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पुलिस ने जब्त किए 48.86 लाख, चुनाव के दौरान पैसों के साथ रखें ये डाक्यूमेंट्स

न्यूज डेस्क।यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान अगर 50 हजार से अधिक रूपए लेकर घर से निकल रहें हैं, तो कहीं भी- कभी भी, आपको रोक कर चैकिंग ली जा सकती है और रूपयों को जब्त किया जा सकता है. जहां आज अलीगढ़ में भी स्टेटिक मजिस्ट्रेट और फ्लाइंग स्क्वाड टीमों ने 48.86 लाख जब्त किए हैं.
50 हजार से अधिक नहीं ले जा सकते
विधानसभा चुनाव के दौरान धन प्रलोभन से कोई भी प्रत्याशी को बरगला नहीं सकता. चुनाव आयोग ने रकम लेकर चलने की सीमा तय कर दी गई है. कोई भी व्यक्ति बिना डाक्यूमेंट्स के 50 हजार से अधिक रकम लेकर नहीं चल सकता है. इसके लिए स्टेटिक मजिस्ट्रेट और फ्लाइंग स्क्वाड टीमें लगाई गई हैं. चौराहों पर वाहनों की चेकिंग की जा रही है.
ये डाक्यूमेंट्स साथ रखें, तो नो टेंशन
अगर कोई घर, कारखाने, कार्यालय, बैंक से 50 हजार या अधिक लेकर चलता है, तो उसे यह डाक्यूमेंट्स साथ रखने होंगे.

एटीएम से रपपए निकाली है, तो उसकी रसीद

अगर रसीद नहीं है, तो मोबाइल पर आयि मैसेज

बैंक से रूपए निकालने के बाद निकासी पत्रऔर पासबुक

किसी फर्म या कारोबारी से लेनदेन से संबंधित रकम है, तो रसीद या बिल

‘अपने शहर में कुछ भी इललीगल दिखे तो….. झुकने का नहीं, डॉयल 100 करने का’

सूरत।शहर पुलिस की सोशल मीडिया टीम ने इन दिनों के चर्चा में आई दक्षिण भारतीय फिल्म पुष्पा के एक डॉयलोग को अपने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनोखे अंदाज में पोस्ट किया है। जो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस फिल्म में अभिनेता अल्लू अर्जुन अपने एक डायलॉग में कहते हैं कि अपने शहर में कुछ भी इललीगल दिखे तो…झुकने का नहीं।
‘अपने शहर में कुछ भी इललीगल दिखे तो….. झुकने का नहीं, डॉयल 100 करने का’
‘अपने शहर में कुछ भी इललीगल दिखे तो….. झुकने का नहीं, डॉयल 100 करने का’

इस डायलॉग के साथ पुलिस की सोशल मीडिया टीम ने डॉयल 100 करने का जोड़ कर अल्लू अर्जुन के साथ एक फोटो पोस्ट की है। गौरतलब है कि हाल ही में रिलीज हुई पुष्पा फिल्म के प्रोमो व डायलॉग फिल्में पसंद करने वाले युवाओं में क्रेज देखने को मिल रहा है।

अब खून की जांच से भी पता चल जाएगा आपको कोरोना है या नहीं, जानें पूरी खबर

नई दिल्ली। पिछले दो साल से अधिक समय से दुनियाभर में कोरोना का संक्रमण जारी है। कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण भारत संक्रमण की तीसरी लहर झेल रहा है।

अध्ययनों से पता चलता है कि कोरोना का यह वैरिएंट अपेक्षाकृत अधिक संक्रामक है। ओमिक्रॉन संक्रमण के कारण भी लोगों की जान जाने के मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमण का जल्दी पता चल जाने से उपचार में आसानी होती है।

कोरोना संक्रमण के मामलों का जल्दी पता लगाने के लिए अमेरिका स्थित जॉर्ज वाशिंगटन (जीडब्ल्यू) विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक महत्वपूर्ण खोज की है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा परीक्षण किट तैयार किया है जिसकी मदद से संक्रमण की उपस्थिति और गंभीरता का भी आसानी से पता लगाया जा सकता है।

‘पीएलओएस वन’ जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक शोधकर्ताओं ने एक खास तरह के रक्त के परीक्षण को विकसित किया है जिससे इस बात का आसानी से पता लगाया जा सकता है कि क्या किसी को कोविड-19 है या नहीं?

खास बात यह है कि इस टेस्ट के माध्यम से इस बात का भी पता लगाया जा सकता है कि संक्रमण के प्रति हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली कितनी गंभीर प्रतिक्रिया करेगी? वैज्ञानिकों के मुताबिक परीक्षण की यह तकनीक कोरोना संक्रमण का पता लगाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

Corona Update: छत्तीसगढ़ में 2693 मरीज की पुष्टि, जानें रायपुर का हाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज 2 हजार 693 मरीजों की पुष्टि हुई है। इलाज के बाद 225 मरीज स्वस्थ्य हुए है। वहीं प्रदेश में आज 19 म​रीज की मौत हो गई है।

देखें जिलेवार आंकडें-

KORBA: हर खिलाड़ी कप्तान नहीं… पर प्लेयर ऐसा होना चाहिए की मैच का रुख बदल दें -आदित्य

कोरबा। हर खिलाड़ी कप्तान नही बन सकता, पर टीम में प्लेयर ऐसा होना चाहिए जो खेल का रुख बदल दें। ये उदगार थे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता आदित्य प्रताप के, उन्होंने अपने उप अभियंता के रिटायरमेंट के अवसर पर विदाई समारोह में कहा कि मिस्टर गुप्ता जल जीवन मिशन के असली हीरो रहे है । उनके कार्यो को विभाग हमेशा याद रखेगा।


बता दें कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सेवा अनुविभाग कोरबा में कार्यरत बीडी गुप्ता आज सेवानिवृत्त हुए है। इस अवसर पर सब डिवीजन कार्यालय में विदाई समारोह कार्यक्रम रखा गया। जिसमें विभाग के कार्यपालन अभियंता अनिल बच्चन ने कहा कि श्री गुप्ता विभाग के कर्तब्य निष्ठ कर्मचारी रहे है। उन्हें जब जब जो कार्य सौंपा गया उसे पूर्णता प्रदान की। यही नही वे विभाग के एक ऐसे खिलाड़ी रहे है जिनकी कमी डिवीजन को हमेशा खलेगी। इस अवसर पर सब डिवीजन के युवा एसडीओ ने कहा कि मिस्टर बीडी गुप्ता सेवा भावी के साथ साथ चैलेंजिंग वर्कर रहे है। विभाग जब भी उन्हें काम सौंपा है तब तब वे भरोसे पर खरे उतरे है। सेवानिवृत्त के अवसर पर सब डिवीजन के गिरजा राठौर विभाग के अधिकारी व कर्मचारी के साथ साथ ठेकेदार उपस्थित रहें।

…जब अपना डेथ सर्टिफिकेट लेकर थाने पहुंचा किसान, मच गया हंगामा

न्यूज डेस्क। कर्नाटक में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां एक जिंदा आदमी का डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया. इसके बाद जिस आदमी का डेथ सर्टिफिकेट जारी किया गया है, वो पुलिस थाने के चक्कर काट रहा है.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 40 वर्षीय शिवराज पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंचे कि उसका डेथ सर्टिफिकेट 5 महीने पहले ही तालुका ऑफिस ने जारी कर दिया. शिकायत पेशे से किसान हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, मामला कोलार जिले के एम होसाहल्ली गांव का है. शिवराज ने पुलिस को बताया कि 14 दिसंबर 2021 को उनके घर के बाहर उनका ‘डेथ सर्टिफिकेट’ लगा हुआ था. ये सर्टिफिकेट 13 अगस्त 2021 को जारी किया गया था. इसमें लिखा था कि 4 अगस्त को शिवराज की मौत हो चुकी है.
शिवराज ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्होंने असिस्टेंट कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर के पास शिकायत की थी, लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने पुलिस की मदद ली.

शिवराज ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 2012 में उसकी 2.27 एकड़ की खेती की जमीन और पुश्तैनी संपत्ति को रामप्पा नाम के व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड कर दिया गया था. बाद में कोर्ट के आदेश पर तालुक के तहसीलदार और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था.

शिवराज ने फर्जी डेथ सर्टिफिकेट जारी करने पर सरकारी अधिकारी अरविंद, सदातुल्ला खान, जयराम और राजशेखर को जिम्मेदार ठहराया है. पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धार 323, 506, 504, 420, 157, 352 और 149 के तहत केस दर्ज कर लिया है.

 दुकान में सोने गया था, सुबह खून से लथपथ मिली लाश,पढ़ें पूरी खबर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चकरभाठा थाना क्षेत्र में रविवार रात दुकान में सोने गए अधेड़ की सुबह खून से लथपथ लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। मृतक के मुंह में शराब की बोतल भी डाल दी गई। किसी धारदार हथियार से उसे मारा गया है।

जानकारी के मुताबिक, परसदा निवासी भगतराम कौशिक (52) गांव में ही किराना दुकान चलाता था। घर से कुछ दूर में ही उसकी किराने की दुकान है। वह हमेशा अपनी किराना दुकान में ही सोया करता था। रविवार रात को भी वह खाना पीकर खाकर 10 बजे दुकान में सोने चला गया था। इसी दौरान किसी ने उसकी हत्या कर दी।

घटना के जानकारी घरवालों को उस समय लगी तब कुछ लोग सुबह दुकान में सामान लेने पहुंचे। उन्होंने देखा कि दुकान का शटर का ताला खुला है। मगर दुकान बंद है। भगतराम को आवाज देने पर कोई आवाज भी नहीं दे रहा था। इसके बाद लोगों ने इस बात की जानकारी भगतराम के घरवालों को दी। तब वे मौके पर पहुंचे तब उन्होंने भगतराम की लाश खून से लथपथ हालत में देखी।

परिजनों ने इस बात की सूचना पुलिस को भी दी थी। खबर लगते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्यता में ये मामला हत्या का ही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

पोते के पैदा होने की खुशी में ‘शराबी’ बनाकर झूमे दादाजी, तहलका मचा तो जाना पड़ा जेल

न्यूज डेस्क। बिहार के पश्चिमी चंपारण में एक बुजुर्ग को अपने पोते के जन्म के मौके पर आयोजित पार्टी में शराब की कथित तौर पर खाली बोतल के साथ डांस करना महंगा पड़ गया. इस कार्यक्रम का वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव में 60 वर्षीय रमेश सिंह अपने पोते के जन्म होने की खुशी में एक ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया.

दादाजी ने खाली बोतल लेकर किया डांस
कहा जा रहा है कि इस कार्यक्रम में महिला डांसर ‘शराबी’ फिल्म के एक गाने पर डांस कर रही थी. गाने को सुनकर दादा जी भी खुद को रोक नहीं सके और खाली बोतल लेकर स्टेज पर चढ़कर डांस करने लगे जिसका लोगों ने खूब लुत्फ उठाया और वीडियो भी बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. शेयर होते ही यह वीडियो वायरल हो गया. वीडियो के वायरल होते ही पुलिस सक्रिय हुई.

 

सोशल मीडिया पर वीडियो जमकर हुआ वायरल
शिकारपुर के थाना प्रभारी अजय कुमार ने सोमवार को बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर रमेश सिंह को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने बताया घटना 16 जनवरी की बताई जा रही है, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है.

गाने की नकल करना पड़ गया भारी
आरोप है कि इस कार्यक्रम में कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया है तथा शराब पीने को लेकर प्रचारित किया गया. उन्होंने बताया कि समय गुजर जाने के कारण शराब पीने की पुष्टि नही हो सकती. उन्होंने बताया कि पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बुजुर्ग शराब की खाली बोतल के साथ डांस कर रहे थे. वह खाली बोतल के साथ गाने की सिर्फ नकल कर रहे थे.

https://twitter.com/i/status/1488075550505639936

ब्रेकिंग : 2022-23 में GDP ग्रोथ 8.5% रहने की उम्‍मीद, लोकसभा में पेश हुआ इकोनॉमिक सर्वे

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार 31 जनवरी को इकोनॉमिक सर्वे 2022 पेश किया। इसके साथ ही लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है। इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार 2022-23 में 8-8.5% की GDP ग्रोथ (आर्थिक वृद्धि दर) का अनुमान लगाया गया है। ये 2021-22 के 9.2% के ग्रोथ अनुमान से कम है।

इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया है कि वैक्सीन कवरेज और सप्लाई साइड रिफॉर्म से ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। सरकार का GDP अनुमान इस बात पर आधारित है कि आगे महामारी से कोई आर्थिक गतिविधि प्रभावित नहीं होगी और मानसून भी सामान्य रहेगा। इसका मतलब है कि अगर मानसून या महामारी का कोई प्रभाव आता है तो जीडीपी घट सकती है।

2030 तक 130-150 करोड़ टन कोयले की जरूरत

आर्थिक सर्वे के मुताबिक रिन्यूएबल्स को प्रोत्साहन दिए जाने के बावजूद नीति आयोग के ड्राफ्ट नेशनल एनर्जी पॉलिसी के आधार पर कोयले की मांग बनी रहेगी और वर्ष 2030 तक 130-150 करोड कोयले की मांग रहेगी।

आईटी-बीपीओ सेक्टर 2.26% की दर से बढ़ा

सर्वे के मुताबिक ई-कॉमर्स को छोड़ आईटी-बीपीओ सेक्टर वित्त वर्ष 2020-21 में सालाना आधार पर 2.26% की दर से बढ़कर 19.4 हजार करोड़ डॉलर का हो गया। चालू वित्त वर्ष में कृषि सेक्टर 3.9% की दर से बढ़ सकता है। पिछले वित्त वर्ष में यह 3.6% की दर से बढ़ा था।

GDP से पता चलती है इकोनॉमी की हेल्थ

GDP इकोनॉमी की हेल्थ को ट्रैक करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सबसे कॉमन इंडिकेटर्स में से एक है। GDP देश के भीतर एक स्पेसिफिक टाइम पीरियड में प्रोड्यूस सभी गुड्स और सर्विस की वैल्यू को रिप्रजेंट करती है।

इसमें देश की सीमा के अंदर रहकर जो विदेशी कंपनियां प्रोडक्शन करती हैं, उन्हें भी शामिल किया जाता है। जब इकोनॉमी हेल्दी होती है, तो आमतौर पर बेरोजगारी का लेवल कम होता है।

काली पट्‌टी लगाकर कर रहे काम प्रदेश के 1 लाख 80 हजार कर्मचारी, जानें किन मांगों को लेकर कर रहे प्रदर्शन

रायपुर। छत्तीसगढ़ के अलग अलग विभागों में सेवा दे रहे करीब 1 लाख 80 हजार अनियमित कर्मचारी नियमितीकरण की मांग को लेकर सोमवार को कालीपट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।

अनियमित कर्मचारियों का कहना है कि कांग्रेस की सरकार ने चुनावी घोषणा में वादा किया था कि सरकार बनते ही नियमित किया जाएगा। अब तक ये वादा पूरा न हो सका। अब प्रदेश में करीब 1 लाख 80 हजार अनियमित कर्मचारी नाराज हैं। ये कर्मचारी छत्तीसगढ़ में बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं।

छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र दास वैष्णव ने बताया कि 30 जनवरी से छत्तीसगढ़ के सभी कर्मचारी काम बंद करने वाले थे। सभी अनिश्चित कालीन धरना रायपुर में देने जुटते मगर कोविड की वजह से इसे टाला गया है।

मगर हमारी तैयारी है। जैसे ही कोविड का असर प्रदेश में कम होगा, प्रदेश के हर सरकारी दफ्तर में काम कर रहा अनियमित कर्मचारी काम बंद करेगा और हड़ताल की जाएगी। फिलहाल हर कार्यालय में काली पट्‌टी लगाकर कर्मचारी काम कर रहे हैं।