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योजना की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, अधिकारियों को नोटिश जारी करने के दिए निर्देश

The Duniyadari: *जल जीवन मिशन कार्यों में लाएं गति, समय-सीमा में पूर्ण करें सभी योजनाएं – कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत*

*निर्धारित समय में कार्य पूर्ण नहीं करने वाले व कार्य मे लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर कड़ी कार्यवाही करने हेतु किया निर्देशित*

*कलेक्टर ने ली जिला जल व स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक*

कोरबा 05 जून 2026/

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक लेकर जिले में जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने योजना अंतर्गत स्वीकृत, प्रगतिरत एवं पूर्ण हो चुके कार्याे, हर घर जल प्रमाणिकरण कार्य, सोलर पंप स्थापना, समूह व एकल जल प्रदाय योजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए, जिससे आम नागरिकों को स्वच्छ पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के प्रगतिरत कार्याे में अपेक्षाकृत धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सभी अधिकारियों को शोकॉज नोटिश जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्धारित समय में कार्य पूर्ण नहीं करने वाले एवं कार्य मे लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों की अनुबंध निरस्त कर कड़ी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया।

बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत ने प्रदाय घरेलू नल कनेक्शन, जलस्रोत व टंकियों के निर्माण, पाइपलाइन बिछाने एवं सोलर पंप स्थापना सहित अन्य कार्याे की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हांकित जलस्रोतों और पाइपलाइनों को शीघ्र चालू किया जाए तथा जिन क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाएं तैयार हो चुकी हैं, वहां जलापूर्ति को क्रियाशील किया जाए। उन्होंने टंकियों की फंक्शनल स्थिति सुनिश्चित करने तथा उनसे वास्तविक जलापूर्ति शुरू करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी ठेकेदारों से कार्य समय पर एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाएं। ग्राम पंचायतों में सोलर पंप के माध्यम से घरों तक पहुंचाए जा रहे पेयजल कनेक्शनों की भी समीक्षा की गई तथा खराब हुए सोलर पम्प की पंचायतो से सूची लेकर शीघ्रता से मरम्मत कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने निर्देश दिए टंकी निर्माण एवं एफएसटीसी कार्य पूर्ण हो चुके क्षेत्रों में जल्द से जल्द जलापूर्ति शुरू की जाए।इस हेतु विशेष कार्ययोजना रॉयर कर कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्ण हो चुके कार्याे का गम्भीरता से हर घर जल प्रमाणीकरण कराने निर्देशित किया। उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था के सुचारु संचालन एवं रखरखाव को सुदृढ़ बनाने के लिए नल-जल मित्रों का नया बैच तैयार कर उन्हें आवश्यक तकनीकी व व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पेयजल आपूर्ति से वंचित सभी स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, आश्रम छात्रावास में टेपनल के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु विभाग को शीघ्रता से प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, कार्यपालन अभियंता राम उरांव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बस्तर दौरे पर डिप्टी सीएम अरुण साव, विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखी, धीमे निर्माण पर जताई नाराजगी

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The Duniyadari: रायपुर/कांकेर- उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास की शुरुआत कांकेर जिले से की। दौरे के पहले दिन उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान वे कोटतरा में आयोजित सुशासन तिहार के जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल हुए और ग्राम पंचायत के नव निर्मित भवन का लोकार्पण किया। साथ ही विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को चेक, सामग्री एवं प्रमाण-पत्र भी वितरित किए।

उप मुख्यमंत्री ने चारामा विकासखंड के बड़ेगौरी गांव पहुंचकर जल जीवन मिशन के तहत संचालित कार्यों का जायजा लिया। यहां लगभग 2.49 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित जल संरचना के माध्यम से सैकड़ों घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों के घरों में जाकर जल आपूर्ति की स्थिति देखी और जल अर्पण कार्यक्रम में भी भाग लिया।

कांकेर में निर्माणाधीन 250 सीटर नालंदा परिसर का निरीक्षण करते हुए साव ने कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। करीब 4.71 करोड़ रुपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश देते हुए उन्होंने अक्टूबर तक निर्माण कार्य समाप्त करने का लक्ष्य तय किया। साथ ही शहर में बेहतर सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया।

दौरे के दौरान उन्होंने अमोड़ा-नरहरपुर मार्ग निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। सड़क निर्माण की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता और समयबद्धता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त मशीनरी और श्रमिकों की तैनाती कर कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा गया। लगभग 40 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित हो रही यह 16 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़क क्षेत्रीय आवागमन को बेहतर बनाएगी।

बस्तर प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री संभाग के सभी जिलों के अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। निरीक्षण के दौरान कांकेर विधायक आशाराम नेताम समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

जेल की सलाखों के बीच बदली जिंदगी: आजीवन कारावास काट रहे बंदी ने 12वीं प्रथम श्रेणी से पास की

The Duniyadari: दुर्ग केंद्रीय जेल से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे एक बंदी ने शिक्षा के माध्यम से अपने जीवन को नई दिशा दी है। कभी पढ़ना-लिखना नहीं जानने वाले विमल ने जेल में रहते हुए न केवल शिक्षा हासिल की, बल्कि 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर अंग्रेजी विषय में डिस्टिंक्शन भी प्राप्त की।

भिलाई के सुपेला निवासी विमल वर्ष 2018 से हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। जेल पहुंचने के बाद उन्होंने शिक्षा के महत्व को समझा और पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया। जेल प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से संचालित शैक्षणिक कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने पहली कक्षा से पढ़ाई शुरू की और लगातार मेहनत के दम पर 12वीं तक का सफर तय किया।

विमल की सफलता केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि आत्मसुधार और पुनर्वास की मिसाल बन गई है। उन्होंने सजा पूरी होने के बाद शिक्षक बनने तथा बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने का लक्ष्य तय किया है।

जेल प्रशासन के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में केंद्रीय जेल दुर्ग में पहली कक्षा से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक की परीक्षाओं में बड़ी संख्या में बंदियों ने हिस्सा लिया। इनमें 103 महिला और पुरुष बंदी विभिन्न परीक्षाओं में सफल रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा बंदियों को नया आत्मविश्वास देने के साथ समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर भी प्रदान कर रही है। विमल की उपलब्धि यह साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, सही मार्गदर्शन और शिक्षा के सहारे कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

ट्रेलरों की भिड़ंत, केबिन में फंसा हेल्पर, पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

The Duniyadari: KORBA जिले के कटघोरा मुख्य मार्ग पर शुक्रवार को एक गंभीर सड़क दुर्घटना ने राहगीरों को दहला दिया। छुरी क्षेत्र के समीप तेज गति से आ रहे एक ट्रेलर ने सामने चल रहे दूसरे ट्रेलर को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर मारने वाले वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार हेल्पर केबिन में फंस गया।

मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक दोनों भारी वाहन कोरबा की ओर से कटघोरा जा रहे थे। इसी दौरान पीछे चल रहे ट्रेलर के चालक ने नियंत्रण खो दिया और सामने वाले ट्रेलर से जा टकराया। दुर्घटना के बाद आगे वाले ट्रेलर का चालक वाहन लेकर वहां से निकल गया।

हादसे की जानकारी मिलते ही डायल 112 और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सड़क पर यातायात व्यवस्था संभालते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद केबिन में फंसे हेल्पर को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। घटना के कारण कुछ समय तक मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना में शामिल दूसरे ट्रेलर की तलाश की जा रही है।

जेल में फिर मौत, नक्सल प्रकरण के बंदी ने अस्पताल में तोड़ा दम

The Duniyadari: जगदलपुर केंद्रीय जेल में बंद एक नक्सल प्रकरण के आरोपी बंदी की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र स्थित लिंगापुर निवासी रमेश कुंजम के रूप में हुई है। वह नक्सल गतिविधियों से जुड़े मामलों में जेल में निरुद्ध था और नवंबर 2025 में उसे दंतेवाड़ा जेल से जगदलपुर केंद्रीय जेल स्थानांतरित किया गया था।

मिली जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले जेल परिसर के बाथरूम में फिसलकर गिरने से रमेश के सिर में गंभीर चोट लग गई थी। उसकी तबीयत बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने उसे तत्काल डिमरापाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई।

गौरतलब है कि हाल ही में केंद्रीय जेल में एक महिला बंदी द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना भी सामने आई थी। कुछ ही दिनों के अंतराल में जेल से जुड़ी दो मौतों के मामलों ने जेल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच और आवश्यक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षक ने खुद लड़ी कानूनी लड़ाई, हाईकोर्ट ने 45 दिन में फैसला लेने के दिए निर्देश

The Duniyadari: Bilaspur- पारिवारिक जिम्मेदारियों और बच्चों की शिक्षा को लेकर एक व्याख्याता ने अपनी स्थानांतरण मांग के लिए सीधे हाईकोर्ट का रुख किया और बिना वकील की मदद के स्वयं अपना पक्ष रखा। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग को उनके आवेदन पर 45 दिनों के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया है।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मरकेली हाई स्कूल में पदस्थ व्याख्याता गया राम दुबे ने अदालत को बताया कि उनके बच्चे भिलाई में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार में उनकी देखभाल करने वाला कोई अन्य सदस्य नहीं है, जिससे दूरस्थ पदस्थापना के कारण उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने न्यायालय के समक्ष यह भी बताया कि वर्तमान कार्यस्थल और भिलाई के बीच लंबी दूरी होने से पारिवारिक दायित्व निभाना कठिन हो गया है।

दुबे ने जानकारी दी कि जून 2025 में उनका तबादला बालोद जिले से मरकेली किया गया था। लगभग एक वर्ष तक सेवा देने के बाद उन्होंने अप्रैल 2026 में दुर्ग संभाग के संयुक्त संचालक, स्कूल शिक्षा को बालोद अथवा दुर्ग जिले में स्थानांतरण के लिए आवेदन दिया था। हालांकि लंबे समय तक उस आवेदन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।

सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से भी आवेदन पर विचार किए जाने का विरोध नहीं किया गया। इस पर अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी कर्मचारी के लंबित आवेदन को अनिश्चितकाल तक लंबित रखना उचित नहीं है। न्यायालय ने संबंधित अधिकारी को निर्धारित अवधि में नियमों के अनुसार फैसला लेने का निर्देश देते हुए मामले का निपटारा कर दिया।

नगर पंचायत के प्रभारी सीएमओ निलंबित, जांच में मिली अनियमितताओं पर कार्रवाई

The Duniyadari: बेमेतरा- नगर पंचायत दाढ़ी के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) रमेश कुमार ध्रुव को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में विभिन्न मामलों में अनियमितता और कर्तव्यहीनता के संकेत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।

मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर संबंधित शिकायतों की जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि होने पर कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने पूरा मामला शासन को भेजा, जिसके आधार पर विभाग ने निलंबन आदेश जारी किया।

जांच के दौरान नगर पंचायत दाढ़ी के वार्ड क्रमांक 11 में निर्मित सीसी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठे। तकनीकी परीक्षण में सड़क की मोटाई निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके अलावा कार्यालय परिसर में अनुशासनहीनता से जुड़ी शिकायतों की भी जांच की गई।

विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि वरिष्ठ अधिकारियों की चेतावनी के बावजूद रमेश ध्रुव कई बार समय-सीमा की बैठकों में बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे। शासन ने इसे शासकीय सेवा नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में माना है।

इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई करते हुए आगे की विभागीय जांच जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

पत्नी से संबंधों के शक में बाउंसर की बेरहमी से हत्या, आंखों में मिर्च झोंक पत्थर से कुचला सिर

The Duniyadari: Bilaspur- जिले के कोटा थाना क्षेत्र के पथर्रा गांव में एक युवक की निर्मम हत्या से सनसनी फैल गई। 27 वर्षीय निखिल गोस्वामी, जो बिलासपुर के एक बार में बाउंसर के रूप में कार्यरत था, पर कथित रूप से पत्नी से संबंधों के शक में हमला किया गया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डाला और फिर पत्थर से सिर पर वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब निखिल अपने दो साथियों के साथ अमने मोड़ के पास बैठा था। इसी दौरान बाइक सवार कुछ युवक वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, निखिल और एक युवक के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद विवाद हिंसक हो गया।

आरोप है कि भोला मानिकपुरी और उसके साथियों ने योजनाबद्ध तरीके से निखिल पर हमला किया। मिर्च पाउडर फेंकने के बाद आरोपियों ने भारी पत्थर से उसके सिर और शरीर पर कई वार किए। हमले में गंभीर रूप से घायल निखिल को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा जांच शुरू की। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी को अपनी पत्नी और निखिल के बीच कथित संबंधों का शक था, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच पहले से तनाव चल रहा था।

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और मुख्य आरोपी सहित अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। साथ ही प्रेम प्रसंग, चरित्र शंका और पुरानी रंजिश समेत विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी, 68 लाख से अधिक महिलाओं को मिला आर्थिक संबल

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The Duniyadari: Raipur- प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के तहत गुरुवार को महिलाओं के खातों में एक और बड़ी सहायता राशि जारी की गई। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से योजना की 28वीं किस्त का वितरण करते हुए राज्य की 68 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में 642 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे अंतरित की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज का समग्र विकास महिलाओं की भागीदारी और सम्मान के बिना संभव नहीं है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर खर्च करने के साथ-साथ छोटे स्वरोजगार गतिविधियों में भी निवेश कर पा रही हैं।

गौरतलब है कि मार्च 2024 में शुरू हुई इस योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। सरकार का मानना है कि इस पहल से परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने के साथ महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है।

स्वामी आत्मानंद विद्यालयों की संविदा भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक, जारी चयन प्रक्रिया स्थगित

The Duniyadari: दंतेवाड़ा– जिले में संचालित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में विभिन्न संविदा पदों पर भर्ती के लिए चल रही प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है। प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार, बारसूर, कुआकोंडा और कटेकल्याण स्थित विद्यालयों में व्याख्याता, शिक्षक सहित शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक रिक्त पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे।

इन पदों के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच (स्क्रूटनी) के बाद पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जिला प्रशासन की वेबसाइट तथा कार्यालय के सूचना पटल पर प्रकाशित की गई थी। हालांकि, उच्च स्तर से प्राप्त निर्देशों और अपरिहार्य कारणों के चलते भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में संविदा आधार पर होने वाली वर्तमान भर्ती प्रक्रिया अगले आदेश तक स्थगित रहेगी। भर्ती से संबंधित आगे की जानकारी अभ्यर्थियों को विभागीय माध्यमों से उपलब्ध कराई जाएगी।