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भिलाई इस्पात प्लांट के बॉर एंड रॉड मिल में लगी आग, इलेक्ट्रिकल और हाइड्रोलिक सिस्टम जले, करोड़ों का नुकसान

भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट में बुधवार देर रात बार एंड रॉड मिल में आग लगने करोड़ों के इलेक्ट्रिकल और हाइड्रोलिक सिस्टम जले गए हैं। जिसके के चलते यहां के सरिया उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया है।

जानकारी के अनुसार प्लांट के अंदर बार एंड रॉड मिल में रोज की तरह प्रोडक्शन का काम चल रहा था। रात 9 बजे के करीब यहां अचानक आग लग गई। आग को देखकर वहां काम करके कर्मचारी भाग खड़े हुए। सूचना मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। लगभग एक-डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

बीजीबी लाइन-2 के सेलर में आग से हाइड्रोलिक, लुब्रिकेशन पाइप लाइन को नुकसान

बीआरएम के कार्मिकों के मुताबिक बीजीबी लाइन-2 के सेलर में शार्ट सर्किट की वजह से आग लगी है। आग लगने से वहां के हाइड्रोलिक, लुब्रिकेशन लाइन का पाइप जल गया। इससे आग की लपटें काफी तेज हो गईं। चपेट में आने से सभी इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट जल गए। मिल के चारों तरफ धुआं फैल गया। आग से करोड़ों रुपए का नुकसान बताया जा रहा है।

सरिया उत्पादन ठप

आग लगने से मिल में सरिया उत्पादन ठप हो गया है। यहां पहले 12 एमएम की सरिया का उत्पादन हो रहा था। आग की सूचना मिलते ही मौके पर बीएसपी के अधिकारी और इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के लोग पहुंचे। कर्मचारियों के मुताबिक आग से कंट्रोल पैनल में अगर ज्यादा नुकसान हुआ होगा तो सरिया उत्पादन काफी लंबे समय तक बाधित हो सकता है।

KORBA : ट्रायबल डिपार्टमेंट में निकली है भर्ती….चाहते है सरकारी नौकरी तो करें अप्लाई, पढ़े पूरा डिटेल…

कोरबा ।अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत निवासी अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर एवं चिन्हित अनुभाग स्तर पर जिला परियोजना समन्वयक एवं क्षेत्रीय कार्यकर्ता की नियुक्ति की जाएगी। सहायक आयुक्त आदिवासी ने बताया कि जिला परियोजना समन्वयक और क्षेत्रीय कार्यकर्ता के एक-एक पद में भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किये गये थे। प्राप्त आवेदनों के परीक्षण उपरांत कोई भी पात्र उम्मीदवार नही मिलने के कारण आवेदन प्राप्ति की तिथि में वृद्वि की गयी है। इच्छुक आवेदकों से 25 जून 2022 तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। विज्ञापन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश एवं आवेदन पत्र प्रारूप आदि की जानकारी कार्यालय कलेक्टर आदिवासी विकास के एफआरए शाखा से प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही कोरबा जिले के वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट कोरबा डॉट जीओव्ही डॉट इन से भी जानकारी प्राप्त किया जा सकता है।

 8 साल के शीर्ष स्तर पर महंगाई, क्या रेपो रेट पर RBI के फैसले से फिर बढ़ेगी EMI

मुंबई। अगर आपने होम लोन, ऑटो लोन या पर्सनल लोन ले रखा है तो आपकी जेब पर एक और झटका पड़ सकता है. रिजर्व बैंक की 6-8 जून की मौद्रिक समीक्षा बैठक सोमवार को शुरू हो गई और माना जा रहा है कि महंगाई को काबू में करने के लिए ब्याज दर में एक बार फिर वृद्धि की जा सकती है. रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिन की बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. केंद्रीय बैंक बढ़ती मुद्रास्फीति पर अंकुश के लिए कुछ सख्त नीतिगत कदम उठा सकता है. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास बुधवार को एमपीसी की बैठक में नीतिगत दरों पर फैसले की जानकारी देंगे.
आरबीआई गवर्नर पहले ही संकेत दे चुके हैं कि एमपीसी की इस द्विमासिक समीक्षा बैठक में नीतिगत ब्याज दरों में एक बार फिर बढ़ोतरी की जा सकती है. आरबीआई ने 4 मई को बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अचानक रेपो दर में 0.40 फीसदीकी बढ़ोतरी कर सबको चौंका दिया था. दास ने बढ़ती मुद्रास्फीति की चुनौती को जिम्मेदार बताया था.खबरें हैं कि आरबीआई रेपो दर में 0.35 से 0.40 फीसदीकी एक और वृद्धि कर सकता है. फिलहाल रेपो दर 4.40 फीसदीपर है. बहरहाल बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मुद्रास्फीति के अप्रैल में 8 साल के शीर्ष स्तर पर पहुंच जाने के बाद रिजर्व बैंक बुधवार को रेपो दर में 0.40 फीसदीसे भी ज्यादा की बढ़ोतरी कर सकता है.

शिव सेना का अग्निपथ या अग्नि प्लान!?????

कहते हैं राजनीति जैसी दिखती है वैसी होती नहीं उसे दूर बैठकर शतरंज के खिलाड़ी की तरह समझना पड़ता है कुछ उसी तरीके कि स्थिति इन दिनों महाराष्ट्र की बनी हुई है महाराष्ट्र की राजनीति में साफ दिखाई दे रहा है कि शिवसेना का एक धड़ा नाराज होकर बीजेपी के समर्थन से सरकार बना सकता है इसमें बीजेपी की तोड़फोड़ वाली राजनीति भी जिम्मेदार कही जा रही है,,,, पर क्या वाकई ये सही हो सकता है? कि एक ऐसा दल जहां निष्ठा कट्टरता की हद तक है वहां के 56 में से 40 विधायक गायब हो गए और अब वह सरकार गिराने जा रहे हैं?? इस पर संशय है

अब समझते हैं इस उथल-पुथल का कारण क्या है?? शिवसेना के विधायकों की यह बेचैनी विपक्षी दल भाजपा के मनी और मसल्स पावर के दबाव से ज्यादा अस्तित्व के संकट की वजह से है दरअसल शिव सेना को अपने कभी विरोधी दल रहे पार्टियों के साथ सत्ता में आते ही
विचारधारा
विधानसभा क्षेत्र
और राजनैतिक अस्तिव ,,तीनो खतरे में आ गए थे,,

सरकार में आते ही शिवसेना की विचारधारा एक बक्से में बंद हो गई ऐसे में हिंदुत्व और भगवा की राजनीति का लाभ बीजेपी के साथ उनके ही परिवारिक सदस्य राज ठाकरे उठाने लगे थे जिससे विचारधारा के हाथ से निकल जाने के साथ एक नई प्रतिस्पर्धी को बेवजह फायदा मिल रहा था

इसके अलावा गठबंधन में आते ही शिवसेना के विधायकों के विधानसभा क्षेत्र और राजनीतिक अस्तित्व पर संकट गहराता दिख रहा था क्योंकि शिवसेना के 56 विधायकों ने जिन सीटों से विजयश्री हासिल की उसमें से 22 सीट कांग्रेस के उम्मीदवार को हराकर जीती है तो करीब 26 सीटें एनसीपी के उम्मीदवार को हराकर जीती गई हैं इस तरीके से 56 में से कुल 48 सीटों में शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी को हराकर विधायक बनाने में कामयाब हुई है और अब उन्हीं दलों के साथ उसका गठबंधन है ऐसे में यह 48 विधायक अपने क्षेत्र में लगातार असहज महसूस कर रहे थे और कांग्रेस एनसीपी गठबंधन वाली सरकार के उपलब्धि को शिवसेना के विधायकों के क्षेत्र में कांग्रेस और एनसीपी जब लेकर जा रही थी तो एक अंदरूनी प्रतिस्पर्धा क्षेत्रों में बन गई थी
वही वैचारिक रूप से जिस भगवे झंडे के अंतर्गत शिवसेना राजनीति करती है उसे वह राजनीति करने का मौका गठबंधन सरकार में नहीं मिला जिसका फायदा बीजेपी ने खूब उठाया और शिवसेना को हिंदुत्व से दूर होने का तमगा मिल गया,,, गठनबधन धर्म के तहत मुख्यमंत्री का पद शिवसेना को जब से मिला तब से शिवसेना ने अपने विधायकों से ज्यादा गठनबधन सहयोगी कांग्रेस और एनसीपी विधायकों को तो दिया जिससे शिवसेना विधायकों में एक अंदरूनी असंतोष की छाया भी थी,, और जब यह तीनों चीजें मिली तो शिवसेना विधायकों को अपने अस्तित्व पर संकट नजर आने लगा और इस संकट से बचने के लिए बीजेपी के मजबूत सहारे के साथ शिवसेना में बगावत का बिगुल फूंका गया और नतीजा सबके सामने हैं लेकिन इस बात से इनकार नही किया जा सकता कि इन बातों से ठाकरे परिवार अनजान होगा,,ऊपर बताई गई तीनों प्रमुख वजह को हवाओ राज ठाकरे नामक खतरे ने दी ठाकरे परिवार का तेजतर्रार वह नेता जो पिछले 20 सालों से अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है उसे गठबंधन सरकार की वजह से अचानक विचारधारा राजनीतिक स्पेस और बीजेपी जैसे पीछे से मदद करने वाला मिल गया था,,,ऐसे में अस्तित्व के संकट से शिवसेना के विधायक ही नहीं शिवसेना से प्रमुख भी जूझ रहे थे शिवसेना की स्थापना करते वक्त बालासाहेब ठाकरे ने जो ठाकरे परिवार की एक छवि बनाई थी वह उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री काल में पूरी तरह से धूमिल होती दिखी थी कांग्रेस और एनसीपी की जुड़ी इनकंबेंसी हो,,,,, वैचारिक विचारधारा हो सब का ठीकरा ठाकरे परिवार पर फूटने वाला था आने वाले विधानसभा चुनाव में इन सब बातों के भार के साथ विधायकों की बात तो छोड़िए ठाकरे परिवार महाराष्ट्र की जनता का सामना कर पाता इस पर संशय बना हुआ है,,, ऐसे में गठबंधन तोड़कर बनाई गई सरकार से गठबंधन तोड़ कर फिर पुराने गठबंधन साथी भाजपा के साथ चाह कर भी उद्धव ठाकरे नहीं जा सकते थे इस तरह का कदम ठाकरे परिवार और पार्टी दोनों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता था शिवसेना अकेले लड़ने का खामियाजा एक बार भुगत चुकी है और फिर गठबंधन तोड़ के दूसरे गठबंधन में जाने से परिणाम और घातक हो सकते थे इसलिए ठाकरे परिवार इस गठबंधन के बंधन से,, छुटकारे के लिए 🐉 सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे के प्लान पर चलती हुई दिखाई दे रही है एकनाथ शिंदे और ठाकरे परिवार से बगावत को मैग्नीफाइंग ग्लास से देखने की जरूरत है इस मे कोई छुपा हुआ हिडन लान भी हो सकता है,,,,!!!!!! क्योंकि शिवसेना खींचतान कर 5 साल की सरकार तो चला सकती थी लेकिन 5 साल बाद के चुनाव में शिवसेना के अस्तित्व को एनसीपी कांग्रेस और भाजपा के साथ राज ठाकरे से ही खतरा हो जाता और ऐसे में शिवसेना फायदे में रहती इसकी संभावना नहीं के बराबर थी,,,,, शायद इसीलिए एकनाथ शिंदे ही नहीं बल्कि अपने परिवार सहित पूरी शिवसेना महा अगाड़ी सरकार छुटकारा पाना चाहती है
दरअसल इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के स्क्रिप्ट में एकनाथ शिंदे के साथ पार्टी सुप्रीमो की रजामंदी से इनकार नहीं किया जा सकता,,, तभी कट्टर शिवसैनिकों वाली इस पार्टी के विधायक इतनी दमदार इसे और इतनी बड़ी संख्या में ठाकरे परिवार के खिलाफ खड़े दिखाई दे रहे हैं अस्तित्व का संकट इन विधायकों के साथ ठाकरे परिवार पर भी है इस लिए मौका बन नही बनाया गया प्रतित हो रहा है एकनाथ शिंदे की बगावत को आधार बनाकर पूरी शिवसेना एनसीपी कांग्रेस गठबंधन से अपने आपको अलग कर सकती है यह सिचुएशन कुछ वैसे ही होगी जब 2019 में अजित पवार ने बगावत कर बीजेपी को समर्थन दे दिया था फिर बाद में वापस आकर सरकार में हम पद पर रहे कुछ उसी फार्मूले को शिवसेना अपना रही है ठीक ढाई साल राज करने के बाद ठाकरे की हसरत भी पूरी हो गई और अब आरोपों और पार्टी की छवि को ठीक करने फिर से ठाकरे हिंदुत्व की ओर वापसी करना चाहते हैं ऐसे में उसे पार्टी के नेताओं की बगावत का एक बड़ा सहारा मिल गया है,,
मोहन तिवारी की वाल से

सूरत में शतरंज की बिसात पर ऊंट की चाल चल रहे थे एकनाथ शिंदे… ‘महा’बिसात पर ‘वजीर’ मारेगा बाजी?

मुंबई।राजा शान से खड़ा है, प्यादा ही बेमौत मरा है। छल से भरे इस खेल में हर पल खतरा ही खतरा है। कब किस ओर से होगा हमला, ये नहीं किसी को भी पता है मौकापरस्ती के इस खेल में जानें ऊंट किस करवट चला है। महाराष्ट्र की सियासी बिसात पर जिस तरह से चालें चली जा रही हैं, उसमें इस बार राजा को उसका वजीर ही मात देने पर तुला है। हम बात कर रहे हैं उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की। मुंबई से सूरत और फिर गुवाहाटी तक जिस तरह सियासी खेल चल रहा है, उस बिसात पर बाजी वजीर यानी एकनाथ शिंदे के हाथ में दिख रही है, जबकि शह और मात की बारी राजा यानी उद्धव ठाकरे की है। सूरत के होटल की एक तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर से महाराष्ट्र की बदलती सियासत को पढ़ पाना मुश्किल नहीं है।
महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव का नतीजा आने के बाद सियासी भूचाल आ गया। सुबह होते-होते उद्धव ठाकरे के बगल में बैठने वाले एकनाथ शिंदे बागी हो चुके थे। विधायकों का रेला मुंबई से सीधे सूरत के होटल पहुंच गया और यहां से महाराष्ट्र की सियासी बिसात पर शतरंज की चालें खेली जाने लगीं। महासियासी खेल में सबसे बड़े खिलाड़ी हैं एकनाथ शिंदे। जब मुंबई में राजनैतिक उथल-पुथल का दौर चल रहा था, तब वहां से 283 किलोमीटर दूर सूरत के होटल ली मेरीडियन में शिंदे शतरंज की चाल चलने में मशगूल थे। इस लम्हे की एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें एकनाथ शिंदे ऊंट को उठाकर बाजी चलते नजर आ रहे हैं।
शतरंज खेलने वालों को पता होगा कि ऊंट तिरछी चाल चलता है और बिसात पर जहां तक खाने खाली हों आगे बढ़ सकता है। ऊंट पलक झपकते ही चेक ऐंड मेट भी कर सकता है। इस बार तो राजा अपने ही वजीर की चाल के आगे पस्त पड़ता दिख रहा है। इस बाजी को चलते हुए एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र की सियासी बिसात पर अपनी बदलती हैसियत के बारे में जरूर सोच रहे होंगे। बालासाहेब का कट्टर शिवसैनिक, जिसने 18 साल में शिवसेना का झंडा हाथों में उठा लिया आज महाराष्ट्र की राजनीति का गेमचेंजर बन गया है। ठाणे के ठाकरे कहे जाने वाले आनंद दिघे का शिष्य अब महाराष्ट्र की सियासी बाजी को पूरी तरह पलटता नजर आ रहा है।

महाराष्ट्र बिग ब्रे​किंग: उद्धव ठाकरे ने सीएम आवास छोड़ा, मातोश्री के लिए निकले,शिव सैनिकों का जमावड़ा

मुंबई। महाराष्ट्र के सियासी संकट के बीच बुधवार रात 10 बजे बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। उद्धव ठाकरे ने सीएम आवास छोड़ कर मातोश्री के लिए चुके हैं। ठाकरे के निवास मातोश्री के सामने शिव सैनिकों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है।

बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना के मंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की अगुवाई में 46 विधायकों के बागी होने से (Political crisis in Maharashtra( उद्धव सरकार (CM Uddhav) संकट में आ गई है। इस बीच बागी नेता ने सीएम पद ही नहीं संगठन पर भी दावा ठोंक दिया है। शिंदे का कहना है कि वो ही असली शिव सैनिक जो शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे के विरासत वाली शिवसेना के असली हकदार है।

शिंदे ने 34 विधायकों के समर्थन वाली चिट्ठी राज्यपाल को भेजी

बता दें आज शाम सीएम उद्धव ठाकरे ने पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई थी,जिसमें पार्टी विधायकों को व्हीप जारी किए गए थे लेकिन उससे पहले ही बागी नेता एकनाथ शिंदे ने पार्टी व्हिप को अवैध बता चीफ व्हिप सुनील प्रभु को हटाने की घोषणा कर दी।

साथ ही भरत गोगावले को इस पद पर नियुक्त भी कर दिया। साथ ही शिंदे ने विधायक दल के नेता होने का दावा ठोकते हुए 34 विधायकों के समर्थन वाली चिट्ठी राज्यपाल को भेज दी।

56 वर्षीय महिला की काली करतूत: हाई प्रोफाइल लोगों को बातों में फंसाकर अपने साथ बनवाती थी अश्लील फिल्म, फिर होता था घिनौना काम

न्यूज डेस्क।हनीट्रैप में फंसाकर आम लोगों से वसूली करने वाली महिला को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जोहरा जबीं उर्फ परवीन (56) के रूप में हुई है। साल 2018 में दिल्ली के जामिया नगर इलाके में जोहरा और उसके गैंग ने एक डॉक्टर को अपने जाल में फंसाकर उससे 50 लाख रुपये की डिमांड की थी। पुलिस को शिकायत करने पर स्पेशल सेल ने गैंग के दो लोग नूर मजहर उर्फ असलम और महेंदर को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन जोहरा 2018 से लगातार फरार चल रही थी। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने महिला की गिरफ्तारी पर 20 हजार का इनाम भी घोषित किया हुआ था। जोहरा की गिरफ्तारी के बाद अपराध शाखा की टीम ने जामिया नगर पुलिस को सूचना दे दी है। पुलिस को अब मामले में गैंग लीडर जहांगीर उर्फ शेखू की तलाश है।
भोपाल में छिपकर रह रही थी महिला

इस दौरान दिल्ली पुलिस आयुक्त ने परवीन की गिरफ्तारी पर 20 हजार का इनाम भी घोषित कर दिया। लोकल पुलिस के अलावा अपराध शाखा की टीम ने भी महिला की तलाश शुरू कर दी। 16 जून को क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली थी कि हनीट्रैप में लोगों को फंसाकर वसूली करने वाली जोहरा उर्फ परवीन मध्य प्रदेश के फाइन एंक्लेव, कॉलर रोड, भोपाल में छिपकर रह रही है। सूचना के बाद पुलिस की एक टीम को भोपाल भेजा गया। पुलिस ने 18 जून को जोहरा जबीं उर्फ परवीन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान महिला ने वसूली की बात स्वीकार कर ली। जोहरा ने बताया कि वह होशंगाबाद, महाराष्ट्र की रहने वाली है। गैंग का लीडर उसका कजिन जहांगीर उर्फ शेखू है। उसके कहने पर ही यह दिल्ली के जामिया नगर पहुंची थी। यहां उसने कई लोगों को ब्लैकमेल कर उनसे वसूली की।

CG : वाहन चेकिंग में यूपी नंबर के वाहन से मिला 80 लाख कैश… जांच में जुटी पुलिस…

न्यूज डेस्क। बुधवार को महिंद्रा टीयूवी कार क्रमांक यूपी 32 के एक्स 3158 से अवैध रूप से भारी मात्रा में नकदी परिवहन की सूचना मुखबिर से फरसगांव पुलिस को मिली। जिसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक कोंडागांव दिव्यांग पटेल के निर्देशन व अति पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन में फरसगांव पुलिस ने मुख्य सड़क पर वाहनो की जांच शुरू की।
सफेद रंग की महिंद्रा टीयूवी कोडागांव की ओर से आती हुई देख पुलिस ने वाहन को रोक कर तलाशी ली। गाड़ी में चालक सहित एक अन्य व्यक्ति बैठा हुआ मिला। वाहन चालक भार्गव पटेल उम्र 27 साल निवासी ग्राम कमाना थाना विसनगर जिला मेहसाणा गुजरात एवं कंडक्टर जयेश कुमार उम्र 28 वर्ष निवासी तावड़िया थाना काकोसी जिला पाटन गुजरात उपस्थित मिले।

पुलिस द्वारा मौके पर उपस्थित लोगों और वाहन की तलाशी लेने से वाहन पर सीट के नीचे एक पीले रंग की बोरी में नकदी बरामद हुई। जिसे गवाहों के समक्ष गिनती करने पर 80 लाख रुपये हाेना पाया गया है। बरामद रुपये के संबंध में वैध दस्तावेज की मांग की जाने पर दस्तावेज प्रस्तुत न करने से बरामद नकदी रकम चोरी का होने के संदेह है। दोनों आरोपितो के कब्जे से बरामद रकम 80 लाख रुपये जप्त कर घटना में प्रयुक्त वाहन महिंद्रा टीयूवी को विधिवत जप्त किया गया और दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

CM दिल्ली से रवाना, आज रायपुर पहुंचेंगे,अग्निपथ योजना के विरोध में 27 जून को सभी विधानसभा में कांग्रेस की बड़ी रैली…

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली दौरे से बुधवार शाम वापस प्रदेश लौटेंगे। शाम 7:45 बजे की फ्लाइट से राजधानी रायपुर के लिए रवाना हुई सीएम करीब 9:30 बजे रायपुर पहुंचेंगे। वहीं अग्निपथ योजना को लेकर 27 जून को सभी विधानसभा में कांग्रेस की बड़ी रैली आयोजित कर कांग्रेस द्वारा विरोध प्रकट किया जाएगा।

सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि अग्निपथ योजना के विरोध में 27 जून को पूरे देश में सभी विधानसभा में बड़ी रैली निकाली जाएगी। अग्निपथ योजना के माध्यम से नौजवानों के साथ छल किया जा रहा है। देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी में अक्सर होता यह है कि दादा-नाना बनने के बाद रिटायरमेंट होती है, लेकिन अब तो शादी से पहले ही रिटायरमेंट हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना सोचे समझे कोई भी वादे किए जा रहे हैं और देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

राहुल गांधी से छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं की मुलाकात पर सीएम बघेल ने कहा कि 5 दिन ईडी की पूछताछ राहुल गांधी से आज उनकी मुलाकात हुई। बिना एफआईआर के ईडी राहुल से पूछताछ कर रही है, जो इनलीगल है।

KORBA: न्याय के लिए दर-दर भटक रही पीड़िता… कलेक्टर के जन चौपाल से जगी न्याय की उम्मीद…

कोरबा। न्याय पाने दर-दर भटक रही महिला ने कलेक्टर के जन चौपाल में शहर के प्रतिष्टित हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। हमेशा की तरह कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने एक बार फिर संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मामले में त्वरित कार्रवाई करने का निर्दश पुलिस को दिया है। कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

बता दें कि न्यू कोरबा हॉस्पिटल के लैब एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर की लापरवाही की वजह से एक व्यक्ति की असमय मौत हुई। मामला कोरोना टेस्ट  रिपोर्ट से जुड़ा है कोविड काल में आपदा को अवसर समझने वाली लैब संचालिका ने कोरोना टेस्ट के बाद रिपोर्ट देने में देरी की और सही समय पर उपचार न होंने के कारण से दिलेश्वर प्रसाद साहू की असमय मौत हो गई। इस मामले में दिवंगत दिलेश्वर प्रसाद साहू की पुत्री कुसुमलता साहू ने न्यायालय में परिवाद दायर कर लापरवाही बरतने वाले लैब की संचालिका श्रीमती वंदना चंदानी पर कार्रवाई की मांग की थी।

पीड़ित पक्ष का तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने प्रकरण को संज्ञेय अपराध मानते हुए एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर की संचालिका सहित 2 अन्य पर अपराध दर्ज करने का निर्देश सी.एस.ई.बी. चौकी को दिया था। प्रस्तुत परिवाद में आरोपीगण के विरुद्ध धारा – 468, 471, 188, 201 व 304(क) भा.द.सं. के अंतर्गत कार्यवाही करने की मांग परिवादिनी द्वारा किए जाने पर अति. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, पीठासीन विद्वान न्यायाधीश श्री आर. एन. पठारे ने दिनांक – 22.03.2022 को अपने आदेश में लिखा था कि तथ्य से प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का होना दर्शित होता है। उन्होंने अपने आदेश में CSEB चौकी पुलिस को FIR पंजीबद्ध कर कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया था।

कोर्ट के आदेश को महीनों बीतने के बाद भी लैब संचालिका पर न तो एफ.आई.आर. हुई है और न ही किसी तरह की कोई कार्यवाही । उल्लेखनीय है डॉ. बी.बी. बोर्डे ने प्रकरण की जांच के लिए नर्सिंग होम एक्ट प्रभारी सहित दो डॉक्टरों की एक जांच टीम गठित की थी। जांच टीम रिपोर्ट सौंप चुकी है। लैब द्वारा भी अपना पक्ष रखा जा चुका है। आवेदिका का भी कथन अंकित किया जा चुका है।

मतलब साफ है पुलिस लैब संचालिका के प्रभाव में आ गई है। अब एक बार फिर पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाते हुए कलेक्टर जन चौपाल में आवेदन लगाया था। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित निराकरण कार्यवाही करने का निर्देश पुलिस को दिया है।

 

वर्सन

परिवादिनी श्रीमती कुसुमलता साहू ने बताया कि जन-चौपाल में कोरबा पुलिस को इस प्रकरण में कार्यवाही करने के लिए कलेक्टर मैडम ने निर्देशित किया है। परिवादिनी का आगे कहना है कि इस बार कारवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री के कोरबा आगमन पर अपनी बात उनके समक्ष रखूंगी।