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बिग ब्रेकिंग: 10 हजार की रिश्वत लेता पकड़ा गया रेंजर निकला करोड़ों का आसामी, कैश देख ACB अधिकारियों की खुली रह गईं आंखें

न्यूज डेस्क। पुराने फर्नीचर को शहर ले जाने की अनुमति देने के एवज में bribe of 10 thousand 10 हजार की रिश्वत लेते एसीबी ने रेंजर और उसके कर्मचारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बाद में जब एसीबी ने आरोपी रेंजर के सरकार आवास की तलाशी ली तो उसके आवास से 99 लाख 2 हजार 540 रुपए नकद बरामद हुए।

मामला झारखंड में पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर में पदस्थापित वन क्षेत्र पदाधिकारी का है। एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार मनोहरपुर के गणेश प्रमाणिक ने पुराने फर्निचर को जमशेदपुर ले जाने की अनुमति के एवज में 10 हजार रुपये घूस मांगे जाने की शिकायत की थी। इसकी शिकायत गणेश प्रमाणिक ने एसीबी से की।

एसीबी ने मामले के सत्यापन के बाद आरोप को सही पाया है और योजनाबद्ध तरीके से मनोहरपुर के कोयना प्रक्षेत्र, पोड़ाहाट, आनंदपुर एवं सोंगरा चक्रधरपुर के वन क्षेत्र पदाधिकारी विजय कुमार तथा उनके कंप्यूटर ऑपरेटर मनीष पोद्दार को घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।

इसके बाद एसीबी की टीम ने उनके सरकारी आवास की तलाशी, तो वहां से 99 लाख 2 हजार 540 रुपए नकद बरामद किये गए। एसीबी की टीम दोनों को गिरफ्तार कर जमशेदपुर ले गई, जहां अदालत में पेश करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

Breaking: सुपर-4 में पहुंची टीम इंडिया… इंडोनेशिया को 16-0 से हराया…

जकार्ता। भारतीय हॉकी टीम ने एशिया कप Asia Cup Hockey के अपने आखिरी पूल मैच में इंडोनेशिया को 16-0 के बड़े अंतर से हराकर सुपर-4 में प्रवेश कर लिया है।

दिप्सन तिर्की ने दागे सबसे ज्यादा गोल

भारत की ओर से सबसे ज्यादा गोल दिप्सन तिर्की ने दागे। उनकी स्टिक से 41वें, 46वें, 58वें और 58वें मिनट में गोल आए। इनमें से पहला पेनाल्टी स्ट्रोक पर और बाकी पेनाल्टी कॉर्नर पर आए।

उनके अलावा बी. सुदेव ने 44वें, 45वें और 54वें मिनट में फील्ड गोल करते हुए हैट्रिक जमाई। एसवी सुनील ने 18वें में पेनाल्टी कॉर्नर और 23वें मिनट में फील्ड गोल किया। सेल्वम ने 39वें और 55वें मिनट में फील्ड गोल दागे। राजभार पवन ने 9वें और 10वें मिनट में गोल कर भारत का खाता खोला। उनके बाद उत्तम सिंह ने 13वें मिनट में फील्ड गोल दागा।

BJP प्रदेश प्रभारी ने कांग्रेस पर बोला हमला…कहा केंद्र की पैसों से चल रही…

रायपुर। बीजेपी की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी (BJP’s state in-charge D Purandeshwari) गुरुवार को रायपुर पहुंचीं। माना एयरपोर्ट पर मीडिया के सामने प्रदेश की कांग्रेस सरकार (CM Bhupesh Baghel) पर जमकर निशाना साधा।

डी पुरंदेश्वरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोई भी विकास कार्य नहीं हो रहा। यहां वही काम हुए हैं जिनके लिए केंद्र से फंड दिए हैं। इसके अलावा जो भी विकास हुआ है वो पिछली भाजपा के सरकार के वक्त ही हुआ है। कांग्रेस की वजह से छत्तीसगढ़ का विकास रुक गया है।

मोदी के चेहरे पर चुनाव की तैयारी

इसके बाद डी पुरंदेश्वरी ने कुभाभाऊ ठाकरे परिसर जाकर बैठक ली। इस बैठक में प्रदेश भाजपा के तमाम नेता मौजूद रहे। डी पुरंदेश्वरी ने स्थानीय नेताओं के प्रदेश के हर गांव, कस्बे, शहर और जिले का दौरा करने को कहा है। पुरंदेश्वरी ने संगठन पदाधिकारियों से कहा ​कि मोदी सराकर के 8 साल पूरे हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता गांव-गांव जाकर लोगों को केंद्र सरकार के काम बताएंगे।

0-इस एजेंडा पर करेंगे काम

अब डी पुरंदेश्वरी ने तय किया है कि महिला कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी की महिलाओं के साथ बातचीत करेगी। मोदी सरकार के कामों को बताएगी। एसटी मोर्चा बिरसामुंडा को लेकर रैली आयोजित करेगा।

अल्पसंख्यक मोर्च द्वारा केंद्र की योजनाओं को लेकर पर्चा बांटेगी, बाबा साहब अम्बेडकर को लेकर प्रचार प्रसार होगा। पुरंदेश्वरी ने कहा कि 8 सालों का हम जश्न नहीं मनाएंगे बल्कि सेवा सुशासन और गरीब कल्याण के काम होंगे।

KORBA: कलेक्टर रानू साहू की धुंवाधार कार्यशैली से कोरकोमा में आज 9,728 ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं का हुआ निदान..ननकीराम कंवर भी रहे उपस्थित

कोरबा ।सरकार तुंहर द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखण्ड कोरबा के ग्राम पंचायत कोरकोमा में वृहद समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में एक ही दिन में नौ हजार 728 लोगों को फौती, नामांतरण, राशन कार्ड, पेंशन, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड आदि शिविर स्थल में ही बनाकर ग्रामीणों को दी गई।


शिविर में रामपुर क्षेत्र के विधायक  ननकीराम कंवर एवं कलेक्टर श्रीमती रानू साहू शामिल हुई। विधायक श्री कंवर ने शिविर में शामिल जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न विभागों के स्टालों का अवलोकन किया। उन्होने दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र, महिला समूहों को ऋण का चेक, किसानों को कृषि उपकरण, मछली जाल, किसान क्रेडिट कार्ड, ई-श्रमिक कार्ड आदि प्रदान किये।


इस दौरान कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने कहा कि सरकार तुहंर द्वार कार्यक्रम के तहत् जिला प्रशासन लोगो के घर-घर तक पहुंचकर सर्वे कर नागरिको के विभिन्न समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होने कहा कि नागरिकों को पहले छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए भी दूर-दूर तक जाकर कार्यालयों के चक्कर काटने पडते थे। अब शिविर के माध्यम से एक ही जगह पर सभी शासकीय सेवाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होने कहा कि राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र आदि के लिए बार-बार कार्यालय जाना नही पडता। इन सभी दस्तावेजों को शिविर स्थल मे ही बनाकर दिया जा रहा है। शिविर स्थल मे ड्राइविंग लाइसेंस भी बना कर दिया जा रहा है। जिससे जिला कार्यालय जाने से मुक्ति मिल गयी है। शिविर में मेडिकल बोर्ड द्वारा दिव्यांगजनो को दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बना कर दिया जा रहा है। इससे दिव्यांगजन शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से ले पायेगे।

 

कलेक्टर श्रीमती साहू ने कहा कि नागरिकों को लाभान्वित करने पूरी जिला प्रशासन की टीम लगी हुई है। जनहित में सुशासन को सार्थक करते हुए लोगो को लाभान्वित किया जा रहा है। इस दौरान पूर्व विधायक  श्यामलाल कंवर, जनप्रतिनिधि सुरेन्द्र प्रताप जायसवाल, जिला पंचायत सीईओ  नूतन कंवर, एस.डी.एम. कोरबा  हरिशंकर पैकरा आस-पास पंचायतों के सरपंच गण, समस्त विभागीय अधिकारीगण सहित भारी संख्या में नागरिकगण मौजूद रहे।

सरकार तुहंर द्वार कार्यक्रम में 20 पंचायतों के नौ हजार से अधिक लोग हुए लाभान्वित-  कोरकोमा में आयोजित सरकार तुहंर द्वार कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों के राशन, पेंशन, मजदूर कार्ड आदि से संबंधित लंबित प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया गया।

शिविर के पहले नागरिकोे से उनकी समस्याओं से संबंधित घर-घर सर्वे करके आवेदन लिए गए थे। आवेदनों के निराकरण पश्चात सेवाओं के दस्तावेजों को शिविर स्थल में ही ग्रामीणों को दिए गए। समाधान शिविर में कोरकोमा क्लस्टर के अंतर्गत 20 ग्राम पंचायतों के नौ हजार 728 नागरिकगण सेवाओं का लाभ लिए। शिविर में विभागों द्वारा विभिन्न प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई गई।

शिविर स्थल में राजस्व विभाग के अंतर्गत मुआवजा प्रकरण, वनाधिकार पट्टे का वितरण, फौती नामांतरण, किसान किताब, सीमांकन एवं डिजिटल हस्ताक्षरित बी-1 वितरण आदि के 5596 प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिला पंचायत मनरेगा के अंतर्गत 5 हितग्राहियों को मातृत्व भत्ता एवं 13 हितग्राहियों का जॉब कार्ड बनाकर दिया गया। गोधन न्याय योजना अंतर्गत गोबर खरीदी से 316 हितग्राहियों को राशि का भुगतान, खाद उत्पादन से 15 स्व. सहायता समूहो को राशि का भुगतान किया गया। एन.आर.एल.एम. अंतर्गत आरएफ, सीआईएफ, बैंक लिंकेज, टी सर्ट एवं टोपी एवं बैग वितरण, टेबलेट वितरण के माध्यम से कुल 186 हितग्राही लाभान्वित हुए।

इसी प्रकार स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 72 हितग्राहियों को शौचालय निर्माण प्रोत्साहन राशि दी गई है। इस प्रकार जिला पंचायत अंतर्गत एक हजार 607 हितग्राही लाभान्वित हुए। समाज कल्याण विभाग द्वारा 31 हितग्राहियों को दिव्यांग उपकरण, 289 लोगो को सामाजिक सहायता पेंशन एवं 10 हितग्राहियों को राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना अंतर्गत लाभान्वित किया गया। खाद्य विभाग अंतर्गत एक हजार 102 हितग्राहियों के नवीन राशन कार्ड, राशन कार्ड में संशोधन, नामिनी सुविधा एवं दिव्यांग, बुजुर्गाे का राशन कार्ड निर्माण किया गया।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा 55 लोगो का दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाया गया, 31 गंभीर बीमारी से पीडित मरीज का चिन्हाकन, साथ ही आयुष्मान कार्ड, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं औषधि वितरण, चश्मा वितरण, हेल्थ आई कार्ड, जेएसवाई भुगतान, स्किलसेल जांच एवं उपचार, एएनसी चेकअप, लेपरोसी केश, टीबी केश, सीवियर एनिमिक, दिव्यांग राशन कार्ड के तहत कुल 533 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। आदिवासी विभाग अंतर्गत स्थायी जाति और निवास प्रमाण तथा छात्रावास-आश्रमों मंे प्रवेश के तहत कुल 119 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया। श्रम विभाग के अंतर्गत 214 हितग्राही पंजीयन किया गया।

कृषि विभाग द्वारा 582 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, मक्का बीज, स्प्रेयर, पावर वीडर, अउर्जीकृत पंप, सामूहिक नलकूप खनन, विद्युत पंप का वितरण किया गया। शिक्षा विभाग द्वारा 63 जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, 21 बच्चों को आवश्यक उपकरण वितरण किया गया। पशुधन विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को मिनरल मिक्चर वितरण किया गया। मछली पालन विभाग द्वारा 10 हितग्राहियों को आईसबाक्स का वितरण किया गया। इसी प्रकार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 32, सहकारिता विभाग द्वारा 104, कौशल विभाग द्वारा 9, महिला बाल विकास विभाग द्वारा 230, क्रेडा विभाग द्वारा 10 एवं उद्यान विभाग द्वारा 33 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। बिजली विभाग द्वारा 128 लोगों को लाभान्वित किया गया।

सीजी खबरों की खबर: इस दिग्गज नेता को छत्तीसगढ़ कोटे से राज्यसभा में भेजने पर मंथन, कपिल सिब्बल के पार्टी छोड़ने की बाद बढ़ी उम्मीद

रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में जून माह में रिक्त होने वाली राज्यसभा (Rajya Sabha elections) की दो सीटों के लिए उम्मीदवारों के चयन पर अभी सस्पेंस बरकरार है। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा (Senior Advocate Vivek Tankha) को छत्तीसगढ़ कोटे से राज्यसभा में भेजा जा सकता है।

ये कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं कि पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) के कांग्रेस छोड़ने के बाद पार्टी किसी सीनियर एडवोकेट को राज्यसभा में भेजना चाहती है। वहीं छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का दूसरा चेहरा कौन होगा इस पर एक दो दिन में तस्वीर पूरी तरह से साफ हो जाएगी।

प्रियंका गांधी के नाम पर भी विचार जारी

बता दें कि इससे पहले कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) को छत्तीसगढ़ कोटे से राज्यसभा में भेजने पर की बात सामने आई थी, हालांकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) भी कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी से प्रियंका गांधी वाड्रा को छत्तीसगढ़ कोटे से राज्यसभा में भेजे जाने की वकालत कर चुके हैं, पर बताया जा रहा है कि इस मामले में अंतिम निर्णय प्रियंका गांधी ही लेंगी।

फिलहाल राज्य सभा चुनाव को लेकर राजधानी रायपुर से दिल्ली तक हलचल तेज हो गई है। बता दें कि छत्तीसगढ़ में जून में दो सीटें खाली हो रही हैं। विधानसभा में कांग्रेस के 70 विधायक हैं। अब ये सीटें कांग्रेस को मिलेंगी।

अभिजीत पति की अध्यक्षता में फिक्की छत्तीसगढ़ राज्य परिषद की हुई बैठक…कहा कि हमें एक प्रतिष्ठित संघ के सदस्यों के रूप में…

रायपुर। उद्योग संगठन फिक्की की छत्तीसगढ़ राज्य परिषद की वित्त वर्ष 22-23 की पहली बैठक संपन्न हुई। शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक तथा छत्तीसगढ़ राज्य परिषद फिक्की के वर्तमान अध्यक्ष अभिजीत पति ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य सदस्यों द्वारा राज्य स्तर पर महत्वपूर्ण औद्योगिक मुद्दों के समाधान के संबंध में निकाय और कार्यप्रणाली को मजबूत करने के पहलुओं पर चर्चा करने और विचार-विमर्श करने के लिए मंथन सत्र आयोजित करना था।

इस कार्यक्रम में जिंदल स्टील एंड पावर के एवीपी यूपी सिंह और जीएम सुयश शुक्ला, एमएचआईडीपीएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर शेखर सुभेदार, एसबीटी टेक्सटाइल्स के डायरेक्टर विक्रम जैन और एमएचआईडीपीएल के सीईओ श्री आर बी ई राव, यूआरएलए इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विन गर्ग, आईबी ग्रुप के ग्रुप सीएफओ मनीष आहूजा एवं ट्रेजरी हेड असीम आहूजा, एमएचआईडीपीएल के राजन पांडे और शालीन राव, उप निदेशक एवं फिक्की छत्तीसगढ़ प्रमुख ने शिरकत की।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक तथा छत्तीसगढ़ राज्य परिषद फिक्की के वर्तमान अध्यक्ष अभिजीत पति ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमें एक प्रतिष्ठित संघ के सदस्यों के रूप में राज्य में फिक्की की उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में सरकार के साथ सामंजस्य बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करना चाहिए। राज्य के विभिन्न उद्योगों के सामने आने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों की पहचान और चर्चा करने का फिक्की एक मंच है। हम सभी को इस मंच के माध्यम से राज्य और राष्ट्र के औद्योगिक विकास की दिशा में मिलकर आगे बढ़ना है। हमारे उद्देश्यों को राज्य सरकार के साथ सक्रिय भागीदारी और नीतिगत सुधारों में सरकार का समर्थन कर राज्य में व्यावसायिक गतिविधियों की आसानी के लिए औद्योगिक सुझाव प्रदान कर समर्थन प्राप्त किया जा सकता है। हमें जिम्मेदार निकाय के रूप में सरकार को संभावित निवेश के स्रोत की पहचान करने में भी मदद करनी चाहिए जिससे महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान हो सके। प्रमुख औद्योगिक विषयों के संबंध में अपनी बात रखने के अलावा हमारी जिम्मेदारी है कि राज्य के समग्र विकास के लिए एमएसएमई क्षेत्र को समर्थन और बढ़ावा दें। मुझे विश्वास है कि हमारे सामूहिक प्रयासों से लक्ष्यों की प्राप्ति की जा सकती हैं।”

श्री पति ने सदस्य इकाइयों के साथ-साथ छोटी कार्यकारी समितियों के गठन और उनकी लगातार बैठकों पर भी जोर दिया। समितियां मुद्दों की समीक्षा कर सरकार से जरूरी मामलों पर चर्चा करने के लिए मिल सकती हैं। उन्होंने यह कहते हुए निष्कर्ष निकाला कि अधिक जीवंतता, पहल और राज्य के औद्योगिक ताने-बाने को सुदृढ़ करने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र के साथ दृढ़ विश्वास से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

फिक्की छत्तीसगढ़ परिषद के पूर्व अध्यक्ष एवं जेएसपीएल के अध्यक्ष प्रदीप टंडन का प्रतिनिधित्व करते हुए यूपी सिंह ने कहा कि एक केंद्रित दृष्टिकोण के साथ विभिन्न संगठनों और इकाइयों के विशेषज्ञ सदस्य- खनन, वन और पर्यावरण मंजूरी, परिवहन और अन्य प्रासंगिक क्षेत्र के विशेषज्ञ समिति का हिस्सा बन सकते हैं। अश्विन गर्ग ने कहा कि संघ, उद्योग और सरकार के बीच एक सेतु का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2019-24 बनाते समय सरकार ने राज्य के सभी प्रमुख उद्योग संघों से सुझाव मांगे हैं। उन्होंने आगे कहा कि सदस्य इकाइयों को प्रेरित करने के लिए फिक्की छत्तीसगढ़ परिषद द्वारा सामूहिक रूप से स्थानीय मुद्दों को उठाया जा सकता है, जिसे बाद में एक दस्तावेजी साक्ष्य के रूप में संबंधित सरकारी विभाग के समक्ष रखा जा सकता है। आर बी ई राव ने राज्य भर में कोल्ड स्टोरेज की कमी का मुद्दा उठाया। विक्रम जैन ने अर्थव्यवस्था के विकास में एमएसएमई के महत्व और कपड़ा उद्योगों से संबंधित स्थानीय मुद्दों को संबोधित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। मनोज आहूजा ने मौजूदा चुनौतियों को सामूहिक रूप से हल करने पर जोर दिया।

ब्रेकिंग: पश्चिम बंगाल में राज्यपाल नहीं मुख्यमंत्री होंगी चांसलर, ममता सरकार का बड़ा फैसला

कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की ममता बनर्जी (CM Mamta Banerjee) की सरकार ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कहा है कि राज्य में अब राज्यपाल विश्वविद्यालयों (cm will be Chancellor, not Governor) के चांसलर नहीं होंगे। उनकी जगह मुख्यमंत्री विश्वविद्यालयों की चांसलर होंगी।

शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने यह जानकारी दी  देते हुए मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री को राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति बनाने वाले विधेयक को बंगाल मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। विधानसभा में इससे संबंधित बिल लाया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने वेश्यावृत्ति को माना पेशा, अब परेशान नहीं कर सकेगी पुलिस, जारी हुए सख्त निर्देश

न्यूज डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की पुलिस को आदेश दिया है कि उन्हें सेक्स वर्कर्स के काम में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. कोर्ट ने सेक्स वर्क को प्रोफेशन मानते हुए कहा कि पुलिस को वयस्क और सहमति से सेक्स वर्क करने वाले महिलाओं पर आपराधिक कार्रवाई नहीं करनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सेक्स वर्कर्स भी कानून के तहत गरिमा और समान सुरक्षा के हकदार हैं. सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एल नागेश्वर राव, बीआर गवई और एएस बोपन्ना की बेंच ने सेक्स वर्कर्स के अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में 6 निर्देश जारी करते हुए कहा कि सेक्स वर्कर्स भी कानून के समान संरक्षण के हकदार हैं.

तो पुलिस को कार्रवाई से बचना चाहिए…

बेंच ने कहा, जब यह साफ हो जाता है कि सेक्स वर्कर वयस्क है और अपनी मर्जी से यह काम कर रही है, तो पुलिस को उसमें हस्तक्षेप करने और आपराधिक कार्रवाई करने से बचना चाहिए. कोर्ट ने कहा, इस देश के प्रत्येक व्यक्ति को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सम्मानजनक जीवन का अधिकार है. कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि जब भी पुलिस छापा मारे तो सेक्स वर्कर्स को गिरफ्तार या परेशान न करे, क्योंकि इच्छा से सेक्स वर्क में शामिल होना अवैध नहीं है, सिर्फ वेश्यालय चलाना गैरकानूनी है.
कोर्ट ने कहा, एक महिला सेक्स वर्कर है, सिर्फ इसलिए उसके बच्चे को उसकी मां से अलग नहीं किया जाना चाहिए. मौलिक सुरक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन का अधिकार सेक्स वर्कर और उनके बच्चों को भी है. अगर नाबालिग को वेश्यालय में रहते हुए पाया जाता है, या सेक्स वर्कर के साथ रहते हुए पाया जाता है तो ऐसा नहीं माना जाना चाहिए कि बच्चा तस्करी करके लाया गया है.

सेक्स वर्कर्स को यौन उत्पीड़न पर तुरंत मदद दिलाई जाए

कोर्ट ने कहा, अगर किसी सेक्स वर्कर के साथ यौन उत्पीड़न होता है, तो उसे कानून के तहत तुरंत मेडिकल सहायता समेत यौन हमले की पीड़िता को उपलब्ध होने वाली सभी सुविधाएं मुहैया कराई जानी चाहिए. कोर्ट ने कहा, यह देखा गया है कि सेक्स वर्कर्स के प्रति पुलिस क्रूर और हिंसक रवैया अपनाती है. यह इस तरह है कि एक ऐसा वर्ग भी है, जिनके अधिकारों को मान्यता नहीं मिली है. पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सेक्स वर्कर के अधिकारों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए.

कोर्ट ने कहा, सेक्स वर्कर्स को भी नागरिकों के लिए संविधान में तय सभी बुनियादी मानवाधिकारों और अन्य अधिकारों का हक है. बेंच ने कहा, पुलिस को सभी सेक्स वर्कर्स से सम्मान के साथ व्यवहार करना चाहिए और उन्हें मौखिक या शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार नहीं करना चाहिए. न ही उन्हें किसी भी यौन गतिविधि के लिए मजबूर करना चाहिए.

मीडिया के लिए भी जारी किए निर्देश

इतना ही नहीं कोर्ट ने कहा कि प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से उचित दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की जानी चाहिए, ताकि गिरफ्तारी, छापे या किसी अन्य अभियान के दौरान सेक्स वर्कर्स की पहचान उजागर न हो, चाहे वह पीड़ित हो या आरोपी. साथ ही ऐसी किसी भी तस्वीर का प्रसारण न किया जाए, जिससे उसकी पहचान सामने आए.

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को शेल्टर होम के सर्वे कराने का निर्देश दिया है, ताकि जिन वयस्क महिलाओं को उनकी इच्छा के विरुद्ध हिरासत में लिया गया है, उनकी समीक्षा की जाए और समयबद्ध तरीके से रिहाई के लिए कार्रवाई हो सके. कोर्ट ने कहा, सेक्स वर्कर्स अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर जिन चीजों का इस्तेमाल करती हैं, उन्हें आपराधिक साम्रगी न माना जाए और न ही उन्हें सबूत के तौर पर पेश किया जाए.

सेक्स वर्कर्स की परेशानियों को लेकर दायर याचिका पर हुई सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश सेक्स वर्कर्स के पुनर्वास को लेकर बनाए गए पैनल की सिफारिश पर दिए. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट कोरोना के दौरान सेक्स वर्कर्स को आई परेशानियों को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था.

इस दौरान कोर्ट ने सरकारों और लीगल सर्विस अथॉरिटी से सेक्स वर्कर्स के लिए वर्कशॉप का आयोजन कराने के लिए कहा, ताकि उन्हें उनके अधिकारों के बारे में पता चल सके कि उन्हें कानून के तहत क्या अनुमति है और क्या नहीं. सेक्स वर्कर्स को यह भी बताया जा सकता है कि कैसे वे अपने अधिकारों के लिए न्यायिक प्रणाली तक पहुंचकर तस्करों और पुलिस के हाथों उत्पीड़न को रोक सकती हैं. बेंच ने कहा कि इस देश में प्रत्येक व्यक्ति को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सम्मानजनक जीवन का अधिकार है.

राजस्थान में ब्लैकआउट की स्थिति का डर…आरआरवीयूएनएल के सीएमडी ने कलेक्टर से की अविलंब खदान शुरू करवाने की मांग…

0 राजस्थान में कोयले की किल्लत के चलते अंधकार की स्थिति निर्मित न हो, इस उद्देश्य से राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल ) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर आर के शर्मा ने सरगुजा प्रवास पर जिला मुख्यालय अंबिकापुर का का दौरा किया

 

अंबिकापुर। राजस्थान में कोयले की किल्लत के चलते अंधकार की स्थिति निर्मित न हो, इस उद्देश्य से राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल ) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर आर के शर्मा ने सरगुजा प्रवास पर जिला मुख्यालय अंबिकापुर का का दौरा किया।

उन्होंने सरगुजा कलेक्टर संजीव कुमार झा तथा पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता और सूरजपुर कलेक्टर इफ्फत आरा से सौजन्य मुलाकात कर राजस्थान राज्य के बिजली संयंत्रों में कोयले की कमी से उत्पन्न होने वाली बिजली कटौती से अंधकार की स्थिति की समस्या पर विस्तार से चर्चा की।

“उन्होंने श्री झा से परसा इंस्ट केले बासेन (पीईकेबी), खदान के दूसरे चरण और परसा खदान की सभी अड़चनों को दूर कराकर जल्द से जल्द खनन शुरू करने में सहायता के लिए अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि राजस्थान राज्य में उपस्थित लगभग 4340 मेगावॉट के ताप विद्युत संयंत्रों में अब कुछ ही दिनों का कोयला शेष बचा है और अगर कोल आपूर्ति समय पर नहीं हुई तो ब्लैकआउट की स्थिति भी निर्मित हो सकती है। आरआरवीयूएनएल के तीनों खदान पीईकेबी, परसा और केते एक्सटेशन में से फिलहाल पीईकेवी में ही कोयला उत्पादन जारी है वहीं अन्य दो की प्रक्रियाओं में अभी कई अड़चनों के कारण खनन शुरू नहीं हो पा रहा है।

पीईकेबी खदान के प्रथम चरण में कुछ ही दिनों का कोयला बचा है और अब तक दूसरा चरण शुरू न हो पाने की स्थिति में राजस्थान के विज मंत्री को खुद की खदान से मिलने वाला सालाना 150 टन ईंधन मिलना बंद हो जाएगा। जिला कलेक्टर और अन्य उच्च अधिकारियों को मिलने के बाद, सीएमडी श्री शर्मा ने पत्रकारों को दिए जवाब में साफ कर दिया कि राजस्थान को छत्तीसगढ़ राज्य और केंद्र सरकार से जरूरी सारी अनुमति मिल गयी है। कुछ लोगों द्वारा इसका विरोध किये जाने की वजह से हमारे परसा ईस्ट के द्वितीय फेज और परसा कोल ब्लॉक के लिए मिली सभी कानूनी अनुमतियों के बाद भी खनन शुरू नहीं हो पा रहा है। इसलिए उन लोगों को उचित माध्यमों से वार्तालाप करके समझाना चाहिए। पीईकेबी खदान के द्वितीय फेज के खनन की अनुमति मार्च 25 को प्रदान की गयी है और अगर राजस्थान के 4340 मेगावाट के यूनिटों के लिए जून के प्रथम सप्ताह तक कोयला नहीं मिल पाया तो राजस्थान में अंधकार की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अत: इसे जल्द ही शुरू कराने हेतु कलेक्टर से अनुरोध किया है।

श्री शर्मा ने कहा कि कुछ लोग आदिवासियों को गुमराह कर रहे हैं, हम पर्यावरण के दुश्मन नहीं है, हम जितना पेड़ काटेंगे, उससे 4 गुना पेड़ लगाएंगे।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बोल ने हाल ही राजस्थान के समर्थन में कहा था कि, देश को बिजली चाहिए तो कोयले की जरूरत तो पड़ेगी। कोयला वहीं है, जहां पहाड़ और जंगल है। जंगलों को बचाने के लिए नीतियां बनी है। वन विभाग उसे देखते हैं। उसके लिए वन अधिनियम है, पर्यावरण कानून है। उन नियमों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। पिछले सप्ताह, रायपुर हेलीपेड में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सुकमा रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने याद दिलाया था कि आज कोयले के लिए पैसेंजर ट्रेन को रोकना पड़ रहा है और देश के इतिहास में कभी ऐसा नहीं सुना गया।

• साल्ही में 100 बिस्तरों का अस्पताल खुलेगा

श्री शर्मा ने भरोसा दिलाया कि उनके राज्य की परियोनाओं से आदिवासियों का भी फायदा है। उन्होंने सूचित किया कि आरआरवीयूएनएल, 100 बिस्तरों का एक अस्पताल साल्ही में खोलने जा रहे है जिससे सभी स्थानीय निवासियों को नजदीक में ही अच्छी स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त होगी। वर्तमान में चल रहे विद्या मंदिर को कक्षा 12 तक की सुविधा मिलने जा रही है, आरआरवीयूएनएल के इन कदमों के साथ-साथ कई अन्य तरह के विकास कार्यों से सभी को बहुत फायदा मिलता रहेगा।

उल्लेखनीय है कि इस सिलसिले में राजस्थान की मुख्य सचिव उषा शर्मा द्वारा भी छत्तीसगढ़ में अपने समकक्ष अधिकारी अमिताभ जैन को पत्र के द्वारा घंटो बिजली कटौती की समस्या को बताते हुए सरगुजा जिले में आवंटित परसा कोल ब्लॉक से संबंधित सभी अड़चनों को शीघ्र दूर कराने का अनुरोध किया है।

रातों-रात चमक गयी इस महिला की किस्मत…जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

भोपाल। Key to Luck : कहते हैं देने वाला जब भी देता है, छप्पर फाड़कर देता है। ऐसा ही हुआ मध्य प्रदेश की एक महिला और उसके परिवार के साथ। यह महिला रातों रात लखपति बन गई। जी हां, ये किस्मत की चाबी मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की चमेली बाई के हाथ लगी है। इस महिला को खदान में 2 कैरेट से अधिक का एक हीरा मिला। अब इसे नीलाम करके वह लखपति बनने जा रही है। जानकारी के मुताबिक इस हीरे के एवज में महिला को करीब 25 से 30 लाख रूपये मिलेंगे।

पन्ना स्थित हीरा कार्यालय के अधिकारी अनुपम सिंह ने बुधवार को इस विषय में जानकारी दी। अनुपम ने बताया कि मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के इंटवाकला गांव की चमेली बाई ने कृष्णा कल्याणपुर पटी की उथली खदान को पट्टे पर ले रखी है।

और खुल गया किस्मत कनेक्शन
इस खदान में काम (Key to Luck) करने के दौरान उसे 2.08 कैरेट का हीरा मिला। यह जेम्स क्वालिटी का हीरा बताया जा रहा है। इसकी बाजार में अच्छी डिमांड रहती है। इस दुर्लभ हीरे की अनुमानित कीमत करीब दस लाख रुपए आंकी जा रही है। मंगलवार को चमेली बाई ने इस हीरे को पन्ना स्थित हीरा कार्यालय में जमा करवाया है। अब विभाग इस हीरे को आने वाली नीलामी में नीलाम करेगा। नियमानुसार नीलामी में मिली राशि से बारह प्रतिशत रॉयल्टी काटकर शेष राशि हीरा खोजने वाले शख्स को दे दी जाएगी। ऐसे में चमेली बाई को नीलामी में मोटी रकम हासिल होगी।

सपना हो जाएगा सच
हीरा मिलने (Key to Luck) और अब इसकी अनुमानित राशि का पता चलने पर चमेली बाई और उनके पति अ​रविंद सिंह बेहद खुश हैं। उनके लिए यह सपना सच होने जैसा है। अ​रविंद सिंह का कहना है कि नीलामी से जो राशि प्राप्त होगी उससे अब वे अपने सपनों का घर बनवा सकेंगे। आपको बता दें कि पन्न जिला देश में हीरों की नगरी के नाम से मशहूर है। यहां अक्सर खदानों में लोगों को हीरे मिलते हैं। इस बार इस हीरे से करीब 25-30 लाख मिलेंगे।