझौता किया गया और अधूरे कार्यों के बावजूद भुगतान कर दिया गया।

बताया जा रहा है कि कोथारी टोल प्लाजा से लेंको पावर प्लांट तक 11 केवी लाइन का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है। कई स्थानों पर केवल खंभे लगाए गए हैं, लेकिन अब तक कंडक्टर नहीं लगाए गए हैं। इसी तरह ग्राम तिवारता से डुमरकछार तक 33 केवी लाइन, तुमान सबस्टेशन से बरपाली के लिए 11 केवी लाइन, बरबसपुर और रिंग रोड क्षेत्र में एलटी लाइन सहित अन्य कई कार्य अधूरे बताए जा रहे हैं।

इसके अलावा 132 केवी सबस्टेशन से उरगा सबस्टेशन तक प्रस्तावित लाइन का काम भी अब तक पूरा नहीं हो सका है, जबकि संबंधित ठेकेदार को भुगतान किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।

बिजली विभाग ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई की है। अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता कटघोरा को लापरवाही और ठेकेदारों को अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने के आरोप में निलंबित किया गया है।

सूत्रों के अनुसार विभाग अन्य जिलों में भी इसी तरह की अनियमितताओं की जांच कर रहा है और आने वाले समय में और बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

लेमरू हाथी रिजर्व में तालाब निर्माण पर घोटाले के आरोप, 16 लाख का काम एक हफ्ते में निपटाने का दावा

The Duniyadari: कोरबा-कटघोरा वनमंडल के जंगलों में वन्यजीवों के लिए बनाए जा रहे जलस्त्रोतों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लेमरू हाथी रिजर्व विकास परियोजना के तहत स्वीकृत तालाब निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों का कहना है कि करोड़ों रुपये की योजना जमीनी स्तर पर केवल कागजों तक सीमित होती जा रही है।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2025-26 में केंदई वनपरिक्षेत्र में हाथियों के लिए लगभग 11 तालाबों के निर्माण को मंजूरी दी गई थी। इनका उद्देश्य गर्मी के मौसम में जंगलों में घूम रहे हाथियों और अन्य वन्यजीवों को पेयजल उपलब्ध कराना था, लेकिन कई स्थानों पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

केंदई वनपरिक्षेत्र के ग्राम पतुरियाडाँड़ के जंगल में बनाए गए तालाब को लेकर ग्रामीणों ने सबसे गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि इस तालाब के लिए करीब 16 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन मौके पर निर्माण कार्य बेहद सीमित दिखाई देता है। ग्रामीणों का दावा है कि पहले से मौजूद एक छोटे नाले को ही थोड़ा-बहुत चौड़ा कर तालाब का रूप दे दिया गया।

ग्रामीणों के अनुसार पूरा काम महज एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया गया। मजदूरों को काम देने की बजाय जेसीबी और ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया गया, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में मजदूरों से कार्य कराए जाने का उल्लेख बताया जा रहा है। वहीं जंगल से ही पत्थर निकालकर निर्माण किया गया, जिससे लागत और भी कम हो गई।

स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब यह तथाकथित तालाब पानी तक नहीं रोक पा रहा है। वर्तमान में तालाब पूरी तरह सूखा पड़ा हुआ है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के निर्माण से न तो वन्यजीवों को लाभ मिलेगा और न ही योजना का उद्देश्य पूरा होगा।

इस पूरे मामले में केंदई वनपरिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक दुबे की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यह मामला अकेला नहीं है और क्षेत्र में पहले भी कई निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि आने वाले समय में और भी मामलों का खुलासा हो सकता है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कटघोरा और कोरबा वनमंडल में तालाब, स्टॉप डेम और वन मार्ग निर्माण जैसे कार्यों में पहले भी धांधली की शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन जांच के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जाती रही है।

गैस कालाबाजारी का भंडाफोड़: 183 एलपीजी सिलेंडर बरामद, चार आरोपी गिरफ्तार

The Duniyadari: नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के संगम विहार इलाके में क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने अवैध एलपीजी गैस स्टोरेज और रिफिलिंग के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया और मौके से 183 गैस सिलेंडर बरामद किए। इस गिरोह पर गैस की कृत्रिम कमी पैदा कर ऊंचे दामों पर सिलेंडर बेचने का आरोप है।

पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि इलाके में कुछ लोग गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रहे हैं। इसके बाद एसीपी सतेन्द्र मोहन के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में इंस्पेक्टर महीपाल सिंह, एसआई गौरव, अंकित, एएसआई तरुण, सत्यवीर, राकेश समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। कई दिनों तक निगरानी करने के बाद पुलिस ने संगम विहार के एल ब्लॉक स्थित तीन किराए के गोदामों पर एक साथ छापा मारा।

छापेमारी के दौरान शेर सिंह (35), सूरज परिहार (36), रघुराज सिंह (53) और जितेंद्र शर्मा (39) को मौके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने वहां से 154 भरे हुए और 29 खाली सिलेंडरों सहित कुल 183 गैस सिलेंडर बरामद किए। इसके अलावा गैस ट्रांसफर करने में इस्तेमाल होने वाले पाइप, आयरन पोकर और इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन भी जब्त की गई।

जांच में सामने आया कि आरोपी एक अधिकृत गैस एजेंसी से जुड़े थे और सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे। लेकिन डिलीवरी करने के बजाय वे सिलेंडरों को गोदामों में जमा कर लेते थे। बाद में भरे हुए सिलेंडरों से गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में भरते और उन्हें बाजार में अधिक कीमत पर बेचते थे।

पुलिस के मुताबिक आरोपी एक सिलेंडर से 1 से 2 किलो गैस निकालकर कई छोटे सिलेंडर तैयार करते थे, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा होता था। तीनों ठिकानों से क्रमशः 65, 66 और 52 सिलेंडर बरामद किए गए।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।