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ब्रेकिंग: महिला के घर के बाहर पेशाब करने वाला ABVP का पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार

चेन्नई। महिला के घर के बाहर पेशाब करने वाला ABVP का पूर्व अध्यक्ष चेन्नई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, डॉ. सुब्बैया षणमुगम को महिला की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, 2020 में एक महिला ने आरोप लगाया था कि डॉ. सुब्बैया उसके दरवाजे के बाहर इस्तेमाल किए हुए सर्जिकल मास्क, कूड़ा फेंकते हैं। यहां तक कि उसे परेशान करने के लिए पेशाब भी कर देते हैं। महिला ने इसको लेकर शिकायत भी दर्ज कराई थी। उस समय, कांग्रेस की छात्र शाखा, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) डॉ सुब्बैया की गिरफ्तारी की मांग की थी।

पार्किंग को लेकर शुरू हुआ था विवाद

पुलिस ने बताया कि 2020 में दोनों के बीच पार्किंग को लेकर विवाद शुरू हुआ था। विवाद इतना बड़ा कि डॉ. सुब्बैया महिला को परेशान करने के लिए गंदी हरकते करने लगे। महिला की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर सीसीटीवी फुटेज भी सौंपी गई थी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

जान से मारने की धमकी के बाद कर्नाटक हिजाब विवाद पर फैसला सुनाने वाले जजों को मिली ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा

बेंगलुरु। हिजाब विवाद मामले में फैसला सुनाने वाले कर्नाटक उच्च न्यायालय के तीनों न्यायाधीशों को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने रविवार को इसकी जानकारी दी। खबर के मुताबिक न्यायाधीशों को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किए जाने के बाद यह फैसला लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमने हिजाब पर फैसला देने वाले तीनों जजों को ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला किया है। मैंने अधिकारियों को शिकायत की और पूरी जांच करने का निर्देश दिया है। हालांकि प्रशासन ने कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

कर्नाटक हाईकोर्ट ने 15 मार्च को सुनाया था फैसला

हिजाब विवाद पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने 15 मार्च को फैसला सुनाते हुए छात्राओं की याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि हिजाब धर्म का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। स्कूल-कॉलेज में छात्र यूनिफॉर्म पहनने से मना नहीं कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि इस्लाम में हिजाब पहनना अनिवार्य नहीं है। कोर्ट ने कहा था कि स्कूल यूनिफार्म को लेकर बाध्यता एक उचित प्रबंधन है। छात्र या छात्रा इसके लिए इंकार नहीं कर सकते हैं।

इस मामले की सुनवाई के लिए नौ फरवरी को चीफ जस्टिस रितु राज अवस्थी, जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित और जस्टिस जेएम खाजी की बेंच का गठन किया गया था। लड़कियों की ओर से याचिका दायर कर मांग की गई थी कि, क्लास के दौरान भी उन्हें हिजाब पहनने की अनुमति दी जाए, क्योंकि हिजाब उनके धर्म का अनिवार्य हिस्सा है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, विद्युत वितरण कंपनी के 3000 पदों पर लाइन मैन की भर्ती निरस्त, जानिए वजह

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश में विद्युत वितरण कंपनी की ओर से की जा रही 3000 लाइनमैन की भर्ती के विज्ञापन को निरस्त कर दिया है।

हाईकोर्ट के जस्टिस पी सेम कोशी ने माना है कि उम्मीदवारों को बोनस अंक देने में भेदभाव किया जा रहा है। इसलिए विज्ञापन को निरस्त कर नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद अब विद्युत वितरण कंपनी को फिर से भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करना होगा और हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करना होगा।

छत्तीसगढ़ राज्य पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने परिचारक ( लाइनमैन ) के 3000 पदों पर सीधी भर्ती के लिए 12 अगस्त को विज्ञापन जारी किया था। इसमें करीब एक लाख 36 हजार बेरोजगार युवाओं ने आवेदन किया था। चयन का आधार 10 वीं की बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंक और पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में कार्य अनुभव के बोनस अंक मिलाकर बनाई गई।

भर्ती मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाना था। 10वीं में प्राप्त अंकों के प्रतिशत को 70 प्रतिशत वेटेज देना था। इसी तरह कार्य अनुभव के लिए एक से तीन साल तक के अनुभवी को 20 अंक और तीन सो से ज्यादा अनुभव वाले को 30 अंक देने का प्रावधान रखा गया था।

रायपुर के याचिकाकर्ता बेखराम साहू ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि विद्युत वितरण कंपनी ने भर्ती में संविदा कर्मियों को प्राथमिकता देने के साथ ही उनकी नियुक्ति तैयारी कर ली है। इसी हिसाब से अनुभव अंक वाले को प्राथमिकता दी जा रही है, जो संवैधानिक नहीं है। याचिका में बताया गया कि संविधान के अनुच्छेद 14 के अनुसार भर्ती में समानता होना चाहिए। लेकिन, विद्युत वितरण कंपनी ने भर्ती में भेदभाव किया है। इस तरह से मनमानी पूर्ण तरीके से की जा रही भर्ती को निरस्त करने की मांग की गई।

 

याचिकाकर्ता बेखराम साहू ने यह भी बताया कि वह रायपुर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी में कार्य करता था। लेकिन उसके अनुभव को चयन में कोई मान्यता नहीं दी गई है। यहां तक कि विद्युत तकनीकी में आईटीआई की उपाधि को भी कोई वेटेज नहीं दिया गया है।

याचिकाकर्ता के अनुसार पूरी प्रक्रिया खुली और सीधी भर्ती के नाम पर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में कार्यरत लगभग 2700 संविदा कर्मियों को नियमित नियुक्ति देने के लिए नियम बनाई गई है। इससे सामान्य बेरोजगार ठगे जा रहे हैं। क्योंकि उनके चयनित होने का अवसर बहुत कम है। हाईकोर्ट के जस्टिस पी सेम कोसी ने याचिकाकर्ता के तर्कों पर सहमति जताते हुए भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर नए सिरे से भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने का आदेश दिया है।

वैज्ञानिकों ने विकसित की गजब की टी-शर्ट, पहनते ही बताने लगेगी आपकी हार्टबीट

न्यूज डेस्क। दुनिया में हर दिन कुछ न कुछ अनोखा रिसर्च होता रहता है. इस रिसर्च में वैज्ञानिक कुछ ऐसी खोज ला देते हैं, जो हमारे आम जीवन को बहुत प्रभावित करती है. इन दिनों वैज्ञानिकों ने इंसानों के लिए एक ऐसी टी-शर्ट विकसित करने का दावा किया है, जो हमारी हार्टबीट सुनने में सक्षम है. यह टी-शर्ट हार्ट संबंधी सारी जानकारियों को रियल टाइम में बताएगी.

ओकोस्टिक फेब्रिक से बनाई गई है टी-शर्ट
Ary News के अनुसार, यह विशेष टी-शर्ट ओकोस्टिक फेब्रिक से बनाई गई है. यह इंसान के शरीर में माइक्रोफोन की तरफ काम करती है. जब इंसान इस टी-शर्ट को पहनेगा तो सबसे पहले यह टी-शर्ट ध्वनि को मैकेनिकल वाइब्रेशन में तब्दील करेगी. इसके बाद इसे इलेक्ट्रिक सिग्नल में परिवर्तित कर देगी. यह प्रक्रिया वैसी ही है, जैसे हमारे कान सुनते हैं. इसे पहनने वाला शख्स अपने दिल और श्वसन तंत्र की स्थिति को निरंतर, आरामदायक, रियल टाइम तथा लंबे समय तक मॉनिटर कर सकता है.
पीजोइलेक्ट्रिक मटेरियल से डिजाइन
रिपोर्ट के अनुसार, इस टी-शर्ट का कपड़ा पीजोइलेक्ट्रिक (Piezoelectric) मटेरियल से बनाया गया है. यह मुड़ते ही एक इलेक्ट्रिक सिग्नल पैदा करेगा. यह इलेक्ट्रिक सिग्नल एक तरह से साधन का काम करेगा, जो साउंड वाइब्रेशन को इलेक्टिक सिगनल में बदल देगा. रोड आइलैंड स्कूल ऑफ डिजाइन (RISD) और MIT के इंजीनियर्स के अनुसार, टी-शर्ट को पहनने वाले की दिल की धड़कन की विशेषताओं का पता लग सकता है. अभी इस टी-शर्ट की कीमत तय नहीं की गई है. MIT के वेई यान (Wei Yan) ने बताया कि टी-शर्ट में इस्तेमाल की गई फेब्रिक मानव त्वचा के साथ इंटरफेस कर सकता है.

यूक्रेन पर परमाणु हमले की तैयारी, पुतिन ने दिए ‘न्यूक्लियर वॉर ड्रिल’ के आदेश

मॉस्को। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन परमाणु युद्ध की ओर बढ़ने के संकेत दे रहे हैं। यह दावा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि पुतिन ने अपनी सेना को न्यूक्लियर वॉर ड्रिल के लिए अभ्यास करने का आदेश दे दिया है। इतना ही नहीं सुरक्षा के लिए अपने परिवार को साइबेरिया भेज दिया है।

परमाणु निकासी ड्रिल की रिपोर्ट ने क्रेमलिन(रूसी राष्ट्रपति कार्यालय) के अधिकारियों को झकझोर कर रख दिया है। अधिकारी सकते में हैं कि पुतिन के इस निर्णय का अंजाम कितना भयानक हो सकता है।

कुछ विश्लेषकों का कहना है कि 25 दिन युद्ध के बीत जाने पर भी यूक्रेन ने अब तक हथियार नहीं डाला है जिस वजह से पुतिन काफी नाराज हो गए हैं और उन्होंने इसे चुनौती मान लिया है। पुतिन यह सोच रहे हैं कि एक छोटा सा देश उन्हें चुनौती दे रहा है। दावों के अनुसार, क्रेमलिन के वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियों को खुद पुतिन ने सूचना दी है कि वे परमाणु युद्ध की तैयारी में निकासी अभ्यास में भाग लेंगे।

सुरक्षा के लिए पुतिन के परिवार को भेजा साइबेरिया

पुतिन के परिवार के सदस्यों के बारे में बहुत कुछ नहीं पता है, लेकिन जब से रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ, रिपोर्टों में दावा किया गया कि पुतिन ने अपने तत्काल परिवार के अज्ञात सदस्यों को साइबेरिया के तेह अल्ताई पर्वत में एक हाई-टेक भूमिगत बंकर में स्थानांतरित कर दिया, जो एक संपूर्ण भूमिगत शहर है।

सीजी बिग ब्रेकिंग: सायबर सेल में पदस्थ ASI की हत्या, घर के बाहर टहल रहे जवान पर बदमाशों ने किया ताबड़तोड़ हमला

महासमुंद। बीती रात बदमाशों ने घर के बाहर टहल रहे एएसआई विकास शर्मा पर हमला कर उसकी हत्या कर दी है। विकास महासमुंद सायबर सेल में पदस्थ थे।

घटना कल देर रात की है। बताया जा रहा है कि उनके शासकीय आवासगृह के समीप ही लोक निर्माण विभाग कार्यालय के पीछे शराब के नशे में आपस में कुछ लोग लड़ रहे थे। उन्हें हटाने विकास पहुंचे थे। इन्‍हीं लोगों ने विकास पर जानलेवा हमला कर दिया। विकास को नजदीक के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

वहीं इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी मच गई है। साथ ही इस मामले में आरोपियों की तलाश की जा रही है।
इधर इस घटना के संबंध में महासमुंद एडिशनल एसपी ने जानकारी दी कि, मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस संबंध में जानकारी दी जाएगी। फिलहाल कार्रवाई जारी है।

ब्रेकिंग: ‘कश्मीर फाइल्स’ देख घर लौट रहे भाजपा सांसद की गाड़ी पर ‘बम’ से हमला

नदिया (पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ देखने के बाद लौटते समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सांसद जगन्नाथ सरकार की कार पर बम फेंका गया। सरकार ने कहा कि तेज रफ्तार कार के पीछे बम गिरा तो वह हमले से बच गए।

बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग

बीजेपी सांसद सरकार ने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है और राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की है। समाचार एजेंसी से बात करते हुए सरकार ने कहा कि बंगाल में कोई भी सुरक्षित नहीं है क्योंकि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है।

राज्य सरकार ने लोकतंत्र को गिरा दिया है। भाजपा सांसद ने कहा राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था को रोकने के लिए अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) लगाया जाना चाहिए। अन्यथा, यह नहीं रुकेगा।

‘द कश्मीर फाइल्स’ पर आलोचकों ने उठाया सवाल

घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आधारित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ ने मुसलमानों और वामपंथियों के चित्रण को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है।

आलोचकों ने कहा है कि कश्मीरी मुसलमान भी उग्रवाद से पीड़ित थे, लेकिन निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने मुसलमानों के खिलाफ नफरत भड़काने के प्रयास में इसे फिल्म में शामिल नहीं किया।

रंग लगाने को लेकर विवाद में दोस्त ने दोस्त पर तानी बंदूक, खींचतान में दबा ट्रिगर, और फिर…

न्यूज डेस्क। राजस्थान के सीकर जिले स्थित एक गांव में होली की खुशियां उस वक्त मौत के मातम में बदल गईं जब एक दोस्त ने अपने ही दोस्त को गोली मार दी. दोनों के बीच रंग लगाने को लेकर विवाद हुआ था. धीरे-धीरे विवाद इतना बढ़ गया कि बंदूक से गोली चलाने की बात होने लगी. ऐसे में एक साथी ने बंदूक निकाल ली. जिसके बाद दोनों ने बंदूक को अपनी-अपनी तरफ खींचना शुरू कर दिया. इसी बीच अचानक से गोली चली, जो एक साथी को जा लगी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. दूसरा साथी घटना के बाद दोस्त के शव को दूसरी जगह फेंक कर मौके से फरार हो गया.

गोलीकांड होने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटना को लेकर लोगों से पूछताछ की. मृतक का शव मिलने पर पुलिस ने उसका मोस्टमॉर्टम करवा कर उसे परिजनों को सौंप दिया है. घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है. वहीं, इस गोलीकांड से पूरे गांव में मौत का मातम पसरा हुआ है.

पुलिस ने बताया क्या है पूरा मामला

सदर पुलिस थाना जांच अधिकारी मदनलाल ने बताया कि सिहोट छोटी के रहने वाले फूलाराम मेघवाल और गणपत राम बावरिया दोनों धुलंडी के मौके पर रामा-श्यामा करने के लिए गांव के ही बलबीर नेहरा के घर पर गए हुए थे. जहां गणपत राम बावरिया ने फूलाराम मेघवाल को रंग लगाने की बात कही लेकिन फूलाराम मेघवाल ने रंग लगवाने से मना कर दिया. इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हो गया. ऐसे में फूलाराम मेघवाल ने गणपतराम बावरिया से कहा कि वह उसे गोली मार देगा. जिसके बाद फूलाराम मेघवाल ने गणपत राम बावरिया से उसकी बंदूक ली और गोली चला दी. जो गणपत राम बावरिया की छाती पर जा लगी. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

दोस्त का शव फेंक कर आरोपी फरार

जांच अधिकारी मदनलाल के मुताबिक गणपतराम बावरिया के गोली लगने के बाद फूलाराम मेघवाल ने उसे हॉस्पिटल ले जाने की बात कही. ऐसे में वह बलवीर नेहरा के घर पर खड़ी गाड़ी से गणपत राम बावरिया की बॉडी को बड़साना जोहड़ा में पेड़ों के पास फेंक कर फरार हो गया. फिलहाल मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है. मामले में बलबीर नेहरा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है जिस पर जांच शुरू कर दी गई है.

‘आपसी खींचतान में चली गोली’

सिहोट छोटी के ही रहने वाले बलबीर नेहरा ने बताया है कि जिस दौरान यह घटना हुई. वह घर पर मौजूद नहीं था. घर लौटने के बार उसकी बेटी ने बताया कि गणपत राम बावरिया और फूलाराम मेघवाल दोनों बंदूक को अपनी-अपनी तरफ खींच रहे थे. इसी बीच ट्रिगर दबने से गोली चल गई जिससे गणपतराम बावरिया की मौत हो गई.

एक बार फिर IPL में सबकी धड़कनें बढ़ाएगी ये मिस्ट्री गर्ल, Photos में देखिए उनका जलवा

न्यूज डेस्क।काव्या मारन (Kaviya Maran) सन ग्रुप (Sun Group) के मालिक कलानिधि मारन (Kalanithi Maran) की बेटी हैं. सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) उन्हीं की टीम है. काव्या मारन (Kaviya Maran) कलानिधि मारन (Kalanithi Maran) की बेटी और पूर्व केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन (Dayanidhi Maran) की भतीजी हैं.

 

28 साल की काव्या मारन (Kaviya Maran) खुद सन म्यूजिक (Sun Music ) से जुड़ी हुईं हैं. वो पहली बार आईपीएल 2018 में अपनी टीम SRH को चियर करते हुए टीवी पर नजर आईं थीं.

काव्या मारन सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की सीईओ हैं. काव्या ने एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद पिता कलानिधि मारन के कारोबार में हाथ बंटाने का फैसला किया था. काव्या ने अपनी कंपनी में कोई बड़ा पद ग्रहण करने से पहले अनुभव हासिल करने के लिए सन टीवी नेटवर्क में इंटर्नशिप भी की थी. काव्या मौजूदा समय में सन टीवी नेटवर्क के ओटीटी प्लेटफॉर्म के सन नेक्स्ट Sun NXT की प्रमुख हैं.
काव्या को क्रिकेट काफी पसंद है. इसके अलावा वह अपना कामकाज भी अच्छे से संभालती हैं. वह पहली बार आईपीएल 2018 के दौरान नजर आई थीं. काव्या ने चेन्नई से एमबीए किया है और अब उनका पूरा फोकस आईपीएल पर है. काव्या मारन (Kaviya Maran) ने एमबीए की पढ़ाई की है ताकि वो अपने पिता कलानिधि मारन (Kalanithi Maran) को उनके बिजनेस में मदद कर सके.

पिछले सीजन सनराइजर्स हैदराबाद के लिए काव्या कई मैचों में सपोर्ट करने आई थीं. लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद का प्रदर्शन पिछले साल बेहद खराब रहा और वो लास्ट रहे.

दुनिया पर मंडरा रहा नया खतरा, कोरोना से भी खतरनाक Heartland Virus, जानें क्या हैं लक्षण, कैसे फैल रहा

नई दिल्ली। पड़ोसी देश चीन में कोरोना वायरस एक बार फिर लोगों को डरा रहा है। इस बीच अमेरिका में एक नए वायरस का पता चला है जो किलनी से फैल रहा है। हार्टलैंड वायरस के अमेरिका में कई मरीज सामने आ चुके हैं।

एमोरी यूनिवर्सिटी, जॉर्जिया के शोधकर्ताओं ने पाया है कि दुर्लभ और घातक हार्टलैंड वायरस (Heartland Virus) जॉर्जिया में किलनी में मिला है। अमेरिका के कम से कम छह राज्यों में इस वायरस की सूचना मिली है। फिलहाल इस वायरस का कोई इलाज नहीं है और इससे खतरा अधिक उम्र वालों को ज्यादा है। क्या है हार्टलैंड वायरस और कैसे इससे बचा जा सकता है।

0.नए वायरस का क्या है सच

एमोरी यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर की मानें तो यह संक्रामक बीमारी है जिसे अच्छी तरह से अब तक समझा नहीं गया है। इसके बारे में जल्द से जल्द जानने की कोशिश की जा रही है और डर है कि कहीं यह एक बड़ी समस्या न बन जाए।

हार्टलैंड वायरस को पहली बार 2009 चिन्हित किया गया था। 2009 और जनवरी 2021 के बीच 11 मध्य पश्चिम और दक्षिणी अमेरिकी राज्यों में 50 से अधिक इसके मामले दर्ज किए गए। जिनमें अर्कांसस, जॉर्जिया, इलिनोइस, इंडियाना, आयोवा, कंसास, केंटकी और मिसौरी शामिल हैं।

0.वायरस के लक्षण और उपचार

हार्टलैंड वायरस के लक्षणों में बुखार, थकान, भूख में कमी, सिरदर्द, दस्त, और मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द शामिल है। इसकी शिकायत करने वाले कई लोग अस्पताल में भर्ती भी हुए।

इसके अलावा इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति के प्लेटलेट काउंट,लीवर पर भी इसका असर पड़ता है। हार्टलैंड वायरस के लक्षण किसी व्यक्ति को दो सप्ताह बाद तक शुरू हो सकते हैं और अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ जाती है।