कोरबा। बाबु से सीईओ बने हर नारायण खोटेल जंहा भी जाते ही विवादों में घिर जाते है। ताजा मामला करतला ब्लाक में उधारी सीईओ बनने का है। करतला सीईओ स्वास्थ्यगत कारणों से छुट्टी गए तो कार्यालयीन कार्यो के संपादन के लिए अस्थाई तौर पर एच एन खोटेल को भेजा गया,लेकिन कुर्सी में बैठते ही स्थाई ठिकाना बनाने का खेल शुरू कर दिया है। इस कड़ी में आज जनपद सदस्यों ने खोटेल बचाओ नारा देते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौपा है।
बता दें कि करतला जनपद पंचायत के सीईओ की कुर्सी को लेकर घमासान शुरू हो गया है। सरपंच संघ और सचिव उधारी के सीईओ एच एन खोटेल को हटाने की मांग कर रहे है तो जनपद सदस्य खोटेल को बचाने की मांग कर रहे है। इस कड़ी में आज जनपद सदस्यों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर एम एस नागेश को हटाने और एच एच खोटेल को बचानेकी मांग किया है। अब देखना होगा कि विवादों से घिरे सीईओ अपना कुर्सी बचा पाते है कि नहीं।
The Duniyadari.com: जिंदगी आजकल भागदौड़ से भरी हुई है। जो कपल दोनों वर्किंग होते हैं वो खाना बनाने से लेकर बाकी घर के काम मिल बांटकर करते हैं। एक हैरान करने वाली खबर आ रही है मैसूर से। जहां एक पति ने पत्नी से इसलिए तलाक ले लिया, क्योंकि उसकी पत्नी सिर्फ और सिर्फ मैगी ही बनाती थी। जी हां, सही सुना आपने मैगी के कारण पति-पत्नी तलाक हो गया।
क्या है पूरा मामला?
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय में जज एमएल रघूनाथ ने शुक्रवार को इस केस पर सुनवाई की। कपल ने इस छोटे से इशू को लेकर कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट में पति ने कहा कि उसकी वाइफ को खाने में सिवाए मैगी के कुछ नहीं बनाना आता। वो ब्रेकफास्ट में भी मैगी बनाती है, लंच में भी मैगी बनाती है और रात को डिनर में भी बनाती है। यहां तक कि वो राशन में भी इंस्टेंट नूडल्स ही खरीदकर लाती है। इस केस का नाम ही ‘मैगी केस’ रख दिया।
ऐसे हुआ दोनों का तलाक
हालांकि दोनों का आपसी सहमति से तलाक हो गया है। पर बता दें कि कोर्ट सबसे पहले पति-पत्नी के बीच ऐसे मसलों को लेकर होती उलझन को सुलझाने की कोशिश करता है। रघूनाथ बताते हैं कि कोर्ट सबसे कपल को रियूनाइट करने की कोशिश की जाती है। हालांकि कई बार तो लोग पुरानी बातों को भूलकर नई जिंदगी शुरू कर देते हैं। उन्होंने बताया कि 800-900 केसों में से 20-30 को तो कोर्ट सुलझा देता है। इससे पहले लोक अदालत में 110 केसों में से 32 केसों को सुलझा दिया गया था।
नई दिल्ली। कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना की शुरुआत की।
इस योजना के तहत अनाथ बच्चों के बैंक खातों में पीएम केयर्स फंड से छात्रवृत्ति भेजी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, सरकार अनाथ बच्चों के साथ है। हम बच्चों की हर तरह से मदद करेंगे।
पीएम मोदी ने कहा, मैं आपसे परिवार के सदस्य के तौर पर बात कर रहा हूं। मैं जानता हूं कोरोना की वजह से जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके जीवन में आया ये बदलाव कितना कठिन है। जो चला जाता है, उसकी हमारे पास सिर्फ चंद यादें ही रह जाती हैं, लेकिन जो रह जाता है उसके सामने चुनौतियां का अंबार लग जाता है।
बच्चों की मुश्किलें कम करने का छोड़ा सा प्रयास
प्रधानमंत्री ने कहा, पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन्स, कोरोना प्रभावित बच्चों की मुश्किलें कम करने का एक छोटा सा प्रयास है। यह इस बात का भी प्रतिबिंब है कि हर देशवासी पूरी संवेदनशीलता से आपके साथ है।
बच्चों की अच्छी पढ़ाई के लिए उनके घर के पास ही सरकारी या प्राइवेट स्कूलों में उनका दाखिला कराया जा चुका है। अगर किसी को प्रॉफेशनल कोर्स के लिए, हायर एजुकेशन के लिए एजुकेशन लोन चाहिए होगा तो पीएम केयर्स उसमें भी मदद करेगा।
हर महीने मिलेंगे चार हजार रुपये
प्रधानमंत्री ने कहा, रोजमर्रा की दूसरी जरूरतों के लिए अन्य योजनाओं के माध्यम से ऐसे बच्चों के लिए 4 हजार रुपए हर महीने की व्यवस्था भी की गई है।
ऐसे बच्चे जब अपने स्कूल की पढ़ाई पूरी करेंगे, तो आगे भविष्य के लिए और भी पैसों की जरूरत होगी। इसके लिए 18-23 साल के युवाओं को हर महीने स्टाइपेंड मिलेगा और जब आप 23 साल के होंगे तब 10 लाख रुपये आपको एक साथ मिलेंगे।
पांच लाख तक मुफ्त इलाज
पीएम मोदी ने बताया, अगर कोई बच्चा बीमार पड़ता है तो उसे इलाज के लिए पैसे चाहिए। ऐसे में बच्चों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन के माध्यम से आपको आयुष्मान हेल्थ कार्ड दिया जा रहा है, इससे पांच लाख तक इलाज की मुफ्त सुविधा रहेगी।
नई दिल्ली। अपराध जगत में कई चेहरे ऐसे हैं जिन्होंने जुर्म की दुनिया खून से सींचा और खुद को बड़ा बनाया। कुछ ऐसे थे जिन्हें हालातों ने अपराधी बनाया तो वहीं कुछ लॉरेंस विश्नोई जैसे भी हैं, जिन्हें शौक ने अपराध की दुनिया बेताज बदशाह बना दिया।
पहली बार लॉरेंस विश्नोई नाम उस वक्त चर्चा में आया, जब इसके साथी संपत नेहरा और नरेश शेट्टी को अभिनेता सलमान खान को मारने की साजिश करते हुए पकड़ा गया था। हालांकि उस पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड लॉरेंस विश्नोई ही था।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से पूरी की पढ़ाई
22 फरवरी 1992 में पंजाब के फजिल्का में पैदा हुए लॉरेंस विश्नोई की उम्र 29 के करीब है। काफी संपन्न परिवार से आने वाला विश्नोई चंडीगढ़ विश्वविद्यालय का छात्र रहा और छात्र संघ का चुनाव भी लड़ चुका है।
हालांकि इन चुनावों में वह हार गया। बस वहीं से जिंदगी की दिशा उल्टी हो गई। 29 की उम्र में 50 के करीब आपराधिक केसों के इतिहास वाले लॉरेंस ने दर्जनों बार जेल का मुंह देखा पर कभी सुधरने की कोशिश नहीं की। लॉरेंस के ऊपर हत्या, फिरौती, वसूली, लूट, डकैती और हत्या की साजिश जैसे संगीन जुर्मों में केस दर्ज हैं।
गैंग में हैं 500 शार्प शूटर, कई राज्यों में फैला है नेटवर्क
लॉरेंस विश्नोई देश की ऐसी गैंग का सरदार है, जिसमें करीब 500 शार्प शूटर हैं। सलमान खान प्रकरण में पकड़े गए संपत नेहरा और नरेन्द्र शेट्टी ने खुद इस बात का खुलासा पुलिस पूछताछ में किया था।
विश्नोई का गैंग दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा सहित यूपी के भी कई हिस्सों तक फैला है। जब सलमान खान रेडी फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, तभी उन्हें निशाना बनाने का प्लान था; लेकिन वह असफल हो गया था।
सलमान सहित कई सिंगर भी थे टार्गेट
संपत नेहरा ने पुलिस की पूछताछ में बताया था कि विश्नोई, सलमान से तब से नाराज था, जब से उन पर काला चिंकारा को मारने का आरोप लगा था। ऐसे में लॉरेंस विश्नोई अभिनेता सलमान खान से बदला लेने के फिराक में था।
विश्नोई ने योजना बनाई थी कि नरेश शेट्टी रेकी करेगा और मुंबई में ही रुकेगा। जैसे ही सलमान साइक्लिंग के लिए निकलेंगे वैसे ही हमला कर दिया जाएगा पर गुर्गों के धरे जाने के बाद योजना असफल हो गई। इसके अलावा पंजाब के कुछ नामी सिंगर भी उसके निशाने पर थे, जिनसे वह प्रोटेक्शन मनी लेने के फ़िराक में था।
इस गैंगस्टर का चेला रहा लॉरेंस
लॉरेंस विश्नोई ने अपराध की दुनिया के पैंतरे को भगवानपुर, पंजाब के रहने वाले जग्गू भगवानपुरी से सीखा। बता दें कि जग्गू का नाम देश के सबसे अमीर गैंगस्टर में गिना जाता है और वह इस समय तिहाड़ जेल में बंद है। लॉरेंस ने जग्गू के साथ ही आपराधिक जीवन की शुरू की थी।
नई दिल्ली/रायपुर। राज्यसभा की 57 सीटों पर 10 जून को चुनाव होने जा रहा है जिसमें भाजपा ने 16 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। वहीं कांग्रेस ने 10 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। वहीं समाजवादी पार्टी ने भी तीन उम्मीदवारों की सूची जारी की है।
आइए जानतें हैं किस पार्टी ने कहां से किस उम्मीदवार को टिकट दिया है…
भाजपा की सूची: BJP Rajya Sabha Candidate List 2022
राज्य उम्मीदवार
मध्य प्रदेश कविता पाटीदार
कर्नाटक निर्मला सीतारमण
जग्नेश
महाराष्ट्र पीयूष गोयल
अनिल सुखदेव बोंडे
धनंजय महादिक
राजस्थान घनश्याम तिवारी
उत्तर प्रदेश लक्ष्मीकांत बाजपेई
राधामोहन अग्रवाल
सुरेंद्र सिंह तोमर
बाबूराम निषाद
दर्शना सिंह
संगीता यादव
उत्तराखंड डॉ. कल्पना सैनी
बिहार सतीश चंद्र दुबे
शंभू शरण पटेल
हरियाणा कृष्ण लाल पंवर
झारखंड आदित्य साहू
कांग्रेस की सूची: Congress Rajya Sabha Candidate List 2022
राज्य उम्मीदवार
छत्तीसगढ राजीव शुक्ला, रंजीत रंजन
हरियाणा अजय माकन
कर्नाटक जयराम रमेश
मध्य प्रदेश विवेक तन्खा
महाराष्ट्र इमरान प्रतापगढ़ी
राजस्थान रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुकुल वासनिक, प्रमोद तिवारी
तमिलनाडु पी चिदंबरम
समाजवादी पार्टी: Sapa Rajya Sabha Candidate List 2022
राज्य उम्मीदवार
उत्तर प्रदेश कपिल सिब्बल
जावेद अली खान
जयंत चौधरी(संयुक्त उम्मीदवार)
जेडीयू: Jdu Rajya Sabha Candidate List 2022
राज्य उम्मीदवार
बिहार खीरू महतो
आरजेडी: Rjd Rajya Sabha Candidate List 2022
राज्य उम्मीदवार
बिहार मीसा भारती
डॉ. फैयाज अहमद
बीजू जनता दल: BJD Rajya Sabha Candidate List 2022
राज्य उम्मीदवार
ओडिशा सुलाता देव
मानस रंजन मंगराज
निरंजन बिशी
सस्मित पात्रा
जानें कौन हैं छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में जाने वाले दोनों उम्मीदवार
कांग्रेस के पुराने रणनीतिकार हैं राजीव
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के राजीव शुक्ला 63 साल के हैं। पत्रकारिता से कॅरियर की शुरुआत कर वे, राजनीति और क्रिकेट प्रशासन में सक्रिय रहे हैं। साल 2000 में उन्हें पहली बार महाराष्ट्र से राज्यसभा भेजा गया था। 2003 में उनके राजनीतिक दल अखिल भारतीय लोकतांत्रिक कांग्रेस पार्टी का कांग्रेस में विलय हो गया। उसके बाद वे कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे।
वे तीन बार महाराष्ट्र से ही राज्यसभा जा चुके हैं। वे इंडियन प्रीमियर लीग के अध्यक्ष रहे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे। हॉकी इंडिया लीग की गवर्निंग बॉडी में शामिल हैं। वहीं उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के ऑनरेरी सचिव भी हैं।
बिहार के बाहुबली सांसद पप्पू यादव की पत्नी हैं रंजीत रंजन, रींवा से है कलेक्शन
मध्य प्रदेश के रीवां में जन्मी रंजीत रंजन लॉन टेनिस की खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने बिहार के बाहुबली सांसद पप्पू यादव से विवाह किया। शादी के एक साल के भीतर ही रंजीत पति के साथ राजनीति में सक्रिय हो गईं। बिहार के सुपौल से विधानसभा चुनाव से शुरुआत की। जीत नहीं मिली। 2004 में रंजीत रंजन, लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर सहरसा से पहली बार लोकसभा पहुंचीं।
परिसीमन के बाद सहरसा सीट के स्थान पर सुपौल क्षेत्र बना। इस सीट से रंजीत ने कांग्रेस से चुनाव लड़ा और जदयू उम्मीदवार से हार गईं। 2014 में उन्होंने मोदी लहर के बावजूद सुपौल सीट पर जीत दर्ज की। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अभी वे कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव हैं। जम्मू-कश्मीर में संगठन चुनाव की पीआरओ भी हैं।
एशिया की सबसे बड़ी कोल खान में कोयला चोरी का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल क्या हुआ लोग बेगानी शादी में … दीवाना की तरह झूमने लगे। वायरल वीडियो के समर्थन में एक से बढ़कर एक बोल बच्चन बयान देकर खुद कटघरे में खड़ा हो गए। आखिर जरूत क्यों पड़ी बयानबाजी की, जिसका माल लुट रहा उसे तो दर्द हुआ नहीं लेकिन, देखने वाले कराह रहे है ये समझ से परे है।
हालांकि खान के सुरक्षा में लगी टीम ने एक के बाद एक कोयला चोरी रोकने पुलिस विभाग को लेटर भेजने का दावा करते हुए गेंद पुलिस के पाले में फेंक दिया। अब एक बेचारा फंस गया यारा की गाना गुनगुनाते हुए पुलिस भी गेंद को हेलीकॉप्टर शॉट मारते हुए कोयला खदान की सुरक्षा एजेंसियो पर वापस दें मारा। मतलब साफ है हाइड एंड सिक की गेम में सबसे ज्यादा सेफ तस्कर हो गए और एसईसीएल सुरक्षा एजेंसी के साथ पुलिस की ठन गई।
निगम के अमिताभ बच्चन, हम जहां भी जाते है अपना टीम बनाते हैं…
अमिताभ बच्चन की सुपरहिट मूवी दीवार का वो डायलॉग हम जहां भी खड़ा हो जाते हैं वहीं से लाइन शुरू होती है को तो आपने बहुतों बार सुना होगा, पर नगर निगम के बिग बी यानि बिग बास का ये डायलॉग जहां भी जाते हैं अपनी टीम बनाते हैं, वायरल हो रहा है!
आजकल तो ये ट्रेंड चल गया है जहां से नई जगह पोस्टिंग में उच्च अधिकारी आते हैं वहां से कुछ अपने चम्मच नुमा अधिकारी को भी साथ लाते हैं। साथ लाने के दो फायदे होते है एक तो गोपनीय ढंग से उल्टे सीधे काम कर कम दिन में अच्छी नौकरी और दूसरा सुरक्षित कलेक्शन!
निगम तो वैसे भी अपने फिजूल कामों की वजह से चर्चा में रहता है। सो अब और जब से नए साहब जो आये हैं तब से दो और अधिकारी साथ लेकर आये हैं। ये अधिकारी निगम पुराने बुकी यानी सेटिंगबाजों को किनारे लगाकर नए टीम के साथ नई पारी खेल रहे हैं।
काश! ये पहले कर लिए होते तो न फजीहत होती...
दर्री अनुविभाग की एक अधिकारी की एकाएक सक्रियता ने लोगों को चौका दिया है। दरसअल अनुविभागीय अधिकारी की लगातार कोयला खान के निरीक्षण को पब्लिक कहने लगी है , काश! ये पहले कर लिए होते तो न विभाग की फजीहत होती और न ही किसी को रोज.रोज सबूत देने की जरूरत।
कोयला खान से चोरी का वीडियो वायरल होने से पहले अगर वो विभागीय कार्यों में मुस्तैदी दिखती तो शायद विभाग की फजीहत न होती। विभाग की फजीहत कराने के बाद अब वो कहावत को लोग याद कर रहे हैं कि अब पछताए होत क्या चिड़िया चूग गई खेत…।
पुलिस की सक्रियता में हुई चूक अब विभाग के लिए गले की फांस बन गई है। हालांकि मामला को उलझाने औऱ जांच को प्रभावित करने की मंशा कुछ हद तक सफल रहा है ,पर उससे क्या लोग तो विभाग की सक्रियता सजगता से वाकिफ तो है ही!
‘चरण’ पर ‘चिंतन’ भारी…
पीसीसी चीफ दिल्ली गए थे जहां उन्होंने पार्टी आलाकमान सोनिया गांधी से मुलाकात भी की और छत्तीसगढ़ कांग्रेस का हाल भी बताया। मरकाम कोरा बी.फार्म लेकर दिल्ली से लौटे गए। इसका मतलब ये है कि सब कुछ पहले से तय था, केवल घोषणा होनी बाकी थी। इसके लिए राजधानी रायपुर में राज्यसभा उम्मीदवार के चयन के लिए कांग्रेस विधायक दल की बैठक होने वाली थी।
राजधानी में कांग्रेस हलको में जो नाम सामने आये थे उनमें वो नाम शामिल थे जिन्होंने बाद में दावेदारी की, इनमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत का नाम शामिल नहीं था जो लोगों को परेशान कर रहा है। महंत ने ही सबसे पहले राज्यसभा में जाने की बात कही थी। ऐसा क्या हुआ की महंत अपनी उम्मीदवारी को लेकर चुप हो गए।
खबरीलाल की माने तो डॉ चरणदास महंत पर कांग्रेस का उदयपुर चिंतन शिविर भारी पड़ गया। एक परिवार एक टिकट तो ठीक था एक परिवार उप दोनों केंद्र में ये फार्म्यूला उनके सपनों भारी पड़ गया, वैसे भी ज्योत्सना भाभी अभी कोरबा से कांग्रेस की सांसद हैं और अब महंत भी दिल्ली की राजनीति करेंगे ये बात प्रदेश के कांग्रेस नेताओं को पच नहीं पाई।
टीवी जगत की मशहूर अदाकारा सुरभि ज्योति (Surbhi Jyoti) एक एक्ट्रेस है जो अपनी एक्टिंग के अलावा अपनी खूबसूरती के लिए भी जानी जाती हैं. वो आए दिन सोशल मीडिया पर अपनी छाप छोड़ती ही रहती हैं. सुरभि ने बेहद कम समय में खूब नाम कमाया है और उनकी इसी सफलता से जलन महसूस कर कुछ लोग उन्हें बुरा भला भी कह देते हैं और इस बात का खुलासा खुद एक्ट्रेस ने एक इंटरव्यू में किया था.
एक्ट्रेस पर उठाई उंगली
‘कुबूल है’ की जोया, ‘नागिन’ की श्रावणी बनकर सुरभि (Surbhi Jyoti) ने अपने फैंस का खूब मनोरंजन किया है. एक्ट्रेस ने अपने हुनर से बेहद कम समय में उन ऊंचाइयों को हासिल किया, जिसके सपने आज भी कुछ पुराने टीवी एक्टर देखते हैं. लेकिन एक्ट्रेस की इस आसान सफलता से कई लोगों को जलन भी महसूस हुई. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि जो एक्टर उनके साथ काम करते थे वही लोग उनकी क्षमता पर उंगली उठाने लगे थे.
लोग कहते थे अजीबोगरीब बातें
बॉलीवुड बबल के साथ एक साक्षात्कार में, सुरभि (Surbhi Jyoti) ने कहा था कि जब आपको एक आसान सफलता मिलती है, तो लोग इसे पचा नहीं पाते हैं. उनके साथ के एक्टर्स कहते थे कि कम पैसे में नई लड़की उठा के ले आते हैं, टैलेंट कुछ होता नहीं है. एक्ट्रेस ने कहा कि मैं ऐसे लोगों से बचती हूं, क्योंकि मुझे उनके बारे में बुरा लगता है क्योंकि वो सिर्फ अपना गुस्सा निकाल रहे हैं. अगर मैं यह सब निकाल दूं तो अब तक का मेरा करियर शानदार रहा है.
सुरभि का करियर
सुरभि (Surbhi Jyoti) ने यह भी कहा कि लोगों को अपने करियर के रूप में अभिनय को चुनने के लिए भी आंका जाता है. उन्होंने बताया कि समाज इसे एक गलत पेशा मानता है और उसे लगता है कि जो लड़कियां इस पेशे में हैं वे अच्छी नहीं हैं. उन्होंने करण सिंह ग्रोवर और पर्ल वी पुरी के साथ जुड़े होने की भी बात कही. एक्ट्रेस के वर्कफ्रंट की बात करेंतो, ‘कुबूल है’, ‘कुबूल है 2.0’ और ‘नागिन 3’ के अलावा, सुरभि ने मेयांग चांग के साथ ‘प्यार तूने क्या किया’ के तीन सीजन भी होस्ट किए हैं. इसके अलावा सुरभि कई म्यूजिक वीडियो का भी हिस्सा रह चुकी हैं.
अहमदाबाद। एशिया के सबसे बड़े इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आज खेल गए IPL 2022 के फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने अपने पहले ही सीजन में IPL का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। गुजरात ने रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हरा दिया। राजस्थान की टीम टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 130 रन ही बना सकी। जवाब में गुजरात ने 18.1ओवर में 3 विकेट खोकर खिताब अपने नाम कर लिया।
टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने वाली राजस्थान की टीम 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 130 रन ही बना सकी। जोस बटलर ने सबसे ज्यादा 39 रन बनाए। GT की ओर से कप्तान हार्दिक पंड्या ने 4 ओवर में 17 रन देकर तीन विकेट लिए। वहीं, आर. साई किशोर ने दो विकेट झटके।
गुजरात की खराब शुरुआत
131 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी गुजरात की टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। ऋद्धिमान साहा और मैथ्यू वेड कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। पॉवर-प्ले में टीम सिर्फ 31 रन ही बना पाई। साहा ने 5 रन और मैथ्यू वेड ने सिर्फ 8 रन बनाए। साहा को प्रसिद्ध कृष्णा ने क्लीन बोल्ड किया। वहीं, मैथ्यू वेड का विकेट ट्रेंट बोल्ट के खाते में आया। वेड का कैच रियान पराग ने लपका।
हार्दिक की गेंदबाजी ने मचाया धमाल
गुजरात के कप्तान हार्दिक पंड्या ने राजस्थान के खिलाफ फाइनल मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 17 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। उन्होंने संजू सैमसन, जोस बटलर और शिमरन हेटमायर के विकेट अपने नाम किए। तीनों बल्लेबाज में एक भी खिलाड़ी अगर मैच में चल जाता तो गुजरात को परेशानी होती। पहले ही ओवर से हार्दिक की गेंदबाजी शानदार रही और उनकी गेंद पर कोई भी बल्लेबाज बड़ा शॉट नहीं खेल पाया।
बिलासपुर। बिलासपुर रेंज के महानिरीक्षक रतन लाल डांगी कल दोपहर कोरबा पुलिस महकमे की क्लास लगाएंगे। वर्चुअल हो रही इस बैठक में पुलिस कप्तान के साथ साथ सभी थाना चौकी प्रभारी ओर राजपत्रितअधिकारी शामिल होंगे।
बता दें कि आईजी बिलासपुर कल दोपहर 12.30 बजे जिला पुलिस महकमे की क्लास लगाएंगे। वर्चुल ले रहे क्लास में रतन लाल डांगी जिले के लॉ एंड ऑर्डर के सम्बंध में कप्तान से चर्चा करेंगे। वही महिला संबंधी अपराधो के लिए किए जा रहे रोकथाम की समीक्षा करेंगे। खबरीलाल की माने तो आईजी सोशल मीडिया में वायरल वीडियो की जांच के बारे में भी जानकारी मांग सकते है। बहरहाल कल होने वाली समीक्षा बैठक में कुछ खास होने की संभावना है।
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले अंबिकापुर में डैम में नहाने गए (Ambikapur drowned in the dam) 6 दोस्तों में से 2 दोस्त डैम में ही डूब गए हैं। इनमें से एक का शव बरामद कर लिया गया है। वहीं दूसरे की तलाश जारी है। अभी तक उसका कुछ पता नहीं चला है। मामला दरिमा थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, नवागढ़ निवासी जीशान अपने 5 और दोस्तों के साथ पोड़ीखुर्द डैम में नहाने गया था। दोपहर का वक्त था। उसके 3 दोस्त डैम में ऊपर की तरफ नहा रहे थे। जबकि जीशान(20), बतौली निवासी अनुभव(20) और निखिल नीचे नहाने के लिए गए थे। इसी दौरान जीशान और अनुभव पानी में चले गए। वहीं निखिल पानी में नहीं गया था।
बताया गया कि पानी में जाने के बाद जीशान और अनुभव अधिक गहराई वाली जगह में चले गए और डूब गए। उस समय निखिल बाहर ही था। उसने अपने दोस्तों को डूबते देख लिया और चीखने चिल्लाने लगा। इसके बाद आस-पास के लोगों को बुलाया गया। लेकिन दोनों तब तक डूब चुके थे। लोगों ने उन्हें खोजा भी, फिर भी कुछ पता नहीं चला।
इसके बाद पुलिस और गोताखोरों को भी इस बात की सूचना दी गई थी। खबर लगते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों को पानी के अंदर भेजा गया। फिर काफी मशक्कत के बाद अनुभव का शव निकाल लिया गया है।
जबकि जीशान की तलाश जारी है। इस बात की सूचना तीनों के परिजनों को दी गई है। रात होने के कारण रविवार को रेस्क्यू बंद कर दिया गया है। अगले दिन सोमवार को अब जीशान की तलाश की जाएगी।