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KORBA: नगरपालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन हेतु निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन

The Duniyadari: कोरबा 13 अप्रैल 2026/

राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नगरपालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के रिक्त पदों पर उप निर्वाचन की प्रक्रिया के अंतर्गत जिले में संबंधित क्षेत्रों की फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन आज दिनांक 13.04.2026 को विहित स्थानों पर कर दिया गया है। इसके साथ ही दावा एवं आपत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद दीपका के वार्ड क्रमांक 15 में पार्षद पद के लिए तथा विभिन्न विकासखंडों के अंतर्गत पंचायतों में रिक्त पदों हेतु यह प्रक्रिया संचालित की जा रही है।

विकासखंड कोरबा अंतर्गत ग्राम पंचायत बेला में 2 पंच, चचिया में 1 पंच, खोड्डल में 3 पंच, जिल्गा में 1 पंच, अखरापाली में 1 पंच एवं रजगामार में 1 पंच के पद रिक्त हैं।

विकासखंड करतला अंतर्गत ग्राम पंचायत लबेद में 1 पंच, केराकछार में 1 पंच, सलिहाभांठा में 1 सरपंच, घांठाद्वावारी में 1 पंच एवं बरकोना में 1 पंच के पद रिक्त हैं। साथ ही जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 24 के अंतर्गत उमरेली, अमलडीहा, सुखरीकला एवं सुखरीखुर्द शामिल हैं।

विकासखंड कटघोरा अंतर्गत ग्राम पंचायत कसईपाली में 1 पंच, मोहनपुर में 1 पंच एवं झाबर में 1 पंच के पद रिक्त हैं।

विकासखंड पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत जोरहाडबरी में 2 पंच, भलपहरी में 1 पंच, मुढ़ाली में 1 पंच एवं पोड़ी में 11 पंच के पद रिक्त हैं। साथ ही जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 15 के अंतर्गत लाफा, रामाकछार, जेमरा एवं रतखण्डी शामिल हैं।

विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत अमलडीहा, पोड़ीखुर्द, घोंसरा, दर्राभांठा, मानिकपुर, रावा, पोड़ी गासाई, जामकछार एवं बैरा में प्रत्येक में 1-1 पंच के पद रिक्त हैं। साथ ही जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 18 के अंतर्गत बिंझरा एवं मल्दा भांवर शामिल हैं।

संबंधित क्षेत्रों के मतदाता निर्धारित अवधि में अपने नाम, संशोधन या विलोपन के संबंध में दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त दावों एवं आपत्तियों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।

जिला प्रशासन द्वारा सभी पात्र मतदाताओं से अपील की गई है कि वे निर्वाचक नामावली का अवलोकन कर आवश्यकतानुसार दावा एवं आपत्ति समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत करें, ताकि निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

बदली जिंदगी, बढ़ा आत्मविश्वासः श्रीमती रजनी उइके बनीं ‘लखपति दीदी

*पोल्ट्री फार्म, फोटो कॉपी एवं चॉइस सेंटर से साकार हुआ आत्मनिर्भरता का सपना*

*आर्थिक सशक्तिकरण से संवरता परिवारः स्वरोजगार ने दी स्थायित्व और सम्मान की नई पहचान*

कोरबा, 13 अप्रैल 2026/  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अंचलों की महिलाएं अब केवल घरेलू दायित्वों तक सीमित न रहकर स्वरोजगार की दिशा में अग्रसर हो रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बतारी की निवासी श्रीमती रजनी उइके की सफलता की कहानी इसी परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है।

श्रीमती रजनी उइके ने स्नातक (बी.ए.) तक की शिक्षा प्राप्त की है। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे केवल गृहिणी बनकर सीमित नहीं रहना चाहती थीं, बल्कि अपने दम पर कुछ नया करने का संकल्प उनके मन में था। वर्ष 2022 उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ लेकर आया, जब उन्हें बिहान योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने ‘जय लक्ष्मी स्व-सहायता समूह’ से जुड़कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाया।

समूह से जुड़ने के पश्चात उन्हें विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे उनका आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ा। स्व-सहायता समूह के माध्यम से उन्हें आरएफ मद से 8 हजार रुपए एवं सीआईएफ मद से 30 हजार रुपए की सहायता प्राप्त हुई। साथ ही बैंक से 1.5 लाख रुपए का ऋण लेकर उन्होंने अपने घर में ही पोल्ट्री फार्म, फोटो कॉपी एवं चॉइस सेंटर जैसे व्यवसायों की शुरुआत की।

आज श्रीमती उइके इन सभी व्यवसायों का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। उनके प्रयासों से न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। वर्तमान में उनकी वार्षिक आय लगभग 1 लाख 10 हजार रुपए तक पहुंच चुकी है, जिससे वे ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं। वह बताती हैं कि पहले उनके परिवार की जिम्मेदारी केवल उनके पति पर थी, लेकिन अब वे स्वयं भी आर्थिक रूप से सहयोग कर रही हैं। इससे उनका परिवार सशक्त और आत्मनिर्भर बना है। उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है और अब वे किसी पर निर्भर नहीं हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने उन्हें रोजगार का अवसर प्रदान किया है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकी हैं।

जय चंदईपाठ मछुआ सहकारी समिति मर्यादित सतरेंगा अंतर्गत मतदाता सूची प्रकाशित

The Duniyadari: *दावा-आपत्ति 20 अप्रैल तक आमंत्रित*

कोरब 13 अप्रैल 2026 /

जय चंदईपाठ आदिवासी मछुआ सहकारी समिति मर्यादित सतरेंगा पंजीयन क्रमांक 163 अंतर्गत सोसायटी के सदस्यों का मतदाता सूची का प्रकाशन 13 अप्रैल 2026 को किया गया है। प्रकाशित सूची के सम्बंध में दावा-आपत्ति 20 अप्रैल 2026 तक आमंत्रित किया गया है।

रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने बताया कि दावा-आपत्ति सम्बंधित सदस्य लिखित रूप से आवश्यक प्रमाणों सहित सोसायटी के प्रबंधक/सदस्य  चैन सिंह के पास 20 अप्रैल 2026 तक कार्यालयीन समय पर प्रस्तुत किया जा सकता है।.

दावा-आपत्तियों का निराकरण सोसायटी कार्यालय में 21 अप्रैल को प्रातः 12 बजे से किया जायेगा। तत्पश्चात संशोधित सूची को अंतिम मतदाता सूची के रूप में प्रकाशित किया जायेगा।

पीवीटीजी समुदाय के सर्वेक्षण हेतु “मोबाइल सर्वे सेतु एप” के माध्यम से अभियान जारी.

The Duniyadari: *30 अप्रैल 2026 तक सर्वे कार्य पूर्ण करने के निर्देश*

कोरबा, 13 अप्रैल 2026/

भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) अंतर्गत पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर समुदाय के परिवारों का सर्वेक्षण “मोबाइल सर्वे सेतु एप” के माध्यम से किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ना तथा उनकी मूलभूत आवश्यकताओं का आकलन करना है।

सर्वे कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु विकासखंड कोरबा, करतला, पाली एवं पोंड़ी उपरोड़ा में कुल 76 अधिकारी एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यह दल पीवीटीजी बसाहटों में जाकर प्रत्येक परिवार का ऑनलाइन सर्वेक्षण सुनिश्चित कर रहा है। शासन द्वारा उक्त सर्वेक्षण कार्य को 30 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि कोरबा जिले में पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर समुदाय के लगभग 1301 परिवार निवासरत हैं, जिनकी कुल जनसंख्या लगभग 4754 है। इन परिवारों के समग्र विकास एवं जीवन स्तर में सुधार के लिए भारत सरकार द्वारा “प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान” संचालित किया जा रहा है।

अभियान के अंतर्गत पीवीटीजी बसाहटों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत स्वच्छ पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सड़क, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं (मोबाइल मेडिकल यूनिट), आंगनबाड़ी, मोबाइल टावर, बहुउद्देशीय केंद्र एवं छात्रावास जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

शासन की मंशा है कि प्रत्येक पीवीटीजी परिवार को शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे प्राप्त हो तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। इस सर्वेक्षण के दौरान चिन्हित कमियों एवं आवश्यकताओं के आधार पर शासन द्वारा विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक सुविधाओं की पूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करते हुए गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखें, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराया जा सके।

डीएमएफ से होगा कोरबा जिला का अतिरिक्त विकास : मंत्री लखनलाल देवांगन

*डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा*

*खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्राथमिकता से होंगे कार्य*

कोरबा 13 अप्रैल 2026 /

छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा की शासी परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के स्वीकृत कार्यों की प्रगति, पूर्ण कार्यों की कार्योत्तर स्वीकृति तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर कोरबा की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, कटघोरा के विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम, रामपुर विधायक श्री फूल सिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत सहित शासी परिषद के सदस्यगण अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष श्री कुणाल दुदावत ने की। पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव, श्री कुमार निशांत, पदेन सचिव जिला पंचायत सीईओ श्री दिनेश नाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में शामिल हुए।

बैठक के दौरान डीएमएफ मद से संचालित कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। अपने उद्बोधन में मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिले में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। अन्य योजनाओं के साथ-साथ डीएमएफ मद से भी कोरबा जिले में अतिरिक्त विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज अनुमोदित कार्यों में स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएँ, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण तथा पुल-पुलियों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि स्वीकृत कार्यों का समय-सीमा में पूर्ण होना आवश्यक है, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने डीएमएफ के माध्यम से पीवीटीजी समुदाय के लिए प्राथमिकता से विकास कार्य संचालित किए जाने पर संतोष व्यक्त किया।

मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा करें, निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करें तथा नए प्रस्तावों को बजट प्रावधान के अनुरूप स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करें। मंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से समन्वयपूर्वक कार्य कर जिले के सर्वांगीण विकास में योगदान देने की अपील की।

सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ मद से कोरबा जिले को विकास की नई पहचान मिलेगी। उन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्र होने के कारण प्रदूषण नियंत्रण, राखड़ बांधों से उत्पन्न समस्याओं के समाधान तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीष्म ऋतु के दौरान पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने, बारिश से पहले स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा जर्जर स्कूल भवनों को सुधारने की आवश्यकता बताई।

विधायक कटघोरा श्री प्रेमचंद पटेल ने कहा कि डीएमएफ राशि से जिले में महत्वपूर्ण विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने आकांक्षी जिला होने के कारण कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, रोजगार सृजन तथा कृषि क्षेत्र में दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने पर बल दिया। पाली-तानाखार विधायक श्री तुलेश्वर मरकाम ने डीएमएफ के तहत बनाए गए निर्माण पोर्टल को जनहित में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर ने जिले में निर्माण कार्यों के मूल्यांकन के लिए इंजीनियरों की भर्ती को उपयोगी कदम बताया। महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और जनसुविधाओं के विस्तार से आमजन को हो रहे लाभों का उल्लेख किया।

कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने बैठक के विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम बैठक है। शासन द्वारा डीएमएफ नियमों में संशोधन कर उन्हें इस वित्तीय वर्ष से लागू किया गया है। उन्होंने बैठक के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य खनन के दुष्प्रभावों को कम करना और प्रभावित लोगों की आजीविका एवं जीवन स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने डीएमएफ के कार्यों को पारदर्शिता के साथ करने, निर्माण पोर्टल के माध्यम से डीएमएफ सहित अन्य विकास कार्यों की जानकारी मिलने के संबंध में बताया। डीएमएफ नियमों के तहत 70 प्रतिशत राशि उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और पर्यावरण संरक्षण पर व्यय किया जाएगा तथा 30 प्रतिशत राशि अन्य आधारभूत संरचनाओं पर व्यय की जाएगी। जिले में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभावित गांवों का चिन्हांकन किया जा चुका है, जिसके अनुसार 5 विकासखंडों के 564 गांव प्रत्यक्ष प्रभावित श्रेणी में आते हैं। उन्होंने बताया कि खनन क्षेत्र से 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र को प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र और 25 किलोमीटर तक के क्षेत्र को अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र माना जाएगा। इससे डीएमएफ की बड़ी राशि कोरबा जिले के प्रभावित क्षेत्रों में व्यय होगी।

उन्होंने बताया कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के सहयोग से खनन प्रभावित परिवारों का विस्तृत बेसलाइन सर्वे किया जा रहा है, जिसके आधार पर एक वर्ष की पर्सपेक्टिव योजना तैयार होगी। आंकड़ों के अनुसार एसईसीएल की विभिन्न खदानों से प्रभावित 20,069 परिवारों और 4,102 विस्थापित परिवारों के कल्याण हेतु योजनाएँ बनाई जा रही हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 519.11 करोड़ रुपये की प्राप्ति के विरुद्ध 1498 कार्यों के लिए 529.24 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।

कलेक्टर ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र, जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर शासन को विस्तृत जानकारी भेज दी गई है तथा स्वीकृत होने के बाद कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने गौण खनिज राजस्व के उपयोग, प्रभावित व्यक्तियों एवं परिवारों के चिन्हांकन तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण एवं नगरीय विकास और अधोसंरचना को दी गई प्राथमिकता के संबंध में भी जानकारी दी।

 

*डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को मिली मंजूरी*

 

बैठक में डीएमएफ अंतर्गत विशेष निधियों के अनुमोदन के साथ-साथ खनन प्रभावित प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष क्षेत्रों के निर्धारण, प्रभावित परिवारों एवं विस्थापित परिवारों की सूची के अनुमोदन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए गए। इसके अलावा एंडोमेंट फंड के गठन तथा पंचवर्षीय कार्ययोजना तैयार करने के प्रस्ताव, शासी परिषद ने डीएमएफ अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई के चयन, प्रशासनिक व्यय के अनुमोदन तथा वर्ष 2025-26 में किए गए कार्यों की स्वीकृति, खनन प्रभावित क्षेत्रों में व्यक्तियों के चिन्हांकन एवं संबंधित विभागीय कार्यों के अनुमोदन, वार्षिक प्रतिवेदन (वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2023-24 तथा 2025-26) के अनुमोदन का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

बैठक में डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए वेबसाइट, वेब पोर्टल, डाटा प्रबंधन प्रणाली, डॉक्यूमेंट्री एवं वेबपेज निर्माण से संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति, जीजीवी के साथ एमओयू, वीसी रूम एवं स्टोरेज संरचना निर्माण, थर्ड पार्टी ऑडिट तथा टोल-फ्री नंबर स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

KORBA: विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के संपूण प्रक्रिया को ऑनलाइन किये जाने के संबंध में प्रशिक्षण 15 अप्रैल को

The Duniyadari: कोरबा 13 अप्रैल 2026/

शासन द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की संपूर्ण प्रक्रिया को 01 अप्रैल 2026 से राज्य के सभी जिलों में ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से संचालित करने की अनुमति प्रदान की गई है। उक्त दिनांक से निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की संपूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से किए जाने हेतु विभागीय वेबसाइट https:descg.gov.in/malaldsonline

पर आरंभ की गई है। उक्त सॉफ्टवेयर ऑनलाइन संचालन के संबंध में 15 अप्रैल को प्रातः11 बजे से सायं 4 बजे तक लखीराम अग्रवाल स्मृति सभागार सिम्स चौक के पास बिलासपुर में एक दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित की गई है।

जिला सांख्यकी अधिकारी द्वारा सर्व संबंधित विभाग को प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधायक निधि शाखा में संबद्ध लिपिक के साथ डाटा एंट्री आपरेटर को अनिवार्य रूप उपस्थित होने निर्देशित करने का अनुरोध किया गया है।

शिवनाथ नदी से अज्ञात युवक का शव बरामद, नंदिनी नगर में भी संदिग्ध मौत से बढ़ी चिंता

The Duniyadari: दुर्ग जिले में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब महमरा घाट स्थित शिवनाथ नदी के एनीकेट में एक अज्ञात युवक का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। सुबह-सुबह नदी किनारे पहुंचे स्थानीय लोगों ने पानी में शव देख तुरंत प्रशासन और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची। सुबह करीब 9:30 बजे नौ सदस्यीय टीम ने नाव की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला और आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया। बताया जा रहा है कि शव काफी पुराना होने के कारण बुरी तरह सड़ चुका था, जिससे मृतक की पहचान करना मुश्किल हो रहा है।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि युवक की मौत तीन से चार दिन पहले हुई होगी। मृतक के पास से कोई पहचान पत्र या अन्य सामान नहीं मिला है, जिससे उसकी शिनाख्त अब तक नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाल रही है और पहचान के लिए अन्य माध्यमों का भी सहारा लिया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि युवक की मौत डूबने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।

इधर, नंदिनी नगर थाना क्षेत्र के देवरझाल इलाके में भी एक और संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। यहां 42 वर्षीय यशवंत मरकाम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 12 अप्रैल की शाम करीब 7 बजे मिली सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद जांच शुरू कर दी। ओमप्रकाश मरकाम की सूचना के आधार पर पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।

एक ही दिन में दो संदिग्ध मौतों की घटनाओं से इलाके में चिंता का माहौल बन गया है। पुलिस दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पड़ताल जारी है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध जानकारी की तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की है।

ड्रंक एंड ड्राइव पर बड़ी कार्रवाई: एक ही रात में 165 वाहन चालक पकड़े गए

The Duniyadari: रायपुर में यातायात पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए विशेष अभियान चलाया। 12 अप्रैल 2026 की रात शहर के अलग-अलग हिस्सों में की गई जांच के दौरान 165 वाहन चालकों को नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। सभी के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की गई है और मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

यह अभियान पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) विकास कुमार के निर्देश पर चलाया गया। शहर के 9 स्थानों पर बैरिकेडिंग कर टीमों ने वाहनों की जांच की। जांच के दौरान संदिग्ध चालकों को रोककर ब्रीथ एनालाइजर से जांच की गई और नशे में पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की गई।

यातायात अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस का कहना है कि शराब के नशे में वाहन चलाना न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह दूसरों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से अब तक 2300 से ज्यादा ड्रंक एंड ड्राइव मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें न्यायालय द्वारा प्रत्येक मामले में न्यूनतम 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

पुलिस उपायुक्त विकास कुमार ने स्पष्ट किया कि ड्रंक एंड ड्राइव के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि शराब पीकर वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें।

पुलिस ने लोगों से सहयोग की भी अपील करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशे में वाहन चलाते हुए दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की सख्ती से सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

एयर होस्टेस की खुदकुशी का मामला: डॉक्टर बॉयफ्रेंड गिरफ्तार, फोन खुलने पर सामने आए चौंकाने वाले सबूत

The Duniyadari: नागपुर में 28 वर्षीय एयर होस्टेस की आत्महत्या के मामले में पुलिस जांच ने नया मोड़ ले लिया है। 4 अप्रैल की रात करीब 2 से 3 बजे के बीच युवती ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। शुरुआत में इसे सामान्य आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन परिजनों की शिकायत और मोबाइल से मिले अहम सुरागों ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया।

मामला लकड़गंज थाना क्षेत्र का है। जांच में सामने आया कि युवती का रितेश वांदिले नाम के युवक से प्रेम संबंध था, जो पेशे से डॉक्टर बताया जा रहा है। आरोप है कि रितेश युवती के पहनावे को लेकर अक्सर आपत्ति जताता था और उसे छोटे कपड़े पहनने से रोकता था। इसके अलावा शादी से इनकार करने की धमकी देकर वह युवती पर मानसिक दबाव बनाता था, जिससे दोनों के बीच लगातार विवाद होते रहते थे।

परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपी ने युवती के मोबाइल में मौजूद वीडियो के जरिए उसके परिवार और रिश्तेदारों के सामने अपमानजनक बातें भी कही थीं। लगातार हो रहे मानसिक तनाव और अपमान से परेशान होकर युवती ने आत्मघाती कदम उठा लिया।

घटना के बाद पुलिस ने शुरुआत में आत्महत्या का मामला दर्ज किया था, क्योंकि युवती का मोबाइल लॉक था और कोई ठोस सुराग नहीं मिला था। लेकिन कुछ दिनों बाद जब मोबाइल का लॉक खुला तो उसमें एक वीडियो और आत्महत्या से पहले की आखिरी कॉल का रिकॉर्ड मिला, जिसने मामले की दिशा बदल दी।

लकड़गंज थाना प्रभारी अरुण शीरसागर ने बताया कि मोबाइल से मिले सबूतों के आधार पर आरोपी रितेश वांदिले के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

बड़ा रेल हादसा टला, कोयला लदी मालगाड़ी दो हिस्सों में बंटी

The Duniyadari: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही- बिलासपुर–कटनी रेल सेक्शन पर रविवार शाम एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन के पास कोयले से लदी एक मालगाड़ी अचानक दो हिस्सों में बंट गई। घटना के बाद रेलवे विभाग में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया।

बताया जा रहा है कि पेंड्रा रोड और वेंकटनगर स्टेशन के बीच खैरझीटी बैरियर के पास अनूपपुर की दिशा में जा रही मालगाड़ी की कपलिंग अचानक टूट गई। इसके चलते इंजन के साथ जुड़े करीब 25 डिब्बे आगे निकल गए, जबकि बाकी डिब्बे पीछे ही पटरी पर खड़े रह गए।

स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। यदि समय रहते ब्रेक नहीं लगाए जाते तो पीछे छूटे डिब्बों से टकराव या अन्य दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी।

घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। काफी प्रयासों के बाद अलग हुए डिब्बों को सुरक्षित तरीके से दोबारा जोड़ा गया। इसके बाद मालगाड़ी को निर्धारित गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार कपलिंग टूटने के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल इस रूट पर रेल परिचालन सामान्य बताया जा रहा है। 🚆