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मुंबई का छुटभइया रायपुर से गिरफ्तार, तेलीबांधा में किराए के मकान में छुपा था कारोबारी पर गोली चलाने वाला बदमाश

रायपुर। रायपुर पुलिस के साथ मुंबई पुलिस की टीम ने शहबाज रुबाब नाम के बदमाश को गिरफ्तार किया है। शाहबाज ने अपने साथियों के साथ मिलकर 5 जनवरी को मुंबई के गोवंडी इलाके में 50 साल के व्यापारी पर गोलियां चलाई थी।

शहबाज अपने दो साथियों के साथ मुंबई में हफ्ता वसूली करने के इरादे से व्यापारी को धमकाने गया था। हफ्ता ना मिलने की वजह से चाकू और तलवार से व्यापारी पर वार किया। जिसमें वह घायल हो गया। इसके बाद लोगों को डराने के मकसद से उसने फायरिंग भी की थी।

रायपुर में आकर छुपा मुंबई का बदमाश

इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रायपुर आकर एक किराए के मकान में रह रहा था। तेलीबांधा इलाके से पुलिस की टीम ने इसे गिरफ्तार किया है। शहबाज के साथ इरफान और इसरार नाम के युवकों को भी पकड़ा गया है ।

हफ्ता वसूली करता है गैंग

शहबाज के खिलाफ कारोबारी यूनुस खान के बेटे ने मुंबई देवनार थाने में FIR करवाई थी। ये बदमाश मुंबई के गोवंडी के डॉक्टर जाकिर नगर के रहने वाले हैं।

पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता छात्र सैफ खान (19) अपने पिता की शॉप पर बैठा था, तभी शहबाज और उसके साथी इसकी दुकान पर रंगदारी मांगने आए थे और मना करने पर उन्होंने सैफ और उसके पिता पर तलवार और चाकू से हमला कर दहशत फ़ैलाने का प्रयास किया था। वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी।

देवनार पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सावलाराम आगवणे ने टीम बनाकर इन बदमाशों की तलाश शुरू की थी। रायपुर के एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि जिस मकान में शहबाज रह रहा था उसके मालिक से भी पूछताछ की जा रही है।

दुकान किराया राशि जमा न करने पर निगम ने आज फिर 06 दुकानों पर लगाया ताला… बार-बार नोटिस देने के बावजूद नहीं जमा की जा रही थी बकाया राशि…

कोरबा । निगम द्वारा लीज किराये पर दी गई दुकानों के संचालकों द्वारा किराये की बकाया राशि निगम कोष में जमा न कराए जाने के परिणाम स्वरूप आज निगम ने कार्यवाही करते हुए विभिन्न स्थानों आज पुनः 06 दुकानों पर ताला लगा दिया तथा संबंधितों को हिदायत दी कि वे शीघ्र ही बकाया राशि निगम कोष में जमा कराएं, तत्पश्चात ही दुकानों का ताला खोला जाएगा। इसके पूर्व निगम द्वारा 09 दुकानों पर ताला लगाया गया था।
यहांॅ उल्लेखनीय है कि नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा निगम क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में निर्मित दुकानों, भवनों आदि को लीज किराये पर आबंटित किया गया है। इन दुकान संचालकों द्वारा बरसों से किराये की राशि निगम कोष में जमा नहीं कराई जा रही थी, निगम द्वारा बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद उनके द्वारा बकाया राशि की अदायगी नहीं की गई तथा एक बड़ी राशि दुकान किराये के रूप में निगम को प्राप्त करनी हैं। आयुक्त प्रभाकर पाण्डेय ने विगत दिनों निगम के राजस्व अमले की बैठक लेकर राजस्व वसूली की कार्यप्रगति की समीक्षा की थी तथा विभिन्न करों व दुकानों, भवनों के किराया की बकाया राशि की वसूली जल्द से जल्द किए जाने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए थे तथा इस हेतु समुचित कार्यवाही करने को कहा था। आज दुकान किराया के ऐेसे बकायादारों जिन्होने काफी समय से किराये की राशि जमा नहीं की है, उन पर कार्यवाही करते हुए उनकी दुकानों पर ताला लगाया गया तथा उन्हें हिदायत दी गई कि वे शीघ्र बकाया राशि को जमा करें, तत्पश्चात ही दुकान का ताला खोला जाएगा। निगम के राजस्व अधिकारी श्री अशोक बनाफर ने बताया कि आज दुकान किराया के जिन बकायादारों की दुकानों पर ताला लगाया गया है, उनमें 02 दुकानें नीलाम्बरी काम्पलेक्स एवं 04 दुकानें निहारिका टाकीज के समीप काम्पलेक्स की है। उन्होने बताया कि निगम द्वारा यह कार्यवाही आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

ब्रेकिंग: मुंगेली नपा के बर्खास्त अध्यक्ष संतू लाल सोनकर को हाईकोर्ट से मिली जमानत

बिलासपुर। हाईकोर्ट ने मुंगेली नगरपालिका के बर्खास्त अध्यक्ष संतू लाल सोनकर को नियमित जमानत पर छोडऩे का आदेश दिया है। बता दें कि सोनकर नाली निर्माण में घोटाले के आरोप में जेल में हैं। उन पर आरोप है कि अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने नगर पालिका के परमहंस वार्ड में 300 मीटर नाली निर्माण कराए बिना ठेकेदार व सप्लायर सोफिया कंस्ट्रक्शन को 13 लाख 21 हजार रुपए का भुगतान कर दिया।

इस मामले में कांग्रेस पार्षदों की शिकायत के बाद नगर पालिका के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ठेकेदार, अकाउंटेंट सहित छह लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस में एफआईआर दर्ज की गई थी। सोनकर ने सुप्रीम कोर्ट तक अग्रिम जमानत के लिए प्रयास किया। नामंजूर होने के बाद उन्होंने मुंगेली की कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। बाकी 5 आरोपी अभी भी फरार हैं, उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

हाईकोर्ट में सोनकर के अधिवक्ता की ओर से दलील दी गई छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम में प्रावधान है कि कार्य शुरू करने के बाद ठेकेदार बिल प्रस्तुत करता है तथा सीईओ और अन्य अधिकारी निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हैं। वे संतुष्ट होने के उपरांत भुगतान का प्रस्ताव उनके समक्ष लाते हैं। वे अंत में चेक पर हस्ताक्षर करते हैं, इसलिए उनकी इसमें कोई गलती नहीं है। जस्टिस गौतम भादुड़ी ने मामले की सुनवाई के बाद सोनकर को नियमित जमानत दे दी।

यहां पत्नी से परेशान लोगों के लिए खुला आश्रम, केवल ऐसे लोगों को मिलती है एंट्री

नई दिल्ली: आपने कई आश्रम और तपस्या स्थलों के बारे में सुना होगा, जहां आध्यात्मिक गुरु लोगों को ज्ञान देते हैं. कई आश्रम में तो बच्चों को पढ़ाया भी जाता है. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे आश्रम के बारे में बताएंगे, जहां किसी धर्म या आध्यात्मिक शिक्षा नहीं दी जाती, बल्कि पत्नी से परेशान लोगों की समस्या सुनी जाती है. सुनने में ये काफी अजीब लग रहा होगा लेकिन बिल्कुल सच है.

महाराष्ट्र के औरगांबाद में है आश्रम
जानकारी के अनुसार ये आश्रम महाराष्ट्र के औरगांबाद जिले से 12 किलोमीटर की दूरी पर शिरड़ी मुंबई हाईवे पर स्थित है. ये आश्रम केवल ऐसे लोगों के लिए खुला है जो पत्नी से परेशान होते हैं. इस आश्रम मे सलाह लेने वालों की संख्या आए दिन बढ़ती जा रही है.

पत्नी से परेशान लोगों को दी जाती है सलाह
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां अब तक 500 लोग सलाह ले चुके हैं. हाईवे से देखने में ये एक छोटा सा एक कमरा लगता है लेकिन अंदर जाते है ही एक आश्रम की जैसे लगता है. कमरे के अंदर जाते ही एक ऑफिस बना है जहां पर पत्नी से परेशान लोगों को सलाह दी जाती है. हर रोज सुबह-शाम अगरबत्ती लगाकर उसकी पूजा की जाती है. हर शनिवार, रविवार की सुबह 10 से शाम 6 बजे तक पत्नी-पीडितों की काउंसलिंग की जाती है.

प्रसाद में बनती है खिचड़ी
इस आश्रम में छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश से कई लोग सलाह लेने के लिए आ रहे है. इतना ही नहीं आश्रम में रहने वाले लोग खिचड़ी सब्जी दाल बनाते है. जो भी पुरूष आश्रम में सलाह लेने आता है उसको खिचड़ी खिलाई जाती है. आश्रम में A B C तीन कैटेगरी बनाई हैं, जो पुरूष पत्नी और ससुरालवालों से परेशान है वो A कैटेगरी में आता है. इसी तरह इससे कम परेशान लोगों को B और C कैटेगरी में रखा जाता है.

जुए के फड़ पर मजदुर बन पुलिस ने मारी रेड… 11 लाख के साथ 10 रईसजादे गिरफ्तार…

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई तीन में पुलिस ने बड़े जुआरियों के फड़ को ध्वस्त कर दिया है। 52 परियों के खेल में पके 10 जुआरियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, तो उनके कब्जे से 11 लाख रुपए नगद भी बरामद किए गए हैं। बड़ी बात यह है कि इस पूरे मामले की जानकारी भिलाई —3 थाना प्रभारी को थी, लेकिन कार्रवाई एसएसपी बीएन मीणा के निर्देश पर एएसपी संजय ध्रुव की टीम को करनी पड़ी है।

जुआरियों के इस बड़े फड़ का भंडाफोड़ होने के बाद अब भिलाई—3 थाना प्रभारी और मातहतों पर सवाल खड़े हो गया है। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई के होने के बाद भिलाई—3 पुलिस को बुलाना पड़ा था। जिसे देखते हुए एसएसपी मीणा की निगाहें अब तिरछी हो गई हैं, जिसका खामियाजा भिलाई—3 थाना प्रभारी और उनके स्टाफ को भुगतनी पड़ सकती है।

इस मामले को लेकर एएसपी संजय ध्रुव ने बताया कि भिलाई—3 थाना क्षेत्र अंतर्गत सिरसाकला के खार में रोजाना जुआरियों का मजमा लगने की जानकारी मिल रही थी। एसएसपी बीएन मीणा के निर्देश पर स्पेशल टीम गठित की गई। जुएं के फड़ में दबिश देने की जानकारी मात्र तीन से चार अधिकारियों को ही थी। इसकी जानकारी भिलाई तीन थाना को भी नहीं दी गई थी।

इनकी हुई गिरफ्तार
स्पेशल टीम सिरसाकला खार में जब पहुंची वहां जुआरियों का मजमा लगा हुआ था। पुलिस ने चारों तरफ से घेरकर जैसे ही दबिश दी वहां भगदड़ मच गई। पुलिस ने यहां से सतनामी पारा सिरसा निवासी मुरली साहू (42), सेक्टर-2 निवासी शिव शंकर भट्ट (55), राजनांदगांव के लाल खान (55), रायपुर के अमरलाल तलरेजा (47), सेक्टर-1 के सौरभ कुमार (32), रायपुर के कमल सचदेव (31), प्रकाश पाल (40), देव कुमार (58), सुपेला के दिनेश साहू (38) और पाटन निवासी श्याम दास सिन्हा (63) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से लगभग 11 लाख रुपए नगद रकम भी जब्त किया है।

मजदूरों का भेष बनाया था
जुआरियों को पुलिस की रेड की खबर न हो इसके लिए पुलिस की स्पेशल टीम मजदूर बनकर वहां पहुंची। पुलिस के अधिकारी और जवानों ने बनियान, लुंगी और सिर पर गमछा बांधकर हाथ में लाठी और टोकनी भी लेकर फड़ तक पहुंचे। जुआरियों को लगा मजदूर काम करके घऱ लौट रहे हैं। इसलिए वह संजू सरदार को सूचना नहीं दे पाए। पुलिस जैसे ही वहां पहुंची और जुआरियों को चारों तरफ से घेरने लगी। जुआरियों में भगदड़ मच गई। इसमें कई लोग मोटी रकम लेकर भागने में कामयाब भी हो गए।

यूनिफॉर्म में चलती कार में डांस कर रहे पुलिसकर्मियों का वीडियो वायरल, सस्पेंड

नई दिल्ली: गुजरात (Gujarat) के कच्छ-गांधीधाम में तीन पुलिस कर्मियों को ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना भारी पड़ गया. हाल ही में सोशल मीडिया (Social Media) पर इन पुलिस कर्मियों का वीडियो वायरल (Video Viral) हुआ था, जिसमें ये लोग बिना बिना सीट बेल्ट लगाए कार के अंगर डांस कर रहे थे. तीनों कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें वर्दी में नजर आ रहे चार पुलिसकर्मी एक वाहन के स्टीरियो पर बज रहे गानों पर डांस कर रहे थे. कच्छ-गांधीधाम के पुलिस अधीक्षक मयूर पाटिल के कार्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक, गांधीधाम ए डिवीजन पुलिस स्टेशन से जुड़े तीन कर्मियों जगदीश सोलंकी, हरेश चौधरी और राजा हीरागर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

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पुलिस ने बयान जारी करके दी जानकारी
पुलिस द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि ‘मीडिया और कई सोशल मीडिया चैनलों द्वारा एक वायरल वीडियो को नोटिस में लाया गया था जिसमें पुलिस कर्मियों को चार पहिया वाहन के अंदर, पुलिस की वर्दी पहने हुए, गाने पर नाचते देखा जा सकता है. ड्राइविंग करते समय यातायात कानून तोड़ने का ऐसा कृत्य शोभा नहीं देता. ये पुलिस विभाग के अनुशासन के खिलाफ है.

तीन पुलिस कर्मी हुए सस्पेंड
बयान में आगे कहा गया है कि ‘वीडियो में देखे गए चार पुलिसकर्मियों में से, गांधीधाम ए डिवीजन पुलिस स्टेशन से जुड़े तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि बनासकांठा पुलिस से जुड़े चौथे कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करते हुए पुलिस अधीक्षक को एक पत्र लिखा गया है.’

Breaking : CCB के शाखा प्रबंधक अजय साहू निलम्बित… कलेक्टर की सख़्ती पर सीईओ ने जारी किया आदेश…

कोरबा। कोरबा के जिला सहकारी बैंक में किसानों को अपने ही खातों से राशि निकालने में अव्यवस्था पर प्रभारी शाखा प्रबंधक को निलंबित कर दिया गया है।कलेक्टर की अनुशंसा पर बैंक के सीईओ ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है।

जिला सहकारी बैंक कोरबा में किसानों द्वारा अपने ही खातों से राशि निकालने में असुविधा और नियम विरुद्ध राशि वसूली की शिकायत मिली थी। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए जांच कराई थी। अब शाखा प्रबंधक अजय कुमार साहू को निलंबित कर दिया गया है। अजय साहू का मूल पद सहायक लेखापाल है और वे कोरबा सहकारी बैंक में प्रभारी शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत है। निलंबन अवधि में अजय साहू का मुख्यालय में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर नियत किया गया है।कलेक्टर श्रीमती साहू ने किसानों की सहूलियत के लिए जिला सहकारी बैंक की सभी छह शाखाओं में राशि आहरण की मॉनिटरिंग के लिए नोडल अधिकारी भी तैनात किए है। सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र की जिला सहकारी बैंक की शाखाओं में दिनवार अधिकारियों को मॉनिटरिंग के लिए जिम्मेदारी सौपी है। कार्य दिवसों में हफ्ते में कम से कम एक दिन तहसीलदार स्तर के अधिकारी भी सहकारी बैंकों की शाखाओं का निरीक्षण कर रहे हैं । इस दौरान अधिकारी बैंकों में लेनदेन केे ग्राहकों के बीच कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराने की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ले रहे है । किसी भी तरह की अवैध वसूली या अव्यवस्था पर नोडल अधिकारी निगरानी रख रहे है।
कलेक्टर श्रीमती साहू ने बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों को सख्त हिदायत भी दी है कि किसानों के खातों से उन्हीं की राशि आहरण में अनियमितता, लापरवाही या वसूली जैसी शिकायतों पर जांच कर कठोर कार्रवाई की जायेगी। कलेक्टर ने बैंक के अधिकारियों सहित संबंधित तहसीलदारों और अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्र में बैंकों का लगातार निरीक्षण करें। किसी भी बैंक में किसानों को अपने ही खाते से राशि आहरण के लिए कोई परेशानी न हो।
कलेक्टर की सलाह, किसान बैंक परिसर में ही गिनकर लें पूरी राशि- कलेक्टर ने जिले के किसानों को भी सलाह दी है कि वे बैंक से राशि आहरण के लिए किसी भी प्रकार की कोई अतिरिक्त राशि किसी भी व्यक्ति को न दें। बैंक से राशि आहरण के बाद बैंक काउंटर पर ही सावधानी से गिनकर पूरी राशि मिलने की तकसीद करें और राशि कम होने पर तत्काल कैशियर या बैंक मैंनेजर से शिकायत कर पूरी राशि प्राप्त करें। कलेक्टर ने यह भी सलाह दी है कि नोटों की गड्डियों में कम नोट निकलने पर गड्डी के उपर लगी पर्ची को फाड़कर न फेंकें। नोट की गड्डी को तत्काल पर्ची सहित कैशियर या बैंक मैनेजर को लौटाकर पूरी राशि वाली गड्डी लेवें।
उल्लेखनीय है कि कोरबा जिले में सहकारी बैंक की छह शाखाएं कार्यरत हैं। इन छह शाखाओं कटघोरा, कोरबा, दीपका, पाली, पोड़ीउपरोड़ा और बरपाली के तहत लगभग 55 आदिम जाति सहकारी समितियों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। धान की राशि इन्हीं शाखाओं में किसानों के खातों में जमा होती है।

कांग्रेस को तगड़ा झटका, प्रियंका गांधी ने जिस महिला को दिया टिकट; उसने थामा सपा का दामन

लखनऊ: यूपी विधान सभा चुनाव (UP Assembly Election) में कांग्रेस (Congress) को बड़ा झटका लगा है. बरेली कैंट (Bareilly Cantt) से कांग्रेस की उम्मीदवार (Congress Candidate) सुप्रिया ऐरन (Supriya Aron) सपा (SP) में शामिल हो गई हैं. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सुप्रिया ऐरन को पार्टी की सदस्यता दिलवाई. सुप्रिया ऐरन पूर्व मेयर हैं. सुप्रिया ऐरन के पति प्रवीण ऐरन पूर्व सांसद हैं. वो भी सपा में शामिल हो गए.

अपने पुराने घर में वापस आईं सुप्रिया ऐरन!
इस मौके पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी में सुप्रिया ऐरन का स्वागत है. वो कोई बाहर से पार्टी में नहीं आई हैं वो पहले सपा में ही थीं. यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है. जनता समाजवादी पार्टी की तरफ देख रही है.

अखिलेश यादव ने यूपी की जनता से किए बड़े वादे
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी की जनता के लिए हमने कुछ फैसले किए हैं. सपा ने नए साल पर तय किया था कि यूपी में सरकार में आने पर 300 यूनिट फ्री में बिजली देंगे. किसानों को सिंचाई के लिए फ्री में बिजली देंगे. हमने पिछली सरकार में भी लैपटॉप बांटे थे, हर एक लैपटॉप की अपनी कहानी है, जिसे भी लैपटॉप मिला उसे बहुत मदद मिली

KORBA: बिजली विभाग की मनमानी, जनता त्रस्त अधिकारी मस्त…बसपा करेगा आंदोलन…

कोरबा। कोरोना के दो दौर ने आर्थिक गतिविधियों को खासा प्रभावित किया । तीसरी लहर का खतरा भी बरपा हुआ है। इस हालात में लोगों का गुजर बसर मुश्किल हो रहा है तो दूसरी ओर विद्युत वितरण विभाग ऐसे परिवारों की टेंशन और बढ़ा रहा है। सिंगल कनेक्शन व बीपीएल परिवारों को भारी भरकम बिजली बिल थमाया जा रहा है। जिसके खिलाफ बहुजन समाज पार्टी ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
कोरोना की आर्थिक मार से लोग अब तक उबर नही पाए है। जैसे तैसे परिवार का भरण पोषण हो रहा है। लोगों की इस समस्या से विद्युत वितरण विभाग के अधिकारियों को सरोकार नहीं रह गया है। वे आर्थिक मार से जूझ रहे परिवारों को भारी भरकम बिल का झटका दे रहे है। जिसे लेकर बहुजन समाज पार्टी ने आंदोलन की चेतावनी दे दी है। बसपा का कहना है कि बिजली उपभोक्ताओं को अनाप शनाप बिल थमाया जा रहा है। आम आदमी विभाग की इस मनमानी से परेशान हो चुका है। सिंगल कनेक्शन व बीपीएल परिवारों को भी लाखों रूपए का बिल दे दिया जा रहा है। विडंबना तो यह है कि पीड़ित परिवारों की विभाग के अधिकारी भी नहीं सुन रहे है। अब ऐसे उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर बसपा कार्यकर्ता मुलाकात करेंगे। जिनके साथ मिलकर बिजली विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे।

बकाया वसूली में फिसड्डी

विद्युत वितरण विभाग पर बकाया का बोझ 2 अरब से भी अधिक है। बकाया वसूली को लेकर कनेक्शन विच्छेद कर कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद विभाग लक्ष्य अनुरूप वसूली में कामयाब नहीं हुआ है। सरकारी विभागों पर भी भारी भरकम बिजली बिल बकाया है। कई बड़े बकायादार भी विभाग की कार्रवाई से अब तक अछूते है। बकाया वसूली में फिसड्डी विभाग के टारगेट में केवल सिंगल कनेक्शन व बीपीएल उपभोक्ता है। जिन्हें अनाप शनाप बिल थमाकर परेशान किया जा रहा है।

गरीबो के हित मे होगा आंदोलन- सोनवानी

बसपा के जिलाध्यक्ष एवं एमआईसी सदस्य फूलचंद सोनवानी ने कहा कि विद्युत वितरण विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। उपभोक्ता अनाप शनाप बिजली बिल भेजे जाने से परेशान है। मनमानी ऐसी है कि सिंगल कनेक्शन व बीपीएल परिवारों को भी लाखों रूपए का बिल थमाया जा रहा है। ऐसे उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर बसपा कार्यकर्ता मुलाकात करने के साथ उनकी समस्या जान रहे है।

गोधन न्याय योजना: सीएम भूपेश बघेल आज ऑनलाइन जारी करेंगे 4.21 करोड़

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार दोपहर 12 बजे अपने निवास कार्यालय में आयोजित गोधन न्याय योजना के राशि अंतरण कार्यक्रम में पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 4 करोड़ 21 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी करेंगे।

जिसमें 01 जनवरी से 15 जनवरी 2022 तक राज्य के गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से गोधन न्याय योजना के तहत क्रय किए गए गोबर के एवज में 2 करोड़ 76 लाख रूपए भुगतान तथा गौठान समितियों को 87 लाख और महिला समूहों को 58 लाख रूपए की लाभांश राशि शामिल हैं।

बता दें कि गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में ग्रामीणों से 2 रूपए की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है। राज्य में इस योजना की शुरूआत 20 जुलाई 2020 को हरेली पर्व से हुई थी। 20 जुलाई 2020 से लेकर 31 दिसम्बर तक की स्थिति में 54.64 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है, जिसके एवज में गोबर बेचने वालों को 119.41 करोड़ रूपए का भुगतान भी किया जा चुका है। 22 जनवरी को गोबर विक्रेताओं को 2 करोड़ 76 लाख रूपए का भुगतान होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 122.17 करोड़ रूपए हो जाएगा।

गौठान समितियों को अब तक 44.43 करोड़ रूपए तथा महिला स्व-सहायता समूहों 28.88 करोड़ रूपए राशि लाभांश के रूप में दी जा चुकी है।