कोरबा।कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने होली पर्व और शब-ए-बारात पर्व को आपसी भाई चारे और सौहार्द्रपूर्ण तरीके से मनाने के लिए जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक ली। शांति समिति के सदस्यों ने 17 मार्च को होलिका दहन और 18 मार्च को होली त्यौहार और शब-ए-बारात पर्व को मिल जुल कर और सदभाव के साथ मनाने का निश्चय किया। 17 मार्च को रात 10 बजे तक होलिका दहन पूर्ण कर लिया जाएगा।कलेक्टर ने होलिका दहन को शांति पूर्ण मानने की अपील करते हुए गाइडलाइन जारी की है।
होलिका दहन कार्यक्रम आयोजित करने वाली सभी समितियों को होलिका दहन का समय और स्थल की पूरी जानकारी प्रशासन को देनी होगी। जानकारी प्राप्त होने पर संबंधित एसडीएम और कार्यपालिक दण्डाधिकारी पुलिस अधिकारियों के साथ ऐसे स्थानों का निरीक्षण भी करेंगे।
होलिका दहन झुग्गी-झोपड़ियों या विद्युत तार के नीचे या ट्रांसफार्मर एवं अन्य विद्युत उपकरणों के नजदीक नहीं किया जाएगा। स्ट्रीट लाईटों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के विरूद्ध भी शासकीय संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
कोरबा। होली पर्व पर जिले की सभी शासकीय शराब दुकानें और लाइसेंसी बार आदि बंद रहेंगे। कलेक्टर श्रीमती साहू ने अवैध शराब की बिक्री को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के निर्देश आबकारी विभाग के अधिकारियों को बैठक में दिए। अवैध शराब की बिक्री करने वालों के विरूद्ध छापामार कर सख्त कार्रवाई करने के लिए कलेक्टर ने आबकारी विभाग को दस्ते बनाने को कहा। उन्होंने होटलों तथा ढाबों जैसे स्थानों पर अवैध शराब की बिक्री पर भी रोक लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
होली के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने, आंखों में रंग-गुलाल जाने या रंगो के कारण किसी व्यक्ति की तबियत खराब होने पर तत्काल उपचार के लिए होली के दिन भी जिला चिकित्सालय के साथ-साथ सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टर मौजूद रहेंगे। जिले में ऐम्बुलेंस संचालनकर्ता एजेंसी, स्टॉफ नर्स आदि को भी त्यौहार के दौरान अप्रिय स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहेंगे। अस्पतालों और स्वास्थ्य केन्द्रों में नेत्र चिकित्सकों और चर्म रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्युटी उपलब्धतानुसार लगाने के निर्देश बैठक में दिए गए। ऐम्बुलेंसों और 112 वाहनों को भी अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में ही मौजूद रहने के लिए निर्देशित किया गया ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को समय पर उपचार की सुविधा मुहैया कराई जा सके। होली त्यौहार के मद्देेनजर पिकनिक स्पॉट, नदी-नालों विशेषकर दर्री हसदेव डेम बॅराज पर होम गार्ड के गोताखोर नजर रखेंगे। इन स्थानों पर भी सुरक्षाबलों की व्यवस्था और पैट्रोलिंग होती रहेगी। होली के त्यौहार पर लोगों के स्वास्थ्य को हानि पहुंचाने वाले रंगो, कैमिकल स्प्रे, पेपर स्प्रे, हुटर साइरन और मुखौटों की बिक्री करने वालों पर भी प्रशासन की विशेष नजर रहेगी।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बाद अब न्यायधानी में भी एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट का गठन हुआ है। एसएसपी पारुल माथुर द्वारा गठित टीम में प्रभारी के अत्तिरिक्त 20 पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है।
बता दें, कि पूर्व डीजीपी डीएम अवस्थी ने प्रत्येक जिलों में चल रही क्राइम ब्रांच को भंग कर दिया था, जिसके बाद दिनांक 4 मार्च को गृह मंत्रालय ने आदेश जारी कर तीन मुख्यालयों रायपुर दुर्ग व बिलासपुर में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट बनाने के निर्देश जारी किए थे। इसके लिये जिले में उपलब्ध बल को ही शामिल करने के निर्देश दिए गए थे।
गृह मंत्रालय के आदेश के बाद सबसे पहले क्राइम ब्रांच का गठन राजधानी रायपुर में हुआ था, जिसके बाद न्यायधानी बिलासपुर में भी गुरुवार को एसएसपी पारुल माथुर ने एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट का गठन किया है। इसमें प्रभारी के अलावा 20 सदस्य शामिल हैं।
टीम दो विंगों में बांटी गई है। पहली विंग टेक्निकल टीम हैं, जिसमें 8 सदस्य हैं जो टेक्निकल जांच करेगी। दूसरी फील्ड टीम हैं जो फील्ड में काम करेगी इसमें 12 सदस्य हैं। इस टीम के प्रभारी जिले के सबसे सीनियर टीआई हरविंदर सिंह को बनाया गया है। हरविंदर फिलहाल, रतनपुर थाना प्रभारी के तौर पर काम कर रहे हैं। उनकी जगह पर हिर्री प्रभारी उपनिरीक्षक शांत साहू को रतनपुर प्रभारी बनाया गया है। यातायात में पदस्थ निरीक्षक बृजलाल भारद्वाज को हिर्री प्रभारी बनाया गया है..
दिल्ली। दिल्ली पुलिस की नार्थ जिले की पुलिस ने एक बड़े लूट के केस को सुलझाने का दावा किया है. 2 फरवरी को दिल्ली के कूचा महाजनी इलाके में एक व्यापारी से बंदूक की नोक पर एक करोड़ 15 लाख कैश और कुछ ज्वेलरी लूट की सूचना मिली. सूचना मिलते ही पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी. इस केस को हल करने के लिए कई टीम गठित की गई. शुरुआत में तो पुलिस खाली हाथ रही फिर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया.
लूट के बाद कुछ यूं खुलेआम घूम रहे थे चोर
फुटेज के आधार पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस की जांच दिल्ली के मौजपुर तक पहुंच गई, लेकिन आरोपी पुलिस की गिरफ्त से अभी भी बाहर थे. इसके बाद पुलिस ने अपने मुखबिर की मदद ली. मुखबिर की मदद से जानकारी मिली कि तीन से चार लड़के दो तीन दिनों से लगातार शराब की दुकान से महंगी शराब खरीद रहे है. इस सूचना के आधार पर पुलिस ने उस मकान पर पहुंची जहां आरोपी लड़के रह रहे थे.
सीसीटीवी फुटेज से पुलिस ने शुरू की जांच
फिर पुलिस उस मकान कर छापेमारी की तो देखा कि एक आरोपी लाल शर्ट पहन रखी है, जो सीसीटीवी फुटेज से मैच कर रहा था. इस आधार पर पुलिस ने पहले तीन लड़कों से पूछताछ की और फिर बाद दो और आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया. एक करोड़ 26 लाख के कैश और ज्वेलरी बरामद की. आरोपी ने लूट कर भगवान को खुश करने के लिए खाटू श्याम जी का दर्शन करने के लिए गया और लूट की रकम में से एक लाख का चढ़ावा भी चढ़ाया.
पहले भी लूट का अंजाम दे चुके हैं ये चोर
साथ ही ये दिल्ली में चार और रॉबरी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं. अपने टारगेट को साधने के लिए उनके नौकरों को लालच देकर उनसे टारगेट के बारे में जानकारी लेकर उनसे लूट की वारदात को अंजाम देता था.
न्यूज डेस्क। कोरोना के साये में हुआ उत्तराखंड का विधानसभा चुनाव इस बार कई मायनों में यादगार रहेगा। नेताओं की बदजुबानी से लेकर धार्मिक तुष्टिकरण तक की कोशिशें भी खूब हुई। ये प्रदेश का ऐसा पहला विधानसभा चुनाव रहा, जिसमें हरक सिंह रावत नही लड़े।
चुनाव से ठीक पहले हरिद्वार में हुई धर्म संसद से बदला राजनीतिक माहौल चुनाव नजदीक आने के साथ करवटें बदलता चला गया। जैसे-जैसे चुनाव निर्णायक दौर में पहुंचा, भाजपा ने तुष्टिकरण के मुद्दे पर कांग्रेस को असहज करने की कोशिश की। कांग्रेस ने भी तीन-तीन मुख्यमंत्री बदलने को लेकर बनाए गए तीन तिगाड़ा, काम बिगाड़ा मुद्दे से भाजपा को घेरने का प्रयास किया। आम आदमी पार्टी ने भी आध्यात्मिक राजधानी से लेकर मुफ्त बिजली गारंटी की भी सियासत की। चुनाव में भाजपा ने आखिर में ध्रुवीकरण का दांव चला।
मुस्लिम विवि के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ, अमित शाह से लेकर पार्टी नेताओं ने जमकर कांग्रेस को घेरा। लव जिहाद से लेकर ‘लैंड’ जिहाद, हिजाब और आखिर में सीएम धामी का समान नागरिक संहिता का मुद्दा ध्रुवीकरण की सियासत का आखिरी दांव माना गया। वहीं, कांग्रेस ध्रुवीकरण के मामले पर कन्नी काटती नजर आई। कांग्रेस ने तीन-तीन मुख्यमंत्री बदलने के मुद्दे को अपने चुनाव अभियान का सबसे धारदार हथियार बनाते हुए भाजपा पर जमकर चुनावी हमला किया।
इसके अलावा 2022 का विधानसभा चुनाव सियासी दलों और प्रत्याशियों के बनाए गए थीम सांग्स के लिए भी याद किया जाएगा। भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी ने ही थीम सांग्स नहीं बनाए बल्कि प्रत्याशियों के समर्थन में भी सोशल मीडिया और प्रचार में जमकर गाने बजाए। बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल ने भी भाजपा का थीम सांग गाया और प्रधानमंत्री की कविता को भी आवाज दी।
दलबदलुओं की रही बहार
इस चुनाव में दलबदलुओं की भी बहार रही। धामी सरकार के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत कांग्रेस में चले गए। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, कांग्रेस नेता दुर्गेश्वर लाल ने भाजपा का दामन थाम लिया। ओम गोपाल रावत और टिहरी विधायक धन सिंह नेगी ने भाजपा से बगावत की और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा।
चुनावी चौसर से बाहर दिखे हरक, चैंपियन और कर्णवाल
यह चुनाव हरक सिंह रावत के लिए भी याद किया जाएगा। यह पहला चुनाव है, जिसमें हरक नजर नहीं आए। इसके अलावा चैंपियन और कर्णवाल भी इस बार चुनावी चौसर से बाहर दिखे। एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी के कारण पार्टी को असहज करने वाले इन दोनों विधायकों का भाजपा ने टिकट काट दिया। हालांकि चैंपियन की जगह उनकी पत्नी कुंवररानी देवयानी को बीजेपी ने टिकट दिया।
न्यूज डेस्क। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपनी दोनों सीट श्री चमकौर साहिब और भदौड़ से चुनाव हार चुके हैं। भदौड़ में सीएम चन्नी को बेहद आम शख्स ने सियासी शिकस्त दी है। आम आदमी पार्टी ने लाभ सिंह उगोके को अपना प्रत्याशी बनाया था। लाभ सिंह ने प्लंबर का कोर्स किया है और वह मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाते हैं। गरीब घर से ताल्लुक रखने वाले नौजवान लाभ सिंह उगोके ने सीएम चन्नी को 37500 मतों से हराकर इतिहास रचा।
सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के पास 07 करोड़ 97 लाख रुपये की चल और अचल संपति है। सीएम चन्नी की पत्नी कमलजीत कौर भी 04 करोड़ 18 लाख और 45 हजार रुपये की चल-अचल संपत्ति की मालकिन हैं। चन्नी व उनकी पत्नी कमलजीत कौर के पास फॉर्य्चूनर गाडियां हैं। चन्नी के पास चार करोड़ रुपये से ज्यादा की आवासीय जगह है। जबकि पत्नी के पास भी दो करोड़ 27 लाख और 85 हजार रुपये की आवासीय जगह है। वहीं सीएम चन्नी को हराने वाले आप के उम्मीदवार लाभ सिंह उगोके के पास सिर्फ 75 हजार रुपये की नकदी है और 2014 मॉडल की पुरानी बाइक व दो कमरों का मकान है।
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपनी दोनों सीट श्री चमकौर साहिब और भदौड़ से चुनाव हार चुके हैं। भदौड़ में सीएम चन्नी को बेहद आम शख्स ने सियासी शिकस्त दी है। आम आदमी पार्टी ने लाभ सिंह उगोके को अपना प्रत्याशी बनाया था। लाभ सिंह ने प्लंबर का कोर्स किया है और वह मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाते हैं। गरीब घर से ताल्लुक रखने वाले नौजवान लाभ सिंह उगोके ने सीएम चन्नी को 37500 मतों से हराकर इतिहास रचा।
सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के पास 07 करोड़ 97 लाख रुपये की चल और अचल संपति है। सीएम चन्नी की पत्नी कमलजीत कौर भी 04 करोड़ 18 लाख और 45 हजार रुपये की चल-अचल संपत्ति की मालकिन हैं। चन्नी व उनकी पत्नी कमलजीत कौर के पास फॉर्य्चूनर गाडियां हैं। चन्नी के पास चार करोड़ रुपये से ज्यादा की आवासीय जगह है। जबकि पत्नी के पास भी दो करोड़ 27 लाख और 85 हजार रुपये की आवासीय जगह है। वहीं सीएम चन्नी को हराने वाले आप के उम्मीदवार लाभ सिंह उगोके के पास सिर्फ 75 हजार रुपये की नकदी है और 2014 मॉडल की पुरानी बाइक व दो कमरों का मकान है।
लोगों ने 1952 वाला इतिहास दोहराया: लाभ सिंह उगोके
लाभ सिंह उगोके ने कहा कि मुझे पीछे हटने के लिए पांच करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया था, जिसका ऑडियो मेरे पास मौजूद है। लाभ सिंह उगोके ने कहा कि वह सिस्टम बदलने की लड़ाई लड़ रहे हैं, किसी भी कीमत में अपना जमीर नहीं बदल सकते हैं, क्योंकि कुल्लियों वालों की लड़ाई महलों वालों से थी लेकिन भदौड़ के जुझारू लोग पूंजीपति चन्नी को भारी बहुमत से मात देकर 1952 वाला इतिहास दोहराया है।उन्होने बताया कि 1952 में गरीब आदमी अर्जन सिंह का मुकाबला चुनाव में एक राजा से था। अर्जन सिंह बैलगाड़ी पर चुनाव प्रचार करता था लेकिन राजा के पास सभी साधन थे और उस राजा ने उस समय अपने चुनाव पर एक लाख रुपया खर्च किया था लेकिन भदौड़ के लोगों ने अर्जन सिंह को जीत दिलाई और राजा को हराकर उसका अहंकार तोड़ा। इस बार भी भदौड़ में यही हुआ है और वह हलका भदौड़ का दिल्ली मॉडल की तरह विकास करेंगे।
उगोके के पिता मजदूर, मां निजी स्कूल में दर्जा चार मुलाजिम
लाभ सिंह का एक साधारण परिवार है। दो कमरों के घर में रहने वाले लाभ सिंह की मां एक सरकारी स्कूल में दर्जा चार कर्मचारी हैं। उनके पिता ने मजदूरी कर अपने परिवार को आगे बढ़ाया। उनकी पत्नी घरेलू महिला हैं और लाभ के दो बच्चे हैं। लाभ सिंह पिछले लगभग 10 साल से आप से जुड़े हैं। वह भगवंत मान के करीबी हैं।
नईदिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। भाजपा की इस प्रचंड जीत पर सीएम योगी आदित्यनाथ की हर तरफ तारीफ हो रही है। जीत के बाद गुरुवार की शाम मुलायम सिंह यादव की बहू और पोती ने सीएम योगी का तिलक लगाकर अभिनंदन किया। मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव अपनी बेटी को लेकर योगी के घर पहुंची और जीत की बधाइयां देने के साथ ही मां-बेटी ने योगी के माथे पर तिलक भी लगाया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
अपर्णा यादव ने शेयर किया वीडियो: भाजपा की जीत के बाद सीएम योगी के माथे पर अपर्णा यादव और उनकी मासूम बेटी के द्वारा तिलक लगाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो शेयर करते हुए अपर्णा यादव ने ट्विटर पर लिखा कि “जब तक खून में हैं हलचल, भगवा झुक नही सकता।” इस वीडियो पर अब लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
लोगों की प्रतिक्रियाएं: विजय मिश्रा नाम के यूजर ने लिखा कि “आज डिंपल यादव जी भी सोच रही होंगी कि काश मैं भी अपर्णा की तरह बीजेपी ज्वाइन कर ली होती तो घर में खुशियों का माहौल होता।” अंशू अग्रहरी नाम के यूजर ने लिखा कि “वाह! अपने बच्चों को ऐसे ही उच्च संस्कार देने चाहिए, जो शायद आज कल के बच्चों में नहीं पाया जाता।”
संदीप आर्या नाम के यूजर ने लिखा कि “मजा तो तब आएगा जब अपर्णा यादव जी, ढोल बजवा-बजवाकर परिवार के लोगों को लड्डू खिलाएगी।” अभी अनूप नाम के यूजर ने लिखा कि “घर का भेदी लंका ढाए।” उत्कर्ष काजल सिंह नाम के यूजर ने लिखा कि “इसको कहते हैं, जले पर नमक छिड़कना।” देवेश कुमार सिंह नाम के यूजर ने लिखा कि “…और विधानसभा चुनाव में हार देखकर जेठानी के दिल पर तो सांप लोट रहे होंगे।”
मृगया मुकाम नाम की यूजर ने लिखा कि “समाजवादी पार्टी का माहौल ठंडा करने में पहला पंचर तो अपर्णा यादव ने ही कर दिया था और अब ये तिलक की फोटो, यही बाकी था। डिंपल भाभी को चाहिए था कि अपनी रैली में देवरानी को लेकर जातीं।” विपिन बिहारी नाम के यूजर ने लिखा कि “अपर्णा यादव को राज्य की “बुलडोजर मंत्री” पद से सम्मानित किया जायेगा।”
अब फिर आंदोलन कब से शुरू होगा? राकेश टिकैत ने दी जीत की बधाई तो लोग ऐसे लेने लगे मजे
बता दें कि चुनाव से पहले अपर्णा यादव समाजवादी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गईं थीं। इसके बाद अपर्णा लगातार भाजपा की महिला ब्रिगेड के साथ प्रचार करती भी दिखाई दीं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने 273, सपा ने 125, बसपा ने 1 और कांग्रेस ने 2 सीटों पर जीत हासिल की है।
कोरबा। सर्व शिक्षक संघ के युवा तुर्को ने संघ को नई ऊर्जा प्रदान करने कार्यकारिणी का विस्तार किया है। जिसमे संघ जिला अध्यक्ष कृति कुमार लहरे को बनाया गया है तो कार्यकारी जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी विनय कुमार शुक्ला को सौंपा गया है। कार्यकारिणी में विस्तार के बाद माना जा रहा है कि संघ शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण के लिए अग्रसर रहेगा।
बता दें कि सर्व शिक्षक संघ की नीति एवं कार्यप्रणाली से प्रभावित होकर कोरबा जिले के सैकड़ों शिक्षकों ने संघ की सदस्यता ग्रहण की है ज्ञात हो कि कुछ दिनों पूर्व ही विपिन यादव ने सर्व शिक्षक संघ की सदस्यता ग्रहण की थी जिन्हें संगठन का प्रदेश महासचिव बनाया गया था वर्तमान में कोरबा जिले के सैकड़ों शिक्षकों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की है यह सारे शिक्षक विपिन यादव के साथी माने जाते हैं।
संगठन में इन शिक्षकों के जुड़ने के बाद कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने जिला कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए नई कार्यकारिणी घोषित की है। नई कार्यकारिणी में किसे कौन सी जिम्मेदारी दिया गया है.
न्यूज डेस्क। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो खूब वायरल (Viral Video) हो रहा है. इस वीडियो को देखकर आप हंसते-हंसते लोट-पोट हो जाएंगे. यह वीडियो एक मां और उसकी बेटी से जुड़ा है. इस वीडियो में बेटी अपनी मां से होशियारी दिखाने की कोशिश करती है. जिसके बाद शातिर मां उसे ऐसा सबक सिखाती है, जो बेटी को जिंदगीभर याद रहेगा. वीडियो काफी मजेदार है.
मां को बेवकूफ बनाने की कोशिश करती है बेटी
आमतौर पर आपने देखा होगा कि बच्चे हमेशा कुछ ऐसा कर देते हैं, जिसके लिए मां-बाप मना करते हैं. न सिर्फ छोटे बच्चे, बल्कि बड़े बच्चे भी अक्सर ऐसा करते हैं. कई बार वह मां-बाप के गुस्से का शिकार भी हो जाते हैं. इस वीडियो में कुछ ऐसा ही है. आप देख सकते हैं कि बेटी अपने कमरे में कुर्सी पर बैठी हुई है. उसने अपने कानों में हेडफोन लगाया हुआ है और मजे से गेम खेल रही है. इसी दौरान उसे अपनी मां के कमरे में आने की आहट सुनाई देती है.
इसके बाद बेटी एकदम फुर्ती से अपने कानों से हेडफोन निकालती है और कुर्सी पर ही सोने का नाटक करती है. बेटी एक तरह से मां को बेवकूफ बनाने की कोशिश करती है, लेकिन मां तो आखिर मां होती है. मां को अपने बच्चों के बारे में पता होता है कि वो क्या गुल खिला सकते हैं. इसके बाद मां कमरे के अंदर रहकर ही दरवाजे को लॉक कर देती है. ऐसे में बेटी को लगता है कि मां कमरे से बाहर चली गई. देखें वीडियो-
https://twitter.com/i/status/1501477473414189056
IPS अधिकारी ने शेयर किया वीडियो
वीडियो में देखा जा सकता है कि इसके बाद बेटी उठकर फिर से वीडियो गेम खेलने लगती है. इसके बाद मां पीछे से आकर उसे धप्पा बोल देती है. यही नहीं मां उसे खींचकर एक थप्पड़ भी लगा देती है. वीडियो देखने में बहुत ही मजेदार है. वीडियो को IPS अधिकारी दीपांशु काबरा ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है. इसके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘हर मां अपने-आप में एक SuperCop होती है.
कीव/मास्को/ वाशिंगटन। Ukraine Russia War यूक्रेन पर रूसी हमले का आज 16वां दिन है। रूस की ओर से यूक्रेन के कई शहरों पर हमले जारी हैं। इस बीच यूक्रेन की राजधानी कीव के बाहर फिर से रूसी काफिला देखा गया है। एक अमेरिकी निजी कंपनी ने कहा कि, 10 मार्च को ली गईं सैटेलाइट तस्वीरों में कीव के उत्तर-पश्चिम में फिर से रूसी काफिला देखा गया है। यह काफिला पहले तितर-बितर हो गया था।
कहा गया कि तस्वीरों में बख्तरबंद गाड़ियां हवाईअड्डे के नजदीक शहरों में घुसपैठ कर रही हैं। इस काफिले को जंगलों में पेड़ों की कतार में तैनात किया गया है। इधर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि पिछले दो दिनों में यूक्रेन से करीब एक लाख लोगों को बाहर निकाला गया है।
रूस से मोस्ट फेवरेट नेशन का स्टेटस वापस लेगा अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने घोषणा की कि, अमेरिका-यूरोपीय संघ व जी-7 देश रूस से व्यापार में मोस्ट फेवरेड नेशन का स्टेटस भी वापस लेंगे। दरअसल, यूक्रेन पर आक्रमण के बाद अमेरिका व यूरोपीय संघ लगातार रूस पर प्रतिबंध लगा रहे हैं। रूस दुनिया का सबसे ज्यादा प्रतिबंधों वाला देश बन गया है।