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KORBA: बरपाली पहुंची कलेक्टर, ग्राम पंचायत और प्राथमिक शाला का किया निरीक्षण, बच्चों को बांटे चॉकलेट

कोरबा। कलेक्टर रानू साहू बुधवार को अचानक बरपाली में ग्राम पंचायत भवन, शासकीय प्राथमिक शाला, राजस्व निरीक्षक और पटवारी कार्यालय का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने इस दौरान पंचायत भवन में आए हुए ग्रामीणों से भी बात की और उनका हालचाल जाना।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान के लिए ई.केवायसी कार्य की जानकारी

उन्होंने पंचायत भवन में प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत किए जा रहे ई.केवायसी कार्य का अवलोकन किया। साथ ही सभी पात्र किसानों के ई केवायसी समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश मौके पर मौजूद अधिकारी कर्मचारियों को दिए।

कलेक्टर ने शासकीय प्राथमिक शाला बरपाली में जाकर स्कूली बच्चों से भी मुलाकात की। उन्होंने कक्षा पांचवी में जाकर बच्चों से पढ़ाई के बारे में जानकारी ली तथा मन लगाकर पढ़ाई करने और सफल होने के लिए शुभकामनाएं दी। इसी प्रकार कलेक्टर ने कक्षा दूसरी की छात्रा निधि गौतम से बात की और अच्छे पढ़ाई के लिए शाबाशी दी। कलेक्टर ने इस दौरान स्कूली बच्चों को चॉकलेट का भी वितरण किया।

राजस्व निरीक्षक और पटवारी कार्यालय का भी निरीक्षण

इस दौरान कलेक्टर रानू साहू ने बरपाली में राजस्व निरीक्षक और पटवारी कार्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आरआई और पटवारी कार्यालयों में जाकर ग्रामीणों के आए हुए आवेदनों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने समय सीमा में राजस्व प्रकरणों के निराकरण कर ऑनलाइन दुरुस्तीकरण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने राजस्व निरीक्षक कार्यालय में साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और नस्तियों का व्यवस्थित संधारण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को बिना परेशानी के शासकीय सेवाओं का लाभ समय सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश मौके पर मौजूद अधिकारी कर्मचारियों को दिए।

Axis-City Bank Deal: भारत में सिटी बैंक अब एक्सिस बैंक का, जानें कितने अरब डॉलर में हुआ सौदा,क्या होगा कर्मचारियों का

नई दिल्ली। एक्सिस बैंक ने बुधवार को बड़ा सौदा करते हुए सिटी बैंक के भारतीय कारोबार को खरीद लिया है।
एक्सिस बैंक ने बुधवार को बड़ा सौदे की जानकारी देते हुए बताया कि पूरी डील 1.6 अरब डॉलर में हुई है। इस डील के बाद सिटी बैंक के कर्मचारियों को एक्सिस बैंक में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। बता दें कि देश में 3500 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं।

इस संबंध में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एक्सिस बैंक ने जो कारोबार खरीदा है, उसमें सिटी ग्रुप के क्रेडिट कार्ड, वेल्थ मैनेजमेंट, लोन और रिटेल बैंकिंग से जुड़ा कारोबार शामिल है। बैंक की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस सौदे के बाद हालांकि, सिटी ग्रुप भारत के इंस्टीट्यूशन क्लाइंट के साथ अपनी सेवाओं को जारी रखेगा।

इस डील के बाद सिटी बैंक के कर्मचारियों को एक्सिस बैंक में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। ये भी बता दें कि देश में 3500 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। सिटी बैंक ने बीते साल अप्रैल महीने में भारत में अपने उपभोक्ता बैंकिंग कारोबार से बाहर जाने की घोषणा की थी।

विभागीय कार्य मे लापरवाही… कलेक्टर ने तहसीलदार और पटवारी को थमाया नोटिस…

कोरबा ।कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने आज तहसील कार्यालय बरपाली का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने फौती, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन आदि के लंबित राजस्व प्रकरणों की जानकारी मौके पर मौजूद तहसीलदार से ली। उन्होंने आरआई और पटवारियों की बैठक लेकर लंबित प्रकरणों को तेजी से निराकृत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती साहू ने तहसील कार्यालय में लंबित प्रकरणों का अवलोकन किया। कलेक्टर श्रीमती साहू ने फौती नामांतरण के  प्रकरण के निराकरण में नियमानुसार पूरी सुनवाई नहीं करने और निराकरण के दौरान पूर्ण राजस्व प्रक्रिया का  पालन नहीं कर आदेशार्थ प्रस्तुत करने के लिए तहसीलदार श्रीमती आराधना प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश एसडीएम कोरबा को मौके पर ही दिए। उन्होंने आरआई और पटवारी प्रतिवेदन के लिए लंबित राजस्व प्रकरणों की जानकारी ली। साथ ही प्रकरणों का हल्का वार अवलोकन भी किया। कलेक्टर श्रीमती साहू ने आरआई प्रतिवेदन के लिए लंबे समय से लंबित सीमांकन के प्रकरण के लिए राजस्व निरीक्षक करुणा मैत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन आदि राजस्व प्रकरण निराकरण के लिए लंबे समय से तथा 10 से अधिक पेशी से पटवारी प्रतिवेदन के लिए लंबित होने के कारण 05 पटवारियों ममता सिंह, मंजूलता, सूरज कुमार, देवेंद्र तंवर और इशरत परवीन को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती साहू ने जन चौपाल में आए प्रकरणों का भी त्वरित निराकरण करने तथा अलग से रजिस्टर में जानकारी संधारित करने के निर्देश दिए।

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का भारत दौरा कल से, यूक्रेन युद्ध की वजह से बेहद अहम है उनका दौरा

नई दिल्ली। रूस (Russia) के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) 31 मार्च से एक अप्रैल तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यूक्रेन के खिलाफ 24 फरवरी को रूस की तरफ से शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद रूस की ओर से भारत की यह पहली उच्च स्तरीय यात्रा होगी। लावरोव के 1 अप्रैल को अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर के साथ बातचीत करने की उम्मीद है।

लावरोव के चीन की दो दिवसीय यात्रा खत्म करने के बाद भारत की यात्रा पर आने की उम्मीद है । विदेश मंत्रालय ने एक लाइन के बयान में कहा, “रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव 31 मार्च से एक अप्रैल तक भारत के आधिकारिक दौरे पर आएंगे।”

बता दें कि लावरोव की यात्रा ऐसे समय में होने जा रही है, जब अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार दलीप सिंह और ब्रिटेन की विदेश मंत्री लिज ट्रस भी भारत आने वाली हैं। ट्रस 30-31 मार्च को भारत की यात्रा पर आने वाली हैं। वहीं, जर्मनी के विदेश और सुरक्षा नीति सलाहकार जेन्स प्लॉटनर भारत के दौरे पर आए हुए हैं।

यूक्रेन संकट एजेंडे में सबसे ऊपर

रिपोर्टों के मुताबिक, इस मामले से जुड़े लोगों ने कहा कि, भारत में लावरोव की यात्रा के दौरान यूक्रेन संकट एजेंडे में सबसे ऊपर है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी की यात्रा के कुछ दिनों बाद लावरोव भारत में होंगे, जिन्होंने अपने भारतीय समकक्ष के साथ यूक्रेन संकट पर भी चर्चा की।

शिक्षक एलबी संवर्ग छत्तीसगढ़ ने उठाई 17 प्रतिशत बकाया डीए के आदेश जारी करने की मांग,केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जारी किया जा चुका है आदेश

रायपुर। केंद्रीय कर्मचारियों के डीए (Teacher LB cadre Chhattisgarh )में बुधवार को एक बार फिर से 3 प्रतिशत की वृद्धि की है, जिसके बाद छत्तीसगढ़ के राज्य कर्मचारी अब महंगाई भत्ते के मामले में 17 प्रतिशत पीछे रह गए है। शिक्षक एलबी संवर्ग द्वारा लगातार डीए में वृद्धि की मांग कर रही है।

छत्तीसगढ़ के राज्य कर्मचारी अब महंगाई  भत्ते के मामले में 17 प्रतिशत पीछे रह गए है। महंगाई भत्ते के मामले में केंद्र से 17 प्रतिशत पीछे रहने के कारण राज्य कर्मचारियों को अब बड़ा भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। महंगाई भत्ता नहीं बढ़ने से छत्तीसगढ़ राज्य के प्रत्येक कर्मचारियों को अब हर माह लगभग चार हजार से लेकर चौदह हजार तक का बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है।

प्रांताध्यक्ष जाकेश साहू ने कहा है कि महंगाई भत्ता हर कर्मचारी का संवैधानिक अधिकार है। आज महंगाई आए दिन सुरसा की तरह अपना मुंह फैला रही है। प्रतिदिन पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के दाम बढ़ने के कारण खाने पीने सहित दैनिक दिनचर्या के सामानों के मूल्य में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। ऐसे में राज्य कर्मचारियों का जीना दूभर हो गया है।

जाकेश साहू ने कहा कि राज्य सरकार हमारा डीए किसी भी सूरत में नहीं रोक सकती। उन्होंने सरकार से मांग की है कि राज्य कर्मचारियों का 17 प्रतिशत बकाया महंगाई भत्ता का आदेश तत्काल जारी किया जाय।

फ्लावर से फायर’ बनकर उभरे पुष्कर सिंह धामी तो सतपाल महाराज ही उत्तराखंड के असल ‘महाराज’

न्यूज डेस्क।उत्तराखंड में सरकार गठन के एक सप्ताह के बाद आखिरकार मंगलवार शाम मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया है. विधानसभा चुनाव में अपनी सीट से हारने के बाद मुख्यमंत्री बने पुष्कर सिंह धामी ने अपने पास 21 मंत्रालय के साथ 23 विभाग रखे हैं जबकि पिछले कार्यकाल में उनके पास 12 मंत्रालय थे. वहीं, कैबिनेट मंत्री बने सतपाल महाराज के विभागों के साथ किसी तरह का कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है. एक बार फिर से उन्हें सबसे पावरफुल मंत्रालय का जिम्मा मिला तो धन सिंह रावत का कद बढ़ा है. इस तरह धामी जहां ‘फ्लावर से फायर’ बनकर उभरे तो सतपाल ही उत्तराखंड के असल ‘महाराज’ साबित हुए हैं.

धामी ने पिछली बार से ज्यादा विभाग रखें अपने पास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों के कामकाज का बंटवारा कर दिया है. आबकारी, ऊर्जा, पेयजल, श्रम, गृह, राजस्व, कार्मिक, राज्य संपत्ति, नियोजन, सूचना, न्याय, आपदा प्रबंधन, नगारिक उड्डयन समेत 21 मंत्रालय को धामी ने अपने पास रखा है. पिछले कार्यकाल में उनके पास 12 मंत्रालय थे, लेकिन इस बार धामी ने जिस तरह से विकास कार्यों से जुड़े विभागों को अपने पास रखा है, उससे संदेश साफ है. धामी अब ‘नाइट वाचमैन’ के रूप में नहीं बल्कि लंबी पारी खेलने के लिए उतरे हैं.

उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी की सत्ता में ताजपोशी जुलाई 2021 में हुई थी. उन्होंने सात महीने के पारी में बेहतर प्रदर्शन किया. वो अपनी सीट भले ही हार गए, लेकिन बीजेपी को सत्ता में वापसी कराकर इतिहास रच दिया है. ऐसे में बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें सत्ता की कमान देकर एक और मौका दिया है. मुख्यमंत्री धामी ने अपने पास वो तमाम विभाग रखें हैं, जो सीधे जनता से जुड़े हुए हैं. उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर प्रहार करने को धामी ने सतर्कता सुराज, भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं जनसेवा विभाग अपने पास ही रखा है.

सतपाल ही बने उत्तराखंड के महाराज

सतपाल महाराज को को भले ही मुख्यमंत्री की कुर्सी न मिली हो, लेकिन उन्हें जिस तरह के विभाग दिए गए हैं, उससे साफ है कि उत्तराखंड से असल महाराज वही हैं. धामी कैबिनेट में मंत्री सतपाल महाराज के मंत्रालय में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है बल्कि कद भी बढ़ा दिया गया है. महाराज के लोक निर्माण विभाग, संस्कृति, धर्मस्व, पर्यटन, जलागम प्रबंधन, सिंचाई एवं लघु सिंचाई मंत्रालय को बरकरार रखते हुए पंचायती राज और ग्रामीण निर्माण के रूप में नए मंत्रालय का जिम्मा दिया गया है.

सतपाल महाराज के पास वो तमाम मंत्रालय हैं, जो उत्तराखंड में सबसे पावरफुल माने जाते हैं. उत्तराखंड की पूरी आर्थिक व्यवस्था पर्यटन पर टिकी हुई है तो धार्मिक और भारतीय संस्कृति वाला यह राज्य माना जाता है. हरिद्वार से लेकर चार धाम तक उत्तराखंड में है. पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व मंत्रालय सतपाल महाराज के पास है. इसके अलावा पीडब्ल्यूडी, पंचायती और ग्रामीण विकास मंत्रालय भी उनके पास है. इस तरह से सतपाल महाराज के पास उत्तराखंड में पर्यटन से लेकर विकास तक को बुलंदी पर ले जाने का जिम्मा सतपाल महाराज को मिला है.

डॉ. धन सिंह रावत का बढ़ा कद

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की रेस में शामिल डॉ. धन सिंह रावत को भले ही सत्ता की कमान न मिली हो, लेकिन कैबिनेट में उन्हें अहम जिम्मेदारियां मिली हैं. पहली सरकार में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण का जिम्मा देख रहे धन सिंह रावत के कंधों पर अब शिक्षा विभाग की भी जिम्मेदारी दी गई है. इससे पहले, शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी अरविंद पांडे के कंधों पर थीं. अब उनके पास बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कृत शिक्षा, सहकारिता, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा की जिम्मादेरी होगी.

सूबे में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर उपलब्ध कराने से लेकर शिक्षा व्यवस्था की दशा और दिशा को सुधारने का जिम्मा धन सिंह रावत के ऊपर होगा. वहीं, सहकारिता विभाग मिला है, जो केंद्र में अमित शाह संभाल रहे हैं. इसे में उनके सियासी कद का अंदाजा लगाया जा सकता है. साथ ही उत्तराखंड में सिक्षा के साथ संस्कृत शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है. इस तरह से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने का साथ शिक्षा में संघ परिवार का एजेंडा लागू करने की कमान सौंपी है.

प्रेमचंद के पास शहरी विकास

धामी कैबिनेट में शामिल किए गए कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को वित्त मंत्रालय दिया गया है. वह शहरी विकास एवं आवास, विधायी एवं संसदीय कार्य, पुनर्गठन एवं जनगणना मंत्रालय भी देखेंगे. हालांकि मंत्री सुबोध उनियाल को कुछ हलका किया गया है, उनके पास अब कृषि एवं उद्यान मंत्रालय नहीं होंगे, उन्हें इस बार वन, भाषा, निर्वाचन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्रालय दिए गए हैं.

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी सैनिक कल्याण व ग्राम्य विकास के साथ कृषि एवं उद्याग विभाग भी देखेंगे. कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य का भी कद बढ़ाया गया है. वह महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास के अलावा खेल एवं युवा कल्याण तथा खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले का मंत्रालय देखेंगी.

पहली बार बने मंत्रियों को मिला जिम्मा

मंत्रिमंडल में पहली बार शामिल हुए कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास को समाज कल्याण, परिवहन एवं लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम मंत्रालय दिए गए हैं. नए व युवा कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को पशुपालन, दुग्धन विकास एवं मत्स्य पालन, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, प्रोटोकाल व कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग दिए गए है. इस तरह से नए मंत्रियों के कंधों पर अभी फिलहाल हल्के फुल्के विभाग दिए हैं, लेकिन उन्हें शीर्ष नेतृत्व की उम्मीदों और कसौटी पर खरा उतरना होगा?

चीन की इकोनामी पर कोरोना का अटैक, लॉकडाउन में 20 हजार से ज्यादा कर्मचारियों का ऑफिस में ही लगाया गया बिस्तर

बीजिंग। शंघाई में लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था के लुढ़कने की सबसे ज्यादा आशंका है। चीन में ऐसे में कर्मचारियों के लिए ऑफिस में ही रहने और खाने की व्यवस्था की गई है। शंघाई के लुजियाझुई जिले में करीब 20 हजार कर्मचारी, बैंकर्स और व्यापारी दफ्तरों में ही रह रहे हैं।

बता दें कि पूरे यूरोप समेत चीन में कोरोना फिर से लौट आया है। नया वैरिएंट चीन में आए दिन नए-नए रिकॉर्ड बना रहा है। तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए यहां के कई शहरों में लॉकडाउन लगाया गया है। ऐसे में एक के बाद एक शहर में लॉकडाउन से चीन की अर्थव्यवस्था पर चोट पड़ने लगी है।

लॉकडाउन से पहले कर्मचारियों को बुलाया गया ऑफिस

शंघाई का लुजियाझुई शहर शेयर, बॉन्ड, विदेशी मुद्रा का चीन का सबसे बड़ा बाजार है। पिछले साल यहां 2,500 ट्रिलियन युआन (292 ट्रिलियन डॉलर) से अधिक का वित्तीय लेनदेन हुआ था। ऐसे में लॉकडाउन से यहां की अर्थव्यवस्था चौपट हो जाती। इसलिए लॉकडाउन लगने से पहले ही यहां कर्मचारियों को दफ्तर बुला लिया गया।

285 ऑफिस टॉवर हैं मौजूद

कोरोना के कारण लुजियाझुई भी लॉकडाउन की चपेट में है। यहां करीब 20 हजार से ज्यादा लोग काम करते हैं। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, लुजियाझुई में 285 ऑफिस टॉवर मौजूद हैं। इसके अलावा यहां कई गैर वित्तीय संस्थान भी मौजूद हैं।

लॉकडाउन का चीनी फार्मूला: चार दिन आधे शहर में और फिर बचे शहर में

26 मिलियन आबादी वाले शहर की रणनीति के तहत पहले आधे शंघाई शहर में चार दिन के लिए लॉकडाउन लागू किया जाना है और इसके बाद चार दिन के लिए शहर के दूसरे हिस्से में प्रतिबंध लगाए जाने हैं।

इस रणनीति का उद्देश्य पूरे शहर की प्रभावी कोरोना वायरस जांच कराना है और अब तक के सबसे बड़े कोरोना प्रसार को नियंत्रण में लाना है। चीन के कई अन्य शहरों में भी लॉकडाउन लागू किया गया है।

ब्रेकिंग: सीवर में दम घुटने से 4 की मौत, केबल की मरम्मत करने उतरे थे मजदूर

दिल्ली में सीवर में दम घुटने से 4 की मौत, केबल की मरम्मत करने उतरे थे मजदूर,बिजली के तार में उलझे
नई दिल्ली। दिल्ली के रोहिणी इलाके में सीवर में फंसे चार लोगों को तमाम कोशिशों के बावजूद नहीं बचाया जा सका। एनडीआरएफ की टीम ने बुधवार सुबह चारों के शव बाहर निकाले।

बता दें कि संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में सीवर से गुजर रही टेलीफोन केबल की मरम्मत करने घुसे तीन मजदूर फंस गए। इन्हें निकालने गया रिक्शा चालक भी अंदर ही फंस गया। एनडीआरएफ की टीम ने रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन किसी की जान नहीं बच पाई।

जानकारी के अनुसार, रोहिणी सेक्टर के ई ब्लाक में सीवर के भीतर से टेलीफोन की केबल गुजर रही है। इन केबल में फॉल्ट की शिकायत मिली थी। फॉल्ट ठीक करने का ठेका जनकपुरी स्थित निजी फर्म को दिया गया है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि कल देर शाम सुपरवाइजर सूरज साहनी दो मजदूरों बच्चू एवं पिंटू के साथ मौके पर मरम्मत करने गया था। करीब 15 फीट गहरे सीवर के ढक्कन को हटाकर बच्चू एवं पिंटू अंदर घुसे। सीवर में टेलीफोन के अलावा बिजली के भी तार थे। काफी देर तक नहीं निकलने पर पर सूरज उन्हें देखने के लिए सीवर में घुसा। लेकिन वह खुद भी फंस गया।

इस दौरान वहां खड़े रिक्शा चालक सतीश ने यह हादसा देखा। वह इनकी जान बचाने के लिए सीवर में घुस गया। एक के बाद एक करके चार लोगों के सीवर में फंसने पर हड़कम्प मच गया। करीब साढ़े छह बजे पुलिस एवं दमकल को घटना की सूचना दी गई।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर लगी आग, इतने पैसे बढ़े दाम, चुनाव के बाद महंगाई का तड़का

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल के दाम ( Petrol-Diesel today’s price) बुधवार को 9 दिन में 8वीं बार बढ़े। बुधवार को पेट्रोल-डीजल पर 80-80 पैसे बढ़े हैं। उपचुनाव के बाद 4 नवंबर 2021 को केंद्र ने पेट्रोल पर 5 रुपए प्रति लीटर टैक्स घटाकर जो राहत दी थी, उसका असर अब खत्म हो चुका है। बीते 9 दिन में पेट्रोल 5.60 रु. महंगा हो गया है।

बता दें कि अक्टूबर 2021 में 13 राज्यों की 29 विधानसभा और 3 लोकसभा सीटों पर उपचुनाव में भाजपा को उम्मीद के अनुसार नतीजे नहीं मिले थे। उसके बाद पेट्रोल पर 5 रुपए टैक्स घटा था।

नवंबर से मार्च तक कच्चे तेल के दाम 72.6% तक उछले, लेकिन तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए। मंगलवार को कच्चा तेल 6.79% गिरावट के साथ 104.84 डॉलर/बैरल रहा। यह उच्चतम स्तर से 31% कम है।

AAP’ के राज में किसानों की पिटाई, लाठीचार्ज में 6 गंभीर, अस्पताल में भर्ती

अमृतसर। पंजाब में कांग्रेस को हराकर आई आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार बन गई। नई सरकार के राज में
पहली बार किसानों पर लाठीचार्ज हुआ जिसमें 6 किसान घायल हो गए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये किसान तबाह हो चुकी कपास की फसल के मुआवजे की मांग कर रहे थे।

घायल किसानों के नाम हरपाल सिंह किल्लियांवाली, निशान सिंह कख्खांवाली, जगदीप सिंह खुड्डियां, दविंदर सिंह मानावाला, एमपी सिंह भुल्लरवाला, गुरलाभ सिंह कख्खांवाली, काला सिंह खुन्नण खुर्द बताया जा रहा है।

भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां) की अगुआई में किसानों ने लंबी के नायब तहसीलदार समेत अन्य स्टाफ को दफ्तर में बंधक बना लिया। इसके बाद पुलिस ने देर रात 12 बजे किसानों पर लाठीचार्ज कर नायब तहसीलदार और स्टाफ को छुड़ाया।

पुलिस की ओर से किए गए लाठीचार्ज में 6 किसान घायल हो गए, जिन्हें लंबी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, नायब तहसीलदार अरजिंदर सिंह और स्टाफ के बाहर आने के बाद अब पूरे प्रदेश के तहसीलदार हड़ताल पर चले गए हैं।