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शिवसेना के बागी नेताओं के कैंप में ये तीन विधायक कर रहे हैं ईडी और इनकम टैक्‍स के एक्‍शन का सामना

शिवसेना के बागी विधायकों ने गुरुवार को गुवाहाटी के पांच सितारा होटल में हुई बैठक में एकनाथ शिंदे को अपना नेता चुन लिया। इसके साथ ही बागी विधायकों ने आरोप लगाया कि विपक्षी विचारधारा की पार्टियों के साथ गठबंधन करने के कारण बीते 2.5 सालों की महा विकास आघाड़ी सरकार में शिवसेना के कैडर को अनदेखा किया गया है। इन्हीं सब कारणों के कारण उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत की है।

हालांकि, शिवसेना के बागी विधायकों में से कुछ ने पहले आरोप लगाया था कि पार्टी कैडर और नेताओं को भाजपा शासित केंद्र सरकार विभिन्न जांच एजेंसियों के माध्यम से उन्हें परेशान कर रही है।

शिंदे गुट की ओर से बुधवार (22-06-2022) को जारी एक मिनट लंबे वीडियो में विधायकों को एक दूसरे के साथ बातचीत करते हुए और हंसते हुए दिखाया गया है। वीडियो में ओवाला – माजीवाड़ा से शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाईक काफी मुखर और सक्रिय दिखाई दे रहे हैं और साथ ही कह रहे हैं कि जो भी इस बागी गुट के खिलाफ है उसके खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए। सरनाईक 175 करोड़ के मनी लांड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच का सामना कर रहे हैं।
इसके अलावा शिंदे गुट में शामिल हुई शिवसेना की एक और विधायक यामिनी जाधव के पति और बीएमसी की स्टैंडिंग कमेटी के पूर्व चेयरमैन यशवंत जाधव भी ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं। ईडी की ओर से उन पर फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) का उल्लंघन करने के लिए केस दर्ज किया गया है। वहीं, टैक्स चोरी करने के आरोप में यशवंत जाधव के मुंबई के बांद्रा में स्थित फ्लैट के साथ करीब 40 संपत्तियों को कुर्क किया गया है।

ईडी की कार्रवाई का सामना कर रही एक अन्य नेता शिवसेना सांसद भावना गवली हैं। उन्होंने भी विद्रोही गुट का समर्थन किया है। उनकी ओर से सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव को एक पत्र भेजा गया, जिसमें कहा, “शिंदे समूह द्वारा उठाई गई चिंताओं का समाधान करना चाहिए।”

गवली वर्तमान में एक एनजीओ में मनी-लॉन्ड्रिंग जांच का सामना कर रही है, जिसे वह अपनी मां के साथ चलाती है। उसके एक करीबी सहयोगी सईद खान को ईडी ने गिरफ्तार किया था। ईडी की ओर से खान के 3.75 करोड़ रुपये के कार्यालय भवन को भी कुर्क किया है।

 

एकनाथ शिंदे ने शिवसेना पर दावा तो ठोक दिया लेकिन आसान नहीं है पार्टी पर अधिकार पाना, जानें किन कानूनी अड़चनों का करना पड़ेगा सामना

शिवसेना के बागी विधायकों ने गुवाहाटी के फाइव स्टार होटल में मीटिंग कर एकनाथ शिंदे को अपना नेता चुन लिया है। इस मौके पर बागी विधायकों ने शिंदे को अपना समर्थन दिया, इसके साथ ही उनके नाम पर उन्हें कोई भी निर्णय लेने की छूट भी दी। मीटिंग के दौरान शिंदे ने बागी विधायकों को संबोधित भी किया।

शिंदे खेमे के सूत्र ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया कि हम उत्साहित हैं। हर कदम विचार विमर्श के बाद ही उठाया जा रहा है। हम प्रत्येक निर्णय के बारे में जानते हैं। एक बागी वरिष्ठ विधायक ने कहा कि शिंदे ने हम सभी को आश्वस्त किया है कि हम ही असली शिवसेना बनने जा रहे हैं।

विधायकों को दिए अपने संबोधन में शिंदे ने किसी भी पार्टी का नाम लिए बिना कहा, “एक राष्ट्रीय पार्टी हमारे साथ है, जिसने पाकिस्तान से सीधे मुकाबला किया था। उसने हमारे मुद्दे पर समर्थन जताया है।”

शिंदे गुट की ओर से दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए विधायकों की आवश्यक संख्या को जुटा लिया है। हालांकि उन्हें असली शिवसेना बनने के लिए कई कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ेगा। वहीं, इस मुद्दे पर राज्य सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दल बदल विरोधी कानून के तहत अलग समूह बनाने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है और इसके लिए उन्हें सदन में डिप्टी स्पीकर के सामने अपनी इस ताकत को दिखाना होगा।

शिंदे को एक अलग पार्टी बनाने के लिए कम से कम 37 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही उन्हें चुनाव आयोग में एक आवेदन ही दाखिल करना होगा और फिर इसके बाद चुनाव आयोग की तरफ से उनको चुनाव चिन्ह आदि प्रदान किया जाएगा। हालांकि सूत्रों का कहना है कि शिंदे शिवसेना पार्टी और उनके चुनाव चिन्ह तीर धनुष पर दावा कर सकते हैं।
शिंदे की ओर से शिवसेना पर दावा ठोकने को लेकर सूत्रों का कहना है कि शिंदे को शिवसेना का चुनाव चिन्ह तीर कमान लेने के लिए कई कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ेगा। उन्हें निर्वाचित सदस्यों में ही विभाजन नहीं बल्कि पार्टी के पदाधिकारियों में भी विभाजन को सुनिश्चित करना होगा। ठाकरे खेमे ने शिंदे को पहले ही शिवसेना विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया है। महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल ने भी अजय चौधरी को शिंदे की जगह सदन में शिवसेना समूह के नेता के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है।

शिंदे ने जिरवाल को लिखे एक पत्र में उनके निष्कासन का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि पद से उनका निष्कासन अमान्य था, क्योंकि जिस बैठक में चौधरी को नियुक्त किया गया था, उसमें केवल 15 से 16 सदस्यों ने भाग लिया था। उन्होंने पत्र में आगे कहा कि वह सुनील प्रभु को भरत गोगावले की जगह शिवसेना विधायक दल का मुख्य सचेतक नियुक्त कर रहे हैं। विधानसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्र को लेकर कहा, “हमें शिंदे की ओर से ऐसा कोई भी पत्र नहीं मिला है।” भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि कुछ कानूनी अड़चनों का जरूर सामना करना पड़ सकता है। इसमें कुछ समय भी लग सकता है लेकिन महा विकास आघाड़ी सरकार का पतन बिल्कुल निश्चित है।

पति ने कर ली दूसरी शादी, Facebook से पत्नी को चला पता और फिर…

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक महिला ने अपने पति पर धोखा देकर दूसरी शादी करने का आरोप लगाया है. महिला ने पति के खिलाफ थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है. पत्नी के मुताबिक, आरोपी पति तीन महीने पहले उसे मायके में डिलीवरी के लिए छोड़कर गया था.

आठ दिन पहले पत्नी ने फेसबुक देखा तो पति की किसी और महिला के साथ तस्वीर थी. जब महिला ने अपने सास-ससुर से पूछा तो पता चला कि उसका पति खजराना से युवती को लेकर फरार है. अब पत्नी इंसाफ के लिए थाने के चक्कर लगा रही है.

मामला एरोड्रम थाना क्षेत्र के छोटा बागड़दा का है जहां बबीता परमार अब इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही है. उसने बताया कि पति राजेश परमार ट्रांसपोर्ट का काम करता है, उसने मुझे धोखा दिया ओर दूसरी शादी कर ली.

महिला ने कहा कि फेसबुक पर फोटो देखकर उसे पति की दूसरी शादी की जानकारी हुई. महिला ने कहा, जब उसने अपने ससुर कनीराम को फोन किया तो उन्होंने ने भी चुप रहने की धमकी दी. पीड़ित महिला ने कहा पति ने भी दूसरे नंबर से कॉल कर उसे धमकाया. अब पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, महिला की शादी छह साल पहले आरोपी से हुई थी. महिला के मुताबिक, राजेश परमार से उसकी शादी परिवार की मर्जी से हुई थी. बबीता ने बताया कि तीन महीने पहले उसे पति पहली डिलीवरी के लिए मायके छोड़ कर गया था.

15 दिन पहले मायके में बबीता ने एक बेटी को जन्म दिया और राजेश अपनी बेटी से मिलने भी नहीं आया. महिला ने जब सास से इसका कारण पूछा तो उसे बताया गया कि उसका पति बाहर गया हुआ है लेकिन अचानक चचेरे भाई बिट्‌टू की आईडी पर एक महिला के साथ पति की तस्वीर देखकर वो हैरान रह गई.

महिला को पता चला कि दो सप्ताह पहले ही उसके पति ने दूसरी युवती आयशा को भगाकर उससे शादी कर ली. बबीता के परिवार ने आरोप लगाया कि राजेश के खिलाफ शिकायत को लेकर उसके ससुर कनीराम ओर सास शांताबाई धमका रही थी.

महिला के परिवार ने आरोप लगाया कि राजेश के माता-पिता को पता है कि वह आयशा के साथ कहां रह रहा है. एरोड्रम पुलिस के मुताबिक अभी पूरे मामले की जांच की जा रही है.

 

नौकर, कुक, जोमैटो और स्विगी के डिलीवरी बॉय के लिए अच्छी खबर

रायपुर। असंगठित श्रमिकों को इस श्रम कार्ड के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं को लाभ मिलेगा। यह ई-श्रम कार्ड श्रम विभाग द्वारा प्रदान किया जाता है। ई-श्रम कार्ड के माध्यम से पंजीकृत असंगठित श्रमिक शासन की योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। असंगठित श्रमिक ई-श्रम कार्ड के लिए किसी भी च्वाइस केन्द्र, लोक सेवा केन्द्र या सी.एस.सी में पंजीयन करा सकते हैं।

असंगठित श्रमिकों के अंतर्गत घर में काम करने वाला नौकर-नौकरानी (काम वाली बाई), खाना बनाने वाली बाई (कुक), सफाई कर्मचारी, गार्ड, रेजा, कुली, रिक्शा चालक, ठेला में किसी भी प्रकार का सामान बेचने वाला (वेडर), होटल के नौकर/वेटर, रिसेप्शनिस्ट, पूछताछ वाले क्लर्क, ऑपरेटर, हर दुकान का नौकर/सेल्समैन/हेल्पर, ऑटो चालक, ड्राइवर, पंचर बनाने वाला, ब्यूटी पार्लर की वर्कर, नाई, मोची, दर्जी, बढ़ई, प्लंबर बिजली वाला (इलेक्ट्रीशियन), पुताई वाला (पेंटर), टाइल्स जोडने वाला, वेल्डिंग वाला, खेती वाले मजदूर, नरेगा मजदूर, ईंट भट्ठा के मजदूर, पत्थर तोड़ने वाले, खदान मजदूर, फाल्स सीलिंग का कार्य करने वाले, मूर्ती बनाने वाल,े मछुआरा, चरवाहा, डेयरी वाले, पशुपालक, पेपर हॉकर, जोमैटो स्विगी के डिलीवरी बॉय अमेजन पिलपकार्ट के डिलीवरी बॉय (कोरियर वाले), नर्स, वार्ड बॉय, आया, मंदिर के पुजारी, विभिन्न सरकारी ऑफिस के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका, मितानिन, आशा वर्कर शामिल है।

रेत तस्करो की दबंगई… बोले- प्रशासन को जो कहना है, कहने दो…जब तक नदी में पानी नहीं आएगा, हम तो रेत खोदेंगे…

न्यूज डेस्क। रेत घाटों पर सिंडिकेट की मनमर्जी चल रही है। 15 जून से घाट बंद हो चुके हैं, फिर भी दिन-रात मशीने चल रही हैं, लोडिंग हो रही हैं। यहां सरकारी रेट से तीन गुना ज्यादा वसूली की जा रही है। छह से आठ लोग इन रेत घाटों का संचालन कर रहे हैं। सभी मनमाने तरीके से पिट पास और लोडिंग चार्ज वसूल रहे हैं।

ठेकेदार सीना ठोककर कह रहे हैं कि जब तक घाटों में पानी नहीं भरेगा, मशीन नहीं हटाएंगे। प्रशासन को जो आदेश करना है, करने दो। यही कारण है कि 6 हजार की रेत 12 हजार तक मिल रही है। पांच रेत घाटों समोदा, कागडीह, करमंदी, कुरुद कुटेला और चिखली के रेत घाटों का जायजा लिया।

प्रशासन ने सभी रेत घाटों को 15 जून से बंद कर दिया है,
लेकिन घाटों में दिन-रात रेत की खुदाई धड़ल्ले से चल रही
इतना ही नही, सरकारी रेट से तकरीबन 3 गुना ज्यादा वसूली की जा रही, इसी कारण 6 हजार की रेत 12 हजार में

बारिश में सभी रेत घाट बंद कर दिए फिर भी धड़ल्ले से चल रही मशीनें
मानसून की दस्तक के साथ ही जिले की सभी रेत घाट 15 जून से बंद कर दिए गए हैं, लेकिन सबकुछ कागजों पर। आरंग के हरदीडीह, कागदेही, चपरीद, चिखली, पारागांव समेत आसपास के सभी रेत घाटों में खुले आम मशीनों से गाड़ियों की लोडिंग की जा रही है।

रेत घाटों से मनमाने तरीके से रेत बाहर निकाला जा रहा है। अभी भी सीधे रेत घाटों से रेत की लोडिंग की जा रही है। बड़ी गाड़ियां रेत घाट पर बने रैंप तक जा रही है।

नियम ये है: सुबह से सूर्यास्त तक लोडिंग होगी, लेकिन हर जगह 24 घंटे लोडिंग
आरंग से लगभग 14 किमी का सफर तय करने के साथ ही रेत घाटों से आती गाड़ियां दिखाई दे जाती है। एनजीटी के नियमों के अनुसार सुुबह सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही खनन की अनुमति है।

लेकिन रेत घाटों पर मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि हर घाट में कभी भी गाड़ी चाहिए मिल जाएगी। नियमों को ताक पर रखकर गाड़ियों की कभी लोडिंग की जा रही है। वो भी बिना पिट पास के। सबकुछ यहां अवैध तरीके से चल रहा है।

रेत घाट जिन्हें अलॉट, उनमें से ज्यादातर को लोग नहीं जानते
रायपुर जिले में 2020 में 9 रेत घाट नीलाम हुए हैं। जितने भी घाट पर गई, लोगों ने बताया कि उन्होंने नए मालिक को नहीं देखा है। केवल एक रेत घाट पर एक नाम का बोर्ड लगा है।

बाकी रेत घाटों में घाट संचालकों के नाम तक नहीं हैं। सभी रेत घाटों पर सिंडिकेट पुराने और बड़े ठेकेदार ही बैठे हैं। हाल ही में रेत घाट चला रहे सभी सिंडिकेट सदस्यों ने तय किया था कि रेत घाटों में एक जैसा शुल्क लेंगे, जिससे किसी भी घाट में रेट में फर्क न आए।

जिला खनिज अधिकारी रिटायर इसलिए ठेकेदारों की मनमानी
जिला खनिज अधिकारी और उप संचालक हरकेश मारवाह 30 मई को रिटायर हो गए हैं। उनकी जगह अभी किसी को भी यह जिम्मेदारी नहीं दी गई है। इसलिए रेत घाटों में मनमानी और बढ़ गई है।

जिला खनिज विभाग के पास इन रेत घाटों पर कार्रवाई के लिए केवल दो खनिज निरीक्षक हैं। रेत सप्लायरों का कहना है कि खनिज निरीक्षकों, खनिज अधिकारी और सभी की मिलीभगत से रेत घाट में खुले आम अवैध लोडिंग बिना पिट पास का खेल हो रहा है।

 

Video: शराब पीकर जयमाला में पहुंचा दूल्हा, दुल्हन के बजाय साली को पहना दी माला! जमकर पड़े थप्पड़

शादी में कई बार ऐसी घटनाएं देखने को मिल जाती है, जिसकी किसी ने भी उम्मीद की होती. दुल्हन वाले बड़े ही चाव से बारात का इंतजार कर रहे होते हैं और जैसे ही द्वार पर बारात आती है तो उनके घरवाले स्वागत में माला पहनाते हैं. ऐसे स्वागत को देखकर कई बार दूल्हे पक्ष के लोगों का दिल बाग-बाग हो जाता है. हालांकि, कई बार दूल्हे पक्ष में कुछ लोग शराब पीकर आ जाते हैं और माहौल को बिगाड़ने का काम करते हैं. ऐसा कम ही देखा जाता है, लेकिन दूल्हा अगर शराब पीकर शादी करने के लिए आया तो शादी में माहौल और भी बिगड़ सकता है. कुछ ऐसा ही वायरल होने वाले एक वीडियो में देखने को मिला.

नशे में धुत दूल्हे ने शादी का माहौल किया खराब

वायरल होने वाले वीडियो में एक शराबी दूल्हे ने शादी का पूरा माहौल ही बिगाड़ दिया. इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि जयमाला के वक्त दूल्हा शराब पीकर पहुंचता है और फिर हिलने-डुलने लगता है. यह देखकर दुल्हन पक्ष के लोग भड़क उठते हैं. दुल्हन के सामने शराब पीकर पहुंचने पर चार बात सुनाते हैं. इतना ही नहीं, दूल्हे की साली भी स्टेज पर आ जाती है. दुल्हन ने जैसे ही वरमाला डाला तो सभी ताली बजाने लगते हैं और जैसे ही दूल्हे को वरमाला डालने के लिए कहा जाता है तो वह नशे की धुत में अजीबोगरीब हरकत कर बैठता है. उसने स्टेज पर खड़ी अपनी साली पर ही माला डाल दिया.

https://twitter.com/Vikki19751/status/1539259892376162307?s=20&t=-axCISCzlGkx4fs6tfsvlw

गलती से दूल्हे ने साली को पहनाई वरमाला

यह देखकर साली भड़क उठी और गुस्से में दूल्हे के मुंह पर जोरदार तमाचा जड़ दिया. दूल्हे को थप्पड़ मारने के बाद साली जमकर शोर-शराबा किया. उसने दूल्हे से तुरंत माला उतारने के लिए कहा. दूल्हा नशे की धुत में झूम रहा होता है, जबकि दुल्हन मां इस पर काफी बवाल मचाती है. आखिर में दूल्हे ने अपनी साली के गले से वरमाला निकाल लिया. हालांकि, इस वीडियो को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस वीडियो को जानबूझकर बनाया गया है और इसमें कोई भी सच्चाई नहीं है. बताया जा रहा है कि यह वीडियो बिहार का है और इसे @Vikki19751 नाम के ट्विटर यूजर द्वारा शेयर किया गया है. वीडियो को देखकर समझा जा सकता है कि इसे केवल मनोरंजन के उद्देश्य से शूट किया गया है.

Railway Jobs: रेलवे में आने वाली हैं बंपर भर्ती, जानिए आप आवेदन कर पाएंगे या नहीं, आयु सीमा 40 साल

Ticket Collector TC Recruitment 2022: सरकारी नौकरी की तलाश करने वालों के लिए हम यहां आने वाली सरकारी नौकरियों की जानकारी दे रहे हैं. रेलवे जल्द ही टिकट कलेक्टर (TC) और गुड्स गार्ड के पदों पर भर्ती करने की तैयारी कर रहा है. इस भर्ती प्रक्रिया से करीब 6858 पद भरे जाने हैं. इसमें से करीब 2000 गुड्स गार्ड के पदों पर भर्ती होगी बाकी टीसी के पदों पर भर्ती होनी है. इस भर्ती के लिए रेलवे की तरफ से जल्द ही नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. नोटिफिकेशन रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट rrb.gov.in पर जारी किया जाएगा. यहां से आप लेटेस्ट जानकारी पा सकते हैं.

इस भर्ती के लिए कैंडिडेट्स की आयु कम से कम 18 साल होनी चाहिए. वहीं अधिकतम आयु सीमा 35 साल रखी जा सकती है. हालांकि इसमें सरकारी नियमों के मुताबिक छूट भी मिलेगी जैसे ओबीसी कैटेगरी के कैंडिडेट्स के लिए 3 साल और एससी एसटी कैटेगरी के कैंडिडेट्स के लिए 5 साल की छूट मिलेगी.

पढ़ाई की बात करें तो इस भर्ती के लिए न्यूमतम योग्यता 50 फीसदी नंबरों के साथ 12वीं पास हो सकती है. हालांकि अगर आप ग्रेजुएट हैं तब भी आवेदन कर सकते हैं लेकिन इसका अलग से कैंडिडेट्स को कोई फायदा नहीं मिलेगा. इन पदों पर सिलेक्ट होने वाले कैंडिडेट्स की सैलरी करीब 21 हजार रुपये से लेकर 81 हजार रुपये महीना तक होती है.

भारतीय रेलवे टिकट कलेक्टर टीसी 2022 के सिलेक्शन प्रोसेस में कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) / मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शामिल हैं. रेलवे में कुछ पदों के लिए इंटरव्यू / फिजिकल टेस्ट होते हैं. एग्जाम पैटर्न की बात करें तो इसमें जनरल अवेयरनेस से 25 नंबर के सवाल, रीजनिंग से 15 नंबर के सवाल, अर्थमेटिक से 20 नंबर के सवाल, टेक्निकल सब्जेक्ट से 30 नंबर के सवाल और जनरल साइंस से 30 नंबर के सवाल पूछे जा सकते हैं. इस तरह कुल 120 नंबर का पेपर हो सकता है.

SHO और कॉन्स्टेबल के बीच थे समलैंगिक रिश्ते, ब्लैकमेलिंग का हुआ खेल; SP ने लिया ये एक्शन

राजस्थान। नागौर पुलिस के सितारे इन दिनों गर्दिश में हैं. एक तरफ आए दिन हो रही अपराधिक घटनाओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं वहीं दूसरी ओर अब एक थानेदार पर समलैंगिक संबंधों का आरोप लगने से जिले में खाकी एक बार फिर दागदार हुई है.

SHO और कांस्टेबल में समलैंगिक रिश्ते

राजस्थान (Rajasthan) के नागौर (Nagaur) जिले से पुलिस विभाग का चेहरा शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. समलैंगिक रिश्तों (Homosexual Relationships) की कहानी का खुलासा और वीडियो वायरल होने के बाद SHO और कांस्टेबल दोनों को सस्पेंड कर दिया. आपको बता दें कि इनकी तैनाती डेगाना थाने में थी.

कांस्टेबल ने किया एसएचओ को ब्लैकमेल

पुलिस के मुताबिक, निलंबित एसएचओ गोपाल कृष्ण चौधरी ने खींवसर थाने में FIR दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि कांस्टेबल प्रदीप चौधरी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार पैसे के लिए ब्लैकमेल कर रहा है. कांस्टेबल अब तक SHO से ढाई लाख रुपये ले चुका था.

‘कैश और गाड़ी की डिमांड पर टूटा सब्र’

कांस्टेबल ने जब थानाधिकारी से पांच लाख रुपए और एक गाड़ी की डिमांड की जिसके बाद थानाधिकारी ने नागौर पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी के सामने पेश होकर उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी. एसपी ने केस दर्ज होने के बाद मामले की जांच नागौर CO विनोद कुमार को सौंपी तो सभी तथ्य सही पाए जाने के बाद कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया.

7 महीने से रिश्तों में थे दोनों

दोनों के बीच पिछले सात महीने से ऐसे संबंध बने हुए थे. कांस्टेबल और थानाधिकारी दोनों वीडियो चैट कर अश्लील हरकतें करते थे. नागौर पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी ने पुलिस विभाग का चेहरा शर्मसार करने वाली इस घटना को देखते हुए कांस्टेबल और थानाधिकारी को निलंबित कर दिया.

थानेदार पर एक और गंभीर आरोप

कांस्टेबल के साथ समलैंगिक संबंधों के आरोप में निलंबित हुए खींवसर थानाधिकारी गोपाल कृष्ण पर एक और गंभीर आरोप लगा है. ये आरोप एक विधवा महिला ने लगाए हैं. जिसका कहना है कि खींवसर थानाधिकारी और 3 कांस्टेबलों ने उनके साथ बुरी तरह से पेश आने के दौरान अश्लील और भद्दे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है. पीड़िता 20 जून को अपने बेटे से मिलने खींवसर थाने पहुंची तो उसे उनके बच्चे से मिलने नही दिया गया. वहीं थानेदार गोपाल कृष्ण ने उसके साथ अश्लील भाषा का प्रयोग किया.

CG के सांसद रामविचार, रेणुका सिंह और संतोष पांडे बने द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावक, नेताम बोले-आजादी के 75 साल बाद सम्मान मिला

0.प्रधानमंत्री मोदी मुर्मू के नामांकन पत्र में पहले प्रस्तावक

नई दिल्ली/रायपुर। देश के राष्ट्रपति पद के लिए NDA की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार 23 जून को नामांकन दाखिल करेंगी। इस पहले गुरुवार को मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी मुर्मू के नामांकन पत्र में पहले प्रस्तावक हैं।

छत्तीसगढ़ से बीजेपी सांसद भी प्रस्तावकों में शामिल हैं। इनमें राम विचार नेताम, संतोष पांडे और केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह का नाम है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के घर पर गुरुवार को प्रस्तावक और समर्थक के तौर पर मुर्मू के नामांकन पत्र पर इन नेताओं ने हस्ताक्षर किए।

मेरे लिए आत्मगौरव का दिन

द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद उम्मीदवार बनाई जाने पर राम विचार नेताम ने कहा- एनडीए गठबंधन से द्रौपदी मूर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इतिहास रचा। आज़ादी के 75 साल बाद हमारे आदिवासी समाज को सम्मान मिला है। प्रस्तावक बनने को लेकर रामविचार नेताम ने कहा कि मेरे लिए बहुत सुखद और आत्म गौरव का दिन है।

बिग ब्रेकिंग: सीनियर IPS दिनकर गुप्ता एनआईए के नए महानिदेशक,छत्तीसगढ़ कैडर के स्वागत दास को गृह मंत्रालय में विशेष सचिव की जिम्मेदारी, देखें आदेश

नई दिल्ली। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1987 बैच के पंजाब कैडर के आईपीएस अधिकारी दिनकर गुप्ता को गुरुवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) का महानिदेशक नियुक्त किया गया। कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश में यह जानकारी दी गई।

मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने 31 मार्च, 2024, यानी उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख तक एनआईए के महानिदेशक के रूप में गुप्ता की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। वहीं एक अन्य आदेश में बताया गया कि स्वागत दास को गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) नियुक्त किया गया है।

स्वागत दास 1987 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं और फिलहाल खुफिया ब्यूरो में विशेष निदेशक के पद पर तैनात हैं। आदेश में कहा गया है कि दास को 30 नवंबर, 2024 तक के लिए पद पर नियुक्त किया गया है, जो उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख है।