न्यूज डेस्क।मथुरा के फरह में एक महिला ने अपने पति को प्रेमिका के साथ पकड़ लिया। उसने पति और प्रेमिका की पिटाई कर दी। उसका आरोप है कि थाना फरह पुलिस ने सिपाही और उसकी प्रेमिका को छोड़ दिया, जबकि पत्नी के भाई और भांजे को शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया। पत्नी ने एसएसपी से इंसाफ की गुहार लगाई है।
थाना फरह में तैनात 2011 में भर्ती हुए सिपाही निवासी फिरोजाबाद का विवाह करीब 19 साल पहले हुआ था। उसकी पत्नी को सूचना मिली कि पति अपनी प्रेमिका के साथ परखम चौराहे पर किराये के मकान में रह रहा है। पत्नी अपनी सास, भाई और भांजे के साथ मकान पर पहुंची। पत्नी ने यहां पर जमकर हंगामा किया।
पति और प्रेमिका को पीटा
पत्नी ने पति और उसकी प्रेमिका की पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस सभी को थाने ले आई। यहां पर रविवार देर रात तक दोनों पक्ष में समझौता के प्रयास हुए, लेकिन बात नहीं बन सकी। आरोप है कि पुलिस ने सिपाही का बचाव करते हुए प्रेमिका के साथ छोड़ दिया। जबकि पत्नी के भाई श्यामसुंदर और भांजे टिंकू को शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया।
पीड़ित महिला ने सोमवार को एसएसपी अभिषेक यादव के समक्ष पेश होकर अपना दुखड़ा रोया। एसएसपी ने आश्वस्त किया कि न्याय होगा। एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि सिपाही के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले में जांच चल रही है।
11 दिन से चल रहा है सिपाही गैर हाजिर
प्रभारी निरीक्षक राजकमल सिंह ने बताया कि सिपाही पिछले 11 दिनों से गैर हाजिर चल रहा है। उसके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। जांच के बाद उस पर गैरहाजिर रहने के मामले में भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी है। पीड़ित की तहरीर मिलने पर सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
कोरबा। सामुदायिक पुलिसिंग के तहत खाकी के रंग स्कूल के संग अभियान आज रामपुर आईटीआई स्कूल पहुंची। शासकीय स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों ने संकटकाल में आत्मरक्षा के गुर सीखें। इस अभियान में पुलिस की टीम ने छात्र छात्राओं को कानून का पाठ पढ़ाया।
बता दें कि पुलिस द्वारा *खाकी के रंग स्कूल के संग* अभियान के अंतर्गत आज शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल आई टी आई रामपुर में कार्यक्रम किया गया।
इस अभियान में लगभग 200 की संख्या में छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित थे।जिन्हें बाल अपराध, महिला संबंधी अपराध , गुड टच बैड, टच क्या करें क्या न करें, साइबर अपराध , यातायात जागरूकता , अभिव्यक्ति एप एवं अन्य सामान्य कानूनों की जानकारी दी गई । इसके साथ ही सभी छात्र छात्राओं को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने हेतु आत्मरक्षा के तरीके सिखाए गए । इस कार्यक्रम में महिला सेल प्रभारी निरीक्षक गायत्री शर्मा , महिला आरक्षक प्रतिभा राय ,स्मिता बेक ,आर राकेश जांगड़े एवम आर ओम प्रकाश निर्मलकर उपस्थित थे ।
रायपुर। एक तरफ पुलिस लगातार चिटफंड के आरोपियों की धरपकड़ कर रही है वहीँ जिला पुलिस अपराधियों को पकड़ने के बाद उनके सेवा सत्कार में लगे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला एसएसपी के संज्ञान में आया जिसके बाद एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने कार्रवाई करते हुए 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
न्यायालय में पेश किया गया था जिसके लिए आरक्षक राकेश सिंह, दुर्विजय पांडे, लक्ष्मीनारायण ठाकुर और किशोर नायक की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन उन्हें पेशी के बाद एक होटल में ले जाकर उन्हें सुविधा मुहैया कराई गई जिसके बाद एसएसपी ने चारों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
रायपुर। रायपुर पुलिस ने भारत में रह रहे आतंकियों के लिए काम करने वाले श्रवण कुमार मंडल को गिरफ्तार किया है। मूल रूप से बिहार के जुमाई का रहने वाला यह शातिर कुछ समय पहले छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रहकर घिनौना काम को अंजाम दे रहा था। उसके अन्य दो साथी साल 2013 में ही गिरफ्तार हो चुके है। पुलिस को श्रवण कुमार की तलाश थी, जो 10 वर्षों से फरार था। आरोपी श्रवण को झारखंड के देवघर से पकड़ा गया। ईडी ने उसके खिलाफ टेरर फंडिंग मामले में भी मामला दर्ज किया था।
पाकिस्तान से आए पैसे का टेरर फंडिंग में उपयोग
श्रवण का मौसेरा भाई धीरज रायपुर में रहकर फास्ट फूड का ठेला चलाता था। साल 2013 में धीरज पाकिस्तानी कनेक्शन की वजह से पकड़ा गया था। दरअसल वो अपने मौसेरे भाई श्रवण का ही साथ दे रहा था, इसी वजह से वह गिरफ्तार हुआ। पाकिस्तान से डायरेक्ट (Pakistani Terrorists) लिंक रखते हुए फंडिंग का काम श्रवण किया करता था। जब पुलिस ने 2013 में धर पकड़ की थी तब श्रवण भाग गया था।
रायपुर पुलिस को सबूत मिले हैं कि श्रवण ने भारतीय लोगों के नाम पर ICICI बैंक में खाते खुलवाए। पाकिस्तान से आने वाली रकम को इन खातों के जरिए आतंकियों के काम करने वाले दूसरे लोगों का भेजा करता था। ये रकम आतंकी संगठन सिमी और इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े लोग इस्तेमाल करते थे। श्रवण एक तरह से दोनों आतंकी संगठनों के लिए स्लीपर सेल की तरह काम किया करता था, वो आम लोगों के बीच आम मजदूरी वगैरह करके जिंदगी बिता रहा था, मगर इसके संबंध पाकिस्तानी आकाओं से थे।
पाकिस्तान से आता है फोन
पाकिस्तान में रहने वाले खालिद नाम के शख्स ने श्रवण को फोन किया था। उसके कहा था कि बैंक में खाते खुलवाओ, तुम्हें भी पैसे कमाने का मौका मिलेगा, खाते में आने वाली रकम का 13% कमीशन काटकर बाकी के पैसे राजू खान, जुबैर हुसैन और आयशा बानो नाम के लोगों के अकाउंट में ट्रांसफर करने हैं। श्रवण और इसका भाई धीरज साव ही बताए गए खातों में रकम ट्रांसफर करता था।
2 साथी पिछले साल पकड़े गए थे
NIA को भी इसके सबूत मिले थे कि ये पैसे SIMI और इंडियन मुजाहिदीन (Pakistani Terrorists) के आतंकियों तक पहुंच रहे हैं। साल 2013 में धीरज की गिरफ्तारी रायपुर में हुई। इसके मौसेर भाई श्रवण की तभी से तलाश जारी थी। इस केस में धीरज, जिनके खातों में रकम जाती थी। उनमें मैंगलोर के रहने वाले जुबैर और आयशा का नाम शामिल था। पप्पू मंडल और राजू खान को पिछले साल गिरफ्तार किया गया है।
कोरबा ।कलेक्टर संजीव झा ने समय सीमा की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में शासन की महत्वपूर्ण फ्लेगशीप योजना गोधन न्याय योजना की विस्तृत समीक्षा की। उन्होने जिले में योजना अंतर्गत पंजीकृत हितग्राही, गोबर खरीदी, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, खाद भण्डारण एवं सहकारी समितियों के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट की ब्रिकी की जानकारी अधिकारियों से ली। कलेक्टर श्री झा ने नगर पालिका कटघोरा, नगर पालिका दीपका, नगर पंचायत छुरीकला और नगर पंचायत पाली में गोधन न्याय योजना अंतर्गत कम गोबर खरीदी होने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होने गौठानों में हो रहे अधोसंरचना के कार्यो की धीमी गति एवं आनलाईन एप में एन्ट्री नही किये जाने पर भी नाराजगी जताई। कलेक्टर ने गोधन न्याय योजना के संचालन में उदासीनता बरतने से कम गोबर खरीदी होने तथा योजना में लक्ष्य अनुरूप प्रगति नही होने पर नगर पालिक परिषद कटघोरा के सीएमओ ज्ञान कुलमित्र, नगर पंचायत पाली के सीएमओ पूर्णेन्दू तिवारी, नगर पंचायत छुरीकला के सीएमओ भूपेश दीवान और नगर पालिक परिषद दीपका के सीएमओ भोला सिंह ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश बैठक मंे दिये। कलेक्टर ने कहा कि शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को प्राथमिकता में लेते हुए गंभीरतापूर्वक क्रियान्वयन किया जाये। योजनाओं के संचालन में लापरवाही और उदासीनता ना बरती जाये। उन्होने हितग्राही मूलक कार्यो को समय सीमा में पूरा करने के भी निर्देश दिये।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है। गुरुवार को विधानसभा सचिवालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह सत्र 27 जुलाई तक चलेगा, जिसमें 6 बैठकें होंगी। इस मानसून सत्र में कुल 894 सवाल लगे हैं। वहीं सत्र में आधा दर्जन विधेयक भी पास होंगे।
बता दें कि सिंहदेव प्रकरण (CG Vidhansabha) से पूर्व भूपेश सरकार को घेरने के लिए विपक्ष के पास किसान, खाद, वित्तीय अनियमित्ताओं के अलावा तबादला जैसे रटा-रटाया विषय ही थे। मंत्री सिंहदेव के इस्तीफा मामले के बाद सत्र के पहले दिन ही प्रश्नकाल बेहद हंगामेदार करने का मूड विपक्ष बना चूका है। खैर, विपक्ष के सवालों से बचने की तैयारी तो विभागीय मंत्री कर लेंगे परंतु खुद के मंत्री के इस्तीफे और चार पन्नों के पत्र का क्या जवाब सरकार देगी ये ज़्यादा दिलचस्प होगा।
ज़्यादा हंगामा हुआ तो वक्त से पहले ना हो सत्र समाप्त
20 से 27 जुलाई के बीच 6 बैठकों और कुल 894 सवालों वाला छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र पूर्व निर्धारित वक्त पर चले इसकी जिम्मेदारी विपक्ष और सत्तापक्ष पर भी निर्भर करेगा। खनिज, कृषि खाद, सहकारिता, जीएडी आबकारी समेत वित्त विभाग से सम्बंधित सवाल ज़्यादा संख्या में पूछे गए हैं। ऐसे में इन सवालों के अलावा मंत्री के इस्तीफे पर गरमागरम बहस सत्र की बैठकों पर असर डालेगी। जानकारों की मानें तो सत्र वक्त से पहले ही न समाप्त हो जाये।
इन विधेयकों की सूचना
छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन व राजीव मितान योजना के लिए उपकर राशि लिए जाने संशोधन विधेयक, छग निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक, छग पंचायत उपबंध (पैसा ) नियम।, छग. विद्युत शुल्क अधिनियम 1949 में संशोधन विधेयक, छग.विनियोग विधेयक, छग. विस अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेताप्रतिपक्ष, विधायक एवं सदस्यों के वेतन भत्तों का संशोधन अधिनियम 1972 में संशोधन विधेयक, छग. भू- जल (प्रबंधन और विनियमन) विधेयक समेत चंद अन्य विधेयक शामिल हैं।
जांजगीर-चाम्पा ।कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने समय-सीमा की बैठक लेते हुए एक बार फिर जिले के अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि आप जिले के जिम्मेदार अधिकारी है। आप समय पर दफ्तर आयेंगे और कार्यों की समीक्षा करेंगे, फील्ड पर दौरा करेंगे, आपके अधीनस्थ के कार्यों को देखेंगे तो निश्चित ही आपके विभागों के कार्यों में प्रगति आएगी। आप यदि स्वयं समय पर नहीं पहुचेंगे और देरी से आकर जल्दी चले जायेंगे तो कोई भी योजना समय पर क्रियान्वयन नहीं हो पाएगा। आपके विभागों के कार्य हमेशा लंबित रहेंगे। शासन की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों को नहीं मिल पाएगा। आप सभी खुद को सुधारिये और समय पर कार्यालय आकर कार्य करिए। कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभी समय है। इसके बाद सीधे कार्यवाही की जाएगी।
समय सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री सिन्हा ने विभागीय कामकाजों की समीक्षा की। उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति समय पर सुनिश्चित कराने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए। कलेक्टर ने शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों से आपस में समन्वय बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील भवन शिवरीनारायण और बहम्नीडीह हेतु स्थल चयन करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने जिले के सभी गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए सुपोषण मिशन अभियान चलाते हुए सुपोषित बनाने, गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच कराने, वृक्षारोपण अभियान को प्रोत्साहित करने, राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत लक्ष्य पूरा करने, राजीव गांधी युवा मितान क्लब योजना में प्रगति लाने, फसल बीमा कराने, स्कूली विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्रों के कार्यों को शीघ्रता से करने पटवारियों की ड्यूटी लगाने और अगस्त में वितरण प्रारंभ करने, लोक निर्माण विभाग को खराब सड़कों को मरम्मत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले में खाद की काला बाजारी रोकने छापामारी का अभियान जारी रखने, नये बेजा कब्जा न हो इसके लिए कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने श्रम विभाग को असंगठित महिलाओं के कार्ड बनाने, महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़़ी केंद्रों में गैस कनेक्शन देने, सीएमओं को क्षेत्र में यातायात व्यवस्था दुरूस्त रखने तथा सभी विभागों को पेंशन से संबंधित लंबित प्रकरणों के निराककरण के लिए कोषालय में आयोजित शिविर का लाभ उठाने के निर्देश दिए।
*बड़े गांवों में टीकाकरण के लिए कैम्प लगाए*
कलेक्टर ने कोरोना से बचाव के लिए सावधानियां बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में दूसरे डोज नहीं लगाने वाले लोगों की पहचान कर अभियान चलाकर दूसरे डोज के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बूस्टर डोज लगाने के साथ कोरोना बचाव प्रबंधन हेतु अलर्ट रहने और बड़े गांवों में शिविर लगाकर टीकाकरण कराने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए। उन्होंने सभी एसडीएम और सीईओ जनपद को भी टीकाकरण अभियान में शामिल होते हुए इसके प्रचार-प्रसार के लिए मुनादी कराने के निर्देश दिए।
*सांसद-विधायक मद के कार्यों को लंबित न रखे*
कलेक्टर श्री सिन्हा ने जिले में सांसद-विधायक मद और अन्य प्राधिकरण से स्वीकृत विकास कार्यों को लंबित नहीं रखने के निर्देश देते हुए सभी जनपद सीईओ को समीक्षा करने और लंबित कार्यों में प्रगति लाने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने इसके लिए शीघ्र ही निर्माण एजेंसियों के साथ बैठक कर कार्यों की समीक्षा की बात कही।
*हरेली के दिन गेड़ी प्रतियोगिता का होगा आयोजन*
हरेली के दिन सभी गोठानों सहित स्कूलों में छत्तीसगढ़ का प्रमुख पर्व को यादगार बनाने गेड़ी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर ने भी हरेली पर्व के लिए विशेष आयोजन के निर्देश दिए।
*गोधन न्याय योजना की हुई समीक्षा*
कलेक्टर श्री सिन्हा ने गोधन न्याय योजना की समीक्षा की। उन्होंने सभी गोठानों में गोबर खरीदी करने, खाद का उठाव करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने गौठानों में मछली पालन, मुर्गी पालन, मशरूम, बतख, बाड़ी जैसी गतिविधियां संचालित करने के निर्देश देते देते हुए नये एक्टिव किए जाने वाले गौठान का डेटा भेंजने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जनपद क्षेत्रों में रोका-छेका अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने हरेली पर्व पर 28 जुलाई को कार्यक्रम का आयोजन कर गौ-मूत्र की खरीदी करने तथा चारागाह लगाने का कार्य सभी पूर्व स्वीकृत चारागाह में करने के संबंध में निर्देश दिए।
0 10 दिवस में यात्री ट्रेन प्रारम्भ न करने की दशा मालगाड़ियों का परिवहन रोकने का आह्वन
कोरबा। युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष मधुसूदन दास के नेतृत्व में रेलवे प्रबंधन की मनमानी के विरुद्ध चरणबद्ध आंदोलन के तहत यात्री ट्रेनों के परिचालन प्रारम्भ की मांग,पार्किंग पर मनमानी बन्द करने एव चल रही यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी बन्द करने की मांग को लेकर कोरबा रेलवे स्टेशन में हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए गंगाजल का छिड़काव किया गया। प्रदर्शन करते हुए उन्होंने मांगो को पूर्ण करने की मांग की गई अन्यथा 10 दिवस पश्चात ओवरब्रिज कोरबा के समीप मालगाड़ियों का परिवहन रोककर विरोध जताया जाएगा।
इस अवसर पर युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष मधुसूदन दास ने कहा की – हमारे द्वारा पूर्व में 6 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया था कि कोरबा एवं गेवरा रेलवे स्टेशन में अनेक समस्याएं है परंतु रेलवे के द्वारा गेवरा एव कोरबा स्टेशन में यात्री ट्रेनों के परिचालन में जमकर लापरवाही बरती जा रही है। कोविड के नाम पर ट्रेने पहले बंद कर दी गई, अब सामान्य स्थिति होंने के बाद भी रेलवे के द्वारा सिर्फ और सिर्फ कोयला लदान में रिकॉर्ड बनाने के चक्कर मे नागरिकों का जीना दूभर कर दिया गया है, साथ ही साथ पार्किंग के नाम पर भी जमकर लूटमार मची हुई है आज हमारे द्वारा कोरबा रेलवे स्टेशन में जमकर नारेबाजी करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ किया गया एव गंगाजल का छिड़काव किया गया ताकि अधिकारियों को सद्बुद्धि की प्राप्ति हो और जनहित में मांगों को पूर्ण करें। चेतावनी दी गई है कि मांग न मानने पर 10 दिन पश्चात ओवरब्रिज कोरबा के समीप मालगाड़ियों का परिवहन भी बन्द किया जाएगा जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी रेलवे प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष दीपक वर्मा ने कहा-” रेलवे अपनी मनमानी पर उतारू है। आमजनों को परेशान करना उनकी आदत बन चुकी है। गेवरा से सभी ट्रेनों का परिचालन बन्द कर दिया गया है, साथ ही साथ कोरबा की सभी ट्रेन समय पर नही चल रही है।एनएसयूआई लगातार आमजनों के हित के लिए कार्य करती है और करते रहेगी।
इस अवसर परनएनएसयूआई जिलाध्यक्ष दीपक वर्मा,युवा कांग्रेस जिला सचिव दीपक दास महन्त,कमल किशोर चंद्रा, बबलू मारवा,मंजीत सिंह ठाकुर,अनिल खुटे,मुकेश सिंह उसरवर्षा,आशीष मित्तल,मनीष कंवर,रूपांक राजपूत,बंटी,सोनू यादव, रामकुमार पटेल, कोमल रमानी,गिन्नी भार्गव,दीपक लकरा,विलन,सूरज बरेठ,और अनेक युवा कांग्रेसी एव एनएसयूआई के साथी उपस्थित उपस्थित थे।
नई दिल्ली। IAS Officer : 2009 बैच के IAS ऑफिसर अवनीश शरण ने एक बच्ची और पिता का वीडियो ट्वीट किया है। ये बच्ची और इसके पिता ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा…गाने को गुनगना रहे हैं। ये गाना 1958 में आई फिल्म ‘दिल्ली का ठग’ में फिल्माया गया है। बच्ची और उसके पिता दोनों इस गाने को खूबसूरत अंदाज में गा रहे हैं।
आईएएस अधिकारी अवनीश शरण अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसे ही वीडियोज शेयर करते हैं। बच्ची और पिता का ये वीडियो लोगों को बहुत पसंद आ रहा है। लोग दोनों की तारीफ कर रहे हैं और शेयर कर रहे हैं। वीडियो पर कई तरह के कमेंट देखने को मिल रहे हैं। लोग बेटी और पिता के बीच इमोशनल कनेक्ट की बात कर रहे हैं तो कई लोग बच्ची की आवाज की तारीफ कर रहे हैं। आईएएस अवनीश शरण (IAS Officer) ने वीडियो के कैप्शन में लिखा है कि- ऑसम, पिता और बेटी के बीच जुगलबंदी।
अपने ट्वीट और पोस्ट को लेकर रहते हैं सुर्खियों में
गौरतलब है कि आईएएस अधिकारी अवनीश शरण अक्सर अपने ट्वीट और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। सबसे पहले वह उन दिनों चर्चा में आए थे जब उन्होंने साल 2017 में अपनी बेटी वेदिका का एडमिशन किसी प्राइवेड अंग्रेजी मीडियम स्कूल में न करा कर एक सलराकरी प्रज्ञा प्राथमिक विद्यालय में कराया था। तब से अवनीश शरण कई युवाओं के रोल मॉडल बन गए, वह खुद भी लोगों को जिंदगी की सही राह पर चलने के लिए गाइड करते हैं।
हाल ही में अवनीश शरण की एजुकेशन से जुड़ा एक पोस्ट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में अवनीश शरण की तस्वीर के साथ लिखा गया है कि एक लड़का जिसके 10वीं बोर्ड एग्जाम में सिर्फ 44.5 फीसदी नंबर मिले, 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 65 प्रतिशत अंक मिले और 60.7 फीसदी नंबरों के साथ उसने ग्रेजुएशन की परीक्षा पास की।
भाजपा सरकार में भी उठते रहे है ऐसे बवाल ,, पर हर बार मतभेद दूर कर लिए गए
टी एस सिंह देव का इस्तीफा क्या हुआ छत्तीसगढ़ का शांत पड़ा राजनीतिक माहौल तूफानी हो गया है
इस्तीफे का कारण टी एस ने स्पष्ट कर ही दिया है पर क्या जो उन्होंने कारण बताया गया है,, क्या वही कारण है ?? जिसकी वजह से एक मंत्री ने अपना विभाग छोड़ दिया है ??? , या इस के पीछे कोई और वजह है?? क्या होगा इस्तीफे के बाद,, ?
यह कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अभी आने बाकी हैं या फिर इनके जवाब राजनीतिक पर्दे के पीछे छुपे हुए हैं इसे ही आज हम डिकोड करने की कोशिश करेंगे,,,,
छत्तीसगढ़ में किसी मंत्री का अपने विभाग को छोड़ देने का ये प्रकरण पहला नही है ,, इसके अलावा भाजपा सरकार में करीब आधा दर्जन बार मंत्रिमंडल फेरबदल हुए हैं उस दौरान नाराजगी जैसी बातें कई बार सामने आए,, पर समय के साथ सब ठीक भी होता गया,,, आज में ऐसे सरकार से नाराजगी के प्रमुख प्रकरणों पर चर्चा करेंगे जिन्हें सुलझा लिया गया
पहला प्रकरण :-
जोगी सरकार को पटखनी दे कर नई नई भाजपा सरकार बनी थी और नए मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने 2005 में 2 साल बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल किया तो विभागों के नए आबंटन में बृज मोहन अग्रवाल से गृह मंत्रालय लेकर नए विभाग दिए गए ,,,,जिसमें खाद्य विभाग भी शामिल था !!विभागों के इस आवंटन से बृजमोहन अग्रवाल खुश नहीं थे और उन्होंने खाद्य विभाग लेने से इनकार कर दिया था वजह बताते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने इस बात का जिक्र किया कि उनका पैतृक व्यवसाय खाद्यान्न का है ऐसे में वह विभाग की जिम्मेदारी नहीं संभाल सकते!! एक-दो दिन तक यह प्रकरण गरमाया रहा और उसके बाद खाद्य विभाग मुख्यमंत्री ने मेघा राम साहू को देखकर इस विवाद का पटाक्षेप किया कहा जाता है इसी बात के पीछे नेतृत्व से बृजमोहन अग्रवाल की नाराजगी भी एक वजह थी
दूसरा प्रकरण :-
दूसरा प्रकरण 2008 में सामने आया जब रमन सरकार की दूसरी पारी के दौरान कैबिनेट मंत्री अमर अग्रवाल मुख्यमंत्री से मतभेद की वजह से मंत्रिमंडल से अलग हो गए और उन्होंने वित्त वाणिज्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय छोड़कर इस्तीफा दे दिया बाद में 1 साल बाद ही अमर अग्रवाल की मंत्रिमंडल पर वापसी हो पाई,,, लेकिन इस पूरे प्रकरण के पीछे वजह मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और अमर अग्रवाल के बीच मतभेद था
इसके अलावा कई छोटे प्रकरण भी सामने आए जिसमें बद्री धर दीवान को मंत्री नहीं बनाया जाना
भाजपा सरकार के प्रदेश अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह की नाराजगी
सरोज पांडे को मेयर से विधायक और विधायक से लोकसभा लोकसभा से राज्यसभा बनाए जाने के दौरान की घटनाएं हो,,
या फिर
आदिवासी नेता देवलाल दुग्गा की नाराजगी…
जैसे कई प्रकरण भाजपा सरकार को हिला देने वाले रहे पर मामले को भाजपा के ट्रबल शूटर हॉट डैमेज कंट्रोल टीम ने बेहतर ढंग से इन प्रकरणों को संभाला
तीसरा प्रकरण :-
कांग्रेस कार्यकाल में सामने आया यह पहला और बड़ा प्रकरण टी एस के विभाग छोड़े जाने का है
जय वीरू की दोस्ती में आई वह दरार से उपजे इस प्रकरण की शाखाएं लगातार बढ़ रही हैं टी एस पद छोड़ने के अपने इस फैसले के पीछे कारण बताते हुए म 4 पन्नों का एक पत्र भी जारी किया है इस पत्र का मजमून कुछ इस तरीके से है जिससे पता चलता है कि सरकार के कामकाज से शायद मंत्री टीएस संतुष्ट नहीं हैं ऐसे में उनके कुछ फैसलों पर उठाये गए कदम के बाद उनका पंचायत विभाग में काम करना करना मुश्किल हो गया था,,,, ऐसे में टी एस द्वारा अपने आप को पद से अलग करना सरकार से नाराजगी को दर्शाता है हालांकि अभी भी टी एस सिंह देव स्वास्थ्य और जीएसटी के जिम्मेदारी संभाले हुए हैं
पूर्व अनुभव देखें तो प्रकरण ऐसा प्रतीत नहीं होता इस मसले को भी सुलझाया नहीं जा सकता
बशर्ते अपने अहम और महत्वाकांक्षाओं को किनारे रख कर समस्या को देखना होगा,,,जैसा कि पहले के प्रकरणों में मतभेदों दूर करने के प्रयास देखने को मिले तो वैसे कदम उठाए जाने की जरूरत है ,, ऐसे में सबसे अहम भूमिका दूर बैठे आलाकमान की है देखना यह है कि आलाकमान के आंख नाक कान कहे जाने वाले लोग क्या तटस्थ भाव से इस प्रकरण को खत्म करेगे या मुद्दे को हैंडल करने की जैसा कि दस जनपथ वादियों की एक शैली सी बन गई है उसी ढर्रे पर इस प्रकरण को आधार बनाकर नेताओ के बीच दरार को बनाए रखने की बेकार की एक्सरसाइज की जाती है,,,,,,,,,(जारी)