The Duniyadari: डोंगरगढ़- वन विभाग के वृक्षारोपण अभियान के दौरान एक मजदूर की मौत के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मजदूर की तबीयत बिगड़ने की सूचना समय पर देने के बावजूद विभाग की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे इलाज में देरी हुई और उसकी जान नहीं बच सकी।
जानकारी के अनुसार, डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत शिवपुरी के आश्रित ग्राम बाकलेडी निवासी शिवचरण ठाकुर वन विभाग के वृक्षारोपण कार्य में गड्ढे खोदने का काम कर रहे थे। काम के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। असहज महसूस होने पर वे पास ही एक पेड़ के नीचे जाकर लेट गए। साथ में मौजूद अन्य मजदूरों ने तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी।
ग्रामीणों का कहना है कि सूचना के बाद भी काफी समय तक विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। साथ ही बीमार मजदूर को अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन या अन्य आवश्यक व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं कराई गई। हालात गंभीर होते देख ग्रामीणों ने स्वयं ट्रैक्टर की व्यवस्था की और शिवचरण ठाकुर को शिवपुरी तक पहुंचाया। वहां से एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें डोंगरगढ़ अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद शिवचरण ठाकुर को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि यदि समय पर सहायता और इलाज मिल जाता तो मजदूर की जान बचाई जा सकती थी। मामले को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यशैली की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।















