Friday, June 5, 2026
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बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षक ने खुद लड़ी कानूनी लड़ाई, हाईकोर्ट ने 45 दिन में फैसला लेने के दिए निर्देश

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The Duniyadari: Bilaspur- पारिवारिक जिम्मेदारियों और बच्चों की शिक्षा को लेकर एक व्याख्याता ने अपनी स्थानांतरण मांग के लिए सीधे हाईकोर्ट का रुख किया और बिना वकील की मदद के स्वयं अपना पक्ष रखा। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग को उनके आवेदन पर 45 दिनों के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया है।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मरकेली हाई स्कूल में पदस्थ व्याख्याता गया राम दुबे ने अदालत को बताया कि उनके बच्चे भिलाई में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार में उनकी देखभाल करने वाला कोई अन्य सदस्य नहीं है, जिससे दूरस्थ पदस्थापना के कारण उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने न्यायालय के समक्ष यह भी बताया कि वर्तमान कार्यस्थल और भिलाई के बीच लंबी दूरी होने से पारिवारिक दायित्व निभाना कठिन हो गया है।

दुबे ने जानकारी दी कि जून 2025 में उनका तबादला बालोद जिले से मरकेली किया गया था। लगभग एक वर्ष तक सेवा देने के बाद उन्होंने अप्रैल 2026 में दुर्ग संभाग के संयुक्त संचालक, स्कूल शिक्षा को बालोद अथवा दुर्ग जिले में स्थानांतरण के लिए आवेदन दिया था। हालांकि लंबे समय तक उस आवेदन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।

सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से भी आवेदन पर विचार किए जाने का विरोध नहीं किया गया। इस पर अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी कर्मचारी के लंबित आवेदन को अनिश्चितकाल तक लंबित रखना उचित नहीं है। न्यायालय ने संबंधित अधिकारी को निर्धारित अवधि में नियमों के अनुसार फैसला लेने का निर्देश देते हुए मामले का निपटारा कर दिया।