नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में Corona in Delhi कोरोना के नए मामलों में वृद्धी जारी है और ore than 1000 corona patients were found लगातार सातवें दिन 1000 से अधिक मरीज सामने आए। गुरुवार को दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,367 नए मामले सामने आए जबकि दो मरीज की मौत हो गई।
इस अवधि में संक्रमण दर 4.62 प्रतिशत दर्ज की गई। आज आए आंकड़ों के साथ ही राजधानी में सक्रिय मरीजों की संख्या 5250 हो गई है। इसके अलावा, बीते 24 घंटों के दौरान 1070 लोगों को छुट्टी दी गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट Chhattisgarh High Court ने रेडी-टू-ईट ready-to-eat case मामले में फैसला सुनाते हुए राज्य शासन द्वारा बनाई गई व्यवस्था को सही माना और कहा कि इससे आहार की गुणवत्ता बेहतर होगी। सुनवाई के बाद जस्टिस आरसीएस सामंत ने महिला स्व सहायता समूहों की ओर से दायर 287 याचिकाओं को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब रेडी-टू-ईट उत्पादन का काम ऑटोमैटिक मशीन से कराने का रास्ता साफ हो गया इै। कोर्ट ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
बता दें कि इस मामले में हाईकोर्ट में अलग-अलग स्व सहायता समूह की ओर से करीब 287 याचिकाएं दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने 28 जनवरी को सुनवाई करते हुए शासन के आदेश पर रोक लगा दी थी और स्व सहायता समूह को आगामी सुनवाई तक बिना किसी बाधा के कार्य करने का आदेश दिया था।
छत्तीसगढ़ शासन ने अपने जवाब में कहा था कि छत्तीसगढ़ में चल रही रेडी टू ईट योजना से महिला स्व सहायता समूहों को पूरी तरह से बाहर नहीं किया गया है। वह इसका निर्माण कार्य नहीं करेंगी, लेकिन फूड का परिवहन और वितरण की जिम्मेदारी उनके ही पास रहेगी। इसे बनाने का जिम्मा राज्य सरकार ने राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम को सौंप दिया है। शासन ने तर्क दिया था कि इससे पोषण आहार की गुणवत्ता में सुधार होगा।
भाजपा ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा
बता दें कि भाजपा ने राज्य सरकार पर रेडी-टू-ईट पौष्टिक भोजन के निर्माण और वितरण में लगी महिला स्व सहायता समूहों का रोजगार छीनने का आरोप लगाते हुए विधानसभा में जमकर हंगामा किया था। विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, अजय चंद्राकर और शिवरतन शर्मा सहित अन्य भाजपा विधायकों ने इस मामले को उठाया था और चर्चा कराए जाने की मांग की थी।
इस मामले को लेकर विपक्ष लगातार भूपेश बघेल सरकार पर हमलावर रही है। विपक्ष ने महिलाओं से रोजगार छिनकर बाहर की कंपनी को काम देने का आरोप भी लगाया था।
कोरबा ।भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला महामंत्री नवीन पटेल ने प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ने नाम कलेक्टर कोरबा को ज्ञापन सौंपा है। जिसमे उन्होंने जिले में दो नवीन शासकीय महाविद्यालय खोलने की मांग की है।उन्होंने अपने आवेदन में लिखा है माननीय मुख्यमंत्री जी कोरबा शहर वैसे तो पूरे भारत में ही नहीं अपितु विश्व में एक अलग पहचान रखता है। कोरबा शहर को उर्जाधानी के नाम से भी लोग पहचानते हैं। कोरबा शहर लगातार विकास कर रहा है। पूर्व में यहां से शिक्षित छात्र छात्राएं शासकीय निजी प्रमुख कार्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन अफसोस की बात है कि कोरबा के छात्र छात्राओं को जहां अच्छी और उच्च शिक्षा की बात आती है तो दूसरे प्रदेशों का मुंह देखना पड़ता है। शहर जिस हिसाब से विकास कर रहा है साथ ही अन्य प्रदेशों से भी लोग यहां आ कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। जिन्हें अब अच्छी शिक्षा की जरूरत महसूस होती है तब वे मायूस हो जाते हैं। कोरबा शहर में जनसंख्या भी तेजी के साथ बढ़ रहा है। हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उनके बच्चे पढ़ लिख कर अपने साथ उनका भी नाम रोशन करें जिसके लिए अच्छी शिक्षा नितांत आवश्यक है।
उन्होंने आगे लिखा है उच्च शिक्षा के लिए शहर में मात्र 2 शासकीय महाविद्यालय हैं जिनमें से एक कन्या महाविद्यालय है। शहर में बच्चे एक मात्र महाविद्यालय में प्रवेश के समय देखा जाता है कि एक सीट के लिए आठ से 10 आवेदन जमा किए जाते हैं। कॉलेज में कम सीट होने की वजह से चयनित छात्र को छोड़कर शेष छात्र मायूस हो जाते हैं और उनके पास या तो स्वध्यायी छात्र की तरह या फिर निजी महाविद्यालयों में जाने का रास्ता बचता है। शहर के आसपास ग्रामीण और निचले तबके के लोग काफी संख्या में निवासरत है जो अच्छी शिक्षा की चाहत तो रखते हैं परंतु एकमात्र महाविद्यालय में इतने अधिक छात्रों को प्रवेश दे पाना संभव नहीं होता, अगर वह निजी महाविद्यालय जाते हैं तो भारी-भरकम फीस ली जाती हैं जिसे देने में वे सक्षम नहीं हो पाते और परिणाम स्वरूप उन्हें अपनी शिक्षा बीच में ही छोड़नी पड़ती है। कोरबा शहर में निवासरत ज्यादा से ज्यादा गरीब और प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्रदान की जाए इसके लिए अब आवश्यकता है कि इन दो शासकीय महाविद्यालयों को छोड़ कर दो नवीन शासकीय महाविद्यालय शहर के पास खोले जाएं।ताकि छात्रों को अच्छी शिक्षा कम खर्च पर मिल सके।प्रतिभाशाली और गरीब छात्रों को उज्जवल भविष्य प्रदान किया जा सके इसके लिए दो नवीन शासकीय महाविद्यालय खोले जाने की आपसे निवेदन है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान श्री पटेल के साथपूर्व गृहमंत्री छत्तीसगढ़ शासन व रामपुर विधायक ननकी राम कंवर, नगर पालिक निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष योगेश जैन ,झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक सतीश झा ,कोरबा नगर मंडल अध्यक्ष भाजपा परमिंदर सिंह ,कोसा बाड़ी मंडल भाजपा अजय विश्वकर्मा मौजूद थे।
नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण के बीच अब Adenovirus बच्चों को अपना शिकार बना रहा है,जो सीधे बच्चों के लीवर पर अटैक कर रहा है। इस बीमारी ने अब तक एक दर्जन से ज्यादा बच्चों की जान ले ली है। इस बीमारी में बच्चों को लीवर ट्रांसप्लांट (liver transplants) तक की जरूरत पड़ रही है।
इधर WHO ने बताया कि बीमारी का सही कारण अभी तक नहीं पता चल पाया है। हालांकि, विशेषज्ञ वायरस की पूरी रेंज से एक एडेनोवायरस (Adenovirus) का अध्ययन कर रहे हैं, जो सामान्य सर्दी समेत कई बीमारियों का कारण बनता है।
यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड, स्पेन, इजराइल, USA, डेनमार्क, आयरलैंड, नीदरलैंड, इटली, नॉर्वे, फ्रांस, रोमानिया और बेल्जियम में इस बीमारी के मामले सामने आए हैं।
पहली बार यहां मिले थे केस
अक्टूबर 2021 में अमेरिका के अलबामा अस्पताल से पहले कुछ मामले सामने आए थे, जब पांच बच्चों को लीवर खराब होने के कारण भर्ती कराया गया था। इसका कारण पूरी तरह से अज्ञात था।
इस महीने की शुरुआत में, WHO को स्कॉटलैंड में पहले से स्वस्थ बच्चों में लगभग 10 मामलों की जानकारी दी गई थी। तीन दिन बाद, यूके में 74 मामलों की पहचान की गई थी, अब तक 169 मामलों का पता चला है।
WHO ने हाल ही में एक बयान में कहा, “इस बात की आशंका है कि कारण सामने आने से पहले, इसके और ज्यादा केस सामने आएंगे। इसके लिए ज्यादा विशिष्ट नियंत्रण और रोकथाम उपायों को लागू किया जा सकता है।”
क्या हैं इसके सामान्य लक्षण
पेट में दर्द, दस्त और उल्टी के बाद पीलिया, त्वचा पर या आंखों का सफेद भाग पीला हो जाना, इस बीमारी के कुछ सामान्य लक्षणों में शामिल हैं। हेपेटाइटिस के दूसरे लक्षणों में थकान, भूख न लगना, गहरे रंग का पेशाब, हल्के रंग का मल और जोड़ों का दर्द शामिल हैं। लैब टेस्ट ने साफ तौर से हाई लीवर एंजाइम रीडिंग के साथ गंभीर लीवर की सूजन के लक्षण दिखाए हैं।
बीमारी का कारण
बीमारी के कारण अभी भी अज्ञात है। वर्तमान में, विशेषज्ञ एडेनोवायरस संक्रमण समेत संभावित वायरस की जांच कर रहे हैं। एडेनोवायरस से 74 बच्चे संक्रमित थे। इनमें से कुछ को Covid-19 भी था।
WHO ने एक बयान में कहा, यह संभव है कि गंभीर हेपेटाइटिस मौजूदा एक एडेनोवायरस संक्रमण का परिणाम है। हालांकि, ये दुर्बल भी है। अब टेस्टिंग में इसके ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।
हाल ही में Covid-19 महामारी के दौरान निचले स्तर तक गिरने के बाद, अब संक्रमण फिर बढ़ रहा है। यह अब छोटे बच्चों को ज्यादा संवेदनशील बना रहा है।
क्या है एडेनोवायरस
US CDC के अनुसार, एडेनोवायरस आम वायरस हैं, जो कई तरह की बीमारियों का कारण बनते हैं। इनमें सर्दी जैसे लक्षण, बुखार, गले में खराश, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया और दस्त शामिल हैं।
WHO के अनुसार, 50 से ज्यादा तरह के एडेनोवायरस हैं, जो मनुष्यों में संक्रमण का कारण बन सकते हैं। जबकि वे आमतौर पर सांस से जुड़े लक्षण पैदा करते हैं, वे गैस्ट्रोएंटेराइटिस, कंजंक्टिवाइटिस और ब्लैडर इन्फेक्शन भी पैदा कर सकते हैं।
कोरबा। शहर के टीपी नगर नया बस स्टेण्ड के पास धूमधूमकर नशीली इजेक्शन बचने के लिए ग्राहक की तलाश करते दो आरोपियों को चौकी सीएसईबी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एसपी भोजराम पटेल के निर्देश के बाद शहर में अवैध कारोबार चलाने वालों पर सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी गुरुवार को चौकी सीएसईबी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि टीपी नगर नया बस स्टेण्ड के पास दो लोग नशीली इजेक्शन बचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। इसकी सूचना आलाअफसरों को दी गई।
सूचना पर एसपी भोजराम पटेल, एएसपी अभिषेक वर्मा तथा नगर पुलिस अधीक्षक योगेश साहू के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक रामेन्द्र सिंह एवं चौकी प्रभारी सीएसइबी उप निरीक्षक नवल साव को आवश्यक दिशा निर्देश प्राप्त हुआ था।
वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त दिशा निर्देश के परिपालान में गुरुवार को पुलिस ने मुखबिर बताए जगह पर घेराबंदी कर पंकज शर्मा उम्र 38 साल निवासी बैगीनडभार और सुमित बेहरा उम्र 23 साल निवासी पथर्रीपारा चौकी रामपुर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास बैग में रखे 435 नग पेंटाजोसिन लैक्टेट इंजेक्शन रिडॉफ नशीली दवा की शीशी बरामद कर जप्ती की कार्यवाही की गई। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही कर जेल दाखिल कर दिया गया है।
उक्त कार्यवाही में चौकी प्रभारी सीएसईबी उप निरीक्षक नवल साव, सउनि आत्माराम कंवर, प्रआर साहेबलाल खटकर, आरक्षक देवनारायण कुर्रे एवं साईबर सेल कोरबा टीम की सराहनीय भूमिका रही है।
नई दिल्ली। पूर्व सीएम एवं मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने गुरुवार को पद से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि कमलनाथ के पास दो पद थे और कांग्रेस ने एक व्यक्ति एक पद के आधार पर उन्हें नेता विपक्ष के पद से हटाया है।
जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि इस नीति का पालन आगे भी किया जाता है तो ऐसे इस लिस्ट में अधीर रंजन चौधरी से लेकर रणदीप सुरजेवाला तक कई नेता हैं, जिन्हें किसी न किसी पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है।
2023 में मध्यप्रदेश में होने हैं विधानसभा चुनाव
साल 2024 आम चुनाव और इससे पहले कई राज्यों में इस साल और अगले साल तक विधानसभा चुनाव होने हैं। मध्यप्रदेश में भी साल 2023 में चुनाव होने हैं। साल 2022 में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार से सबक लेते हुए कांग्रेस पार्टी कुछ बड़ा करने के मूड में है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि एक व्यक्ति एक पद की पॉलिसी के आधार पर कांग्रेस हाईकमान आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में कमलनाथ को नेता प्रतिपक्ष पद से हटाया गया है।
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पद से कमलनाथ ने (Former CM Kamal Nath resigns as Leader of Opposition) इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह अब नेता प्रतिपक्ष होंगे। कांग्रेस महासचिव केसी वेणूगोपाल ने इसके आदेश जारी किए हैं।
बता दें कि कमल नाथ अब तक प्रदेश अध्यक्ष के साथ नेता प्रतिपक्ष की दोहरी ज़िम्मेदारी निभा रहे थे। कमल नाथ अब सिर्फ़ मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहेंगे।
कोरबा ।कोरोना वायरस (कोविड-19 ) के संक्रमण के प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार कोरबा जिले में भी निर्देश जारी कर दिए गए है। इस संबंध में कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने जरूरी निर्देश जारी किए है। जारी दिशा निर्देशानुसार सार्वजनिक स्थलो, कार्यालयों, अस्पतालों, बाजारों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों, गलियों में आने -जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मास्क या फेस कवर धारण करना अब अनिवार्य होगा। कार्यालय – कार्य स्थलों एवं फैक्ट्री आदि में कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को भी मास्क – फेस कवर धारण करना अनिवार्य होगा। जारी निर्देशानुसार सार्वजनिक स्थलों पर थूकना प्रतिबंधित है। होम क्वारेंटाईन में रहने वाले व्यक्तियों को शासन द्वारा समय-समय पर जारी होम क्वारेंटाईन संबंधी समस्त दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। दुकानों -व्यवसायिक संस्थानों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग – फिजिकल डिस्टेंसिंग संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। इन सभी निर्देशों के अतिरिक्त भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन तथा जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश – आदेश का भी पालन करना अनिवार्य होगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में (CG weather forecast) मौसम लोगों के पसीने निकला रहा है। प्रदेश में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। (heatwave alert in Raipur, Durg, Bilaspur, Surguja divisions) मौसम विभाग ने गुरुवार को अप्रैल महीने का सबसे गर्म दिन होने का अनुमान जताया है।
आज राजधानी रायपुर में दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस किया गया। इसके साथ ही रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कुछ क्षेत्रों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को रायगढ़ में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इस दौरान रायपुर का अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं बिलासपुर में 43.4, दुर्ग में 43.2, राजनांदगांव में 42.9, पेंड्रा रोड में 41.6और अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। केवल जगदलपुर में अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस रहा।
0.जांजगीर-चांपा रहा है सबसे अधिक गर्म
मौसम विभाग के रिकॉर्ड में छत्तीसगढ़ का जांजगीर-चांपा ही सबसे गर्म स्थान रहा है। अप्रैल में अब तक का सबसे अधिक 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान वहां 1980 में मापा गया था। रायपुर में 46.1 डिग्री सबसे अधिक तापमान है। बिलासपुर में यह 45.8 डिग्री सेल्सियस है और दुर्ग में 45.3 डिग्री।
राजनांदगांव में अब का सबसे अधिक तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस है। यह 2010 में रिकॉर्ड किया गया था। जगदलपुर में अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस है जो 1941 में मापा गया था। वहीं अंबिकापुर में 43.8 डिग्री सेल्सियस का अधिकतम तापमान 28 अप्रैल 1999 को दर्ज किया गया था।
सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहने वाले आईएएस अवनीश शरण ने छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूल की कई तस्वीरें शेयर की। जिस पर कमेंट करते हुए कांग्रेस नेत्री रागिनी नायक ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तंज कसा। रागिनी नायक के कमेंट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपने रिएक्शन दिए।
रागिनी नायक यूं कसा तंज : कांग्रेस नेत्री ने केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए कमेंट किया कि ऐसे होते हैं ‘स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ अरविंद केजरीवाल जी। छत्तीसगढ़ भेजिए अपने ऑफिशियल की टीम को। भूपेश बघेल सरकार के एजुकेशन मॉडल से कुछ सीख लेंगे तो दिल्ली का भी भला हो जाएगा।
लोगों ने किए ऐसे कमेंट्स : भीम सिंह नाम के एक टि्वटर हैंडल से कमेंट किया गया कि इस तरह के स्कूल को कोई भी मीडिया चैनल नहीं दिखाएगा। संजीव नाम के एक यूजर ने रागिनी नायक पर निशाना साधते हुए कहा, ‘ कांग्रेस की सरकार में दिल्ली में शिक्षा का सत्यानाश कर दिया गया था, वहां पर सरकारी स्कूलों में मास्टर पढ़ाते नहीं थे। इन्हीं कारनामों की वजह से लोगों ने आप को सत्ता से हटा दिया था।’
अभिनव त्रिपाठी नाम के एक यूजर लिखते हैं कि पंजाब में भी तो आप की सरकार थी, वहां पर क्यों कुछ नहीं किया गया है। अगर इसी तरह से आप की सरकार की चलाई जा रही थी तो सत्ता से क्यों हटा दी गई। राजू शर्मा नाम के एक यूजर ने कमेंट किया – केजरीवाल भी नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर काम पर कम और प्रचार पर ज्यादा ध्यान देते हैं। वसीम खान नाम के एक यूजर ने लिखा कि मैडम चमकती बिल्डिंग में जाने वाले बच्चे अगर कुछ शिक्षा ग्रहण पर पाते तो ज्यादा बेहतर होता। छत्तीसगढ़ के स्कूल में कुछ बच्चे अभी तक इमला पढ़ना भी नहीं सीख पाए हैं।
चेतन मिश्रा पूछते हैं कि दिल्ली का मुकाबला छत्तीसगढ़ से नहीं किया जाना चाहिए। छत्तीसगढ़ में अभी बहुत सारे काम किए जाने बाकी हैं। अतुल सिंह नाम के एक यूज़र कमेंट करते हैं कि अगर इस तरह की तस्वीरें कांग्रेस शासित प्रदेश से आएंगी तो अरविंद केजरीवाल के पीएम बनने वाले सपने पर पानी पड़ जाएगा। दीपक सोलंकी नाम के एक यूजर ने लिखा, ‘ छत्तीसगढ़ सरकार बिना ढोल बजाए इस तरह के काम कर रही है, इसके लिए उनकी तारीफ की जानी चाहिए।’