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अभिव्यक्ति-वुमन सेफ्टी ऐप’ डाउनलोड कराने गर्ल्स कॉलेज पहुंची कोरबा पुलिस… एक क्लिक पर ऐसे मिलेगी सहायता…

कोरबा। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा *अभिव्यक्ति* नामक एप बनाया गया है । आपातकालीन परिस्थितियों में इस एप के माध्यम से अपने परिवारजन एवं पुलिस को मैसेज एवम लोकेशन के माध्यम से सूचना दिए जाने की व्यवस्था की गई है ।


बता देें कि पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देशानुसार *अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस* के अवसर पर कोरबा जिले में *अभिव्यक्ति महिला जागरूकता सप्ताह* दिनांक 8-03-2022 से 14-03-2022 तक चलाया जा रहा है । इस कड़ी में आज अग्रसेन गर्ल्स कालेज कोरबा में अभिव्यक्ति ऐप का प्रचार प्रसार किया गया साथ ही महिलाओं के अधिकार, घरेलू हिंसा, छेड़खानी, लैंगिक उत्पीड़न, सायबर सुरक्षा, पास्को एक्ट , मानव तस्करी, कैरियर काउंसलिंग,स्वास्थ्य,स्वच्छता टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम, नशा मुक्ति आदि विषयों पर जानकारी दी गई।कार्यक्रम में रक्षित निरीक्षक अनथराम पैकरा,महिला सेल प्रभारी निरीक्षक गायत्री शर्मा सायबर सेल प्रभारी कृष्णा साहू , म आर प्रतिभा राय , स्मिता बेक, रजनी कंवर ,अनुसूईया भानू , रेहाना फातिमा विशेष योगदान दे रहे हैं।

CG: चोरों ने SDM के बंगले में लगाई सेंध… बेडरूम बाहर से लॉक कर ले उड़े सामान…

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज में चोरी की हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है. दरअसल शातिर चोरों ने किसी आम घर में नहीं, बल्कि एसडीएम (SDM) के घर में ही सेंध लगा दी. रात के वक्त जब एसडीएम सो रहे थे, तब चोरों ने उनके बेडरूम का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और खाने-पीने की सामग्री पर हाथ साफ़ कर दिया. इस घटना के बाद एसडीएम डरे हुए है और बंगले में रात्रि सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने की मांग की है.
वहीं पुलिस ने इस मामले पर एसडीएम की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है, और एक नाबालिग को पकड़कर पूछताछ कर रही है. ये मामला कुसमी थानाक्षेत्र का है.

किचन की खिड़की में लगे लोहे की रॉड को काटकर चोर घर में घुसे
दरअसल, चोरों ने कुसमी क्षेत्र के एसडीएम अजय किशोर लकड़ा के सरकारी बंगले में हाथ साफ किया. एसडीएम लकड़ा ने बताया कि, बीती रात करीब 3 से 4 बजे के बीच उनके घर में किचन की खिड़की में लगे लोहे की रॉड को हटाकर, चोरों ने घर के अंदर घुसकर उनके बेडरूम की कुंडी को बाहर से बंद कर दिया. उसके बाद घर में रखा खाने-पीने के सामान पर हाथ साफ किया है. इतना ही नहीं चोरों ने घर की बाउंड्री के अंदर रखी ड्राइवर की मोटरसाइकिल की बैटरी को भी निकालने की कोशिश की, लेकिन उसमें चोरों को सफलता नहीं मिली.

एसडीएम के बंगले में रात में कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं
एसडीएम के मुताबिक़, भोर में करीब 5 बजे जब उनकी नींद खुली, तो बेडरूम का दरवाजा बाहर से बंद मिला. जिसके बाद उन्होंने फोन करके अपने ड्राइवर को बुलाया, जिसके बाद चालक जब बंगले में पहुंचा, तो देखा कि अंदर सामान बिखरा पड़ा हुआ है, और एसडीएम अपने बेडरूम में बंद है. एसडीएम अजय किशोर ने बताया कि रात में उनके बगले में कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं रहती है, जिससे कोई बड़ी घटना होने का डर बना रहता है. फिलहाल एसडीएम की रिपोर्ट पर पुलिस एक नाबालिग लड़के को पकड़कर पूछताछ कर रही है, जिसके बाद पुलिस को मामले में और सुराग मिलने की संभावना है.

रफ़्तार का कहर ! NH पर खड़ी ट्रक से टकराई स्विफ्ट कार …उड़े परखच्चे ,मौके पर तीन ने तोडा दम…

कोरबा। रफतार का कहर एक बार एनएच मार्ग पर बरपा है। कड़ी ट्रक में तेज स्विफ्ट कार जाकर टकरा गई। रफ़्तार इतनी तेज थी कि कार के परखच्चे उड़ गए है। कार में सवार तीन लोगो ने मौके पर ही दम तोड़ दिया है। घटना की सूचना के बाद बांगो पुलिस मौके पर पहुंचकर कार्रवाई में जुटी है।

बता दें कि अंबिकापुर-कटघोरा नेशनल हाइवे में लमना के समीप हुए सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। शनिवार सुबह अंबिकापुर-कटघोरा मार्ग में खड़ी ट्रक से तेज रफ्तार कार जा टकराई। घटना में उदयपुर के शिक्षक रमेश सिंह, पेट्रोल पंप संचालक, ट्रांसपोर्टर व ठेकेदार पंकज झा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।एक अन्य को जिला अस्पताल उपचार के लिए भेजा जा रहा था पर उसने भी रास्ते में दम तोड़ दिया। सभी रायपुर से वापस अंबिकापुर लौट रहे थे। मृतक पंकज झा रहने रायपुर के रहने वाले बताए जा रहे। मैनपाट में स्वदेश दर्शन योजना के तहत पर्यटन ग्राम विकास का कार्य भी वही करा रहे थे। यह घटना बांगो थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई है। उदयपुर से स्वजन घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। इस मार्ग में लगातार सड़क दुर्घटनाओं की वजह से मौत की घटनाएं हो रही।

22 साल की उम्र में छोड़ दिया था घर, नहीं लगता था गृहस्थी में मन, भाई के जीत पर बोलीं योगी आदित्यनाथ की बहन शशि

न्यूज डेस्क। यूपी में योगी आदित्यनाथ की प्रचंड जीत के बाद से उत्तराखंड में उनके घर-गांव समेत रिश्तेदारों में भी खुशी की लहर है. एबीपी न्यूज़ ने योगी जी की बड़ी बहन से खास बातचीत की. जिसमें उन्होने सीएम योगी से जुड़े कई बातों का जिक्र किया. बता दें कि योगी आदित्यनाथ की बड़ी बहन का नाम शशि है. उनका गांव उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में है.

शशि नीलकंठ मंदिर के पास प्रसाद और खाने पीने के सामान की दुकान चलाती हैं. वहीं फिलहाल वह अपने छोटे भाई के दोबारा मुख्यमंत्री बनने की खुशी से ये फूली नहीं समा रहीं. वहीं जब उनसे पूछा गया कि उनके भाई उनसे मिलने आते हैं या नहीं, इस सवाल पर सीएम योगी के जीजा पूरण सिंह पयाल ने कहा कि, ‘सीएम योगी को कोठार आने का समय नहीं मिलता, लेकिन एक स्कूल में अपने गुरु महंत अवैद्यनाथ जी की मूर्ति के अनावरण के चलते गांव आने की संभावना है.

22 साल की उम्र में छोड़ दिया था घर

उन्होंने कहा कि योगी ने सिर्फ 22 साल की उम्र में में घर छोड़ दिया था. उन्होंने सिर्फ घर ही नहीं बल्कि अपना नाम अजय सिंह बिष्ट को छोड़कर गोरखनाथ मठ में दीक्षा ले ली थी और तब से योगी आदित्यनाथ बने गये थे. योगी के जीजा पूरण सिंह पयाल बताते हैं कि योगी मन गृहस्थी में कभी नहीं लगा.

 

 

रिश्तेदारों की बात भी नहीं हो पाती

जहां यूपी चुनाव में परिवारवाद एक अहम हिस्सा था. वहीं सीएम योगी का परिवार बताता है कि अपने काम के चलते परिवार और रिश्तेदारों की बात भी सीएम योगी से नहीं हो पाती. सीएम योगी की बहन ने कहा कि लेकिन इसके बाद भी परिवार को कोई मलाल नहीं है क्योंकि योगी अब सिर्फ परिवार के नहीं रहे पूरे राज्य के मुखिया हो गए हैं. अब परिवार की उम्मीदें और बढ़कर हैं.

क्या यूक्रेन से चिड़िया उड़ाकर रूस को बर्बाद करने की साजिश रच रहा अमेरिका? कबूतरों को दी थी ट्रेनिंग

मॉस्को। रूस का आरोप है कि अमेरिका उसके पड़ोसी देश यूक्रेन में बायोलैब संचालित कर रहा है जिनमें बड़े पैमाने पर जैविक हथियार तैयार किए जा रहे हैं। रूस का दावा है कि यूक्रेन में अमेरिका की 26 बायोलैब मौजूद हैं। हालांकि अमेरिका ने जैविक हथियारों के निर्माण को लेकर सभी आरोपों को खारिज किया है। अब रूस एक नई थ्योरी लेकर आया है और कह रहा है कि अमेरिका यूक्रेन में रूसी नागरिकों के बीच जानलेवा बीमारियां फैलाने के लिए पक्षियों को ट्रेनिंग दे रहा है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने ये आरोप लगाए हैं।

रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इगोर कोनाशेनकोव ने गुरुवार को रूसी मीडिया से बात करते हुए ये दावे किए। न्यूजवीक की रिपोर्ट के मुताबिक कोनाशेनकोव ने कहा कि अमेरिकी सेना ने पक्षियों को एच5एन1 फ्लू स्ट्रेन ’50 फीसदी की मृत्यु दर के साथ’ और न्यूकैसल बीमारी के साथ संक्रमित करने की योजना बनाई है। न्यूकैसल बीमारी एक बेहद संक्रामक और घातक पक्षी रोग है जो श्वसन, तंत्रिका और पाचन तंत्र को प्रभावित करता है।

अमेरिका ने चलाया था ‘प्रोजेक्ट पीजन’
रिपोर्ट के मुताबिक रूसी मीडिया ने नक्शे, दस्तावेज और यूएस कोट ऑफ आर्म्स पहने हुए पक्षियों की फोटो भी प्रसारित की। कोनाशेनकोव ने कहा कि रूसी सैन्य अधिकारियों ने यूक्रेन के खेरसॉन रिजर्व से कुछ संक्रमित पक्षियों को पकड़ा भी है। स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ अमेरिकन हिस्ट्री के अनुसार अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बमों को सटीक लक्ष्य की ओर गाइड करने के लिए कबूतरों को ट्रेनिंग देने का प्रयास किया था। इसे ‘प्रोजेक्ट पीजन’ नाम दिया गया था। लेकिन इन पक्षियों का इस्तेमाल कभी जंग के मैदान में नहीं किया गया और 1953 में इस प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया गया।

बायोलैब को रूसी कब्जे से बचा रहा अमेरिका
इससे पहले अमेरिका की विदेश मामलों की अंडर सेक्रेटरी विक्‍टोरिया नूलैंड ने खुलासा किया था कि वॉशिंगटन यूक्रेन के साथ मिलकर बॉयोलॉजिकल शोध केंद्रों को रूस के हाथों में पड़ने से रोकने के लिए काम कर रहा है। उनके इस खुलासे से बवाल मच गया था और रूस ने अमेरिका पर यूक्रेन में जैविक हथियारों के निर्माण के आरोप लगाए थे। अमेरिका में रूसी राजदूत अनातोली एंटोनोव ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन में जैविक हथियारों के नियमों के उल्लंघन के तथ्यों की पुष्टि से चिंतित है।

साइबेरिया की रिसर्च लैब को शस्त्रागार बना चुके हैं पुतिन?
इस बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से यूक्रेन में पेंटागन की कथित जैविक प्रयोगशालाओं (बायोलॉजिकल लेबोरेटरी) के बारे में जल्द से जल्द जानकारी का खुलासा करने का आह्वान किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने आगाह किया है कि रूस यूक्रेन में रासायनिक या जैविक हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। अमेरिका ने दावा किया है कि साइबेरिया में सोवियत काल की एक रिसर्च लैब मौजूद है जिसे पुतिन ने अपने रासायनिक हथियारों के शस्त्रागार में बदल दिया है।

यह दुनिया की 59 अधिकतम सुरक्षा वाली बायोलैब में से एक है। इन लैबों में चीन का वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भी शामिल है। पुतिन पर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एलेक्सी नवलनी और रूसी के पूर्व खुफिया अधिकारी सर्गेई स्क्रिपल पर रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के आरोप भी लगते रहे हैं।

महिला को हुआ इश्क, पति और बच्चे को छोड़ प्रेमी के लिए बनी ‘लेडी डॉन’

न्यूज डेस्क। मशहूर कहावत है कि प्यार और जंग में सब जायज है। बिहार के पटना से एक ऐसी ही प्रेम कहानी सामने आई है, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। दरअसल, पटना पुलिस ने एक ऐसी शादीशुदा महिला (नगमा) को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने पति और बच्चे को छोड़ एक शख्स के प्यार में ‘लेडी डॉन’ बन गई। पहले तो नगमा, पति और बच्चे को छोड़ राहुल नाम के प्रेमी के साथ भाग गई। इसके बाद प्रेमी के कहने पर वो उसके लिए आपराधिक वारदातों में शामिल हो गई। लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया।

एक वारदात की छानबीन से सामने आई ये कहानी

‘न्यूज18’ की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दिन पहले पटना में गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के अनिशाबाद मोड़ पर एक मोबाइल दुकान में लूट के मकसद से गूंडों ने गोलीबारी की थी। वारदात की पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी, जिसकी जांच के बाद पुलिस ने राहुल और नगमा को गिरफ्तार कर लिया। जब पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो एक चौंकाने वाली कहानी सामने आई।

जेल में बंद था प्रेमी, तो महिला संभाल रही थी गिरोह

पूछताछ में पता चला कि राहुल और नगमा पहले लवर्स थे, जिसके बाद उन्होंने शादी कर ली। असल में, पटना के चितकोहरा का रहने वाला राहुल लोगों की सुपारी लेता है और हथियारों की तस्करी भी करता है। साल 2015 में विक्रम नामक युवक की हत्या के मामले में वो लगभग 5 साल तक छपरा जेल में बंद रहा। इस दौरान उसकी नगमा गिरोह की कमान संभाल रही थी। वो लगातार जेल में बंद राहुल के कॉन्टेक्ट में थी, और उसके बताए पतों पर हथियारों की सप्लाई करवाती थी।

1 महीने पहले मिली थी प्रेमी को जमानत

राहुल ने पुलिस को बताया कि उसे सोनू ने मोबाइल की दुकान में काम करने वाले एक शख्स की सुपारी दी थी। हत्या के मकसद से ही उन्होंने दुकान में फायरिंग की थी और उस युवक को गोली मार दी थी। हालांकि, इश्क की शुरुआत में राहुल को पता नहीं था कि नगमा शादीशुदा है और एक बच्चे की मां है। घर से नगमा को भगाने के बाद राहुल ने उसे गायघाट इलाके में किराए के एक मकान में रखा था। 1 महीने पहले ही राहुल को जमानत मिली है और बाहर आते ही उसने नगमा से शादी कर ली।

 

कोरोना, तैरती लाशें, बेरोज़गारी, किसान आंदोलन, सांड़ जैसे मुद्दों का बीजेपी पर नहीं हुआ कोई असर! पढ़िए ये आंकड़े

न्यूज डेस्क। भाजपा ने यूपी विधानसभा चुनाव में जिन 255 सीटों पर विजय प्राप्त की है ,उसमें 222 विधानसभा सीटें वो है जहां 2019 के लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी पहले नंबर पर थी। ये सभी सीटें पश्चिमी यूपी, मध्य यूपी और पूर्वी यूपी में फैली हुई है। 2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी में बीजेपी 275 विधानसभा सीटों पर पहले नंबर पर थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 80 में से 62 सीटों पर जीत हासिल की थी जबकि 2 सीटों पर बीजेपी की सहयोगी अपना दल सोनेलाल को जीत हासिल हुई थी।

बची हुई 53 विधानसभा सीटों में से जहां भाजपा 2019 के लोकसभा चुनावों में पहले स्थान पर रही, उनमें इस बार उसके दोनों सहयोगियों ने 15 सीटों पर विजय प्राप्त की है। इनमे अपना दल (सोनीलाल) ने 11 और निषाद पार्टी ने 4 सीटों पर विजय प्राप्त की है। भाजपा गठबंधन को यूपी में 273 विधानसभा सीटों पर जीत मिली है।

भाजपा ने अपने सहयोगियों के साथ उसी 237 विधानसभा सीटों पर अपनी बढ़त बरकरार रखी, जहां 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी पहले स्थान पर रही थी। 275 सीटों में से पार्टी को केवल 38 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। इसमें सपा ने 33 , रालोद ने 3 और कांग्रेस ने 2 सीटों पर जीत हासिल की।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि बीजेपी ने केवल सत्ता विरोधी लहर को मात दिया। बल्कि यूपी चुनाव में बीजेपी पर बेरोजगारी, कोरोना , तैरती लाशें और सांड़ जैसे मुद्दों का कोई असर नहीं हुआ। यूपी चुनाव के दौरान विरोधी दलों ने आवारा पशुओं को मुद्दा बनाया और पीएम मोदी ने भी इसको लेकर कहा था कि सरकार बनने के बाद वो इसका स्थाई समाधान करेंगे।यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा और सपा के बीच सीधी लड़ाई देखी गई ,जबकि बसपा को महज एक सीट पर जीत हासिल हुई। यूपी में 305 सीटों पर भाजपा और सपा के बीच सीधी लड़ाई हुई जिसमें भाजपा ने 206 सीटों पर जीत हासिल की। जबकि सपा को 99 सीट पर जीत प्राप्त हुई।

प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार शाम उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंपा। इस्तीफा देने के पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आखिरी कैबिनेट बैठक भी की, जिसमें सभी मंत्री मौजूद थे। जल्द ही योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण में पीएम मोदी, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत भाजपा शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।

भगवंत मान के साथ अरविंद केजरीवाल ने शेयर की तस्वीर, पढ़िए सोशल मीडिया यूजर्स के रिएक्शन

न्यूज डेस्क।पंजाब विधानसभा चुनाव में 117 सीटों में से 80 सीटों के नतीजे घोषित किए जा चुके हैं। इन 80 सीटों में आम आदमी पार्टी को 65 सीट पर जीत मिली है जबकि कांग्रेस को ही आ रहा है और बीजेपी ने 2 सीट पर जीत दर्ज की है। इसी बीच दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी की ओर से पंजाब में मुख्यमंत्री का चेहरा बने भगवंत मान के साथ एक तस्वीर शेयर की है। जिस पर लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान के साथ तस्वीर शेयर कर लिखा कि इस इंकलाब के लिए पंजाब के लोगों को बहुत-बहुत बधाई। अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी। इस तस्वीर को शेयर कर लोग अपनी बात भी लिख रहे हैं। सुजीत कुमार पटेल लिखते है की सबसे बढ़िया आम आदमी पार्टी का है। 2 ग्रुप की लड़ाई में तीसरा बाजी मार ले गया।

ज्ञानेंद्र लिखते हैं कि विकसित राज्य में पढ़े-लिखे लोग विकास को वोट देते हैं। अब्बू पठान ने लिखा कि दो राज्य में हमारी सरकार बन गई है.. नच दे फट्टे। सागर नाम के एक यूजर ने कमेंट किया – दिल्ली को पेरिस बनाने के बाद अब पंजाब को कनाडा बनाया जाएगा। नदीम सिद्दीकी लिखते हैं कि अब तो सरकार तेरा भाई चलाएगा। विजय कुमार ने लिखा, ‘ असल में तो अब उड़ेगा पंजाब।’

मनरेगा के संसाधनों से महिलाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ना होगा सिंहदेव

कोरबा ।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत कार्य करने वाली महिला श्रमिकों को अपने सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए स्वयं को आगे आना होगा। महात्मा गांधी नरेगा के तहत सृजित व्यक्तिगत परिसंपत्ति का लाभ लेकर महिलाएं स्वावलंबन की राह पर आगे बढे़ तभी समाज की, प्रदेश की उन्नति सम्भव है। उक्त उदगार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज राज्य स्तरीय मनरेगा महिला हितग्राही सम्मान समारोह में व्यक्त किये। अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस के तहत राज्य में आईकोनिक वीक मनाया जा रहा है इसी श्रृंखला में आयोजित इस वर्चुवल कार्यक्रम में श्री सिंहदेव ने विभिन्न जिलों की महिला हितग्राहियों से व्यक्तिगत परिसंपत्ति निर्माण के बाद उनके जीवन में आये बदलाव के विषय में बात की तथा उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर एनआईसी कक्ष कलेक्टेªट कोरबा में उपस्थित श्रीमती शिवकला कंवर अध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा एवं श्रीमती वंदना गवेल, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा ने मनरेगा के तहत अपनी निजि भूमि में परिसंपंत्तियों का निर्माण कर आजीविका संवर्धन करने वाली जिले की 05 महिला हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इन महिलाओं ने श्रीमती सुखबाई, ग्राम पंचायत गोढ़ी जनपद पंचायत कोरबा, श्रीमती वृन्दा बाई ग्राम सलोरा ख जनपद पंचायत कटघोरा, श्रीमती खुशी बाई, ग्राम पंचायत भैसामुड़ा, जनपद पंचायत करतला, श्रीमती बुधवरा बाई, ग्राम पंचायत नोनबिर्रा जनपद पंचायत पाली एवं श्रीमती बचन बाई, ग्राम पंचायत बांगो, जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा शामिल है। इस अवसर पर संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच, महात्मा गांधी नरेगा इकाई जिला पंचायत कोरबा के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

कांग्रेस में बदलाव को लेकर सियासी ‘शो-डाउन’ की तैयारी, पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद असंतुष्ट नेताओं ने की निर्णायक रणनीति पर मंत्रणा

नई दिल्ली: पांच राज्यों के चुनाव में कांग्रेस की दुर्दशा के बाद संगठन में व्यापक बदलाव और सुधार के लिए पार्टी नेतृत्व पर दबाव गहराने लगा है। पार्टी की हालत को बेहद चिंताजनक मान रहे असंतुष्ट नेताओं यानी समूह-23 ने इस मसले पर अब निर्णायक कदम बढ़ाने की रणनीति पर शुक्रवार को लंबी मंत्रणा की। इसका लब्बोलुआब यह था कि कांग्रेस के लगातार सिकुड़ते आधार और संगठनात्मक विफलताओं पर बार-बार पर्दा डालकर बच निकलने की पार्टी हाईकमान की रणनीति अब स्वीकार्य नहीं होगी। संकेत हैं कि तत्काल ईमानदार पहल नहीं हुई तो नेताओं की यह बढ़ती बेचैनी पार्टी में सियासी ‘शो-डाउन’ तक की नौबत पैदा कर सकती है।

 

 

 

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में कांग्रेस की करारी हार से बढ़ रही हताशा के संकेत असंतुष्ट खेमे के नेताओं ने नतीजे आने के बाद गुरुवार से ही देने शुरू कर दिए थे। शुक्रवार देर शाम समूह 23 के कुछ नेताओं की गुलाम नबी आजाद के घर बैठक हुई। इसमें कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा और मनीष तिवारी शामिल थे। समझा जाता है कि ताजा हार से पार्टी में गहराए संकट को देखते हुए इस बैठक में कांग्रेस के नए अध्यक्ष का चुनाव तत्काल कराने और इसके लिए एआइसीसी का आपात अधिवेशन बुलाने की मांग उठाने की रणनीति पर चर्चा हुई। पुख्ता संकेत है कि समूह 23 के नेता कांग्रेस में व्यापक बदलाव के लिए अब लंबा इंतजार करने के पक्ष में नहीं है और जल्द ही हाईकमान से इस दिशा में निर्णायक कदम उठाने की मांग करने की तैयारी में हैं।

अब नहीं, तो बहुत देर हो जाएगी

असंतुष्ट खेमे के एक वरिष्ठ नेता ने अनौपचारिक बातचीत में कहा, ‘अब जल्द कदम उठाने के लिए पहल नहीं की जाएगी तो बहुत देर हो जाएगी और मामला ठंडा पड़ते ही नेतृत्व को बचकर निकलने का मौका मिल जाएगा। इसलिए चाहे पार्टी में राजनीतिक शो-डाउन की स्थिति ही क्यों न बने अब हमें कुछ न कुछ निर्णायक दिशा में बढ़ना ही होगा।’

नेतृत्व से मिलता है सिर्फ भरोसा

असंतुष्ट खेमे का कहना है कि पार्टी के गिरते ग्राफ को थामने के लिए नेतृत्व ने गंभीर और व्यापक आत्मावलोकन करने से परहेज किया है, जबकि 2019 के आम चुनाव में हार के बाद से लगातार इसको लेकर आवाज उठ रही है। अगस्त 2020 में समूह 23 के नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर सुधारों के लिए सुझाव भी दिए थे। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाकर तब संगठनात्मक सुधार के साथ पार्टी को जनता के बीच ले जाने की रीति-नीति पर आगे बढ़ने का भरोसा दिया गया मगर इस पर अमल नहीं हुआ।

 

समिति बनती है, पर होता कुछ नहीं

पिछले साल केरल, असम, बंगाल और पुडुचेरी में करारी हार की समीक्षा के लिए महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण, सलमान खुर्शीद, विसेंट पाला, ज्योतिमणि और मनीष तिवारी की समिति बनाई गई। मगर जिस तरह 2014 की हार के बाद एके एंटनी समिति की रिपोर्ट की सिफारिशें अभी तक सामने नहीं आईं हैं कुछ यही हाल चव्हाण समिति की रिपोर्ट का भी है।

हालात से अनजान नहीं हाईकमान

हार पर पार्टी में अंदरूनी संग्राम की इस आहट को हाईकमान भी भांप रहा है और तभी नेतृत्व के भरोसेमंद नेता भी जवाबी तैयारी की भूमिका बनाते नजर आ रहे हैं। असंतुष्ट खेमे के नेता गुलाम नबी आजाद के पांच राज्यों में कांग्रेस की हार पर कलेजा छलनी होने के बयान ने अंदरूनी हलचल मचाई है तो शशि थरूर की संगठनात्मक नेतृत्व में व्यापक सुधार और बदलाव की मांग की गूंज भी कम नहीं है।

 

 

नेतृत्व की घेरेबंदी की इस आशंका को देखते हुए गांधी परिवार के बेहद करीबी नेताओं में गिने जाने वाले कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार बचाव के लिए शुक्रवार को मैदान में उतर पड़े और कहा कि गांधी परिवार के बिना कांग्रेस एकजुट नहीं रह सकती है। असंतुष्ट खेमे की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों को सत्ता चाहिए वे पार्टी छोड़ दें मगर उनके जैसे नेता तो गांधी परिवार के साथ ही रहें gan